TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पहले दुनिया से पंगे लिए, युद्ध का खर्च बढ़ा तो ब्याज़ दर बढ़ाया, लोगों का गुस्सा एर्दोगन को अब ले डूबेगा

एर्दोगन को आग से खेलने में बड़ा मज़ा आ रहा था, अब उसका हाथ जल गया है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
4 October 2020
in वेस्ट एशिया
एर्दोगन
Share on FacebookShare on X

तुर्की प्रशासन ने हाल ही में एक अहम निर्णय में तुर्की के ब्याज दरों को बढ़ाया है। पहली बार कई वर्षों में तुर्की ने अपने देश के ब्याज दरों को बढ़ाया है। इसके जरिये तुर्की प्रशासन तुर्की मुद्रा लीरा में दर्ज़ हो रही निरंतर गिरावट और देश में बढ़ती महंगाई को रोकना चाहता है, और साथ ही साथ जनता द्वारा तुर्की प्रशासन के प्रति बढ़ते विद्रोह को भी पनपने से पहले खत्म करना चाहते हैं।

अल अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, “हाल ही में तुर्की ने दो वर्षों के पश्चात ब्याज दरों को 2% से बढ़ाकर 10.25 प्रतिशत पर निर्धारित किया है। इस निर्णय से न केवल महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकेगा, अपितु ग्राहकों द्वारा उधार लेने की मात्रा में भी भारी कमी आएगी। इस निर्णय से ये भी स्पष्ट होता है कि तुर्की के लीरा [तुर्की की मुद्रा] को इस समय सहायता की सख्त आवश्यकता है, क्योंकि उसका मूल्य इस वर्ष 20 प्रतिशत से भी नीचे गिर चुका है, और अमेरिकी डॉलर के मुक़ाबले तुर्की के लीरा का मूल्य 7.7 तक पहुंच चुका है”।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

12 साल की बच्ची की मौत के बाद उठा बड़ा सवाल: क्या सोशल मीडिया के एल्गोरिद्म भी जिम्मेदार हैं?

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

और लोड करें

यह वही एर्दोगन हैं जो कई महीनों तक तुर्की के ब्याज दर को न बढ़ाने के पक्ष में थे। एर्दोगन की हठधर्मिता किस हद तक जा सकती है, इसका उदाहरण देते हुए फाइनेंशियल पोस्ट ने अगस्त की रिपोर्ट में बताया था,“तुर्की प्रशासन फिलहाल ब्याज दरों में इसलिए कोई बदलाव नहीं करना चाहता है, क्योंकि इससे तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan नाराज़ हो जाएंगे। उनके अनुसार ऊंचे ब्याज दरों से महंगाई बढ़ती है, जबकि अर्थशास्त्रियों के अनुसार ऊंचे ब्याज दरों से इसका ठीक उल्टा होता है। तुर्की के मुद्रा को चाहे जितना नुकसान हो, पर एर्दोगन का विचार नहीं बदलने वाला”।  

तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि तुर्की के राष्ट्राध्यक्ष एर्दोगन को अपने ही निर्णय से पीछे हटना पड़ा? दरअसल, तुर्की की अर्थव्यवस्था की हालत इस समय बहुत ही खराब है, तुर्की की लीरा निम्नतम स्तर पर है, और अब अरब जगत भी तुर्की को पूरी तरह से अलग-थलग करने में जुटा हुआ है। इसकी शुरुआत सऊदी अरब ने काफी पहले ही कर दी थी, जिसपर TFI Post ने अपनी एक रिपोर्ट में प्रकाश भी डाला था। इसके अलावा तुर्की जाने वाले पर्यटकों में लगातार गिरावट हुई है, वहीं अमेरिका से प्रतिबंधों का खतरा मंडरा रहा है जिससे तुर्की की अर्थव्यवस्था गर्त के मुहाने पर है। ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार का लगातार गिरना तय है। तुर्की के सेंट्रल बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस साल इस्तांबुल स्टॉक एक्सचेंज में विदेशी निवेश 32.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर से घटकर 24.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। वर्ष 2013 में यह आंकड़ा 82 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। ऊपर से उस देश का मुखिया जो आये दिन अपने क़दमों से दोस्त कम दुश्मन अधिक बना रहा हो तो भला कोई क्यों निवेश कर रिस्क उठाये। निवेशकों को पता है कि तुर्की के बढ़ते कदमों के कारण अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसी शक्तियाँ कभी भी प्रतिबंध लगा सकती है।

हमने अपनी एक रिपोर्ट में ये भी बताया था कि 2020 में जनता का ध्यान बेहाल अर्थव्यवस्था से भटकाने के लिए एर्दोगन ने लोगों में राष्ट्रवाद की भावना बढ़ाने का रास्ता अपनाया था। परन्तु अब एर्दोगन कि ये नीति फेल होती नजर आ रही है क्योंकि देश में महंगाई बढ़ गयी है, और बेरोजगारी रिकॉर्ड 12 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

ऐसे में अब तुर्की को अपनी अर्थव्यवस्था कायम रखने और अपनी विस्तारवादी नीति को बढ़ावा देने के लिए खूब धनराशि चाहिए, जो बिना अर्थव्यवस्था में अहम बदलाव लाये नहीं होगा, जिसके लिए एर्दोगन को न चाहते हुए भी अपने ब्याज दर को बढ़ाना पड़ा है। गौर हो कि इस समय तुर्की ने कई देशों के साथ पंगा मोल लिया है, चाहे वो पूर्वी भूमध्य सागर क्षेत्र में ग्रीस और साइप्रस हो, पश्चिमी मोर्चे पर अमेरिका हो, या फिर आर्मेनिया और अज़रबैजान की लड़ाई में आर्मेनिया और उसके समर्थक देश ही क्यों न हो, तुर्की अब हर वो काम कर रहा है जो उसे दशकों पीछे धकेल दे।

एक और कारण जिसकी वजह से एर्दोगन को अपने ही निर्णय को बदलने के लिए बाध्य होना पड़ा है, और वो है जनता का आक्रोश। जब तुर्की की अर्थव्यवस्था रसातल में जा रही थी, तो अपने नागरिकों का ध्यान हटाने के लिए तुर्की ने कई देशों के साथ पंगा मोल लेकर अपनी जनता को मनाने का प्रयास किया, और इसी दिशा में काम करते हुए हागिया सोफिया परिसर को पुनः एक मस्जिद में परिवर्ती भी कराया। लेकिन अब धीरे-धीरे जनता के सामने एर्दोगन प्रशासन की असलियत खुलकर सामने आ रही है, और एर्दोगन भी शायद जान रहे हैं कि अब झूठे वादों से कोई काम नहीं बनने वाला। इसीलिए एर्दोगन को ब्याज दर बढ़ाना पड़ा है, लेकिन जनता की बलि चढ़ाकर आखिर कितने दिनों तक एर्दोगन अपनी सत्ता कायम रख पाएंगे?

शेयर20ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“व्यापार, निवेश, पर्यटन, बोलचाल 100% बंद”, सऊदी अरब के इस कदम से तुर्की का बर्बाद होना तय

अगली पोस्ट

व्लादिमीर पुतिन अब दोबारा USSR को पुनर्जीवित करने पर काम कर रहे हैं, चीन की बढ़ेंगी मुश्किलें

संबंधित पोस्ट

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका
भू-राजनीति

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

23 April 2026

इन पंक्तियों के लिखे जाने तक निष्कर्ष यही है कि अमेरिका-ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति...

Donald Trump Iran ceasefire
अर्थव्यवस्था

हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

8 April 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प कल कुछ घंटों पहले तक एक सभ्यता की समाप्ति का खुला ऐलान कर रहे थे। ऑलमोस्ट गरिया रहे थे कि ए…@#^$...

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच 8 भारतीयों की मौत,1 लापता
चर्चित

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच 8 भारतीयों की मौत,1 लापता

31 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को पुष्टि की कि क्षेत्र के अलग-अलग घटनाओं में आठ भारतीय नागरिकों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited