TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

दिवाली को हिंदुओं से छीन लिया गया है और मोदी सरकार इससे आंख नहीं मूंद सकती

पटाखे, दिये, मिठाई सब तो वामपंथियों ने छीन लिया

Krishna Bajpai द्वारा Krishna Bajpai
30 October 2021
in मत
सनातन दिवाली
Share on FacebookShare on X

पटाखे मत चलाओ… शोर मत करो… दियों में तेल मत बर्बाद करो… वामपंथ के जहर में लिपटे हुए विज्ञापनों में अपनी संस्कृति का मजाक उड़ते देखो… और फिर जब कोई पूछे कि ये क्या है, तो कह दो कि… अरे दिवाली है दिवाली… क्या खाक दिवाली है? दिवाली के पूरे आनंद का ही सर्वनाश कर दिया है वामपंथियों ने, और कथित हिंदुत्व हितैषी सरकार कुछ बोलती ही नहीं… ऐसे कैसे चलेगा? चलिए आज आपको बताते हैं कि कैसे दिवाली उत्सव और आनंद की मिट्टी-पलीद कर दी गई है। दिवाली अर्थात हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार… सनातन संस्कृति में सकारात्मकता का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण दिवाली ही है, जिसका उत्सव दुखों के अंधकार का सर्वनाश कर लोगों में प्रकाश बनकर आता है।

इसके विपरीत अब सवाल ये उठता है कि क्या दिवाली पहले जैसी रह भी गई है? या वामपंथियों के एक प्रोपेगैंडे के तहत इसे फीका कर दिया गया है? केंद्र में एक ऐसी सरकार बैठी है, जो कि सबका साथ और सबका विकास की बात करती है, लेकिन कथित हिन्दू हितैषी मानी जाने वाली इस सरकार के कार्यकाल में दिवाली के स्वरूप का ही सर्वनाश कर दिया गया है, ऐसे में अब आवश्यकता है कि दिवाली को पुनः उसके स्वरूप में लाया जाए।

संबंधितपोस्ट

PM मोदी का न्यूजीलैंड दौरा क्यों है खास? जानिए दोनों देशों के रिश्ते, व्यापार और FTA की पूरी कहानी

माता वैष्णो देवी से फारूक अब्दुल्ला ने क्या मांगा? PM मोदी के काम को बताया बूस्टर डोज

भारत की बेटी ‘सुनीता विलियम्स’ के नाम पीएम मोदी का पत्र, “भले ही आप हजारों मील दूर हैं, लेकिन…..

और लोड करें

संस्कृति को वैचारिक चोट

नवरात्र और दुर्गा पूजा की शुरुआत से लेकर दिवाली तक ऐसे विज्ञापनों की भरमार होती है, जिनमें सनातन संस्कृति की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। इन विज्ञापनों को ऐसे पेश किया जाता है कि युवा पीढ़ी का ध्यान सनातन संस्कृति से भ्रमित किया जा सके। हाल ही में हमने इसके कई उदाहरण देखे जिनमें से एक FabIndia नामक कंपनी का विज्ञापन थाl FabIndia ने अपने दिवाली विज्ञापन कैंपेन का नाम ‘जश्न-ए-रिवाज’ रख दिवाली के इस्लामीकरण की रूपरेखा रची, लेकिन जब दांव उल्टा पड़ गया, तो माफ़ी मांगते हुए कैंपेन वापस ले लिया।

FabIndia की तरह ही फैशन डिजाइनर कंपनी सब्यासाची ने अपने दिवाली ज्वैलरी कलेक्शन में महिला मॉडलों की अश्लील तस्वीरें प्रकाशित कर सनातन संस्कृति में दांपत्य जीवन के प्रतीक मंगलसूत्र का अपमान कर डाला। इसके पहले विज्ञापन के माध्यम से ही ई-कॉमर्स वेबसाइट ने नवरात्रि पर कॉन्डम की सेल रखकर पवित्र दिनों का अपमान किया था। वहीं करवाचौथ पर डाबर के विज्ञापन ने समलैंगिकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया। ये सारे विज्ञापन दिवाली तक चलते हैं, और इनका मकसद क्या है? दिवाली तक सनातन संस्कृति के प्रति जहर घोलकर युवाओं में दिवाली के प्रति नकारात्मकता का भाव लाना।

पटाखों और प्रदूषण का खेल

एक तरफ जहां विज्ञापनों के जरिए सनातन संस्कृति पर वैचारिक प्रहार किया जाता है, तो दूसरी ओर दिवाली का प्रतीक माने जाने वाले पटाखों पर पिछ्ले सात सालों में सर्वाधिक गाज गिरी है। इससे पटाखा इंडस्ट्री पूरी तरह बर्बाद हो गई है, और दिवाली का जश्न फीका। दिवाली में होने वाली आतिशबाजी को वैश्विक स्तर पर इतनी नकारात्मकता के साथ पेश किया जाता है, मानो पूरे साल का प्रदूषण केवल दिवाली की अतिशबाजी से ही होता है। दिल्ली और मुंबई से लेकर देश के कई बड़े राज्यों और जिलों में पटाखों पर बैन लगा दिया गया है।

देश के कुछ राज्यों में जहां ये बैन नहीं है, वहां केवल ग्रीन पटाखा जलाने की अनुमति एक निश्चित समय सीमा के लिए दी गई है। इतना ही नहीं, हैरानी की बात तो ये भी है कि कि पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य में ग्रीन पटाखों के प्रयोग की अनुमति दी थी, लेकिन अल्पसंख्यक समाज के व्यक्तियों की आपत्ति के कारण लगी याचिका के चलते वो अनुमति भी रद्द हो गई, और कलकत्ता हाईकोर्ट ने पटाखों पर पूरा बैन लगा दिया। अब सवाल उठता है कि क्या सारा प्रदूषण पटाखों से ही होता है? वैश्विक स्तर पर अनेकों त्योहारों में पटाखों का प्रयोग होता है। नए वर्ष के आगमन और क्रिसमस के मौके पर तो असमान में पटाखों की बाढ़ सी आ जाती है, तो फिर सारा बैन दिवाली पर ही क्यों?

प्रकाश और ध्वनि से भी परेशान

लोगों को एक बड़ी दिक्कत ये भी है कि पटाखों से जानवरों के कानों को सर्वाधिक नुकसान होता है, इसलिए पटाखों पर तो प्रतिबंध होना ही चाहिए। इसके विपरीत जानवरों के प्रति यही अगाध प्रेम तब क्यों नहीं दिखता, जबकि क्रिसमस, ईद और बकरीद संबंधी त्योहारों में जानवरों को ध्वनि से परेशान नहीं किया जाता, बल्कि उनका जीवन ही समाप्त कर दिया जाता है। ये दिखाता है कि मुख्य मुद्दा बस सनातनियों में दिवाली के प्रति नकारात्मकता लाने का है। इसके विपरीत अगर हम सोचें तो दिवाली का मूल मंत्र क्या है ? भगवान श्रीराम लंकेश रावण का वध करके 14 वर्षों का वनवास काटकर अयोध्या आए थे और इसी खुशी में अयोध्या वासियों ने दीपोत्सव किया था, जिसके उपलक्ष्य में हम दिवाली मनाते हैं। वहीं अब दीपोत्सव को लेकर भी लोगों में घृणा भरी जा रही है।

वामपंथियों का तर्क रहता है कि दिवाली के दौरान जितनी बड़ी संख्या में भारत में दिए जलते हैं, वो पर्यावरण को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाते हैं क्योंकि दिए की बाती से निकलने वाला धुआं भी खतरनाक होता है‌। इसके विपरीत उनका मानना है कि दिवाली में दिए की जगह मोमबत्तियां जलाई जाएं। निश्चित है कि मोमबत्तियां के लिए सकारात्मकता दिखाकर यह लोग दिवाली के मूल दिए जलाने के उत्सव को खत्म करना चाहते हैं, यद्यपि मोमबत्तियां ज्यादा प्रदूषण पैदा करती है। वहीं, दियों को लेकर एक तर्क यह भी दिया जाता है, कि दियों में पड़ने वाला तेल गरीबों की मदद के काम आ सकता है, इसलिए इसका उपयोग नहीं होना चाहिए। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या में प्रतिवर्ष होने वाला दीपोत्सव वामपंथियों को इसीलिए सर्वाधिक चुभता है, क्योंकि योगी सरकार के पहले अयोध्या सुनसान रहती थी।

मोदी सरकार से प्रश्न

पूजा से लेकर प्रत्येक तरह के विधि-विधान पर वामपंथियों ने अपना जहर घोला है, जिसका उद्देश्य केवल इतना ही है कि कैसे करके दिवाली के महत्व को खत्म किया जा सके। विज्ञापनों में परंपरागत मिठाईयों की जगह चॉकलेट को दे दी गई हैं, जिससे मिठाईयों तक के मुद्दे पर युवाओं के मन में घृणा का विस्तार किया जा सके। अब प्रश्न यह उठता है कि इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद कथित तौर पर हिंदुत्व समर्थक सत्ताधारी मोदी सरकार हिंदुओं के सबसे बड़े त्योहार दिवाली के फीके होने पर क्या कर रही है? निश्चित ही, कुछ भी नहीं। दिवाली पर अमेरिका जैसे देश में पटाखे जलाने की इजाजत है, लेकिन भारत में नहीं l

वामपंथियों की दिवाली से सर्वाधिक घृणा की वजह ये है कि ये त्योहार सनातन धर्म की आस्था के प्रतीक भगवान श्रीराम से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसे बदनाम करके वामपंथी सनातनियों के मूल पर सर्वाधिक प्रहार करने के प्रयास करते हैं। वहीं, जब हिंदुत्व समर्थक पार्टी की सरकार शासन कर रही ह़ो, और फिर हिंदुओं के त्योहार दिवाली को फीका किया जाए, तो ये मोदी सरकार के लिए एक शर्मनाक विषय है। 6-7 वर्ष पहले ऐसे प्रतिबंध नहीं थे। बकरीद पर कुर्बानी की इजाजत मिल जाती है, क्रिसमस पर आतिशबाजी हो जाती है, लेकिन दिवाली पर पटाखे नहीं जल सकते? होली पर पानी बचाने की नौटंकी होती है, और मोदी सरकार मूक दर्शक की तरह तमाशा देखती है, मानों वो भी मौन स्वीकृति दे रही हो। इतना ही नहीं प्रचार के लिए वामपंथी सनातन धर्म के ही पथ भ्रमित सितारों का सहारा लेकर विज्ञापन निकालते हैं।

ऐसे में यह सवाल उठाया जा सकता है कि सनातन धर्म के त्योहार दिवाली पर लगातार वैचारिक हमले किए जा रहे है, और प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं लेकिन हिंदुत्ववादी मोदी सरकार इस मुद्दे पर क्यों चुप्पी साधे हुए है, क्योंकि ये मोदी सरकार की सनातन के प्रति कटिबद्धता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।

Tags: FabIndiaPM मोदीदिवाली
शेयर92ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘Net Zero Emissions’ पर दादागिरी कर रहे पश्चिमी देशों की पीएम मोदी ने लगाई जबरदस्त क्लास

अगली पोस्ट

सरदार उधम निस्संदेह ऑस्कर के योग्य नहीं, परंतु उसे हटाने के पीछे का कारण निंदनीय है

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited