TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

देश को पहली महिला CJI तभी मिलेगी जब हम कॉलेजियम सिस्टम को जड़ से खत्म कर देंगे

कॉलेजियम सिस्टम, इसमें बदलाव की नहीं, इसे हटाने की जरूरत है

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
21 April 2021
in मत
विरोध करने का अधिकार
Share on FacebookShare on X

अपने अस्तित्व के 70 साल बाद भी भारत के शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में आज तक किसी एक महिला की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश पद पर नहीं हुई। अक्सर महिला अधिकारों की रक्षा पर विशेष टिप्पणी करने वाले सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायधीश तो दूर न्यायधीश के पद पर भी केवल आठ महिलाओं की ही नियुक्ति की गयी है।

आखिर क्या कारण है कि अन्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देने वाला सुप्रीम कोर्ट की अपनी जजों की मंडली में महिलाओं की ही भागीदारी कम है? क्या सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम व्यवस्था महिलाओं को न्यायिक क्षेत्र में पुरुषों के मुकाबले कमजोर समझती है जिसके कारण उनकी नियुक्ति नहीं होती? अगर नहीं तो क्या ऐसे में कोलेजियम व्यवस्था की प्रासंगिकता होनी चाहिए जो आधी आबादी को ही इस तरह से अंडरएस्टीमेट करता है? या फिर भाई भतीजावाद से लिपटे न्यायिक तंत्र के कारण उन्हें उनका हक नहीं मिलता?

संबंधितपोस्ट

जॉन ब्रिटास vs सुष्मिता देव: ‘लुंगीवाला’ टिप्पणी पर Privilege Motion, जानें सांसद को क्या सजा मिल सकती है?

रूस-यूक्रेन विवाद में पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ की एंट्री, रूस ने बनाया अपना आर्बिट्रेटर

CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

और लोड करें

आईए देखते हैं:

सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 40 वर्ष तक तो किसी महिला को सुप्रीम कोर्ट की न्यायधीश के लिए योग्य ही नहीं समझा गया। जस्टिस फातिमा बीवी पहली महिला SC जज थीं और उन्हें 1989 में नियुक्त किया गया था। उसके बाद भी आज तक केवल सात महिला न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया है।

वहीँ सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम व्यवस्था में केवल दो महिला न्यायाधीशों – न्यायमर्ति रूमा पाल और न्यायमूर्ति आर बनुमथी – को ही स्थान मिला जो उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार निकाय है। आंकड़ों के हिसाब से उच्च न्यायालयों में भी महिला प्रतिनिधित्व न्यूनतम है।

भारत के 26 उच्च न्यायालयों में कुल 1,079 न्यायाधीशों में से केवल 82 महिला न्यायाधीश हैं। लॉ स्कूल में नामांकित महिलाओं की संख्या पुरुषों के बराबर है, लेकिन महिला वकीलों को ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ के रूप में नामित करने में भी आनाकानी की जाती है। शीर्ष अदालत में एक तरफ 403 पुरुष वरिष्ठ अधिवक्ता हैं तो वहीँ मात्र केवल 17 महिला ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ हैं।

भारत को आज तक एक महिला मुख्या न्यायधीश का न मिल पाने के पीछे निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति और उसमे कोलेजियम व्यवस्था की भागीदारी समझनी होगी।

केवल शीर्ष तीन एससी न्यायाधीश शीर्ष अदालत के कॉलेजियम का हिस्सा होते हैं, जबकि उच्च न्यायालय में शीर्ष तीन वहाँ कॉलेजियम बनाते हैं। नियुक्ति की यह प्रणाली 1993 में लागू हुई। मौजूदा प्रथा के तहत, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश पर की जाती है, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश करते हैं और इसमें चार सबसे सीनियर जज शामिल होते हैं।

और पढ़ें- महाराष्ट्र, दिल्ली और UP- सब जगह ऑक्सीज़न की कमी थी, उद्धव-केजरीवाल रोने लगे, योगी सिस्टम ठीक करने कूद पड़े

देश में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और वकीलों की कोई कमी नहीं है। कई शानदार महिला वकील और न्यायाधीश हैं, जिन्हें अगर जल्द शीर्ष अदालत में नियुक्त किया जाता है, तो वे वरिष्ठता नियम के अनुसार कुछ वर्षों के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश बन सकती हैं। परन्तु यही कोलेजियम व्यवस्था अपना काम कर देती है और या तो महिला जजों को अन्य हाई कोर्ट में ट्रान्सफर कर उन्हें उन्हें seniority circle  से दूर कर दिया जाता है। अगर किसी महिला जज की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में हो भी जाती है तो वे वरिष्ठता नियम में पीछे रह जाती हैं और टॉप 4 न्यायधीशों में शामिल होने से पहले ही रिटायर हो जाती हैं।

और पढ़ें- महाराष्ट्र, दिल्ली और UP- सब जगह ऑक्सीज़न की कमी थी, उद्धव-केजरीवाल रोने लगे, योगी सिस्टम ठीक करने कूद पड़े

उदहारण के लिए सितंबर 2019 में, मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश विजया कमलेश ताहिलरमानी ने इसी तरह के मामले के कारण इस्तीफा दे दिया था। कोलेजियम ने उन्हें देश के सबसे वरिष्ठ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश होने के बावजूद मेघालय जो कि देश के सबसे छोटे उच्च न्यायालयों में से एक है, वहां स्थानांतरित कर दिया था। तमिलनाडु भर के बार संघों के सदस्यों ने इस कदम के खिलाफ विरोध किया और “एक दिन के अदालती बहिष्कार” भी देखने को मिला था।

यह आगे भी देखा जा सकता है। आने वाले कुछ वर्षों में बंबई उच्च न्यायालय से कई नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट में होंगी। उनमें से न्यायमूर्ति बी वी नागरथना भी शामिल में। वह न्यायाधीशों की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची में 46 वें स्थान पर हैं और बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता से वरिष्ठ हैं, जो शीर्ष अदालत में जाने के बाद 2030 में सेवानिवृत्त होंगे। अब यह देखना है कि बी वी नागरथना की नियुक्ति होती है या नहीं और अगर होती है तो कब।

यानी देखा जाये तो जब तक कोलेजियम रहेगा तब तक तो किसी महिला का मुख्य न्यायधीश पद पर जाना नामुमकिन ही लग रहा है। इसलिए अगर भारत में मुख्य न्यायधीश के पद पर किसी महिला हो देखना है तो इस कोलेजियम व्यवस्था से छुटकारा पाना होगा। यह न्यायपालिका में महिला सशक्तिकरण के कारण की ओर एक बहुत ही आवश्यक कदम साबित होगा।

ध्यान देने वाली बात यह है यदि वरिष्ठ महिला न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं, तो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के एक अधिवक्ता को भी सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप नियुक्त किया जा सकता है। ऐसा कोई लिखित नियम नहीं हैं जो कॉलेजियम को यह करने से रोकते हैं। अंततः न्यायाधीशों का चुनाव कॉलेजियम के भीतर आम सहमति पर निर्भर करती है। यदि सभी कोलेजियम सदस्य यह निर्णय लेते हैं कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के लिए एक महिला न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करने का समय है, तो वे ऐसा कर सकते हैं। जस्टिस इंदु मल्होत्रा बार से सीधे तौर पर elevate होने वाली पहली महिला हैं। परन्तु उनकी नियुक्ति भी काफी देर से हुई जिससे वह टॉप 4 में नहीं पहुँच पाई।

बता दें कि 2016 से पहले कोलेजियम में होने वाले विचार-विमर्श को कभी रिकॉर्ड नहीं किया जाता था। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कॉलेजियम के कुछ न्यायाधीशों के बीच trade-offs का भी आरोप लगाया, जो अपने किसी व्यक्ति को elevate करने लिए करते थे ।

NJAC पर अपने स्पष्ट असंतोषजनक फैसले में, न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कोलेजियम व्यवस्था को उसके पिछले 26 वर्षों के आधार पर उसे “लोगों और इतिहास दोनों के लिए पूरी तरह से अपारदर्शी” बताया था। उनका कहना था कि कॉलेजियम सिस्टम में बिल्कुल जवाबदेही नहीं थी।”

फरवरी 2020 में, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और 2018-2019 के कॉलेजियम के सदस्य, अर्जन कुमार सीकरी ने कहा है कि उम्मीदवारों के बारे में “वैज्ञानिक अध्ययन” से अधिक बार, हम [कॉलेजियम] न्यायाधीशों को [उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में] नियुक्त करने में “अपनी धारणा” से फैसला लेते हैं।“

इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आज न्यायिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी कम क्यों है और आज तक देश को एक महिला मुख्यन्यायधीश क्यों नहीं मिली। अगर वास्तव में महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी है तो सबसे पहले कोलेजियम सिस्टम के स्थान पर एक पारदर्शी सिस्टम की आवश्यकता है जो जजों में उम्मीदवारों के प्रति की धारणा पर नहीं बल्कि उनके टैलेंट के अनुसार प्रोमोशन दे।

इसका संविधान में वर्णन नहीं किया गया है। इस व्यवस्था में अस्पष्टता, पारदर्शिता की कमी के साथ ही भाई-भतीजावाद की संभावना भी व्यक्त की जाती रही है। इस सिस्टम के बदलने से न सिर्फ पारदर्शिता आएगी बल्कि एक महिला का CJI पद पर पहुंचना आसान हो जायेगा।

शेयर46ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्या कारण है कि जापान के उग्र स्वभाव के बावजूद चीन उसके खिलाफ कोई कदम उठाने की हिम्मत नहीं करता?

अगली पोस्ट

अगर भारतवासियों को Normalcy लानी है तो अगले 2 महीनों तक बेहद सावधानी बरतनी होगी

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited