TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जे बी कृपलानी, जो 1947 में कांग्रेस अध्यक्ष थे लेकिन नेहरू का विरोध किया तो…

जे.बी. कृपलानी की वो कहानी जिसे डर-डर कर, काट-छांट करके, किंतु-परंतु लगाकर आपको बताई गई।

Devesh Sharma द्वारा Devesh Sharma
14 January 2023
in प्रीमियम
जेबी कृपलानी

Source- Google

Share on FacebookShare on X

सत्ता अंग्रेजों के हाथों से भारतीयों के हाथों में आ गई थी। देश आजाद हो चुका था। स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लेने वाले सभी प्रभावशाली लोग संविधान सभा से होते हुए बड़े-बड़े पदों पर आसीन हो गए थे। अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन करने वाले नेता एक दूसरे की कुर्सी खींचने में लगे हुए थे लेकिन एक व्यक्ति थे, जिन्हें न ही सत्ता का लोभ था और न ही लोकप्रियता का। वो सिर्फ आजाद भारत की जनता को उसके अधिकार देना चाहते थे। वो चाहते थे कि गरीब जनता ने आजादी को लेकर जो सपने देखे हैं, उन्हें पूरा किया जाए। इनका नाम था जीवटराम भगवानदास कृपलानी यानी जे.बी. कृपलानी।

दरअसल, जे बी कृपलानी सादा जीवन उच्च विचार की राह पर चलने वाले खांटी कांग्रेसी नेता थे। लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सत्ता का लोभ न पालते हुए हमेशा ही गलत नीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई फिर चाहे वह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों की आलोचना करना हो या उनकी प्रचंड बहुमत की सरकार के खिलाफ संसद में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाना हो।

संबंधितपोस्ट

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

संबित पात्रा ने राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर साधा निशाना, कहा- कहां से हो रही है इतने पैसे की फंडिंग

90 वर्ष बाद फिर अखंड हुआ ‘वंदे मातरम्’- मोदी सरकार ने सरकारी समारोहों में वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन को किया अनिवार्य, मिलेगा राष्ट्रगान जैसा सम्मान

और लोड करें

नेहरू ने जब-जब एक ‘तानाशाह का रूप’ धारण किया, तब-तब उनके विरुद्ध जे बी कृपलानी खड़े दिखाई दिए। यही नहीं, 70 के दशक में इंदिरा गांधी की तानाशही के खिलाफ भी जे बी कृपलानी ने मुखर रूप से अपनी बातों को रखा, जिसका नतीजा यह हुआ कि 82 वर्ष की उम्र में उन्हें जेल तक जाना पड़ा। टीएफआई प्रीमियम में आपका स्वागत है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कैसे कभी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे जे बी कृपलानी, नेहरू के ‘तानाशाही रवैये’ पर आवाज उठाने के बाद पार्टी में ही साइडलाइन कर दिए गए और उन्हें पार्टी से इस्तीफा तक देना पड़ गया।

और पढ़ें: जो पूरे राष्ट्र को नमक खिलाते हैं, उनकी स्थिति कैसी है, अगरिया समुदाय की अनकही कहानी

नेहरू को लेकर मुखर थे कृपलानी

दरअसल, आचार्य जे बी कृपलानी एक स्वतंत्रता सेनानी, भारतीय राजनीतिज्ञ और शिक्षाविद थे। उनका जन्म 11 नवम्बर 1888 को हैदराबाद में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो मुजफ्फरपुर में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए थे। स्वतंत्रता हेतु आंदोलनों में शामिल होने से पहले उन्होंने 1912 से 1927 तक बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और गुजरात विद्यापीठ जैसे अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में अध्यापन का कार्य किया। शिक्षण कार्य के दौरान उनका परिचय मोहनदास करमचंद गांधी से हुआ, जिसके बाद वो सविनय अवज्ञा आंदोलन से लेकर भारत छोड़ो आंदोलन तक अलग-अलग आंदोलनों में सम्मिलित होते गए और भारतीय राजनीति में अपना महत्वपूर्ण कद स्थापित कर लिया।

कृपलानी अपनी राजनीतिक यात्रा में 1934 से लेकर 1936 तक कांग्रेस के महासचिव रहे। वर्ष 1946 में जब देश आजाद होने की ओर अग्रसर था, तब उन्हें कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष का पद एक बहुत बड़ा पद हुआ करता था और उस पर बैठने वाले व्यक्ति के पास बहुत बड़ी जिम्मेदारी। इसीलिए जब जे बी कृपलानी को अध्यक्ष बनाया गया तो उनके ऊपर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ गई थी, जिसे वो बखूबी निभा भी रहे थे। लेकिन अंग्रेजों के जाने के बाद कांग्रेस के अधिकतर नेता संविधान सभा में शामिल हो चुके थे और उसके बाद जब सरकार बनी तो मंत्री पदों को संभालने में व्यस्त हो गए थे।

ऐसे में जनता की पहुंच नेताओं तक कम होती चली गई और पूरी जिम्मेदारी तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष के ऊपर आ गई। यही नहीं, नेहरू की नीतियों से जब कृपलानी असहमत होते और कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर बैठकर उनका विरोध करते तो नेहरू को असहजता महसूस होती। नेहरू को कृपलानी से ‘पद का खतरा’ तक महसूस होने लगा था। अंत में जब कृपलानी ने नेहरू की आलोचना करना बंद नहीं किया तो नेहरू ने ऐसा माहौल तैयार किया कि 1947 में उन्हें कांग्रेस पद से इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन इसके बाद भी कृपलानी ने हार नहीं मानी। उन्होंने 1950 में एक बार फिर से कांग्रेस पद के लिए चुनाव लड़ा लेकिन दुर्भाग्य से वो चुनाव हार गए और सरदार पटेल गुट के नेता पुरषोत्तम दास टंडन अध्यक्ष पद पर आसीन हो गए।

लेकिन ध्यान देने योग्य है कि टंडन और नेहरू दोनों अलग-अलग विचारों के नेता थे। इसलिए नेहरू की राह का कांटा अभी भी हटा नहीं थी बस नाम बदल गया था। नेहरू अभी अध्यक्ष पद को लेकर असहज थे और उनकी असहजता का समापन 1950 में सरदार पटेल की मृत्यु के बाद हुआ। दरअसल, सरदार पटेल की मृत्यु होने के बाद टंडन का सपोर्ट लगभग समाप्त होने लगा और अंत में स्वयं नेहरू अध्यक्ष के पद पर आसीन हो गए। हालांकि, जे बी कृपलानी अभी भी राजनीति में सक्रिय थे और नेहरू की तानाशाही के खिलाफ मुखर रूप से आवाज उठा रहे थे। लेकिन उनकी पार्टी कांग्रेस नहीं बल्कि ‘किसान मज़दूर प्रजा पार्टी’ थी क्योंकि उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद ही कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया था।

आपातकाल में हुई थी गिरफ्तारी

‘किसान मज़दूर प्रजा पार्टी’ में कुछ समय रहने के बाद जे बी कृपलानी ने एक नयी पार्टी ‘प्रजा समाजवादी पार्टी’ की स्थापना की, जिससे वो 1952, 1957, 1963 और 1967 में चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे और वहां जाकर अपनी बात रखी। यही नहीं, 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद वो यह जानते हुए कि नेहरू के पास प्रचंड बहुमत की सरकार थी, फिर भी वर्ष 1963 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए। जिसके बाद देश की राजनीति में हलचल मच गई थी। हालांकि, बहुमत में होने के कारण सरकार का कुछ नहीं हुआ लेकिन यह आजादी के बाद देश की संसद में लाया गया पहला अविश्वास प्रस्ताव था।

आपको बता दें कि कि लोकसभा चुनाव 1971 में हारने के बाद जे बी कृपलानी ने राजनीति छोड़ आध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण की ओर रुख कर लिया। लेकिन अपने आप को राजनीति में होने वाली गितिविधियों से दूर न रख सके। इसीलिए जब 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को तार-तार कर देश में आपातकाल घोषित किया और लोगों पर अत्याचार किए तो कृपलानी ने इसकी भी कड़ी आलोचना की थी। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। अंत में 19 मार्च 1982 को साबरमती आश्रम में इस महान नेता का निधन हो गया।

यदि जे बी कृपलानी की राजनीतिक यात्रा के बारे में संक्षेप में कहा जाए तो वो एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में कांग्रेसी विचारधारा के साथ काम किया था। लेकिन कांग्रेस के एक और बड़े नेता यानी जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें न केवल कांग्रेस में किनारे करने का काम किया बल्कि इनके विरुद्ध एक ऐसा माहौल बनाया कि उन्हें अंत में कांग्रेस पद ही छोड़ना पड़ गया था।

और पढ़ें: “मुस्लिम तुम्हें कितना भी पीटें, तुम पलटवार मत करो” आइए, हिंदुत्व पर गांधी के ‘योगदान’ को समझें

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: कांग्रेस पार्टीजवाहरलाल नेहरूजे बी कृपलानीसरदार वल्लभ भाई पटेल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

प्रस्तुत करते हैं श्रीमान अरविंद केजरीवाल की सरकार का नया घोटाला…

अगली पोस्ट

“अमेरिका पहुंचते ही दिखा दिया असली रंग”, राजामौली और जूनियर NTR से कुछ सवाल हैं

संबंधित पोस्ट

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध
चर्चित

भारत का अंतरिक्ष धमाका 2026: ISRO के गगनयान मिशन से टूटेगा अमेरिका का घमंड, पाकिस्तान और चीन रहेंगे स्तब्ध

3 November 2025

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन, ISRO, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विज्ञान और तकनीक में भारत किसी से पीछे नहीं है। मार्च 2026...

क्या नेताजी सचमुच 1945 में मारे गए थे? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य
इतिहास

क्या नेताजी का निधन सचमुच 1945 विमान हादसे में हुआ था? मुथुरामलिंगा थेवर और गुमनामी बाबा ने खोला रहस्य

31 October 2025

रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान हादसे में मरे, तो...

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक
चर्चित

कांग्रेस की संघ से डर नीति पर अदालत की चोट: जनता के अधिकार कुचलने की कोशिश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाया ब्रेक

29 October 2025

कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार के उस विवादास्पद सरकारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited