TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

परवीन, जिया, रिया और सुशांत: महेश भट्ट का स्याह जीवन

इस आदमी का नाम लेते ही शर्म आने लगती है!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
20 September 2022
in चलचित्र
महेश भट्ट

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

“शीशे में उतारना चाहा जिन्होंने भी वक्त को, आफताब गवाह है कि वो सब रेत हो गए”

“हार गया जब वो खुद को तलाशकर, तब जाके निकला वो मुखौटा उतारकर”

संबंधितपोस्ट

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

सलमान से शाहरुख तक, ऑपरेशन सिंदूर पर क्यों खामोश रहे ‘रील हीरोज़’?

वैष्णो देवी मंदिर के पास रशियन छोरी संग शराब पी रहा था ‘बॉलीवुड का लाल’ ओरी, पुलिस ने दिए गिरफ्तारी के आदेश

और लोड करें

ऐसी शायरी निकालकर आपको लगेगा, वाह क्या सोच, क्या विचार, क्या दृष्टिकोण है, ऐसे रत्न कैसे छिपे थे हमसे? परंतु हर चमकती चीज सोना नहीं होती। आज जो हिन्दुस्तानी सिनेमा, जिसे कुछ लोग बॉलीवुड भी कहते हैं, उपहास और अपमान का केंद्र बना हुआ है, उसके पीछे दो प्रमुख कारण है। एक है सलीम जावेद की जोड़ी और दूसरा है एक व्यक्ति, जो योग्य और प्रतिभावान तो था परंतु अपनी ही शक्तियों का दुरुपयोग कर वो फिल्म उद्योग के विनाश का प्रतीक चिन्ह बन गया। इस लेख में हम विस्तार से महेश नानाभाई भट्ट की कहानी जानेंगे, जो कभी एक उत्कृष्ट रचनाकार थे परंतु धीरे धीरे एक औसत फिल्मकार में परिवर्तित हुए और फिर विवाद एवं कलंक इनका दूसरा नाम ही बन गया।

जख्म कभी देखी हैं। अरे वो मूवी, जिसके लिए अजय देवगन को उनका प्रथम राष्ट्रीय पुरस्कार मिला और जिसपर बाद में स्टार प्लस पर एक सीरियल ‘नामकरण’ भी बनकर आई? आप सोच रहे होंगे कि इसका महेश भट्ट से क्या वास्ता? चलिए उसकी कथा पर ध्यान देते हैं? एक महिला को कुछ दंगाई जला देते हैं और उसका बेटा अपनी मां को न्याय दिलाने के बजाए अपने ही धर्म को उल्टा सीधा सुनाने और धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढ़ाने में जुट जाता है। जख्म फिल्म की यही कथा है।

1948 में नानाभाई भट्ट और शीरीन मोहम्मद अली के यहां जन्मे महेश भट्ट एक सम्पन्न परिवार से थे। इनके पिता नानाभाई भट्ट स्वयं एक सफल निर्माता एवं निर्देशक थे, जिनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कभी धूम मचाती थी। महेश भट्ट ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा माटुंगा के डॉन बॉस्को हाई स्कूल से पूरी की, जो दिल्ली के सेंट कोलंबस से कम समृद्ध नहीं था।

और पढ़ें: पेश है बॉलीवुड की प्रथम 300 करोड़ी फ्लॉप – ब्रह्मास्त्र

परवीन बॉबी और पूजा भट्ट विवाद

महेश भट्ट अपने पिता की भांति फिल्ममेकिंग की लाइन में घुसना चाहते थे। उन्होंने “मंज़िलें और भी हैं” से 1974 में पदार्पण किया। वो ऐसे ही प्रयोग करते रहे परंतु उनके भाग्य बदले दो फिल्मों से – अर्थ और सारांश। ये दोनों ही फिल्में 1982 और 1984 में आई। इसने काफी प्रसिद्धि बटोरी और इसने कई अद्वितीय कलाकार भी दिए। फिर 1986 में संजय दत्त अभिनीत ‘नाम’ ने महेश भट्ट को प्रसिद्धि और वित्तीय सफलता मिली। इस फिल्म का एक गीत ‘चिट्ठी आई है’ आज भी कई लोगों के मन मस्तिष्क में गूंजता रहता है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि महेश भट्ट के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी। तो फिर यह व्यक्ति इतना विवादित और इतना घमंडी कैसे बना, जिससे कोई भी सभ्य व्यक्ति संबंध न रखना चाहे? इसका संबंध कहीं न कहीं परवीन बॉबी से अवश्य है और ये कथा प्रारंभ हुई 1980 से।

जब महेश भट्ट शादी शुदा थे, तब भी उनका परवीन बॉबी के साथ अफेयर चला था। इसी समय परवीन की मानसिक अस्वस्थता की खबर भी सामने आई थी और जब मामला बिगड़ने लगा तो महेश भट्ट ने बड़ी आसानी से परवीन को किनारे कर अपनी पहली पत्नी से तलाक लिया और फिर एक और बॉलीवुड अभिनेत्री सोनी राज़दान से विवाह कर लिया।

यहां पर ये भी बताना आवश्यक है कि अभिनेत्री परवीन बॉबी और महेश भट्ट के बीच में कथित तौर पर अफेयर भी चला, जिसके पश्चात परवीन को कई मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इंडस्ट्री के ‘विशेषज्ञों’ के अनुसार परवीन की मौत के पीछे कथित तौर पर फिल्मकार महेश भट्ट का हाथ था। इन दोनों के इसी अफेयर पर वर्ष 2006 में कथित तौर पर फिल्म ‘वो लम्हे’ भी आधारित थी। परंतु आपको क्या लगता है, यह कथा यहीं पर खत्म हो जाएगी? ये सब तब हुआ जब महेश अपने बचपन के मित्र लोरेन ब्राइट से विवाहित थे, जिनका बाद में नाम किरण भट्ट रखा गया। इनसे महेश की दो संतानें हुईं – अभिनेत्री और निर्देशक पूजा भट्ट एवं राहुल भट्ट। लेकिन जब परवीन बॉबी की समस्याएं बढ़ने लगी तो महेश भट्ट ने दोनों को धोखा देते हुए बॉलीवुड अभिनेत्री सोनी राज़दान से विवाह कर लिया।

1990 के दशक में चर्चित मैगजीन स्टारडस्ट के कवर पर फिल्मकार महेश भट्ट ने अपनी ही बेटी पूजा भट्ट के साथ ‘लिपलॉक’ करते हुए फोटो खिंचवाई, जिसपर जमकर हंगामा हुआ लेकिन उन्होंने न केवल उसे उचित ठहराया अपितु यह भी कहा, “अगर पूजा मेरी बेटी न होती तो मैं उससे विवाह कर लेता।” इसे नीचता की पराकाष्ठा न कहें तो क्या कहें? अभी तो हमने जिया खान पर चर्चा भी प्रारंभ नहीं की है, नहीं तो न जाने कितनी कथाएं लिखनी पड़ेंगी!

और पढ़ें: बॉलीवुड का ‘घमंडी सरगना’ करण जौहर कहता है बॉलीवुड को कोई ख़त्म नहीं कर सकता!

रिया चक्रवर्ती और सुशांत सिंह राजपूत मामला

अब बात जिया खान की उठी ही हैं तो तनिक रिया चक्रवर्ती की ओर भी ध्यान देते हैं, जिसने महेश भट्ट की रही सही इज्जत का भी सर्वनाश कर दिया। जब सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत्यु हुई तो महेश भट्ट ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया कि सुशांत की मानसिक हालत ठीक नहीं थी और यही बात उसने सुशांत की कथित महिला मित्र और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के माध्यम से सिद्ध करने का प्रयास किया। पर ये सोशल मीडिया है, आप हर किसी को मूर्ख नहीं बना सकते। महेश भट्ट के रिया के साथ फोटो वायरल होने लगे और शीघ्र ही यह भी सामने आ गया कि कैसे सुशांत के विरुद्ध एक सुनियोजित तरह से माहौल बनाया गया था। तब यह भी बात सामने आई थी कि महेश भट्ट के लिए सुशांत की हालत परवीन बाबी से ज़्यादा भिन्न नहीं थी।

IWMBuzz से बातचीत के अनुसार, महेश भट्ट की सहयोगी लेखिका सुहृता सेनगुप्ता ने बताया, “महेश भट्ट ने कहा था कि सुशांत की हालत परवीन बॉबी जैसी हो चुकी है। उन्होंने रिया को कहा था कि वो एक्टर से अलग हो जाएं, वर्ना इसका असर उनपर भी पड़ सकता है। सुशांत, भट्ट साहब से ‘सड़क 2’ के सिलसिले में मिलने आए थे। वो बहुत बातूनी थे। वो हर टॉपिक पर बात कर सकते थे। चाहें वो क्वाटंम फिजिक्स हो या सिनेमा। इस दौरान भट्ट साहब को समझ में आ गया था कि सुशांत की हालत परवीन बॉबी जैसी हो चुकी है। अब केवल दवाइयां उन्हें ठीक कर सकती थीं। रिया, जो कुछ वक्त से सुशांत के साथ थीं उन्होंने बहुत कोशिश की थी कि सुशांत वक्त पर दवाइयां लें लेकिन सुशांत ने दवाइयां लेने से मना कर दिया था। सुशांत एक बहुत बुरे डिप्रेशन से गुज़र रहे थे।”

अब ये पूर्णतया गलत भी नहीं है क्योंकि महेश भट्ट को एक समय गुलशन कुमार की संभावित हत्या के बारे में भी सूचित किया गया था परंतु उन्होंने कोई भी कदम नहीं उठाया। तत्कालीन मुंबई पुलिस डीसीपी राकेश मारिया के अनुसार 22 अप्रैल 1997 को एक खबरी से कॉल आया और उसने गुलशन कुमार की हत्या की साजिश की जानकारी दी। खबरी ने यह भी बताया कि गैंगस्टर सलेम ने अपने शूटर्स के साथ गुलशन कुमार को शिव मंदिर जाने के दौरान मारने की पूरी योजना भी बना ली है क्योंकि गुलशन कुमार हर रोज शिव मंदिर जाते थे। तत्पश्चात मारिया ने निदेशक महेश भट्ट को कॉल किया और उन्होंने कुमार से पूछकर पुष्टि की कि वह रोज शिव मंदिर जाते हैं। उसके बाद 12 अगस्त 1997 को अंधेरी में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर बंदूकधारियों ने गोलियां बरसाते हुए गुलशन कुमार को मौत की नींद सुला दिया।

जाकिर नाइक का गुणगान

अब प्रश्न यह भी उठता है कि यदि मुंबई पुलिस और बॉलीवुड के एक विशेष वर्ग को गुलशन कुमार के संभावित हत्या की जानकारी थी तो उन्होंने गुलशन कुमार को बचाने की दिशा में कोई काम क्यों नहीं किया? ऐसा क्या था कि गुलशन कुमार की हत्या आज भी लगभग एक अबूझ पहेली बनी हुई है? परंतु यह ऐसा इकलौता आरोप नहीं है, जो राकेश मारिया ने अपनी पुस्तक के जरिये भारत के पूर्व प्रशासकों पर लगाया है। परंतु आप आशा भी किससे कर रहे थे? उस महेश भट्ट से, जिसके लिए 26/11 RSS की साजिश है? जिसके लिए ज़ाकिर नाइक एक विषैला आतंक प्रेमी प्रचारक नहीं, एक समाज सुधारक है?

जी हां, आपने ठीक सुना। महेश भट्ट ने एक वीडियो में न केवल ज़ाकिर नाइक की तारीफ की थी बल्कि उनपर फिल्म बनाने की इच्छा भी ज़ाहिर की थी। एक वीडियो में महेश भट्ट जाकिर नाइक की तारीफ करते हुए कहते हैं, “मैं ब्रिटिश साम्राज्य से पंगा मोल लेने के लिए ज़ाकिर नाइक का आभार प्रकट करता हूँ। अंग्रेजों से लड़ने के लिए हम लोग ज़ाकिर नाइक के आभारी हैं, जो हर प्रकार से हमारे देश के लिए एक धरोहर है, जिसे हम कदापि नहीं खो सकते।” ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि महेश भट्ट एक व्यक्ति नहीं एक सोच है, एक ऐसी घृणित सोच, जो भारत के विभाजन के बाद भी भारत में भटक रही है और हमारे जनमानस को कलुषित कर रही है परंतु झूठ चाहे जितना भी पांव पसार ले, सत्य का एक वार उसका सर्वनाश करने के लिए पर्याप्त है।

और पढ़ें: संजय दत्त चुन-चुनकर दुनिया के सबसे घटिया रोल कर रहे हैं

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: पूजा भट्टबॉलीवुडमहेश भट्टसोनी राजदान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गोलियों की बरसात, बेखौफ अपराधी, सरेआम मर्डर- बिहार की कानून व्यवस्था का सबसे गंदा चेहरा

अगली पोस्ट

पारिवारिक कलह से बचने के लिए अंबानी की तर्ज पर अडानी कर रहे हैं बंटवारा!

संबंधित पोस्ट

आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त
चर्चित

जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

15 January 2026

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को लश्कर-ए-तैयाब जैसे संगठन से संबंधित जुड़े 5 सरकारी  कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।...

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited