TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अफ़ग़ानिस्तान को दो हिस्सों में बांटकर तालिबान के मंसूबों पर पानी फेरने वाला है ताजिकिस्तान

रूस दे रहा पूरा साथ

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
9 September 2021
in एशिया पैसिफिक
अफ़ग़ानिस्तान विभाजन
Share on FacebookShare on X

अगर आपको लगता है कि काबुल पर तालिबान के कब्ज़े के बाद अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता के लिए जारी संघर्ष में कोई कमी आएगी, तो आप एक बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष तो अब शुरू हुआ है। अमेरिका की घर-वापसी के बाद अब अफ़ग़ानिस्तान रूस और चीन जैसी ताकतों का रणक्षेत्र बनकर उभर रहा है। चीन आँखें मूँद कर तालिबान का समर्थन करने में लगा है तो वहीं, रूस और उस साथी देश तालिबान-विरोधी Resistance Forces को परोक्ष रूप से सहायता करते दिखाई दे रहे हैं। बड़ी ताकतों के टकराव के नतीजे में एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है और अगर तालिबान को जल्द ही सत्ता से नहीं हटाया गया तो अफ़ग़ानिस्तान जल्द ही दो हिस्सों में विभाजन भी हो सकता है।

अफ़ग़ानिस्तान के विभाजन के संकेत आने शुरू भी हो गए हैं और इसकी शुरुआत की है रूस के साथी देश ताजिकिस्तान ने! हाल ही में ताजिकिस्तान ने पंजशीर के शेर कहलाए जाने वाले अहमद शाह मसूद और अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानुद्दीन रब्बानी को अपने उच्चतम नागरिकता पुरुस्कार से नवाज़ा। अपने इस एक कदम से ताजिकिस्तान ने पूरी दुनिया को कुछ अहम और बेहद महत्वपूर्ण संकेत भेजे हैं।

संबंधितपोस्ट

रूस में आईएसआई की चोरी पकड़ी गई: पाकिस्तान की जासूसी, भारत के खिलाफ साजिश और मुनीर की नाकाम महत्वाकांक्षा

रूस हारा, अमेरिका हारा, अब पाकिस्तान की तालिबान से जंग की डींगे: अंतरराष्ट्रीय मज़ाक और उसकी वास्तविक कमजोरी

भारत ने चुपचाप बनाई नई भू-रणनीतिक धुरी, पीओके से लेकर बलूचिस्तान तक पाकिस्तान की दरकने लगी ‘पूर्वी दीवार’, जानें क्या है तालिबान-दिल्ली डील का असली मतलब?

और लोड करें

अफ़ग़ानिस्तान में केवल किसी एक संप्रदाय का ही वर्चस्व नहीं है, बल्कि यहाँ अलग-अलग जातीयता से जुड़े लोग रहते हैं। अंग्रेजों ने इस क्षेत्र का विभाजन कुछ इस प्रकार किया कि यहाँ एक जाति के लोग अलग-अलग देशों में बंट जाएँ और भविष्य में एकजुट होने हेतु क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बनाने के लिए बाध्य हो जाएँ। उदाहरण के लिए पश्तून लोगों को ले लीजिये! ये आज पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच बंटे हुए हैं। अफ़ग़ानिस्तान में पश्तून लोग सबसे ज़्यादा हैं, लेकिन यहाँ के तुर्क लोग अपने आप को तालिबान के साथ जोड़कर नहीं देखते हैं।

इसी प्रकार यहाँ के तजिक लोग हैं, जो कि पश्तूनों के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े जातीय समूह के रूप में जाने जाते हैं। इसी प्रकार उज़्बेक लोग भी अफ़ग़ानिस्तान में बड़ी तादाद में रहते हैं और ये अपने आप को तालिबान से जोड़कर नहीं देखते।

अब ताजिकिस्तान ने अहमद शाह मसूद और अफ़ग़ानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति बुरहानूद्दीन रब्बानी को पुरुस्कार से नवाज़ कर अफ़ग़ानिस्तान के तजिक समुदाय के लोगों को बड़ा संकेत दिया है। पंजशीर के शेर के नाम से मशहूर मसूद वो शख्स थे जिन्होंने तालिबान के विरुद्ध मरते दम तक लड़ाई जारी रखी और जिन्हें 9/11 हमलों से महज़ दो दिन पहले ही तालिबान द्वारा मार दिया गया था।

ऐसे में ताजिकिस्तान पंजशीर घाटी में जारी घमासान के बीच अहमद शाह मसूद को पुरुस्कृत कर तालिबान-विरोधी resistance forces को अपना समर्थन दे रहा है।

तजिक और उज़्बेक समुदाय से जुड़े लोग तालिबान से जुड़ाव महसूस नहीं करते हैं। ना ही वे कट्टर हैं, ना ही उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षाएं हैं, ऊपर से वे अफ़ग़ानिस्तान में अल्पसंख्यक हैं जिसके कारण अब उनपर तालिबान की कुदृष्टि कभी भी पड़ सकती है। ऐसे में उज़्बेक और तजिक, दोनों समुदाय के लोगों के लिए सबसे उपयुक्त यही होगा अगर अफ़ग़ानिस्तान में एक ऐसी लोकतान्त्रिक सरकार स्थापित हो जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों की भी रक्षा करती हो। हालांकि, तालिबान राज में तो ऐसा नहीं होने वाला। ऐसे में उनके पास उपाय के रूप में एक ही रास्ता बचता है और वो है खुद के लिए एक अलग देश की स्थापना!

तालिबान विरोधी Northern Alliance की सहायता के लिए ताजिकिस्तान पंक्ति में सबसे आगे खड़ा दिखाई दे रहा है। अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी इलाके में ही Northern Alliance का वर्चस्व है और इसी क्षेत्र में उज़्बेक और तजिक लोग भी रहते हैं। यहाँ तक कि Northern Alliance में कई लोग तजिक समुदाय से संबंध रखते हैं जो अहमद मसूद और अफ़ग़ानिस्तान के उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह के वफादार माने जाते हैं।

ताजिकिस्तान तालिबान-विरोधी गुट को हथियार सप्लाई भी कर रहा है। खबरें आई थीं कि इस गुट को ताजिकिस्तान द्वारा हथियार, गोला-बारूद और अन्य सैन्य सामान की खेप भेजी गयी थी। हालांकि, ताजिकिस्तान ने इन खबरों का खंडन किया था।

अफगान सुरक्षा बलों में शामिल तजिक समुदाय के लोग भी अब तालिबान-विरोधी गुट का हाथ थामते नज़र आ रहे हैं। यह भी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि उज़्बेकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों में अफ़ग़ानिस्तानी सेना के helicopters और प्लेन खड़े दिखाई दिये हैं। उज़्बेकिस्तान भी रूस का ऐसा साथी है जो तालिबान के उदय से परेशान है, ऐसे में यह देश में तालिबान-विरोधी गुट को सीधे-सीधे मदद प्रदान कर सकता है।

जैसा हमने बताया, ताजिकिस्तान और उज़्बेकिस्तान, दोनों का अफ़ग़ानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों से एक खास जुड़ाव है। ताजिकिस्तान की अहमियत समझते हुए पिछले महीने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी इस देश में तालिबान के पक्ष में हवा बनाने के लिए गए थे, लेकिन ताजिकिस्तान ने कुरैशी को सिर पर पाँव रखकर भागने पर मजबूर कर दिया था।

ताजिकिस्तान के दावों के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान की आबादी में तजिक समुदाय से जुड़े लोगों का हिस्सा करीब 46 प्रतिशत है।  इसका अर्थ यह है कि वह अफ़ग़ानिस्तान  का विभाजन कर 46 प्रतिशत अफगानियों को एक लोकतांत्रिक वातावरण प्रदान करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इस देश के पास रूस का पूरा समर्थन तो हासिल है ही, ऐसे में चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए ताजिकिस्तान के विरुद्ध किसी योजना को अंजाम दे पाना कोई आसान काम नहीं रहने वाला। रूस को तालिबान के उदय से खास परेशानी है और वह इस संगठन को आज भी एक आतंकवादी संगठन की नज़रों से देखता है। ऐसे में रूस ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ मिलकर अफ़ग़ानिस्तान को दो हिस्सों में विभाजन करने के लिए रणनीति को बखूबी अंजाम दे सकता है।

Tags: अफ़ग़ानिस्तानउज़्बेकिस्तानताजिकिस्तानतालिबानरूस
शेयर126ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत पेस बैटरी के रूप में कैसे विकसित हुआ?

अगली पोस्ट

वामपंथी पत्रकार राणा अय्यूब के खिलाफ Ketto fundraising मामलें में दर्ज हुई FIR

संबंधित पोस्ट

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशियाकी नई शक्ति-संतुलन रेखा
अर्थव्यवस्था

भारत की कूटनीति अब ‘वर्चुअल’ नहीं, रणनीतिक है: आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का डिजिटल नेतृत्व और एशिया की नई शक्ति-संतुलन रेखा

23 October 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आसियान शिखर सम्मेलन में वर्चुअल रूप से शामिल होने का निर्णय केवल एक ‘प्रोटोकॉल अपडेट’ नहीं, बल्कि बदलते भारत की कूटनीतिक...

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान
एशिया पैसिफिक

गाजा में शांति, पर पाकिस्तान में जिहाद की आग: TLP ने लाहौर को किया लहूलुहान

13 October 2025

गाजा की धरती पर जब बमों की आवाज़ थमी, जब वर्षों बाद वहां की हवा में पहली बार राहत की सांस घुली, तब पाकिस्तान की...

बगराम पर बनता नया समीकरण: अमेरिका के खिलाफ भारत की कूटनीतिक हुंकार
AMERIKA

मोदी सरकार ने बगराम पर अमेरिका-पाकिस्तान दोनों को चित करने की पूरी प्लानिंग कर ली है , लेकिन कैसे?

10 October 2025

अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर छिड़ी कूटनीतिक जंग में भारत अब निर्णायक भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंशा है कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited