TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया धन्यवाद

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेशवासियों को किया नमन

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी

    मानवता की मिसाल बने भगत सिंह कोश्यारी, नेत्रदान-अंगदान और देहदान का लिया संकल्प

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा स्थापित आज़ाद हिंद फौज के पदक, जो वीरता और बलिदान के प्रतीक हैं

    राज से परे वीरता: नेताजी की ‘आजाद हिंद फौज’ के साहस को सम्मानित करने वाले पदक

    उत्तराखंड में वर्दी खरीद घोटाले पर बड़ी कार्रवाई

    वर्दी खरीद घोटाला: मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर होमगार्ड्स निदेशक निलंबित

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नवाजुद्दीन, आप ही एकमात्र एक्टर नहीं हैं तो कृपया एक्टिंग करना बंद कीजिए

इनके दोहरे मापदंडों को पहचान चुकी है दुनिया!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
28 April 2022
in चलचित्र
navajjudin

Source- Google

Share on FacebookShare on X

“आप हिंदी में फिल्म बना रहे हो, लेकिन डायरेक्टर भी, असिस्टेंट भी, सारे इंग्लिश में बात कर रहे हैं। जब सारे अंग्रेजी में बात करते हैं तो इससे आर्टिस्ट की परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। आधी बात समझ आती है और आधी नहीं समझ में आती है। साउथ इंडस्ट्री में सब अपनी भाषा में बात करते हैं, गर्व महसूस करते हैं। तमिल फिल्म बन रही है तो सभी लोग तमिल में बात करेंगे। कन्नड़ फिल्म बन रही है तो सभी लोग कन्नड़ में बात करेंगे… तो एक माहौल बन जाता है। सबको सबकी बातें समझ आती हैं। इससे माहौल बनता है और कुछ अच्छा ही क्रिएट होता है। तभी साउथ की फिल्में हिट होती है। हमारे यहां ऐसा नहीं होता है।”

ये शब्द हैं चर्चित अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के, जो बॉलीवुड के प्रतिदिन गिरते स्तर से काफी व्यथित दिखाई पड़ते हैं। लेकिन ये जो व्यक्ति है इन्होंने कभी ये भी कहा था कि “कौन हैं ये लोग? मैं उन्हीं की आलोचना सही मानता हूं जो मेरे स्टैंडर्ड के हैं। आज तो कोई भी आलोचना करने सामने आ जाता है? हां, पता है शो थोड़ा ऊबाऊ हो गया, परंतु जो लोग आलोचना कर रहे हैं, उन्हें क्या सिनेमा की समझ भी है? मैं तभी आलोचना सह सकता हूं जब आलोचक को सिनेमा पर मेरे बराबर या मुझसे ज़्यादा ज्ञान हो। मैं किसी ‘ऐरे गैरे नथु खैरे’ को नहीं सुनूंगा। अब आज किसी ने भी आलोचना की, तो वो समझ ले कि मैं एक ट्रेन्ड एक्टर हूँ। मैं किसी की आलोचना नहीं सह सकता”

संबंधितपोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

वैष्णो देवी मंदिर के पास रशियन छोरी संग शराब पी रहा था ‘बॉलीवुड का लाल’ ओरी, पुलिस ने दिए गिरफ्तारी के आदेश

और लोड करें

और पढ़ें: RSS के सम्मेलन में दिखे हर क्षेत्र से जुड़े लोग, नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी हुए शामिल

आइए इस लेख के द्वारा समझने का प्रयास करते हैं नवाजुद्दीन सिद्दीकी को और साथ ही यह भी जानेंगे कि कैसे वह अपने डूबते हुए करियर को बचाने के लिए अब बॉलीवुड को ‘आईना दिखाने’ का ढोंग करने लगे हैं। हाल ही में India Economic Conclave के एक विशेष सत्र में जनता को संबोधित करते हुए नवाजुद्दीन भारतीय फिल्म उद्योग में हो रहे बदलावों और बॉलीवुड के वर्तमान ‘पतन’ के विषय पर जनता से बातचीत कर रहे थे। बॉलीवुड को अनेक मोर्चों पर कथित तौर पर धोते हुए नवाजुद्दीन ने एलीट मानसिकता से ग्रसित और रूढ़िवादी होने का आरोप लगाया।

नवाजुद्दीन के अनुसार, “हमारे यहां हर कोई अपनी खीर बना रहा होता है और एक्टर चुपचाप खड़ा रहता है। जो अच्छा एक्टर है, थिएटर का एक्टर है, उसे कुछ समझ नहीं आ रहा, क्योंकि वो अंग्रेजी नहीं जानता। वो इधर-उधर देखता है, उसी के किरदार के बारे में बात कर रहे होते हैं, लेकिन उसे ही समझ नहीं आता”। यह वही नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं, जो एक समय पर अपनी आलोचना तक सुनने को तैयार नहीं थे, क्योंकि अपने दृष्टि में वे एक ‘सुपरस्टार’ बन चुके थे।

और पढ़ें: नवाजुद्दीन ने OTT जगत को कहा अलविदा, कहा- स्टार सिस्टम अब इसे भी लील रहा

2019 में पिंकविला को दिये अपने साक्षात्कार में उन्होंने ‘सेक्रेड गेम्स’ के दूसरे सीजन के प्रति जनता की प्रतिक्रिया पर अपने विचार साझा किए। उनके अनुसार, “कौन हैं ये लोग? मैं उन्ही की आलोचना सही मानता हूँ जो मेरे स्टैंडर्ड के हैं। आज तो कोई भी आलोचना करने सामने आ जाता है? हाँ, पता है शो थोड़ा ऊबाऊ हो गया, परंतु जो लोग आलोचना कर रहे हैं, उन्हें क्या सिनेमा की समझ भी है? मैं तभी आलोचना सह सकता हूँ जब आलोचक को सिनेमा पर मेरे बराबर या मुझसे ज़्यादा ज्ञान हो। मैं किसी ‘ऐरे गैरे नथु खैरे’ को नहीं सुनूंगा। अब आज किसी ने भी आलोचना की, तो वो समझ ले कि मैं एक ट्रेन्ड एक्टर हूँ। मैं किसी की आलोचना नहीं सह सकता”।

वास्तविकता तो यह है कि नवाजुद्दीन एक बहुत ही उत्कृष्ट अभिनेता नहीं रहे हैं, लेकिन मीडिया ने निरंतर इनके बारे में हवा बनाए रखी। एक समय OTT के क्षेत्र पर इनका एकाधिकार था, परंतु धीरे धीरे वह वर्चस्व भी खत्म हो गया, और अन्य कलाकारों ने भी अपनी पहचान स्थापित करनी प्रारंभ कर दी। इसका एक प्रमाण नवाजुद्दीन के ही एक बयान में दिखा, जब इन्होंने बताया, अब ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म निरर्थक और अनुपयोगी शो के लिए कूड़ाघर समान है। या तो यहाँ पर वो शो आएंगे जिन्हे यहाँ होना ही नहीं चाहिए, नही तो उनके वो सीक्वेल आएंगे जिनका कोई सर पैर नहीं है!”

नवाज को डर है कि उनकी जगह ए-लिस्टर्स न ले

परंतु नवाजुद्दीन सिद्दीकी यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने आगे बताया, “जब मैंने नेटफ्लिक्स पर सेक्रेड गेम्स किया था, तब एक उत्साह था, एक उमंग थी डिजिटल मीडियम पर। अब तो यह बड़े प्रोडक्शन हाउस के लिए धंधा बन गया है, और उन अभिनेताओं के लिए भी, जो अपने आप को इस मंच के कथित स्टार्स समझने लगे हैं! क्वान्टिटी ने फिर से क्वालिटी की हत्या की है। ये स्टार सिस्टम बड़े परदे को खा गया और आज ओटीटी पर हमारे पास कथित स्टार्स हैं जो बड़े बड़े फिल्मस्टार्स की भांति ताने देते हैं, नखरे दिखाते हैं। वो भूल गए हैं कि अब कॉन्टेन्ट ही सर्वशक्तिमान है। वो ज़माना चला गया जब स्टार्स का एकछत्र राज हुआ करता था!”

और पढ़ें: मैं किसी ‘ऐरे गैरे नथु खैरे’ को नहीं सुनूंगा, कभी विनम्र नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी अब एक घमंडी स्टार बन गये हैं

ऐसे में आज अगर नवाजुद्दीन बॉलीवुड को नैतिकता का पाठ पढ़ा रहे हैं, तो इसके पीछे उनका कोई निजी हित या बॉलीवुड की भलाई नहीं, अपितु अपने अस्तित्व को बचाने का एक असफल प्रयास है, क्योंकि नवाजुद्दीन भी भली भांति जानते हैं कि अब वो दिन गए जब वही OTT के सर्वशक्तिशाली इकलौते भगवान थे। समय बदल रहा है, और जनता भी। या तो नवाजुद्दीन अपनी सोच बदले, अन्यथा जनता के पास विकल्पों की कोई कमी नही, क्योंकि नवाजुद्दीन भारत में एकमात्र एक्टर नहीं।

 

Tags: नवाजुद्दीन सिद्दीकीबॉलीवुड
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

CM योगी ने मंत्रियों और नौकरशाहों को अपनी सम्पत्ति सार्वजनिक करने का दिया निर्देश

अगली पोस्ट

कैसे डोलो कालपोल और क्रोसिन को कुचलकर सबसे पसंदीदा पैरासिटामोल टैबलेट बन गई

संबंधित पोस्ट

आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त
चर्चित

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

15 January 2026

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयाब जैसे संगठन से संबंधित जुड़े 5 सरकारी  कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।...

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited