TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जनरल नरवणे के अतिरिक्त तीन और हैं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के लिए दावेदार

कौन होगा दिवंगत प्रथम सीडीएस बिपिन रावत का उत्तराधिकारी?

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
29 April 2022
in चर्चित, रक्षा
अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ

source TFIPOST

Share on FacebookShare on X

भारत आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए बेहद संवेदनशील और सतर्क रहता है। तीन सेनाओं को साझा रूप से संचालित करने के क्रम में भारत में 2019 में चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ का पद अस्तित्व में आया था। सीडीएस पद के लिए योग्यता को राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने के लिए दो डोमेन में विकल्पों की एक विस्तृत श्रृंखला से चयन करने के लिए आकार दिया गया है- सेवारत और सेवानिवृत्त। दिवंगत प्रथम सीडीएस बिपिन रावत के निधन के पश्चात कई अटकलें लगाई गईं कि ये बनेंगे अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ वो बनेंगे अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ।

नरवणे के अतिरिक्त तीन और संभावित नाम

अब जनरल नरवणे के अतिरिक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के दायित्व के लिए तीन और संभावित नाम सामने दिखाई देते हैं। पिछले वर्ष दिसंबर माह में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के हुए निधन ने उनके संभावित उत्तराधिकारी के बारे में अटकलों को तेज कर दिया था। लेकिन चार महीने बाद भी, सरकार द्वारा अभी तक एक नाम की घोषणा नहीं की गई है।

संबंधितपोस्ट

विकसित भारत के लिए होना होगा शस्त्र-संपन्न, सुरक्षित और आत्मनिर्भर : CDS अनिल चौहान

पारंपरिक रक्षा प्रणाली से स्मार्ट युद्ध की ओर बढ़ने का प्रतीक था ऑपरेशन सिंदूर, जानें और क्या बोले सीडीएस अनिल चौहान

साइबर जिहाद, पाक के लिए जासूसी और आतंकियों की मदद; कैसे देश को खोखला कर रहे ‘इस्लामिक कट्टरपंथी’?

और लोड करें

बता दें, अप्रैल माह के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले थलसेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे को इस पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। साउथ ब्लॉक के गलियारों में उनके सीडीएस बनने या न बनने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। 2019 में यह व्यापक रूप से उम्मीद की जा रही थी कि जनरल रावत पहले सीडीएस बनेंगे। लेकिन यह घोषणा सेना प्रमुख के रूप में सेवानिवृत्त होने से ठीक एक दिन पहले हुई।

और पढ़ें-  बैरल पर बड़े बिल बोझ नहीं हो सकते, जनरल एमएम नरवणे ने ये स्पष्ट कर दिया है

निश्चित रूप से जनरल बिपिन रावत ने देश के रक्षा बलों के आधुनिकीकरण और उन्हें युद्ध के लिए तैयार रखने में भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एकीकृत युद्ध समूह, रंगमंच और ग्रे-ज़ोन युद्ध की तैयारी, जनरल रावत सशस्त्र बलों की संरचना और कामकाज में सभी आवश्यक सुधार करने में कामयाब रहे। इसलिए उनके असमय जाने से जो पीछे रिक्तता छूट गई है उसे भरना मुश्किल है। इसलिए, जो कोई भी जनरल रावत की जगह लेगा, उसके पास वास्तव में एक बड़ा भार होगा जिसको कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाना ही पड़ेगा।

जिस व्यक्ति के नाम पर सबसे पहली सहमति बनती दिख रही है वो और कोई नहीं भावी सीडीएस के रूप में एक सेना प्रमुख की नियुक्ति के बारे में देश के रक्षा बलों के बीच व्यापक सहमति है। यह नाम है जनरल एमएम नरवणे जो अन्य सभी सेवारत और सेवानिवृत्त सेवा प्रमुखों से आगे चल रहे हैं जिन्हें अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।

इसके अलावा, उन्हें चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी (अध्यक्ष, सीओएससी) के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। सरकार द्वारा अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति से पहले यह एक स्टॉप-गैप व्यवस्था थी और यह तीनों सेना प्रमुखों के बीच अपनी वरिष्ठता का संकेत देकर सीडीएस के रूप में जनरल नरवणे की भविष्य की नियुक्ति की ओर एक संकेत प्रतीत होता था।

और पढ़ें- भारत के अगले सैन्य प्रमुख में वो सब है जिससे चीन और पाकिस्तान त्राहिमाम कर उठे

जनरल नरवणे से वरिष्ठ कोई नहीं

सेना के भीतर भी जाहिर तौर पर जनरल नरवणे से वरिष्ठ कोई नहीं है। तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वरिष्ठता के आधार पर उन्हें सेना प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया था। अगर सरकार को वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के मौजूदा पूल में से चुनना है, तो जनरल नरवणे सबसे स्वाभाविक पसंद हैं।

जनरल नरवणे के जनरल रावत के स्वाभाविक उत्तराधिकारी होने के सभी संकेतों के बावजूद, कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं जो अन्य बदलावों के भी संकेत देती हैं। कथित तौर पर इस बात की अटकलें तेज हो गईं कि उन्हें सीडीएस के पद पर पदोन्नत किया जाएगा या नहीं।

हालांकि, इस बारे में अधिक भौतिक कारण हैं कि हम अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के बारे में अनजान क्यों हैं। सीडीएस का चुनाव विशुद्ध रूप से सरकारी विवेक का मामला है। सेना कमांडर के रैंक के समकक्ष कोई भी सैन्य अधिकारी या सशस्त्र बलों के ध्वज अधिकारी सीडीएस के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र हैं। इसके अलावा, एक सीडीएस की नियुक्ति एक सेवा प्रमुख की नियुक्ति से काफी अलग है। सीडीएस एक सैन्य अधिकारी है, लेकिन ये एक नौकरशाह के रूप में भी कार्य करता है और देश के राजनीतिक नेतृत्व के साथ समन्वय के लिए भी जिम्मेदार होता है।

और पढ़ें- CDS Gen बिपिन रावत का बेबाक अंदाज़, कश्मीर, सेना, पत्थरबाज़, चीन-पाकिस्तान सब पर खुलकर रखी राय

इसलिए, जब सीडीएस चुनने की बात आती है तो सरकार उत्तराधिकार की रेखा से बाध्य नहीं होती है और किसी भी योग्य अधिकारी को अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त कर सकती है।

ऐसे में अटकलों में कम से कम दो उम्मीदवार ऐसे हैं जो इस शीर्ष पद के लिए नरवणे के अतिरिक्त दावेदार हो सकते हैं। पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस. भदौरिया उन उम्मीदवारों में से एक हैं। पूर्व में, जब एकीकृत थिएटर कमांड के निर्माण की बात आई तो सैन्य बलों के तीन अलग-अलग विंगों के बीच मतभेदों को दूर करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था।

इसी तरह पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह भी शीर्ष पद के दावेदार हो सकते हैं। पूर्व नौसेना प्रमुख के पक्ष में मई 2019 से नवंबर 2021 तक एक प्रमुख के रूप में उनकी दीर्घकालिक सेवा है। उनका अनुभव शीर्ष स्तर पर काम आ सकता है। इसलिए, अगला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कौन होगा, यह सवाल बहुत ही अनिर्णीत बना हुआ है। फिर भी, भारतीय सेना प्रमुख के रूप में जनरल नरवणे की सेवानिवृत्ति के करीब आने के साथ ही इस मुद्दे को जल्द ही साफ कर दिया जाना चाहिए। जो कोई भी दूसरे सीडीएस के रूप में पदभार ग्रहण करता है, यह निर्विवाद है कि जनरल रावत के उत्तराधिकारी के पास भरने के लिए एक बड़ा खालीपन होगा।

Tags: इंडियन आर्मीजनरल एमएम नरवणेबिपिन रावतसीडीएस
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चटगांव पोर्ट का एक्सेस देकर भारत और बांग्लादेश ने किया ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ का सर्वनाश

अगली पोस्ट

भारत विरोधी सरकारी बाबुओं के लिए एंटीडोट के समान है मिशन कर्मयोगी

संबंधित पोस्ट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो
क्रिकेट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो

21 January 2026

तेवर दिखा रहे बांग्लादेश को एक बार फिर BCCI ने उसकी हैसियत दिखा दी है, लेकिन इस बार ICC के ज़रिए। दरअसल ICC ने बांग्लादेश...

सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है
भारत

पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

21 January 2026

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के इतिहास में पहली बार, 26 वर्षीय असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला 76वें गणतंत्र दिवस पर एक सर्व-पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व...

पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।
चर्चित

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

17 January 2026

पीेएम मोदी ने शनिवार को एक सभा  को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी का भरोसा तेजी से बीजेपी के विकास मॉडल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited