TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट

    दिल्ली में आतंकी हमले का अलर्ट, लाल किले के पास मंदिर निशाने पर

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    सीएम नायाब सिंह सैनी ने दिखाया बड़ा दिल

    सीएम नायाब सिंह सैनी का बड़ा दिल : भीड़ से उठी गुहार पर सीएम ने दी हेलीकॉप्टर में सवारी

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन

    हाई-सिक्योरिटी जेल में ड्रोन के जरिए प्रतिबंधित सामान की सप्लाई, सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक उजागर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी

    AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    AI समिट का तीसरा दिन Galgotias University के रोबोटिक डॉग पर उठे सवाल, स्टॉल को कराया गया खाली

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का टैरिफ विवाद

    ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    गाजा पीस बोर्ड: क्या इस्लामी ‘उम्माह’ के साथ दग़ाबाज़ी कर रहा है पाकिस्तान ? पूर्व सैनिकों की ‘सेना प्रमुख’ और ‘सरकार’ को खुली धमकी


    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी

    ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई की तैयारी? ट्रंप के सामने सैन्य विकल्पों पर मंथन

    खामेनेई की सख्त चेतावनी

    खामेनेई की सख्त चेतावनी: अमेरिकी सुपरकैरियर USS Gerald R. Ford को निशाना बनाने की बात, बढ़ा तनाव

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आंकड़े बयां करते हैं महिलाओं से अधिक पुरुष होते हैं मानसिक तनाव के शिकार

भारत में 1,33,623 लोगों ने की आत्महत्या जिसमें से 68 फीसदी केवल पुरुष थे

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
19 November 2019
in मत
पुरुषों

PC: newsdustak

Share on FacebookShare on X

भाई, पिता, चाचा, मामा, दोस्त न जाने कितने स्वरूपों में पुरुष इस धरती पर विद्यमान है। शुरू से ही पुरुषों के शारीरिक बनावट के कारण यह समझा जाता रहा है कि पुरुष समाज में रक्षा का भार संभाले। इसी कारण धीरे-धीरे समाज पितृसत्तात्मक बनता गया। पश्चिम के देशों में तो यह चलन शताब्दियों से ही चलता आ रहा है। जैसे-जैसे यह समाज आगे बढ़ता गया वैसे-वैसे पुरुषों पर कर्तव्यों का बोझ बढ़ता गया। विश्व महिलाओं को अधिकार देने में इतना आगे निकल गया कि पुरुषों की भावनाओं का किसी को ख्याल ही नहीं रहा। वर्ष दर वर्ष पुरुषों की भावनाओं को विश्व के नए उत्थान प्रक्रिया में अति नारीवादियों ने अपने हील के नीचे रौंदते हुए दोहरे मानदंड के नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए।

नारीवाद के नाम पर नाजिजम करने वाले महिलाओं को अधिकार दिलाने के नाम पर पुरुषों को ही कई अधिकार से वंचित कर खुद उस स्थान को पाने की लालसा रखते हैं।

संबंधितपोस्ट

ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

और लोड करें

आज अंतराष्ट्रीय पुरुष दिवस है। और आज के दिन हम आपको बताने जा रहे हैं कि हमें पुरुषों के लिए भी उतनी ही संवेदना रखनी चाहिए जितनी महिलाओं के साथ।

पुरुषों से यही अपेक्षा की जाती है, कि उसकी बनावट माचो वाली हो, सभी को संभाले, लड़की को बचाए लेकिन कभी रोये ना और न ही कमजोर पड़े चाहे वह कोई भी परिस्थिति में क्यों न हो। टीवी हो या फिल्म सभी जगह यही दिखाया जाता है कि पुरुष केवल लड़कियों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं और एक अन्य एड में वो परफ्यूम का इस्तेमाल कर लड़की को बचाते हैं और वो उसपर मोहित हो जाती है।

इस तरह के विज्ञापनों के कारण ही पुरुष समाज में बदनाम होते चले गए। कोई भी दूध का धुला नहीं होता है। पुरुष अपराध में लिप्त रहते हैं इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्हें सजा देना भी आवश्यक है। ऐसे ही महिलाओं के खिलाफ भी अपराध होते हैं, इस केस में भी अपराधी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए लेकिन समाज के सभी पुरुष को आतंकित करना कहां का न्याय है?

न्यायिक तंत्र का एक मूल सिद्धान्त होता है कि जब तक किसी आरोपी पर दोष साबित नहीं होते हैं, तो उसे पूरी तरह बेकसूर माना जाता है। ऐसे में जब यौन उत्पीड़न के मामले में पुरुष अपराधी होता है तो उसकी पहचान से लेकर उसकी जीवनी को जनता के सामने रख दिया जाता है। हद तो तब हो जाती है जब टीआरपी की भूखी देश की एजेंडावादी मीडिया अपने हित के लिए इसका इस्तेमाल करती है, लेकिन जब उस पुरुष की बजाय आरोप लगाने वाली महिला ही दोषी साबित होती है, तब सभी के मुंह पर ताला लग जाता है। यहां तक कि हमारा कानून भी महिला की पहचान को छुपाता है ताकि महिला के सम्मान पर कोई आंच न आये। अब सवाल ये है कि क्या पुरुषों का कोई आत्म सम्मान नहीं होता? क्या उन्हें समाज के ताने सुनने को नहीं मिलते? जब तक आरोप साबित न हो तब तक क्यों किसी पुरुष की पहचान को सभी के सामने खोलकर रख दिया जाता है, लेकिन अगर कोई महिला दोषी हो तो उसकी पहचान को छुपा दिया जाता है? अभिनेता करण ओबेरॉय पर लगे कथित ‘रेप’ के मामले में भी हमें कुछ ऐसा ही देखने को मिला था।

आईपीसी की धारा 228ए के मुताबिक अगर कोई महिला किसी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाती है तो उसकी पहचान को उजागर नहीं किया जाएगा। यही कारण है कि महिलाएं पुरूषों पर बेबुनियाद आरोप लगा देती हैं और अगर आरोप झूठे सिद्ध भी हो जाए, तो भी महिलाओं को आज़ादी से घूमने की आज़ादी रहती है लेकिन पुरुषों को सारी उम्र समाज की घृणा का शिकार होना पड़ता है। वर्ष 2014 में दिल्ली महिला आयोग द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में यौन उत्पीड़न के फ़ाइल होने वाले 53 प्रतिशत केस झूठे होते हैं। वर्ष 2012 के निर्भया रेप केस के बाद देश की संसद पर यौन शोषण और रेप के खिलाफ कड़े कानून बनाने का दबाव बना और तब आईपीसी, एविडेंस एक्ट, दण्ड प्रक्रिया संहिता जैसे कानूनों में बड़े बदलाव किए गए। उस समय कानून की धारा 354 IPC में बदलाव करके 4 भाग बनाये गये जोकि IPC की धारा 354-ए, 354-बी, 354-सी और 354-डी है। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के कानून में बदलाव के बाद महिलाओं के लिए पुरुषों के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करना आसान हो गया। चूंकि इस नियम के तहत महिलाओं की पहचान को उजागर नहीं किया जाता है। वास्तव में इन बदलावों में ‘बलात्कार’ की परिभाषा को विस्तृत रूप देना और रेप के मामलों में न्यायाधीशों को असहमति की धारणा बनाने की शक्ति देना शामिल था।

सिर्फ यौन उत्पीड़न ही नहीं और इनसे जुड़ी कानून की धाराओं 376 (बलात्कार) व 498A (दहेज़ उत्पीड़न) को कुछ महिलाएं हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही हैं।

एक अध्ययन के अनुसार, 52.4% पुरुषों ने लिंग आधारित हिंसा का अनुभव किया। 1000 में से, 51.5% पुरुषों ने अपनी पत्नी या साथी के हाथों अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार हिंसा का अनुभव किया और पिछले 12 महीनों में 10.5%। शारीरिक हिंसा (6%) के बाद सबसे आम भावनात्मक हिंसा (51.6%) थी।

2005 में एक निर्णय देते समय माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498A यानि दहेज प्रताड़ना के दुरुपयोग के बारे में कहा था, “इसका उद्देश्य दहेज प्रथा पर एक कड़ा प्रहार है। पर इसके दुरुपयोग से एक नए प्रकार का वैधानिक आतंकवाद जन्म ले सकता है। इस कानून का इस्तेमाल एक ढाल के तौर पर होना चाहिए, हत्या के लिए अस्त्र के तौर पर नहीं”। 2014 में एक दूसरी पीठ ने ये कहा था कि, ‘यह तथ्य की धारा 498A एक गैर ज़मानती अपराध है, एक तरह से कुपित पत्नियों को एक अस्त्र प्रदान करता है अपनी झूठी शान को बनाए रखने के लिए। आईपीसी की धारा 498A के तहत दोष सिद्ध करने का दर काफी निराशाजनक रहा।

सच कहूं तो आज समाज में कानून का गलत इस्तेमाल कुछ महिलाएं और लड़कियां व्यक्तिगत दुश्मनी या सबक सिखाने के लिए कर रही हैं। इसकी वजह से बेगुनाहों को बिना किसी गुनाह की सजा काटनी पड़ रही है। भारतीय दंड संहिता यानि IPC की धारा 375 में केवल पुरुष द्वारा महिलाओं के साथ बलात्कार करने की घटनाओं के बारे में बताया गया है, इसमें पुरुष पीड़ितों, के लिए कोई जगह नहीं है। हालांकि, दोनों लिंगों के बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम 2012 द्वारा कवर किया गया है। इसका तो यही मतलब है कि पुरुष और महिलाओं के लिए बनाये गये कानून समान नहीं है बल्कि लिंगभेदी हैं।

ऐसे पक्षपाती व्यवहार को देश में बदलने की जरूरत है। ऐसे मामलों को लेकर बनाये गये कानून में संशोधन करने की आवश्यकता है। ताकि भविष्य में इस क़ानूनों से समाज में लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा न मिले और लोगों का न्यायिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे जो एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है।

महिलाओं में आत्महत्या की प्रवृत्ति पुरुषों के मुकाबले सात गुना अधिक होती है। उनमें तनाव, अवसाद, बाइपोलर डिस्ऑर्डर समेत सभी मानसिक बीमारियों के होने की आशंका हमेशा बनी रहती है, इसलिए उन्हें पॉजिटिव मेंटल हेल्थ की जरूरत होती है। लेकिन एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2015 में भारत में 1,33,623 लोगों ने आत्महत्या की थी जिसमें से 91,528 (68 फीसदी) पुरुष थे जबकि 42,088 महिलाएं थीं। एनसीआरबी के मुताबिक, 2015 में 86,808 शादीशुदा लोगों ने खुदकुशी की थी जिनमें से 64,534 (74 प्रतिशत) पुरुष थे।

इससे यह स्पष्ट पता चलता है कि पुरुष कितने मानसिक दबाव में रहते है। हमें, समाज को, सरकार को, न्यायपालिका को,  विधायिका को सभी को यह समझने की आवश्यकता है कि अपराध सिर्फ शारीरिक नहीं होते मानसिक भी होते हैं, अपराध सिर्फ पुरुष ही नहीं करते है बल्कि महिलाएं भी करती हैं। इसलिय कानून में बदलाव कर इसे लिंग रहित बनाने की आवश्यकता है जिससे सही एक समान न्याय हो सके।

Tags: पुरुषमहिलाएंसुप्रीम कोर्ट
शेयर51ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कांग्रेस के पैसों से चलने वाले आनंद भवन, स्वराज भवन को मिला 4.35 Crore का टैक्स नोटिस

अगली पोस्ट

मलेशिया ने अब भारत को खुश करने के लिए दिखाया तेजस विमान में इंटरेस्ट

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited