TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जानें क्यों है भारतीय संविधान के अनुच्छेद-29 और 30 में संशोधन की आवश्यकता?

मोदी सरकार को करना चाहिए विचार!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
10 February 2022
in समीक्षा
संविधान का भारतीयकरण

Source- Google

Share on FacebookShare on X

हमें बार-बार कहा जाता है कि कानून के सामने सभी भारतीय समान हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताया गया कि कैसे कुछ कानून बहुसंख्यक समुदाय पर असमान रूप से लागू होते हैं और हिंदुओ के साथ भेदभाव का कारण बनते है। शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन का अधिकार एक ऐसा ही उदाहरण है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझेंगे कि कैसे संविधान के अनुच्छेद-29 और 30 के माध्यम से भारत के बहुसंख्यक समुदाय को खोखला करने का प्रयास जारी है! दरअसल, संविधान के अनुच्छेद 30 (1) में कहा गया है, “सभी अल्पसंख्यकों (चाहे किसी भी धर्म या भाषा पर आधारित हो) को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना और प्रशासन करने का अधिकार होगा”।

अनुच्छेद-30 की पृष्ठभूमि क्या है?

डॉ के एम मुंशी द्वारा तैयार किए गए भारतीय संविधान के प्रारंभिक प्रारूप संस्करणों में सभी समुदायों के लिए स्पष्ट और समान, शैक्षिक अधिकारों का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, जब इस खंड को संविधान सभा की अल्पसंख्यक उप-समिति के पास भेजा गया, तो जो सामने आया वह बहुत अलग संस्करण था। उसमें बताया गया कि सभी अल्पसंख्यक चाहे वे किसी धर्म, समुदाय या भाषा के हो, किसी भी इकाई में अपनी पसंद के शिक्षण संस्थानों को स्थापित करने और संचालित करने के लिए स्वतंत्र होंगे। जिसके बाद पहला सवाल निकलकर सामने यह आता है कि आखिर धार्मिक अल्पसंख्यक हैं कौन? भारतीय संविधान ‘अल्पसंख्यक’ शब्द को परिभाषित नहीं करता है!

संबंधितपोस्ट

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

और लोड करें

वर्ष 1950 में धार्मिक अल्पसंख्यक का मतलब मुस्लिम, ईसाई और पारसी थे। आज इसमें सिख, बौद्ध और जैन शामिल हैं। संविधान उस जनसंख्या प्रतिशत को निर्दिष्ट नहीं करता है, जिसके आगे एक समुदाय अल्पसंख्यक होना बंद कर देता है। यह बेतुका है इसका मतलब यह है कि 500 ​​मिलियन पर भी, मुसलमानों को अल्पसंख्यक ही माना जाएगा, क्योंकि उनकी आबादी हिंदुओं की तुलना में कम है।

परिभाषा की इस कमी के कारण विचित्र स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। पंजाब में, सिखों की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन अनुच्छेद-30 के प्रयोजनों के लिए उन्हें अल्पसंख्यक माना जाता है, क्योंकि अखिल भारतीय आधार पर उनकी आबादी हिंदुओं की तुलना में कम है। ठीक ऐसा ही पूर्ववर्ती जम्मू और कश्मीर राज्य के मुसलमानों या मेघालय या नागालैंड के ईसाइयों के लिए भी है।

और पढ़ें: ईश-निंदा कानून में है बदलाव की ज़रूरत और “सर कलम” की मांग करने वालो को मिलना चाहिए दंड

ईसाई और इस्लामी अल्पसंख्यकों को मिला अनुपातहीन लाभ

‘केरल शिक्षा विधेयक’ के एक फैसले के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 1958 में यह बहुत स्पष्ट कर दिया था कि अनुच्छेद 30 (1) अल्पसंख्यकों को “किसी भी तरह की संस्था” खोलने और चलाने की अनुमति देता है। ऐसे संस्थानों में पढ़ाए जाने वाले विषयों पर कोई सीमा नहीं है और एक विशेष धर्म या भाषा को पढ़ाया जा सकता है या नहीं पढ़ाया जा सकता है। ध्यान देने वाली बात है कि ऐसे फैसले और संवैधानिक प्रावधान ही बच्चों के ब्रेनवाश और राष्ट्रविरोधी पाठ्यक्रमों की जड़ बनते हैं। आप खुद सोचिए, क्या यह फैसला बहुसंख्यक समुदाय को नुकसान में नहीं डालता है?

‘अहमदाबाद सेंट जेवियर्स कॉलेज…’ मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यकों को शिक्षा के मामले में विशेषाधिकार दिए। विशेष अधिकारों के होते हुए भी, अल्पसंख्यक संस्थान उसी तरह पढ़ाते हैं और उन्हीं उपकरणों का उपयोग करके मूल्यांकन करते हैं। इस प्रावधान ने ईसाई और इस्लामी अल्पसंख्यकों को शिक्षा के क्षेत्र में अनुपातहीन लाभ दिया है। सबसे पहले, उन्हें अंग्रेजों द्वारा स्थापित स्कूलों का प्रबंधन विरासत में मिला। दूसरा, उन्हें अनुच्छेद-30 के तहत स्वतंत्रता मिलती है। तीसरा, संविधान लिखने वालों ने बहुराष्ट्रीय चर्च-आधारित संगठनों से बड़ी धनराशि की कल्पना नहीं की थी।

उदाहरण के लिए, वर्ष 1976 में डॉ ए एफ पिंटो द्वारा स्थापित रेयान इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के आज भारत और विदेशों में 130 से अधिक संस्थान हैं। एक वैश्विक चर्च नेटवर्क का हिस्सा होने के कारण ईसाई स्कूल विदेशी दान प्राप्त करते हैं। उदाहरण के लिए, तिरुनेलवेली डायोक्सीन ट्रस्ट एसोसिएशन को वर्ष 2015-16 में 3.72 करोड़ रुपये और वारंगल कैथोलिक डायोसिस को वर्ष 2016-17 में 2.89 करोड़ रुपये विदेशी फंड मिले। क्या संविधान का मसौदा तैयार करने और इसकी व्याख्या करने वालों ने कल्पना की थी कि अनुच्छेद-30 का इस्तेमाल अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा एक बड़ा व्यवसाय स्थापित करने और स्कूलों की स्थापना के लिए बहुराष्ट्रीय चर्च संगठनों से विदेशी धन प्राप्त करने के लिए किया जाएगा?

और पढ़ें: धर्मांतरण के लिए मजबूर लावण्या ने की आत्महत्या अब उसके परिवार पर तमिलनाडु की मीडिया कर रही है हमला

धर्म परिवर्तन का गढ़ बन रहे हैं अल्पसंख्यक स्कूल

सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर 2019 के अपने आदेश में कहा था कि “निजामाबाद के न्यू कॉलेज ऑफ एजुकेशन में 200 में से 67, रायलसीमा कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कुरनूल आदि में 136 में से 90 छात्रों को बैपटिज्म सर्टिफिकेट के आधार पर भर्ती कराया गया था। इनमें से ज्यादातर मामलों में, उम्मीदवारों ने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की तारीख के बाद खुद को ईसाई घोषित कर दिया।”

वहीं, इंफोसिस के पूर्व निदेशक टीवी मोहनदास पई ने इकोनॉमिक टाइम्स में लिखा था कि “दो घरेलू नौकरानियों ने कहा कि जिस स्कूल में उनके बच्चे गए थे, उन्होंने फीस बढ़ा दी थी और भुगतान करने में असमर्थता के कारण उन्हें कहा गया था कि अगर वे परिवर्तित हो गए तो वे इसे माफ कर देंगे।” ऐसे में ये प्रावधान लावण्या जैसे जघन्य मामलों को अंजाम देने का कारण भी बनते हैं। ये तो केवल कुछ ही उदाहरण हैं!

हिंदुओं में संस्था निर्माण की कमी

दूसरी ओर धीरे-धीरे और लगातार, हिंदुओं में संस्था निर्माण धीमा हो रहा है। संस्थानों के बिना, हिंदू समाज सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शैक्षणिक रूप से कमजोर होता जा रहा है। इसके अलावा अत्यधिक सरकारी नियंत्रण के कारण कई संस्थाएं हिंदू कहलाए जाने का विरोध करती हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि रामकृष्ण मिशन जैसी सम्मानित संस्था ने 1980 के दशक में अदालतों में याचिका दायर करते हुए कहा कि वे हिंदू नहीं हैं।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एस राधाकृष्णन ने ‘रिकवरी ऑफ फेथ’, पृष्ठ 184 में लिखा है, जब भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राज्य कहा जाता है, तो हम मानते हैं कि किसी एक धर्म को अधिमान्य दर्जा नहीं दिया जाना चाहिए। आज बहुसंख्यक समुदाय के धर्म को छोड़कर सभी को अधिमान्य दर्जा दिया जाता है। इसलिए, अनुच्छेद 30 में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए और भारतीय समाज के सभी वर्गों को शैक्षणिक संस्थान चलाने के लिए समान अधिकार प्रदान किए जाने चाहिए।

और पढ़ें: ‘Crypto Christians को अनदेखा न करें’, मद्रास HC ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ उठाई आवाज

इसमें संशोधन जरुरी है!

आइए आशा करते हैं कि निकट भविष्य में हमारे संविधान का अनुच्छेद 30(1) इस प्रकार पढ़ा जाएगा- सभी नागरिकों को अपनी पसंद के शिक्षण संस्थान स्थापित करने और संचालित करने का अधिकार होगा। अल्पसंख्यक अधिकारों की बात करने वालों को मुदगल बनाम भारत संघ (1995 SC 1531), पैरा 35 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़ना चाहिए, जिसमें कहा गया था, जो लोग विभाजन के बाद भारत में रहना पसंद करते थे, वे पूरी तरह से जानते थे कि भारतीय नेता दो-राष्ट्र या तीन-राष्ट्र सिद्धांत में विश्वास नहीं करते थे और भारतीय गणराज्य में केवल एक राष्ट्र होना चाहिए – भारतीय राष्ट्र और कोई भी समुदाय धर्म के आधार पर एक अलग इकाई बने रहने का दावा नहीं कर सकता था। क्या दुनिया में कोई ऐसा देश है जहां बहुसंख्यक समुदाय के साथ इस तरह का भेदभाव किया जाता है?

क्या अनुच्छेद-30 का उद्देश्य अल्पसंख्यक संस्थानों को शैक्षिक साम्राज्य स्थापित करने और धर्मांतरण का समर्थन करने का बेलगाम अधिकार देना था? जब हिंदू स्कूलों को शिक्षा में इतनी कम स्वतंत्रता दी जाती है, तो क्या शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित नहीं होगी? क्या अनुच्छेद- 30 ने भारत के बजाय भारत के बाहर भारतीय धर्मों का गंभीर अध्ययन नहीं किया है? भारतीय शैक्षिक क्षेत्र बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक संस्थानों में विभाजित हैं, एक अत्यधिक नियंत्रण के अधीन है और दूसरा न्यूनतम सरकारी नियंत्रण के अधीन है।

Tags: अल्पसंख्यकधर्म परिवर्तनसंविधान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिजाब विवाद के असली दोषी आये सामने

अगली पोस्ट

क्या हिजाब वास्तव में मुक्तिदायक है?

संबंधित पोस्ट

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!
चर्चित

CJP पर बड़ा खुलासा: क्या केजरीवाल की पार्टी चला रही है कॉकरोच जनता पार्टी? पूर्व IAS ने खोला मोर्चा!

22 May 2026

पिछले कुछ दिनों से भारतीय सोशल मीडिया स्पेस, खासकर इंस्टाग्राम पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नामक एक डिजिटल अभियान ने तहलका मचा रखा है। मीम्स,...

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?
चर्चित

गवर्नर ने मांगा समर्थन का सबूत: क्या तमिलनाडु में विजय के साथ हो रहा है अन्याय?

7 May 2026

तमिलनाडु की राजनीति आज एक ऐसे चौराहे पर खड़ी है जहाँ लोकतंत्र की परिभाषा और राज्यपाल के अधिकारों के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।...

Modi in BJP Head Office
चर्चित

आखिर कैसे आए ये चुनाव परिणाम ?

6 May 2026

पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर कोई एक सुसंबद्ध टिप्पणी संपूर्ण स्थितियों का विश्लेषण नहीं कर सकता। सारे राज्यों के राजनीतिक समीकरण और स्थानीय मुद्दे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited