TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सांसदों के निलंबन के मामले में SC ने महाराष्ट्र सरकार की लगाई क्लास

तानाशाही नहीं चलेगी! 

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
12 January 2022
in चर्चित
सांसदों के निलंबन के मामले में SC ने महाराष्ट्र सरकार की लगाई क्लास
Share on FacebookShare on X

महाराष्ट्र में काँग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की गठबंधन वाली महा विकास अघाड़ी सरकार ने 5 जुलाई, 2021 को भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया था।हाल हीं में महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र शुरू हुआ था, उस दौरान भाजपा के 12 विधायकों पर महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन सभापति भास्कर जाधव के खिलाफ कथित तौर पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर यह कार्रवाई की गई थी।

इसपर अब जस्टिस खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और रविकुमार की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा से 12 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों को 1 साल की अवधि के लिए निलंबित करना निष्कासन से भी बदतर है।

संबंधितपोस्ट

ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर विरोध और समर्थन के बीच सियासी विवाद गहराया

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से कट्टर जिहादी तक: जुबैर की गिरफ्तारी ने खोले अल-कायदा और आईएस के डिजिटल नेटवर्क के पते

और लोड करें

पीठ ने यह भी संकेत दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा के विधायकों को निलंबित करने का आदेश संविधान के अनुच्छेद 190 (4) के अनुसार असंवैधानिक है, जो यह कहता है कि “यदि किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन का कोई सदस्य साठ दिनों की अवधि के लिए, सदन की अनुमति के बिना उसकी सभी बैठकों से अनुपस्थित रहता है, तो सदन उसकी सीट को रिक्त घोषित कर सकता है। बशर्ते कि साठ दिनों की उक्त अवधि की गणना में सदन का सत्रावसान या लगातार चार दिनों से अधिक के लिए स्थगन को नहीं जोड़ा जाएगा।”

पीठ ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि इस स्थिति से बचा जा सकता था। पीठ ने राज्य के संज्ञान में लाते हुए कहा कि 12 निर्वाचन क्षेत्रों को इतनी लंबी अवधि के लिए बिना प्रतिनिधित्व के नहीं छोड़ा जा सकता है और घटकों को प्रतिनिधित्व करने का अधिकार है।  पीठ ने यह भी बताया कि अगर इस तरह के निरंकुश निलंबन को अनुमति दी जाती है, तो इससे लोकतंत्र में बहुत खतरनाक स्थिति पैदा हो जाएगी। न्यायमूर्ति खानविलकर ने टिप्पणी की- “आज यह 12 है, कल यह संख्या 120 हो सकती है।”

मामले की सुनवाई शुरू होते ही वरिष्ठ अधिवक्ता महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरा ने कहा कि अदालत के अंतिम आदेश के बाद विधायकों ने अध्यक्ष के समक्ष आवेदन किया है और उनकी विधिवत सुनवाई की गई है। सुंदरम ने आगे कोर्ट से मामले को 3 सप्ताह के लिए स्थगित करने के लिए कहा ताकि अध्यक्ष के समक्ष आवेदन  के परिणाम को न्यायालय के संज्ञान में लाया जा सके।

विधायकों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी, मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ भटनागर

इस पर आपत्ति जताते हुए विधायकों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा कि निलंबन विधानसभा द्वारा किया गया था और इसे केवल विधानसभा ही रद्द कर सकती है।  उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा का सत्र अब फरवरी के अंतिम सप्ताह से ही शुरू होने जा रहा है।

जेठमलानी ने तर्क दिया कि इस प्रस्ताव का अनुपालन किसी के भी अधिकार क्षेत्र के बिना है और निलंबन का कार्य भी बिना किसी प्रक्रिया का पालन किए किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में नैसर्गिक न्याय का भी घोर उल्लंघन किया गया है। जेठमलानी ने महाराष्ट्र विधानसभा नियमों के ‘नियम 53’ के तहत अदालत का रुख किया, जो एक स्पीकर द्वारा विधानसभा के सदस्यों के निलंबन संबंधी अधिकारक्षेत्र पर विचार करता है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन शिकायत दर्ज की गई थी उसी दिन प्रस्ताव पेश किया गया और निलंबित विधायकों को सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया था।

विधायक की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि सदन और अध्यक्ष नियमों की पुस्तक से बंधे हैं और सदन के पास कोई दंड शक्ति नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि अगर सदन को किसी को भी मनमाने तरीके निलंबित करने की शक्ति दी जाती है तो लोकतंत्र कैसे कार्य कर सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, “मान लीजिए कि सदन किसी को 5 साल के लिए प्रतिबंधित करता है तो उनकी शक्तियों की सीमाएं क्या हैं?”

एक अन्य विधायक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ भटनागर ने कहा कि निलंबन निष्कासन से भी बदतर है।  उन्होंने कहा कि निष्कासन अयोग्यता नहीं है।  जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत खाली सीट को छह महीने में भरना होता है।  हालांकि दिए गए मामले में न तो सीटें भरी गई हैं और न ही विधायक अब उन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

इस तर्क को काउंटर करते हुए महाराष्ट्र सरकार के अधिवक्ता सीए सुंदरम ने प्रस्तुत किया कि विधायिका अपने शासन के लिए बनाए गए नियमों के अनुसार कार्य कर सकती है और न्यायालय इन नियमों से विचलित होने पर विधायिका के निर्णय की समीक्षा नहीं कर सकता क्योंकि वे केवल विधायिका के संचालन हेतु प्रक्रियात्मक कानून हैं और मूल नहीं हैं।  उन्होंने प्रस्तुत किया कि जब प्रक्रियात्मक अनियमितताओं की बात आती है तो विधायिका न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं होती है।  यह संविधान के अनुच्छेद 212 के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगा।

सुंदरा ने प्रस्तुत किया कि इस तरह के आचरण के लिए विधायकों को दंडित करने की शक्ति विधायिका में निहित है।

यह शक्ति आंतरिक है। उन्होंने यह भी कहा कि सजा अत्यधिक है या नहीं, यह न्यायालय के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।  उन्होंने प्रस्तुत किया कि विधायिका द्वारा अपने लिए बनाए गए दिशानिर्देशों और अधीनस्थ विधान द्वारा बाध्य दिशानिर्देशों के बीच बहुत अंतर है।

कोर्ट का आदेश और महाराष्ट्र सरकार की हार

कोर्ट ने इस बिंदु पर सवाल किया- “विधकों के निष्कासन की इस विधायी प्रक्रिया का नतीजा यह है कि यह शासन को प्रभावित करने वाला है।  यह एक मजबूर और अनावश्यक अनुपस्थिति है। अनुच्छेद 190 (4) कब लागू होगा?  क्या हम अनुच्छेद 190(4) से ऊपर की सजा दे सकते हैं? कोर्ट ने आगे कहा कि एक विधायक के निलंबन का प्रश्न मूल कानून का विषय है, प्रक्रियात्मक कानून का नहीं।”

न्यायमूर्ति खानविलकर ने टिप्पणी की, “मौजूदा मामले के तथ्यों के सुनते हुए हम कहेंगे कि बहुत हो गया।  हमें केवल एक ही मुद्दे से निपटना होगा और वह है 6 महीने पहले उन खाली सीटों को भरने का मुद्दा। हम इसे केवल 2 पृष्ठ के आदेश के साथ निपटा देंगे।  हम श्री भटनागर के इस तर्क को स्वीकार करेंगे कि निलंबन निष्कासन से भी बदतर है।”

हालांकि, समय की कमी के कारण इस मामले को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

किसने दायर की हैं याचिकाएं?

ये याचिकाएं बीजेपी के 12 विधायकों- संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, अतुल भटकलकर, पराग अलावनी, हरीश पिंपले, राम सतपुते, विजय कुमार रावल, योगेश सागर, नारायण कुचे और कीर्तिकुमार बांगड़िया के निलंबन को चुनौती देते हुए दायर की गई हैं। इस याचिका में कहा गया है कि महाराष्ट्र विधान परिषद नियम के नियम 59 के तहत अध्यक्ष के पास अभद्र व्यवहार के आधार पर सदस्यों को निलंबित करने का एकमात्र अधिकार है जबकि इस मामले में, निलंबन विधानसभा के एक प्रस्ताव के बाद हुआ है।

सुनवाई की अंतिम तिथि पर न्यायालय ने 11 जनवरी, 2022 को एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया था कि “मामले के लंबित रहने से पक्षकारों द्वारा सदन का रुख नहीं किया जाएगा, और सदन इसे ध्यान में रख सकता है।”

न्यायालय का यह आदेश महाविकास अघाड़ी  सरकार की हार है क्योंकि इन 12 विधायकों का निलंबन महाराष्ट्र विधान सभा में प्रस्ताव पेश करके किया गया था। इसके साथ साथ ही ये सदन के विधायी  शक्ति के निरंकुशता पर भी लगाम लगता है। और अंत में सबसे बड़ी बात- एक विधायक के निलंबन का प्रश्न मूल कानून का विषय है, प्रक्रियात्मक कानून का नहीं।”

Tags: महाराष्ट्रमहाराष्ट्र सरकारमहाविकास अघाड़ीसर्वोच्च न्यायालय
शेयर21ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हरीश रावत करेंगे कांग्रेस से बगावत या बनेंगे बलि का बकरा?

अगली पोस्ट

“मुझको मोदी जी माफ करना”, खालिस्तानी गेमर आया घुटनों पर

संबंधित पोस्ट

12 साल की बच्ची की मौत के बाद उठा बड़ा सवाल
चर्चित

12 साल की बच्ची की मौत के बाद उठा बड़ा सवाल: क्या सोशल मीडिया के एल्गोरिद्म भी जिम्मेदार हैं?

19 June 2026

12 साल की एक बच्ची ने आत्महत्या कर ली। उसके माता-पिता का कहना है कि मौत से पहले कई महीनों तक वह सोशल मीडिया पर...

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई
क्राइम

मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: कांगपोकपी-चुराचांदपुर में 30 बंकर ध्वस्त, भारी मात्रा में हथियार बरामद

18 June 2026

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हिंसा प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और क्षेत्र में नियंत्रण अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में...

उद्धव ठाकरे ने अपने सभी नौ लोकसभा सांसदों को दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है
चर्चित

उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की इमरजेंसी बैठक, शिवसेना (UBT) में फिर टूट की अटकलें तेज

18 June 2026

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने आज अपने सभी सांसदों की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited