TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वीर दास के “दो भारत” और “आर्यन आक्रमण सिद्धांत”, बस यहीं तक सीमित है राहुल गांधी की राजनीति

राहुल गांधी हर जगह केवल 'दो भारत' और आदिवासियों की बात ही करते नजर आते हैं। उनकी ऐसी बातें रिपीट मोड़ पर सुनकर जनता अब ऊब चुकी है।

Vaishali Shukla द्वारा Vaishali Shukla
23 November 2022
in मत, राजनीति
राहुल गांधी की राजनीति, Vir Das, Aryan Invasion Theory – Things left in the armory of Rahul Gandhi

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

अगर रेडियो पर एक ही गाना बार-बार बजता है तो उसे सुनकर किसी का भी मन ऊब जाता है। ऐसे ही कुछ विचार अब राहुल गांधी को भी लेकर भी आने लगे है। देखा जाये तो कभी पूरे भारत पर राज करने वाली कांग्रेस की स्थिति आज उसके ही कृत्यों के कारण बड़ी ही दयनीय अवस्था में पहुंच चुकी है। कांग्रेस के चश्मोचिराग राहुल गांधी वैसे तो कई दिनों से भारत जोड़ों यात्रा पर निकले है। परंतु अपनी इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी बार-बार ऐसे कार्य कर रहे हैं, जिससे ये भारत जोड़ने की यात्रा कम और भारत को तोड़ने की यात्रा ज्यादा लग रही है। राहुल गांधी के पिछले कुछ भाषणों पर गौर करेंगे तो ऐसा ही लगेगा कि उनके पास अब कुछ विशेष मुद्दे तो रह नहीं गये हैं इसलिए हर बार वो एक ही राग अलापते हुए दिखाई देते है यानी यह कहा जा सकता है कि राहुल गांधी की राजनीति अब किसी बिंदु पर अटक गई है!

और पढ़े: राहुल गांधी निर्लज्जता के साथ महाराष्ट्र को गुजरात से भिड़ाने की कोशिश में लगे हैं

संबंधितपोस्ट

बिहार में पहले चरण में बंपर वोटिंग से पीएम मोदी गदगद, विपक्ष हतप्रभ और एनडीए का आत्मविश्वास आसमान पर

ट्रंप भी मानने को मजबूर: राहुल गांधी और विपक्ष की बयानबाज़ी बेअसर, भारत ने F-16 गिरा कर पाकिस्तान की नाक कटवाई

वोट के लिए कितनी नीचता तक गिर सकते हैं नेता? राहुल गांधी के सेना वाले बयान ने भारत में जाति की राजनीति पर उठाए गंभीर सवाल

और लोड करें

राहुल गांधी की ‘कुत्सित’ राजनीति

दरअसल, हाल ही में उन्होंने गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर “दो भारत” को लेकर तंज़ कसा है। महुवा के आदिवासियों को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, “आप देश के पहले मालिक हैं।” साथ ही भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीब आदिवासियों की जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां “दो इंडिया” का निर्माण कर रही हैं, जिसमें से एक चुनिंदा अरबपतियों और दूसरा गरीबों का हैं।

पिछले कुछ वर्षों से देखा जाये तो राहुल गांधी की यह बातें रिपीट मोड पर चल रही हैं। वो हर जगह जाकर यही बातें करते नजर आते हैं, जिनके पीछे कोई ठोस कारण तो नहीं दिख रहा बल्कि ऐसा लग रहा है मानो उनके भाषण लेखक वीर दास ने लिखे हो, जो एक सो-कॉल्ड स्टैंडअप कॉमेडियन हैं और अमेरिका में जाकर ‘दो भारत’ जैसी अपमानजनक कविता सुनाते हैं।

और पढ़े: ‘लुटियंस मीडिया’ भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल को चमकाने में रह गई, उधर भाजपा ने ‘खेला’ कर दिया

आदिवासियों को लेकर बोले राहुल गांधी

साथ ही ऐसा  भी लग रहा है कि राहुल गांधी की बातें भी केवल आर्यन इन्वेजन थ्योरी तक ही सीमित है, जिसमें वो बस आदिवासियों की बात, उनके अधिकार का डंका ही बजाते रहते हैं। रैली के दौरान अपने भाषण में राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि वनवासियों के बच्चों का भविष्य बेहतर बने।

राहुल गांधी का ऐसा कहना था कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्होंने किसानों, युवाओं और आदिवासियों के दर्द को करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा- “भाजपा आपको ‘वनवासी’ कहती हैं। वह ये नहीं कहते कि आप भारत के पहले मालिक हो, बल्कि वह कहते हैं कि आप जंगलों में रहते हैं। आपको इसका फर्क दिखता हैं? इसका मतलब है कि वे ये नहीं चाहते है कि आप शहरों में रहें, आप अपने बच्चों को इंजीनियर, डॉक्टर बनते हुए देखें, विमान उड़ाना सीखें, अंग्रेजी बोलें।”

उन्होंने ये भी कहा- “वे चाहते हैं कि आप जंगलों में ही रहे, लेकिन वो यहां पर रुके नहीं। इसके बाद वे आपसे ये जंगल भी छीनने लगते हैं। अगर इसी तरह से चलता रहा तो अगले पांच से दस साल में सारे जंगल दो से तीन उद्योगपतियों के हाथ मे चले जाएंगे और आपके पास रहने के लिए कोई भी स्थान नहीं होगा। आपको शिक्षा, स्वास्थ्य और नौकरी भी नहीं मिलेगी।” यहां यह जान लें कि राहुल गांधी ने गुजरात में दो रैलियों को संबोधित किया था, एक सूरत जिले के महुवा में और दूसरी राजकोट में। इस माह की शुरुआत में गुजरात विधानसभा चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद उनकी ये पहली रैली थी।

और पढ़े: राहुल गांधी को अगला पीएम होना चाहिए क्योंकि उन्होंने एक गन्ना खाया और भारी बारिश में भाषण दिया

फूट डालने का काम कर रहे हैं राहुल?

ध्यान देने योग्य बात है कि एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विजन के माध्यम से उत्तर और दक्षिण में चले आ रहे टकराव को खत्म करने के उद्देश्य से ‘काशी तमिल संगम’ कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी विवादास्पद टिप्पणी करके कभी समुदायों, तो कभी दो राज्यों के बीच दुश्मनी पैदा करने के प्रयास कर रहे हैं। इससे पहले जब बीते दिनों राहुल गांधी महाराष्ट्र पहुंचे थे, तो यहां उन्होंने गुजरात और महाराष्ट्र के लोगों के बीच टकराव पैदा करने की कोशिश की थीं। यहां राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के लोगों को यह दिखाने के प्रयास किए कि मोदी सरकार उनके राज्य के बड़े प्रोजेक्ट छिनकर गुजरात भेज रही है। वैसे तो “फूट डालो, राज करो” कांग्रेस की पुरानी नीति ही रही है, जिसे अब राहुल आगे बढ़ाते नजर आ रहे हैं। उनकी राजनीति इसी पर टिकी हुई है।

सरकार का विरोध करने को आतुर कांग्रेस ने राष्ट्र के नैतिक मूल्यों का विरोध करना आरंभ कर दिया है। इस प्रकार की टिप्पणियां बोगस आर्यन आक्रमण सिद्धांत की तरह ही है, जहां मार्क्सवादी विकृतियों ने एक भयावह दावा किया कि आर्यों ने भारत पर आक्रमण किया और मूल निवासियों (भूमि के पहले मालिक) पर अत्याचार किए।

सरकार पर आदिवासी विरोधी और गरीब विरोधी होने का तंज कसते हुए कांग्रेस नेता कल्याणकारी योजनाओं की सफलता को शायद नज़रंदाज़ कर रहे हैं। उदाहरण के लिए देखें तो साल 2014 के बाद पीएम मोदी ने गरीब, मध्यम वर्ग और समाज के कमजोर वर्गों के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे कई सारी योजनाएं लेकर आयी हैं। एक जिम्मेदार विपक्षी दल होने के नाते कांग्रेस को अपनी मंदबुद्धि और निचली राजनीति से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए, जो समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करें।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Bharat Jodo YatraRahul GandhiRahul Gandhi in GujaratVir Dasगुजरात चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘झुकना ही प्रवृत्ति, झुकना ही पहचान’ ये है बाइडन का नया अमेरिका

अगली पोस्ट

प्रफुल्ल कुमार महंत – असम आंदोलन एवं सशक्त असम के जनक

संबंधित पोस्ट

कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत
चर्चित

आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

21 January 2026

हिंदी में एक मुहावरा है - जिसकी लाठी उसकी भैंस। ये मुहावरा कम से कम मौजूदा वर्ल्ड ऑर्डर या फिर कूटनीति में बिल्कुल मुफीद साबित...

ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर
चर्चित

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

21 January 2026

ईरान में हालिया घटनाक्रम सिर्फ ईरान की आंतरिक उथल–पुथल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक निहितार्थ हैं। पश्चिम एशिया के इस...

युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल
भारत

नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

20 January 2026

नोएडा के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की शनिवार रात एक गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसके आख़िरी पलों की बेहद...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited