TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    विजय चौक पर गुंजेगा देशभक्ति का गीत

    विजय चौक गुंजेगा देशभक्ति के सुरों से : 150 वीं वर्षगांठ पर प्रस्तुत होंगी ऐतिहासिक धुनें

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    विमान सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार होगा

    एयरबस का अनुमान: अगले 10 साल में भारतीय एयरलाइंस के विमानों की संख्या तीन गुना होगी

    प्रोजेक्ट कुशा से आत्मनिर्भर भारत की वायु रक्षा को मिलेगी रणनीतिक बढ़त

    150 से 400 किमी तक मार करने वाली स्वदेशी मिसाइलें, भारत की वायु सीमा होगी पूरी तरह सुरक्षित

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    भारत में V-BAT ड्रोन के तैनाती से न केवल सेना की निगरानी और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी

    भारतीय सेना को मिलेगा अत्याधुनिक V-BAT ड्रोन, शील्ड एआई से हुआ समझौता

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    भारत दौरे की तैयारी में कनाडा के पीएम मार्क कार्नी , ऊर्जा और व्यापार समझौतों पर होगी चर्चा

    राष्ट्रपति भवन में परोसी गई भारत की पाक विरासत

    हिमालयी स्वाद और भारतीय विरासत की झलक, राष्ट्रपति भवन में ईयू नेताओं के लिए खास रात्रि भोज

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत का अपना जेट इंजन बनाने के मिशन पर काम कर रही यह भारतीय कंपनी

भारत  में जेट इंजन विकसित करने के लिए देश की एक निजी कंपनी बाजार में उतर चुकी है। डीजी प्रोपल्शन छोटे विमानों और हाई-लिफ्ट-पावर जेटपैक के लिए शक्तिशाली गैस टरबाइन इंजन बनाने में विशेषज्ञता रखती है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
11 March 2024
in चर्चित, तकनीक
जेट इंजन, डीजी प्रोपल्शन,
Share on FacebookShare on X

नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिपादित “मेक-इन-इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की भावना, भारत के लगभग हर क्षेत्र में व्याप्त हो गई है। इसी के परिणामस्वरूप भारत  में जेट इंजन विकसित करने के लिए देश की एक निजी कंपनी बाजार में उतर चुकी है। 

जैसे-जैसे देश अपनी वायु शक्ति को मजबूत कर रहा है और अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विमानों का उत्पादन और खरीद कर रहा है। इसी के मद्देनजर विदेशी भागीदारों के साथ जेट इंजन के सौदे भी तलाशे जा रहे हैं। जेट-इंजन निर्माण से जुड़ी तकनीकी जानकारी के यथासंभव पूर्ण हस्तांतरण की तलाश में ऐसा किया जा रहा है।

संबंधितपोस्ट

स्वदेशी तकनीक की ताकत: तेजस Mk1A को स्टील्थ बना DRDO ने बदल दिया युद्ध का नक्शा

‘अग्नि से सजे हथियार’: 4.25 लाख स्वदेशी CQB कार्बाइन से सजी भारतीय सेना बनेगी आतंकियों के लिए काल

भारतीय वायुसेना को दुनिया की तीसरी वायुसेना का खिताब, तकनीक से ज़्यादा यह है राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत

और लोड करें

उदाहरण के लिए, भारत अपने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के इंजन को मूर्त रूप देने के लिए फ्रांस के साथ चर्चा कर रहा है, जिसे वर्तमान में विकासधीन है। दोनों देश प्रौद्योगिकी के 100 प्रतिशत हस्तांतरण पर विचार कर रहे हैं।

इसी तरह भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका मिलकर भारत की वायुसेना के लिए जेट इंजन बानाएंगे। इसमें भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और यूएस की जीई एयरोस्पेस के बीच साझेदारी के माध्यम से लड़ाकू जेट इंजन बनाए जाएंगे।

इसके तहत यूएस की जीई एयरोस्पेस कंपनी F-414 फाइटर जेट इंजन के निर्माण के लिए अपनी 80 प्रतिशत तकनीक भारत को ट्रांसफर करेगी। इस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का मकसद हल्के लड़ाकू विमान (LCA) MKII की क्षमताओं को बढ़ाना है। ये लड़ाकू इंजन ‘तेजस मार्क-2’ के लिए बनाए जाएंगे। मार्क-2 तेजस का एडवांस मॉडल है और इसमें GE-F414 इंजन लगना है।

हालांकि, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण से जुड़ी ऐसी अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियां निकट भविष्य होनी हैं, उससे पहले भारत में जेट इंजन बनाने के लिए कई वर्षों से एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण घरेलू प्रयास पहले ही हो चुका है।

भारत में जेट इंजन पहल के मामले में बहुत कम काम हुआ है। जेट इंजन बनाने के लिए आवश्यक घरेलू विनिर्माण क्षमताएं सीमित हो गई हैं और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के अवसरों के साथ भी ऐसा ही हुआ है। यहां तक कि इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास(R&D) की उच्च लागत ने भी एक बाधा के रूप में काम किया है।

हालांकि, ऐसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जेट इंजन विकसित करने के लिए भारत की एक निजी कंपनी बाजार में उतर चुकी है। प्रतीक धवन डीजी प्रोपल्शन के प्रमुख हैं, जो एयरोस्पेस उत्पाद बनाने वाली कंपनी है। यह कंपनी छोटे विमानों और हाई-लिफ्ट-पावर जेटपैक के लिए शक्तिशाली गैस टरबाइन इंजन बनाने में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी देश को उसका अपना जेट इंजन सौंपना चाहती हैं।

और पढ़ें:- 1 घंटे में ‘मेटा’ को लगी 100 मिलियन डॉलर की चपत

इंजन बनाना एक शौक के रूप में किया शुरू

पंजाब के जालंधर स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करते हुए भी धवन घरेलू जेट इंजन बना रहे थे, उन्हें विश्वास था कि एक दिन वह एक जेट इंजन निर्माण कंपनी शुरू करेंगे।

उन्होंने जेट इंजन बनाने के अपने शौक को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया, जिसमें सहपाठी आनंद उत्सव कपूर और महेश कुमार मोबिया भी शामिल हुए। साथ में, उन्होंने एक माइक्रो गैस टरबाइन का निर्माण किया, जिसे धवन जेट इंजन के बिजली उत्पादन समकक्ष कहते हैं।

परियोजना के पीछे का विचार ग्रिड के बिना दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली प्रदान करना था। उनका मानना था कि एक माइक्रो गैस टरबाइन अपने उच्च शक्ति-से-भार अनुपात के कारण काम करेगा।

तीनों इंजीनियरों ने अपने टरबाइन को एक जेट विमान के प्रणोदन तंत्र पर आधारित किया था। माइक्रोटर्बाइन किसी भी ईंधन- तरल पेट्रोलियम गैस, केरोसिन, बायोगैस, प्राकृतिक गैस, डीजल पर काम कर सकता है और 25 किलोवाट बिजली का उत्पादन करने और एक गांव या शहरी इलाके के 25-30 घरों को रोशन करने में सक्षम था।

कपूर, मोबिया और धवन ने अपनी थीसिस जमा की और स्नातक होने के एक साल बाद, 2015 में कॉलेज में “वितरित बिजली उत्पादन के लिए एक ऑटोमोटिव टर्बोचार्जर का उपयोग करके एक माइक्रो गैस टरबाइन का डिजाइन और निर्माण” शीर्षक से अपना प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। यहां तक कि उन्होंने अपने कॉलेज की इंजन प्रयोगशाला में रखने के लिए एक और इंजन भी बनाया और उस पर अपना फोन नंबर अंकित किया ताकि समान विचारधारा वाले लोग उन तक पहुंच सकें।

शुरुआती सफलताओं और इंजन के बेहतर प्रदर्शन से प्रोत्साहित होकर धवन ने इंजनों के साथ काम करना शुरू किया, जो केवल एक शौक परियोजना के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे उनके काम ने गति पकड़ी। उनकी प्रगति ऐसी थी कि, 2015 में एक वरिष्ठ IAF अधिकारी ने उनके जेट-इंजन के काम में रुचि व्यक्त की। धवन के लिए इस संपर्क ने उनके द्वारा तब तक किए गए वर्षों के काम को मान्य कर दिया।

हालांकि इसी वर्ष वह मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर करने के लिए अमेरिका चले गए। दो वर्षों में उन्होंने नवीन अवधारणाएं डिज़ाइन कीं, जिसके लिए उन्होंने चार पेटेंट दायर किए और पिछले एक वर्ष में उन्हें प्राप्त किया। 2017 में स्नातक होने के बाद उन्होंने कैटरपिलर, जॉन डीरे और रोल्स-रॉयस जैसी शीर्ष निर्माण कंपनियों में काम करना शुरू किया, जहां वह वर्तमान में कार्यरत हैं।

लैब से बाज़ार तक

2018 में धवन ने अपने पहले एयरो इंजन का परीक्षण किया। उस वर्ष जब वह जॉन डीयर में थे तो धवन की मुलाकात भारतीय नौसेना के एक पूर्व कर्मी से हुई, जिन्होंने भारत में जेट इंजन और संबंधित विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए धवन के साथ अपना दृष्टिकोण साझा किया। जल्द ही चिराग गुप्ता डीजी प्रोपल्शन में सह-संस्थापक के रूप में शामिल हो गए। स्टार्टअप को औपचारिक रूप से एक साल बाद 2019 में शामिल किया गया था।

आज डीजी प्रोपल्शन के तीन उत्पाद बाजार के लिए तैयार हैं। DG J20, J40 और J60 टर्बोजेट इंजन यूएवी और रक्षा उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इंजन नामों में संख्या 20, 40, और 60 उन इंजनों के लिए अधिकतम थ्रस्ट क्षमता को दर्शाती है- 20 किलोग्राम-बल, 40 किलोग्राम, और 60 किलोग्राम। DG की वर्तमान लाइनअप में J40 को सबसे शक्तिशाली इंजन कहा जाता है।

यूएवी के लिए बाजार का अवसर भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी बहुत बड़ा है, जिसका अनुमान क्रमशः $1 बिलियन और $18 बिलियन है। छोटे जेट इंजनों का वैश्विक बाज़ार $1.3 बिलियन का है। रक्षा, निगरानी और कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में यूएवी की मांग बढ़ रही है।

यहां डीजी प्रोपल्शन जैसे एयरोस्पेस और रक्षा खिलाड़ी के लिए अवसर निहित है। कंपनी ने अपने जेट इंजनों को यूएवी में उपयोग के लिए तैयार किया है। ये इंजन यूएवी की तरह ही तेज़, ईंधन कुशल, किफायती और टिकाऊ हैं।

फरवरी में डीजी प्रोपल्शन ने अपने इंजन का परीक्षण किया, इसे अलग-अलग थ्रॉटल और अन्य चीजों के बीच अचानक आरपीएम परिवर्तन के रूप में रिंगर के माध्यम से पहले 30 मिनट के लिए और फिर 1 घंटे और 10 मिनट के लिए पहली बार मायावी 1 घंटे के निशान को पार किया। लगभग 90,000 आरपीएम पर 1 घंटे की सहनशक्ति दौड़ एक यूएवी को 300 किलोमीटर (किमी) से अधिक तक ले जाने के लिए पर्याप्त है।

सिर्फ इंजन निर्माण से कहीं अधिक

हालाँकि धवन एक दशक से अधिक समय से इंजन-निर्माण में लगे हुए हैं, लेकिन यह उनका अंतिम खेल नहीं है। उनका कहना है कि उनका काम भारतीय क्षमताओं में आत्मविश्वास पैदा करना भी है। वे कहते हैं, “जेट इंजन बनाने के अलावा, डीजी प्रोपल्शन में हम जो करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह कहानी तैयार करना है कि हां, हम भारत में इन इंजनों का निर्माण और परीक्षण कर सकते हैं।”

जेट इंजन में जाने वाली प्रमुख प्रौद्योगिकियाँ, जिनमें रोटर, कंप्रेसर डिफ्यूज़र, दहन कक्ष और नोजल गाइड वेन शामिल हैं, सभी भारत में डीजी प्रोपल्शन द्वारा डिजाइन और निर्मित की जाती हैं। यहां तक कि नियंत्रक, जो ईंधन प्रवाह, तापमान, दबाव और गति जैसे मापदंडों सहित इंजन के संचालन की निगरानी और प्रबंधन करता है, को घर में ही डिजाइन और परीक्षण किया गया था।

उल्लेखनीय रूप से, अपने पूरे जीवन में इलेक्ट्रॉनिक्स से दूर रहने के बावजूद, धवन ने एक नियंत्रक के साथ आने के लिए डेढ़ साल तक मुद्रित सर्किट बोर्ड डिजाइन और कोड सीखने में अच्छी मेहनत की। क्षेत्रों में अपने जेट इंजनों की बिक्री पर नजर रख रहा है। वे अपने ग्राहकों को बिक्री के बाद की सेवाएं – रखरखाव, मरम्मत, ओवरहाल – प्रदान करने की भी योजना बना रहे हैं।

धवन और डीजी के लिए यह एक आसान यात्रा नहीं रही है: एक दशक से अधिक समय से वे प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के सबसे कठिन इलाकों से गुजरे हैं, देर रात तक, असफल परीक्षणों के कारण, लेकिन वे अभी भी यहां हैं, जीवित हैं और सक्रिय हैं। यदि इन सभी प्रयासों का अर्थ यह है कि वे भारत को अपना स्वयं का जेट इंजन देने में सक्षम हैं और यह दिखाते हैं कि जेट इंजन वास्तव में भारत में बनाए जा सकते हैं, तो यह सब इसके लायक होगा।

और पढ़ें:- ग्रेट निकोबार द्वीप को ‘हांगकांग’ में बदलने की तैयारी कर रहा भारत

Tags: DG Propulsionjet engineMake in IndiaSelf-reliant Indiaआत्मनिर्भर भारतजेट इंजनडीजी प्रोपल्शनमेक इन इंडिया
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

370 हटने के बाद पहली बार कश्मीर पहुंचे पीएम मोदी

अगली पोस्ट

“राष्ट्र प्रथम नीति” से भारत को वैश्विक तेल संकट से निपटने में मदद मिली है- हरदीप सिंह पुरी

संबंधित पोस्ट

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान
चर्चित

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान

25 January 2026

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस...

तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है
चर्चित

डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

23 January 2026

किसी मनुष्य का आग में जल जाना ऐसा दृश्य है जिसकी आँच इतनी भयावह और तीव्र होती है कि वह सरकार की सबसे सख्त सेंसरशिप...

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो
क्रिकेट

ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: भारत में खेलो या वर्ल्ड कप से बाहर निकलो

21 January 2026

तेवर दिखा रहे बांग्लादेश को एक बार फिर BCCI ने उसकी हैसियत दिखा दी है, लेकिन इस बार ICC के ज़रिए। दरअसल ICC ने बांग्लादेश...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited