TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    30,000 साल पुरानी कब्र

    जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

    भारत फ्रांस वर्ता

    भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका

    राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

फिलिस्तीन पर भारत सरकार का वही पुराना रुख, यही कारण है इजरायल भारत को धन्यवाद नहीं दे सकता

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
17 May 2021
in मत
फिलिस्तीन पर भारत सरकार का वही पुराना रुख, यही कारण है इजरायल भारत को धन्यवाद नहीं दे सकता
Share on FacebookShare on X

पिछले दिनों जब से इजराइल और फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास के बीच टकराव बढ़ा है, भारत में इस मुद्दे को लेकर वैचारिक विभाजन की स्थिति बनी हुई है। अधिकांश राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों ने खुलकर सोशल मीडिया पर इजराइल का समर्थन किया है। हालांकि भारत सरकार ने इस पर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है।

इसी कारण इजराइल ने भी आधिकारिक रूप से भारत का शुक्रिया नहीं किया, जिसके बाद एक चर्चा भारत की इजराइल-फिलिस्तीन नीति को लेकर शुरू हो गई है। इजराइल की आजादी के बाद भारत ने द्विराष्ट्र सिद्धांत को, तथा मजहब के आधार पर दो देशों के गठन को अपना समर्थन नहीं दिया था।

संबंधितपोस्ट

जब खुली 3,000 साल पुरानी कब्र: तुतनखामुन की ऐतिहासिक खोज और ‘ममी के श्राप’ की कहानी

भारत-फ्रांस रक्षा वार्ता: बेंगलुरु में 10 साल के समझौते को फिर से बढ़ाने पर बनेगी सहमति

राजस्थान के भिवाड़ी में केमिकल फैक्ट्री में भीषण धमाका, कई मजदूर जिंदा जल गए, राहत कार्य जारी

और लोड करें

इसके पीछे भारत का तर्क यह था वह स्वयं मजहब के नाम पर हुए विभाजन का भुक्तभोगी है, इसलिए वह नहीं चाहता कि दुनिया में कहीं ऐसा हो। गांधीवादी आदर्शवाद के कारण भारत ने तर्क दिया कि अरब यहूदियों को गले लगाएं, और यहूदी अरबों को।

हालांकि यह हास्यप्रद था, लेकिन इसी विचार के आधार पर और नेहरू जी की सोवियत रूस के पक्ष में खड़े रहने की आदत के चलते भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इजराइल-फिलिस्तीन विभाजन के विपक्ष में वोटिंग की। हालांकि भारत भले ही मुस्लिमों से यहूदियों को गले लगाने की अपील करता रहा लेकिन विभाजन होते ही मुस्लिम देशों ने, यहूदियों के पूर्ण खात्मे के उद्देश्य से, इजराइल पर हमला कर दिया।

यह वही समय था जब पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत पर हमला किया था। इजराइल से समानता रखने के बावजूद भी भारत इजराइल के साथ नहीं खड़ा हुआ, और न ही उसने UN में इजराइल के प्रवेश के पक्ष में वोट किया।

जनसंघ के जनता पार्टी में विलय के बाद वाजपेयी जी ने भी नेहरू जी की इजराइल नीति को समर्थन किया था, लेकिन उसमें एक महत्वपूर्ण बात जोड़ते हुए यह समर्थन दिया था कि हम इजराइल के अस्तित्व को स्वीकार करते हैं, लेकिन उसने जो फिलिस्तीन की अतिरिक्त जमीन कब्जाई है, उसका समर्थन नहीं करते।

यह भाषण उस समय दिया गया था जब अरबों और इजराइल के बीच प्रसिद्ध Six day War हुई थी और इजराइल ने काफी बड़ा हिस्सा कब्जा लिया था। सम्भवतः वाजपेयी जी ने इजराइल के बलपूर्वक किए गए कब्जे को गलत इसलिए ठहराया था क्योंकि तब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र से यह उम्मीद थी कि आज नहीं तो कल, संयुक्त राष्ट्र भारत की उस जमीन को वापस दिलवाएगा, जिसपर चीन और पाकिस्तान ने जबरन कब्जा कर रखा है।

यह 1980′ के दौर की बात है, जब विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र थोड़ा बहुत प्रभावी निर्णय दिया करता था। उस समय छोटे देश संयुक्त राष्ट्र को आशाभरी नजरों से देखते थे। उस समय भारत कोई वैश्विक महाशक्ति नहीं था, बल्कि डूबती हुई अर्थव्यवस्था वाला देश था। आज हालात बहुत बदल गए हैं, आज न तो भारत कमजोर है और न ही उसे बलपूर्वक किए गए कब्जे छुड़ाने के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच की आवश्यकता है।

सत्य यह है कि UN भी आज केवल भाषणबाजी का अड्डा ही बनकर रह गया है। आज कोई भी वैश्विक समस्या, यहाँ तक कि क्लाइमेट चेंज की समस्या भी, संयुक्त राष्ट्र से नहीं सुलझ पा रही है । आज का भारत संयुक्त राष्ट्र का मोहताज नहीं, वह अपने फैसले खुद ले सकता है। न ही भारत को मुस्लिम देशों की आवभगत की आवश्यकता है।

आज सऊदी, UAE जैसे देशों के लिए भारत के साथ संबंध बनाए रखना अति आवश्यक है। इन देशों को यदि अपनी अर्थव्यवस्था को तेल आधारित अर्थव्यवस्था से हटाकर, उसे और विस्तृत विकल्प देने हैं, तो यह मौका उन्हें केवल भारत ही दे सकता है। रही बात ईरान की चिंता की, तो भारत को यह समझना चाहिए कि अगले 25 वर्षों में वैश्विक राजनीति जो करवट लेगी उसमें भारत और चीन धुर विरोधी बनकर उभरेंगे और ईरान किसी भी दिन, चीन को भारत से अधिक तवज्जो देगा।

अतः भारत सरकार को अपनी वर्तमान इजराइल नीति में बदलाव करना चाहिए। उसे खुलकर हमास का विरोध करना चाहिए। भले ही भारत फिलिस्तीन को आर्थिक मदद देता रहे, उसके अस्तित्व को स्वीकार करे, लेकिन भारत को तुरंत प्रभाव से हमास को आतंकी संगठन घोषित करना चाहिए।

भारत की विदेश नीति आज भी पाकिस्तान को नजर में रखकर बनाई जाती है, भारत की सोच है कि पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए भारत को मुस्लिम देशों की जरूरत है, जबकि सच यह है कि भारत और पाकिस्तान के अतिरिक्त सारी दुनिया यह तथ्य स्वीकार कर चुकी है कि पाकिस्तान की भारत के सामने कोई हैसियत नहीं है।अतः अब भारत को वैश्विक शक्ति की तरह व्यवहार करना चाहिए।

शेयर76ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मल्लिका दुआ को नंबर देना हरदीप सिंह पुरी को पड़ा भारी, BJP समर्थक हुए नाराज़

अगली पोस्ट

Oxygen black marketer नवनीत कालरा हुआ गिरफ्तार, कोर्ट में कांग्रेस नेता आए थे बचाव करने

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. युद्ध कृत निश्चय says:
    5 years पहले

    एक तत्थ्यात्मक गलती पर ध्यान दें. six day वॉर साल 1967 में हुआ था और जन संघ का जनता पार्टी में विलय 1977 में.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited