TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    कानपुर एचडीएफसी विवाद

    कानपुर एचडीएफसी विवाद: ‘मैं ठाकुर हूं’ वीडियो पर सफाई, कर्मचारी ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    कानपुर एचडीएफसी विवाद

    कानपुर एचडीएफसी विवाद: ‘मैं ठाकुर हूं’ वीडियो पर सफाई, कर्मचारी ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिका की अफ़ग़ानिस्तान से वापसी पर खुश न हो पाक, Taliban अमेरिकी हथियारों का करेगा इस्तेमाल

बाइडन ने तालिबान को 'तौफा' दिया है!

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
31 August 2021
in विश्व, साउथ एशिया
अफगानिस्तान पाकिस्तान
Share on FacebookShare on X

अमेरिका अफगानिस्तान का युद्ध हार चुका है, तालिबान के खात्मे के उद्देश्य से शुरू किए गए युद्ध का नतीजा लगभग शून्य रहा। आज तालिबान का अफगानिस्तान की जमीन पर लगभग एकछत्र राज कायम हो चुका है। पंजशीर की पहाड़ियों के अतिरिक्त अफगानिस्तान का कोई कोना ऐसा नहीं है जहां तालिबान का शासन नहीं चल रहा हो। यह सर्वविदित है कि तालिबान की जीत में पाकिस्तान की सबसे बड़ी भूमिका रही है। पाकिस्तान ने अमेरिका की गोद में बैठ कर अमेरिका के ही पैसों से तालिबान को जीवित रखने का काम किया। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि तालिबान के सहयोग से वह अफगानिस्तान को अपने प्रभाव में बनाए रखेगा, साथ ही तालिबान कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को सहायता प्रदान करेगा। तालिबान के जरिए भारत में आतंकवाद फैलाने का पाकिस्तान का सपना तो पूरा होता नहीं दिख रहा है उल्टे जो हालात बन रहे हैं ऐसा लगता है कि तालिबान अब अपने सदाबहार मित्र पाकिस्तान के विरुद्ध भी सशस्त्र संघर्ष छेड़ सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ यह संघर्ष किसी और की मदद से नहीं बल्कि अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियारों की मदद से की जाएगी।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर पुराना सीमा विवाद है। डूरंड लाइन के दोनों और पश्तो जनजाति के लोग रहते हैं। तालिबान मुख्यतः पश्तो जनजाति के लोगों का ही संगठन है। वहीं पाकिस्तान के पश्तूनिस्तान क्षेत्र में पाकिस्तानी सरकार के विरुद्ध लंबे समय से आक्रोश पल रहा है। ऐसे में डूरंड रेखा तालिबान और पाकिस्तान के बीच टकराव का कारण बन सकती है।

संबंधितपोस्ट

हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

भारत अमेरिका डिल से पाकिस्तान हैरान, कम टैरिफ को लेकर किया सोशल मीडिया पर आलोचना

और लोड करें

तालिबानी प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हाल ही में बयान दिया है कि पाकिस्तान ने अपने अफगानिस्तान सीमा पर बॉर्डर फेंसिंग का काम शुरू किया है जिससे तालिबान सहमत नहीं है। साथ ही तालिबान ने सत्ता में काबिज होते ही आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के कई प्रमुख लोगों को जेल से छोड़ दिया है। तालिबान का रवैया देखकर लगता है कि अफगान पाक सीमा विवाद अब तनाव के दौर में आने वाला है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस्लामाबाद के अनवरत प्रयास के बाद तालिबान ने आज तक डूरंड रेखा को स्वीकार नहीं किया है।

कुछ समय पूर्व तक तालिबान अपने सशस्त्र संघर्ष को चलाने के लिए पूरी तरह से पाकिस्तान पर निर्भर था। वैसे तो तालिबान की आय का स्त्रोत अफगानिस्तान में पैदा होने वाला है अफीम था लेकिन पाकिस्तान ने भी विभिन्न माध्यमों से तालिबान की फंडिंग की थी।

किंतु अब हालात बहुत बदल चुके हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब तालिबान के पास 85 बिलियन डॉलर की कीमत के अमेरिकी हथियार मौजूद है। साथ ही चीन जैसी आर्थिक महाशक्ति खनिज संसाधनों के लोभ में तालिबान के साथ सहयोग करने को तैयार है। अफगानिस्तान की जमीनी सच्चाई यह है कि तालिबान को अब सत्ता से बेदखल करना लगभग असंभव हो चुका है। ऐसे में रूस, अमेरिका सहित कई अन्य देश भी तालिबान को सहयोग को आतुर हैं। अब तालिबान को पाकिस्तान की आवश्यकता नहीं रह गई है।

Following the complete withdrawal of US troops from Afghanistan, video shows Taliban fighters entering a hangar at the Kabul airport and examining what was left behind by the US military https://t.co/E0xphBHi7D pic.twitter.com/fuiofJhYsc

— CNN (@CNN) August 31, 2021

कई मीडिया रिपोर्ट यहां तक दावा कर रही है कि अमेरिका ने तालिबान से किसी गुप्त समझौते के कारण जानबूझकर अपने हथियारों का जखीरा अफगानिस्तान की भूमि पर छोड़ा है। इस बात में सच्चाई इसलिए भी दिखती है क्योंकि CIA जैसा गुप्तचर विभाग इतनी भारी भूल नहीं करेगा। आज तालिबान के पास 75,000 के लगभग सैन्य गाड़ियां हैं, जिनमें ट्रक, आर्मर्ड व्हिहिकल, एन्टीमाइन गाड़ियां  भी शामिल हैं। 200 से अधिक एरोप्लेन और हेलीकॉप्टर तालिबान के कब्जे में है जिनमें 85% ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर हैं, जिसे अमेरिका का सर्वश्रेष्ठ हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसके अतिरिक्त 6 लाख से अधिक मशीनगन और पिस्टल जैसे स्मॉल आर्म तालिबान के कब्जे में हैं। नाइटविजन कैमरा, बुलेट प्रूफ जैकेट, स्नाइपरराइफल, कल्पना करें कि इन हथियारों के साथ तालिबान कितना घातक संगठन बन गया है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए यह संभव ही नहीं है कि वह चाह कर भी डूरंड रेखा पर अपनी मनमानी कर सके।

इस समय पाकिस्तानी सरकार और इमरान खान की पार्टी तालिबान की जीत पर फूले नहीं समा रहे हैं। इमरान खान सरकार को लगता है कि यह उनकी कूटनीतिक विजय है। किंतु, वह यह नहीं समझ पा रहे कि तालिबान उन्हें कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। पश्तूनिस्तान के मुद्दे के अतिरिक्त पाकिस्तान में वहाबी विचारधारा का जैसा प्रभाव है, ऐसे में तालिबान को आदर्श मानकर पाकिस्तान में भी सरकार के खिलाफ तख्तापलट के लिए सशस्त्र संघर्ष कर सकता है।

तालिबान का जन्म पाकिस्तानी मदरसों में हुआ है। अमेरिका की अफगानिस्तान में प्रवेश से पूर्व दोनों के बीच बहुत ही अच्छे संबंध थे। किंतु, जब पाकिस्तान ने अमेरिका के दबाव में तालिबान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई शुरू की तो तालिबान ने पाकिस्तान में भी आतंकी हमले शुरू कर दिए थे। 2014 में पेशावर के सैनिक स्कूल में हुआ भयावह आतंकी हमला, जिसमें तीन चार साल के बच्चों की भी हत्या की गई थी, यह तालिबान का पाकिस्तान को जवाब था। इस आतंकी हमले के पीछे तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान का हाथ था जिसे अफगानिस्तानी तालिबान ने ही बनाया है।

इसी वर्ष मार्च महीने में अफगानी सुरक्षाबलों पर तालिबान की ओर से एक आतंकी हमला किया गया था। इस हमले को टीटीपी ने अंजाम दिया था। यह स्पष्ट है कि तालिबान और टीटीपी अब भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

पाकिस्तानी अखबार द डॉन में छपे एक लेख में एक घटना के बारे में बताया गया है। तालिबानी सरगना मुल्लाहमोहम्मद ओमर ने पूर्व पाकिस्तानी जनरल और राजनेता नसरुल्लाह बाबर को भोजन पर आमंत्रित किया था। इसी दौरान जब बाबर ने ओमार से कहा कि तालिबान को डूरंड लाइन को स्वीकार कर लेना चाहिए जिससे सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी तो इसे लेकर ओमार इतना नाराज हुआ कि उसने बाबर को भोजन के बीच में ही निकल जाने को कह दिया। इतना ही नहीं हो ओमर ने बाबर को, जो खुद भी एक पश्तो है, उसे पश्तो लोगों की भावनाओं का सम्मान न करने के कारण गद्दार तक कह दिया।

बता दें कि पेशावर लंबे समय तक अफगानिस्तान की राजधानी रहा था। तालिबान एक आतंकी संगठन है लेकिन उसका गठन कट्टरपंथी इस्लाम और अफगानी राष्ट्रवाद की भावना से हुआ है। यही कारण है कि तालिबान को इतना व्यापक समर्थन मिलता है। तालिबान ने पहले रूसी आक्रमण के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष किया था। अब अमेरिका को भी पीछे हटने पर मजबूर किया है। ऐसे में पाकिस्तान का अफगानी राष्ट्रवादी भावना से टकराव तालिबान को उसके विरुद्ध भी सशस्त्र संघर्ष करने के लिए प्रेरित कर सकता है। इस्लामाबाद ने पहले ही अफगान तालिबान को नियंत्रण में रखने के लिए अमेरिकियों को अपनी सीमाओं के भीतर शिविर लगाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस क्षेत्र में शक्ति शून्य होने के साथ, अफगान तालिबान और पाकिस्तान तालिबान दोनों निश्चित रूप से यह सुनिश्चित करेंगे कि पाकिस्तान  को सबसे अधिक नुकसान हो। अमेरिका से मिले हथियार से वह पहले ही ताकतवर हो चुका है तथा अब पाकिस्तान अपनी रक्षा भी नहीं कर पाएगा। वहीं टीटीपी को अफगानिस्तान में खुलकर काम करने का मौका मिल गया है, जल्दी ऐसा हो सकता है कि तालिबान और पाकिस्तान भी सैन्य टकराव में उलझ जाएं।

 

Tags: अमेरिकाडूरंड लाइनतालिबानपाकिस्तान
शेयर42ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अगला चुनावी धमाका होगा हिमाचल प्रदेश में, BJP नेतृत्व जन मंच योजना के जरिये बना रही रणनीति

अगली पोस्ट

अपने असफल करियर को पुनर्जीवित करने के लिए अन्ना हजारे लेंगे हिंदुत्व का सहारा

संबंधित पोस्ट

राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश
AMERIKA

हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

11 February 2026

संसद में कुछ हफ्तों तक हंगामे के बाद, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन में पूर्व सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) जनरल एमएम...

भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव
भारत

रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

10 February 2026

भारत पिछले कुछ वर्षों से रूसी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) पर काफी निर्भर रहा है, क्योंकि रूस से तेल सस्ता और आसानी से उपलब्ध था।...

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला
भारत

रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

9 February 2026

रूस के बाशकिरोस्तान क्षेत्र के उफा शहर में शनिवार को एक विश्वविद्यालय हॉस्टल में चाकू से हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय मेडिकल छात्र घायल हुए,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited