TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों की भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    पीेेेएम मोदी ने देशवासियों को दी मकर संक्राति , माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं कहा-सूर्यदेव सबका कल्याण करें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने जताई बच्चों के भविष्य की चिंता, स्मार्टफोन मां बाप बच्चों को न दें।

    सीएम योगी ने बच्चों की भविष्य की जताई चिंता कहा- स्माटफोन है खतरनाक

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों को मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल के पावन अवसर पर शुभकामनाएं दीं

    पीेेेएम मोदी ने देशवासियों को दी मकर संक्राति , माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं कहा-सूर्यदेव सबका कल्याण करें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राम जन्मभूमि के फैसले को हुए 2 साल, जानिए अदालत में अंतिम क्षणों में क्या हुआ था?

कोर्ट के निर्णय के बाद देश में मनाई गई थी, एक ही साल में दो बार दिवाली

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
9 November 2021
in संस्कृति
राम जन्मभूमि सर्वोच्च न्यायालय
Share on FacebookShare on X

आयोध्या अर्थात जो अजेय है। जिसे जीता नहीं जा सकता क्योंकि यह साक्षात धर्म अर्थात राम की जन्मभूमि है। यह भूमि किसी भी तीर्थ और स्वर्ग से सर्वोच्च है। इसकी सर्वोच्चता बनी रही। यह अजेय रहा। आखिर हो भी क्यों ना? यतो धर्मास्ततो जयः अर्थात जहां धर्म है, वहां जीत है। जहां की माटी में स्वयं धर्म ने खेला हो, वो कैसे हार सकती है? वैसे सर्वोच्च न्यायालय का सूत्रवाक्य भी यही है। शायद, इसीलिए आज से दो साल पहले सर्वोच्च न्यायालय ने सत्य को विजयी घोषित किया। आज इस आनंद को 2 वर्ष पूर्ण हुए हैं। राम जन्मभूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को 2 वर्ष हो चुके हैं।

एक समाज और राष्ट्र के तौर पर हमने जो समग्र सहिष्णुता और साहस का परिचय देते हुए, जिस धैर्य के साथ इस निर्णय की प्रतीक्षा की वह अतुलनीय है। यह प्रतीक्षा 1528 इस्वी से सतत चली आ रही थी। धर्म स्थापना हेतु धर्मयुद्ध करने वाली सभ्यता ने पहली बार धर्म-ध्वंस हेतु धर्मानुशंसित युद्ध देखा जब 1528 ईसवी में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने राम का मंदिर ध्वस्त कर वहां मस्जिद स्थापित कर दी। जिस राष्ट्र और सनातन संस्कृति के आत्मा और अस्तित्व का आधार ही राम हो, उस बहुल समाज ने किस तरह धैर्य रखा होगा? यह धैर्य की पराकाष्ठा है। क्या आप काबा या वेटिकन सिटी में ऐसी किसी परिस्थिति की कल्पना कर सकते हैं? शायद नहीं। परंतु, इस सनातन समाज ने धैर्य की परिभाषा को परिष्कृत करते हुए न्याय व्यवस्था में विश्वास बनाए रखा। लोकतंत्र, राष्ट्र और विधि व्यवस्था के प्रति अपने समर्पण को सशक्त रखा। अगर विश्वास ना आए तो विधायिका और न्यायपालिका के प्रतिनिधि स्वरूप दो व्यक्तित्वों का कथन पढ़िए:

संबंधितपोस्ट

गिरफ्तारी से पहले जमानत से इनकार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा—बोलने की आज़ादी पर नहीं लग सकती रोक

धर्मध्वजा स्थापना और राम मंदिर की पूर्णता अर्थात् – भारत के स्वत्व जागरण की पुनर्यात्रा

विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

और लोड करें

न्याय और न्यायालय का सम्मान एक सुदृढ़ लोकतंत्र की स्थापना हेतु नितांत आवश्यक है। विधि राजनीति धर्म, आस्था और विश्वास सभी से सर्वोच्च है।

—– सर्वोच्च न्यायालय,  भारत

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा वह किसी की हार जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब कि यह प्राथमिकता रहे यह फैसला भारत की शांति एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।

—- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत

 

गोगोई द्वारा निरंतर सुनवाई के निर्देश

राम जन्मभूमि विवाद पर प्रयागराज उच्च न्यायालय के निर्णय से असंतुष्ट पांचो पक्षकारों ने 2011 में सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की। माननीय मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के कार्यकाल का यह अंतिम वर्ष था। भारत के भावी मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे होने वाले थे। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष इस मामले को आए हुए 8 वर्ष बीत चुके थे। न्यायमूर्ति गोगोई ने भारतीय समाज के अंतहीन प्रतीक्षा को समाप्त करने का निश्चय किया। 6 सितंबर 2019 को उन्होंने निर्णय दिया कि आज से राम जन्मभूमि विवाद की सुनवाई प्रतिदिन होगी, तबतक जबतक कि इस विवाद पर कोई निर्णय नहीं होता।

सारे पक्षकार, कानूनविद, अधिवक्ता और संपूर्ण समाज न्यायालय के इस निर्णय से सकते में था। आखिर, 20000 पन्नों की फाइल, हजारों कानूनी कागजात दस्तावेज, अभिलेख, ऐतिहासिक प्रमाण, पुस्तक और धर्म ग्रंथ का इतने कम समय में किस तरह सत्यापन और साक्षी प्रस्तुतीकरण होगा? रंजन गोगोई ने निर्देश देते हुए 5 सदस्य संवैधानिक पीठ का गठन किया। इसके पांचो न्यायाधीश थे- रंजन गोगोई, एस ए बोबडे, अशोक भूषण, डीवाई चंद्रचूड़ और अब्दुल नजीर। 40 दिनों के अनवरत श्रम के पश्चात सर्वोच्च न्यायालय कि इस संवैधानिक पीठ द्वारा 600 पृष्ठों का एकमत निर्णय आया। ऐसा निर्णय जो विधिक इतिहास और धार्मिक धैर्य के मामले में “मील का पत्थर” है ।

प्रयागराज उच्च न्यायालय का निर्णय

आपको बता दें कि प्रयागराज उच्च न्यायालय की पीठ ने इस विवाद पर 2:1 से विखंडित निर्णय दिया था। प्रयागराज उच्च न्यायालय के समक्ष विवाद में 3 पक्षकार थे- राम जन्मभूमि न्यास, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी वक्फ बोर्ड। प्रयागराज उच्च न्यायालय ने गुंबद के नीचे की जमीन राम जन्मभूमि न्यास को दे दी, उस परिसर में मौजूद सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़ा को दे दिया और बाकी भूमि वक्फ बोर्ड के हिस्से आई अर्थात इस पीठ ने 2.77 एकड़ की इस भूमि को तीनों पक्षों के बीच समान रूप से विभाजित कर दिया। यह निर्णय कुछ कानून विधि द्वारा त्रुटिपूर्ण मन गया क्योंकि यह 2.77 एकड़ की भूमि पर स्वामित्व अधिकार का विवाद था। विधि अनुसार, इस पर किसी एक ही पक्ष का अधिकार होना चाहिए था। परंतु, अप्रायोगिक भूमि विभाजन कि इस निर्णय से असंतुष्ट तीनों पक्षकार सर्वोच्च न्यायालय पहुंच गए। सर्वोच्च न्यायालय पहुंचते-पहुंचते इस विवाद में दो पक्षकार और जुड़ गए। एक रामलला स्वयं और दूसरा शिया पक्ष जो मीर बाकी के शिया होने के कारण इस इस जमीन पर अपना दावा करने लगा था।

रामलला को स्वामित्व, निर्मोही आखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावे ख़ारिज

सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वप्रथम साहसिक और तार्किक निर्णय लेते हुए निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को पूर्णता खारिज कर दिया। रामलला विराजमान को सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य पक्षकार माना। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की रिपोर्ट को रेखांकित करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी खाली स्थान पर नहीं हुआ था, इस विवादित ढांचे के नीचे एक संरचना थी जो इस्लामिक नहीं थी तथा इस बात के भी पूर्ण प्रमाण और पारदर्शी साक्ष्य उपलब्ध है कि हिंदू सदियों से इस भूमि पर पूजन करते आए हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने हिंदुओं के विश्वास की पुष्टि करते हुए यह माना की मस्जिद के आंतरिक क्षेत्र ही रामलला का जन्म स्थान है।

सर्वोच्च न्यायालय की इस संवैधानिक पीठ ने रामलला विराजमान को एक विधिक पक्षकार के रूप में स्वीकारते हुए इस भूमि पर उनके स्वामित्व को स्थापित किया। निर्मोही अखाड़े, जिसने राम के विधिक सेवक के रूप में याचिका दायर की थी, के पक्ष को यह निर्णय देते हुए निरस्त कर दिया गया कि जब पक्षकार स्वयं स्वामी हो तो ऐसे विवाद में सेवक कभी एक विधिक पक्ष नहीं हो सकता। शिया वक्फ बोर्ड के पक्ष को भी खारिज कर दिया गया। सारे सबूतों, गवाहों, साक्ष्यों, प्रमाणों, अभिलेखों, दस्तावेजों पुस्तकों, धर्म ग्रंथों और सारी विधिक प्रावधानों को समग्र रूप से ध्यान में रखते हुए इस भूमि का मालिकाना हक रामलला को सौंपा गया और इसके प्रबंधन का दायित्व राम जन्मभूमि न्यास को। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए 3 महीने के भीतर न्यास का गठन कर मंदिर के निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।

अधिवक्ताओं और न्यायधीशों के बीच रोचक तर्क-वितर्क

रामलला  विराजमान की ओर से उपस्थित अधिवक्ता के परासरन से न्यायमूर्ति एस ए बोबडे ने पूछा कि – “क्या बेथलेहेम में येसु मसीह के जन्म का मुद्दा न्यायालय के समक्ष आया है?” हिन्दू महासभा के अधिवक्ता ने जहां एक आक्रांता के स्वामित्व अधिकार को राष्ट्रपुरुष श्री राम के आगे अनुचित ठहराया तो वहीं सुन्नी वकफ़ के अधिवक्ता राजीव धवन ने न्यायालय को हिन्दू और मुस्लिम आक्रांताओं के बीच भेद न करने का तर्क दिया। सबसे आश्चर्यजनक तो ये कि शिया वकफ बोर्ड के अधिवक्ता ने तो इसपर अपना अधिकार जताते हुए कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों  के हिन्दुओं से मध्यस्थता के मार्ग को रोड़ा बता दिया। रामलल्ला विराजमान के पक्ष में जब साक्ष्य के रूप में विवादित जन्मभूमि का मानचित्र प्रस्तुत किया गया तो सुन्नी वाकफ बोर्ड के अधिवक्ता राजीव धवन ने इसे अप्रमाणिक बताते हुए फाड़ दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने न्यायालय से क्षमा भी मांगी। 

 होई  है सोई जो राम रची राखा

 को करी तरक बढ़वाहुं साखा

जो राम चाहते है, वहीं होता है। इतने वर्षों का संघर्ष शायद उन्ही की इच्छा हो। हो सकता है इस अनवरत प्रतीक्षा के परिमाण स्वरूप ही हमें इस एकमत निर्णय का प्रसाद मिला हो। इतने वर्षों का वनवास सहन कर मर्यादा पुरुषोत्तम राम शायद एक समाज के रूप में हमारे धैर्य, संस्कार, धर्म और सहिष्णुता को परिष्कृत करना चाहते हों। जो भी हो, राम की नियति राम ही जाने। आप तो बस इतना समझिए, भारत की विधि व्यवस्था ने पुनः न्याय की सर्वोच्चता को स्थापित किया। विधायिका और कार्यपालिका ने संयम, सद्भाव और राजधर्म का परिचय दिया। समाज ने व्यवस्था और आस्था के बीच समन्वय और समर्पण को बनाए रखा। दो वर्ष पूरे हुए। राष्ट्रपुरुष हेतु राष्ट्र मंदिर का निर्माण कार्य तीव्रता के साथ सतत प्रगति पर है। जाइए, श्रम करिए, अर्पण करिए, नेत्रों को तृप्त करिये। आयोध्याजी देखिए। अपने शरीर को तरुण प्राप्त करने का सौभाग्य दीजिए क्योंकि आपके जैसा सौभाग्य ऐसा स्वप्न देखनेवाले और रामकाज में प्राण देनेवाले हुतात्मा को भी प्राप्त नहीं हुआ।

और पढ़े : श्रीराम जन्मभूमि मामले में विजय के बाद अब कृष्ण जन्मभूमि का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

Tags: बाबरी मस्जिदराम मंदिरसुप्रीम कोर्ट
शेयर31ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अल्लामा मुहम्मद इक़बाल: जिसने “सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा” लिखकर भारत को बाँट दिया

अगली पोस्ट

‘जय भीम’ ने वन्नियार समुदाय को खलनायक में बदल दिया, जबकि असली अपराधी ‘एंथनी’ नामक व्यक्ति था

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

भारतीय दर्शन और संविधान
इतिहास

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

2 December 2025

भारतीय ज्ञान परंपरा में नागरिकता (Citizenship) का विचार आधुनिक “राज्य–नागरिक” (State–Citizen) ढाँचे से भले अलग रहा हो, पर इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited