TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हर साल 14 अगस्त को मनाया जाएगा ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ जिससे कि कांग्रेस-पाकिस्तान के पाप याद रहे

विभाजन के लिए काँग्रेस और गांधी की छद्म धर्मनिरपेक्षता मुख्य कारण थेI

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
14 August 2021
in इतिहास, चर्चित
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
Share on FacebookShare on X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को घोषणा की कि 14 अगस्त को लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाजन के दर्द को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि लाखों लोग विस्थापित हुए तथा विभाजन और हिंसा के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। प्रधानमंत्री ने कहा, “हो सकता है कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’, हमें सामाजिक विभाजन, असामंजस्य के जहर को दूर हटाने की आवश्यकता की याद दिलाते रहें और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तिकरण की भावना को और मजबूत करने मे मदद करें।” यानि देखा जाए तो प्रधानमंत्री ने एक तीर से दो लक्ष्यों को साधा है। पहला तो यह कि इससे कांग्रेस की विभाजन में भूमिका को याद रखा जाएगा और साथ ही पाकिस्तान की करतूतों को भी जनमानस के बीच जिंदा रखा जाएगा।

14 अगस्त अर्थात 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' #PmModi #PartitionHorrorsRemembranceDay pic.twitter.com/aZSJ1D4mcI

— tfipost.in (@tfipost_in) August 14, 2021

संबंधितपोस्ट

कतर की मध्यस्थता से बनी बात: पाकिस्तान नहीं दिला सका सहमति, जिनेवा में हो सकता है समझौता

टीएमसी का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं? घंटेभर की बैठक के बाद सामने आया बड़ा फैसला

मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

और लोड करें

भारत का विभाजन उपमहाद्वीप के इतिहास की सबसे निर्णायक घटनाओं में से एक रहा है। यह मानव इतिहास में सबसे बड़ा अनियोजित प्रवास था जिससे 20 मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हुए थे। विभाजन की भयावहता आज भी कई लोगों को परेशान करती है। हालांकि, कई लोग केवल जिन्ना को दोषी मानते हैं, परंतु इस विभीषिका के लिए ब्रिटिश, कांग्रेस और गांधी समान रूप से जिम्मेदार थे।

और पढ़ें: क्या चीन होगा पाक प्रायोजित आतंक का शिकार? बीच मंझधार में छोड़ने के लिए Pakistan चीन से काफी गुस्सा है

इकहत्तर साल पहले, 3 जून, 1947 को, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के साथ एक संयुक्त सम्मेलन में, भारत के अंतिम वायसराय, माउंटबेटन ने भारत के विभाजन की घोषणा की। इसके बाद पूर्ण आतंक का दौर था, जिसमें कुछ अनुमानों के अनुसार, एक मिलियन से अधिक लोग मारे गए, और 14 मिलियन से अधिक लोगों को जबरन स्थानांतरित किया गया। हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम इस बात का सामना करें कि यह तबाही क्यों हुई?

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस : विभीषिका का कारण

भारत के विभाजन का कारण क्या था? क्या इससे बचा जा सकता था? विभाजन एक ऐसा खूनखराबा था जिसने दस लाख से अधिक लोगों की जान ले ली? 1947 में क्या हुआ, स्वतंत्रता और उसके बाद के घटनाओं को एक शानदार, अवश्य पढ़े जाने वाले प्रयास में, प्रसिद्ध सैन्य इतिहासकार बार्नी व्हाइट-स्पूनर ने 12 अध्यायों में एक पुस्तक ‘Partition: The story of Indian independence and the creation of Pakistan’ लिखा है।

और पढ़ें: ‘कुलभूषण रिव्यू पिटीशन नहीं दायर करना चाहते’, एक बार फिर से Pakistan की शर्मनाक हरकत, ICJ के फैसले की उड़ाई धज्जियां

भारत में कई – और हमारी सभी पाठ्यपुस्तकें – जिन्ना को विभाजन के लिए पूरी तरह जिम्मेदार मानते हैं। अब समय आ गया है कि हम यह स्वीकार करें कि सिर्फ जिन्ना उस दुखद घटना के लिए अकेले दोषी नहीं थे बल्कि जबकि ब्रिटिश, कांग्रेस और गांधी भी समान रूप से दोषी थें।

1930 और 1940 के दशक के दौरान भारत के मुसलमानों ने – यहां तक ​​कि जो कभी एक अलग मुस्लिम राज्य नहीं चाहते थे – उन्होंने शासन में अधिक से अधिक हिस्सेदारी की आवश्यकता महसूस की। यह एक कारण था कि उन्होंने 1946 में पूरे उपमहाद्वीप में मुस्लिम लीग को लगभग सामूहिक रूप से वोट दिया। हालांकि, काँग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार भी मैदान में थें, लेकिन काँग्रेस के सिद्धांतों और गांधी की धर्मनिरपेक्षता को नकारते हुए भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों ने जिन्ना के पक्ष मे मतदान कर के द्विराष्ट्र के सिद्धांत को बल दियाI

20वीं शताब्दी के शुरुआती वर्षों से, हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एक गहरी खाई विकसित हुई। यह सार्वजनिक जीवन में दोनों पक्षों के हाशिए पर जाने के कारण और गहरा हुआ। हिंदुओं ने नागरिक प्रशासन की निचली शाखाओं में अधिकांश नौकरियों का आयोजन किया और शिक्षा में, वे तुलनात्मक रूप से आगे थें। परंतु, सिर्फ इस कारण की वजह से ही मुसलमान अलग राष्ट्र के लिए मुखर नहीं हुएI अलग राष्ट्र के पीछे मुसलमानो मे हिंदुओं से श्रेष्ठ होने की मानसिकता, धर्मांधता, काँग्रेस और अंग्रेजों का समर्थन तथा गांधी की छद्म धर्मनिरपेक्षता मुख्य कारण थेI

और पढ़ें: NDTV बेशर्मी से बना तालिबान का प्रोपगैंडा चैनल, इसके लिए इसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

दोनों पक्षों के उत्थान की ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर थी

मुसलमानों के उत्थान की जिम्मेदारी का एक हिस्सा खुद मुसलमानों के पास थाI परंतु, जिन्ना, लियाकत और इकबाल जैसे उनके सत्ता के भूखे नेतृत्वकर्ता पुरानी यादों में खो गए और समाज के आधुनिकीकरण में विफल रहे। इस कारण मुस्लिम समाज और गर्त में जाता चला गयाI

मुस्लिम समुदाय में उस समय राजा राम मोहन राय जैसे सुधारकों का अभाव था जिन्होंने सती प्रथा को विलियम बेंटिक के साथ मिल कर समाप्त कियाI यही नहीं ईश्वर चंद्र विद्यासागर भी थे जिन्होंने लॉर्ड डलहौजी के साथ मिलकर विधवा प्रथा का उन्मूलन किया।

लेकिन कहीं ऐसा न हो कि हम भूल जाएं कि कांग्रेस के पास भी जवाब देने के लिए बहुत कुछ था। वर्ष1937 के चुनावों में अपनी शानदार चुनावी सफलता के बाद, कांग्रेस ने अपने शासित प्रांतों में भारतीय मुसलमानों के विश्वास के स्तर को बढ़ाने के लिए शायद ही कुछ किया।सार्वजनिक सेवाओं में समुदाय का घोर कम प्रतिनिधित्व इसके पिछड़ेपन के रूप में जारी रहा।

जिन्ना को लगा था कि वह विभाजन के बाद अपने समुदाय का उत्थान करेंगे। परंतु उन्होंने खुद को एक बोझिल राज्य का नेतृत्व करते हुए पाया। एक ‘विकृत, कीट-भक्षी पाकिस्तान’, जैसा कि उन्होंने खुद एक बार इसका उल्लेख किया था। ऐसे देश को टूटने से पहले 25 साल भी नहीं लगे और कर्म के सिद्धान्त को प्रतिपादित करते हुए बांग्लादेश के उदय हुआI

और पढ़ें: आखिर क्यों तालिबान के खिलाफ युद्ध में भारत को अफगानिस्तान की मदद करनी चाहिए?

सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व, 1906 स्वतन्त्रता के समय भारत को विभाजित करने वाला एक महत्वपूर्ण  कारक में से एक था। पहली बार मुसलमानों की ओर से आगा खान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वायसराय को इसकी मांग की थी। जिन्ना ने इसे बहुत बाद में अपनाया और यहां तक ​​कि कांग्रेस के साथ एक समझौता भी कियाI परंतु, काँग्रेस की अदूरदर्शिता और सत्ता की लोलुपता ने उस समय की इस नाजायज मांग और संभावित खतरे को बहुत कमकर के आँकाI

आज बहुत कम ही लोग जानते हैं कि लखनऊ समझौता, जैसा कि लोकप्रिय रूप से जाना जाता था, वर्ष 1916 में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के संयुक्त सत्र में हुआ था। जिन्ना ने समझौते को पूरा करने में प्रमुख भूमिका निभाई, तथा सरोजिनी नायडू ने उन्हें हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया। यह कांग्रेस थी जिसने बाद में इस समझौते को खारिज कर दिया। जिन्ना की कहानी भारत के लिए एक चेतावनी है। उनकी कहानी 1920 के दशक की शुरुआत से कांग्रेस द्वारा उन्हें सह देने और छद्म धर्मनिरपेक्षता की आड़ मे कट्टरता और द्विराष्ट्र के सिद्धान्त के निरंतर प्रयासों की कहानी है।

PC: India Today

नागरिकता संशोधन विधेयक पर संसद में अपने भाषण में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भारत को विधेयक की आवश्यकता है क्योंकि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश को विभाजित किया है। तब अमित शाह ने कहा था, “आज हमें इस विधेयक की आवश्यकता क्यों है? स्वतन्त्रता के बाद, अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर विभाजन नहीं किया होता, तो आज हमें इस विधेयक की आवश्यकता नहीं होती। कांग्रेस ने धर्म के आधार पर विभाजन किया।” वर्ष 2019 के आम चुनाव में, कई भाजपा नेताओं ने भारत के विभाजन के लिए कांग्रेस और नेहरू को दोष देना शुरू कर दिया था। अपने चुनाव के दौरान भाजपा के रतलाम-झाबुआ लोकसभा उम्मीदवार गुमान सिंह डामोर ने यह दावा करते हुए विवाद खड़ा कर दिया कि यदि नेहरू ने जिन्ना को प्रधानमंत्री बनने दिया होता तो विभाजन को टाला जा सकता थाI

भारत के विभाजन को सिर्फ जिन्ना के हठ से जोड़ कर देखना कांग्रेस की गलतियों से मुंह मोड़ने जैसा हैI जिन्ना जिम्मेदार है इसमे कोई संशय नहीं हैंI इतिहास सदा सर्वदा उन्हें दोषी ठहराएगाI पाकिस्तान को उनके सिद्धांतों का फल 25 साल बाद ही बांग्लादेश के रूप मे देखने को मिलाI लेकिन, भारत अगर अपने नज़रिये से देखें तो नेहरू की सत्तालोलुपता, गांधी की छद्म धर्मनिरपेक्षता, अंग्रेज़ो की ‘’फूट डालो और राज़ करो’’ की नीति और मुसलमानों की अपने धर्मा के प्रति कट्टरता ने राष्ट्र की तिलांजलि दे दी थीI अब इन्हीं पापों को याद रखने के लिए तथा भविष्य में इन गलतियों से सीख लेने के लिए प्रधानमंत्री ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की है।

Tags: कांग्रेसजिन्नापाकिस्तानमहात्मा गाँधीस्वतन्त्रता दिवस
शेयर85ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘चीन, भारत की जगह कभी नहीं ले सकता’ नेपाल के नए पीएम ने ओली को जवाब दिया है

अगली पोस्ट

तब साइगोन था अब काबुल है, युद्ध क्षेत्र छोड़कर भाग जाने का अमेरिका का शर्मनाक इतिहास

संबंधित पोस्ट

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी
चर्चित

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

19 June 2026

भारत स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum-WEF)...

रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम
चर्चित

रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

16 June 2026

एक ऐसा मामला सामने आय़ा है जिसे जानकर सभी हैरान है, आज तक आपने ये सुना था कि मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की को धोखा दिया,...

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास
चर्चित

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

13 June 2026

भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited