TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    ‘घायल’ राघव का ‘घातक’ पलटवार: 22 दिनों में कैसे ढह गया AAP का राज्यसभा किला? समझें बगावत की पूरी इनसाइड स्टोरी

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘बुझने से पहले फड़फड़ा रहा है TMC का दीया’: दमदम में गरजे पीएम मोदी; बंगाल चुनाव के पहले चरण के बाद ‘परिवर्तन’ का नया शंखनाद

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    ‘सबक सिखाएंगे’: बीजेपी उम्मीदवारों पर हमले के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी; बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान ने बदली सियासी बिसात

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एनपीएस और पीपीएफ में किसे चुने? भविष्य के लिए क्या है बहतर ऑप्शन। 

नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकार द्वारा प्रायोजित और बाजार से जुड़ी पेंशन योजना है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है जो चक्रवृद्धि ब्याज के जरिये आपके निवेश पर गारंटीकृत रिटर्न प्रदान करती है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
21 March 2024
in अर्थव्यवस्था, चर्चित
पीपीएफ, एनपीएस, एनपीएस बनाम पीपीएफ, सेवानिवृत्ति कोष, व्यक्तिगत वित्त
Share on FacebookShare on X

राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) और सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) दोनों सरकार समर्थित सेवानिवृत्ति बचत योजनाएं हैं। ये दोनों आपको सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को सुरक्षित करने के लिए नियमित रूप से धन बचाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हालांकि, दोनों योजना समान है तो सवाल उठता है कि इनमें से आपको किसे चुनना चाहिए?

यदि आप एनपीएस बनाम पीपीएफ बहस में फंस गए हैं, तो हम मदद कर सकते हैं। इस लेख में, आपको अपने निवेश की बेहतर योजना बनाने में मदद के लिए एनपीएस और पीपीएफ दोनों पर जानकारी मिलेगी।

संबंधितपोस्ट

जिसने सौरव गांगुली की कप्तानी छीनी, आज वो वित्तीय सहायता पर आश्रित है!

Old Pension Scheme को लेकर मचा है बवाल, जानें क्या है पूरा मामला?

और लोड करें

एनपीएस बनाम पीपीएफ?

यह सचमुच एक कठिन प्रश्न है। जब भी हम सेवानिवृत्ति के बाद के फंड के लिए बचत करने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) का ख्याल आता है। पीपीएफ लंबी अवधि में और सभी उम्र के लिए सुरक्षित रिटर्न प्रदान करता है, यही कारण है कि यह दीर्घकालिक बचत के लिए एक बेहतरीन निवेश अवसर है।

हालाँकि, हाल ही में, राष्ट्रीय पेंशन योजना या एनपीएस भी सेवानिवृत्ति बचत करने के एक उपकरण के रूप में बहुत अधिक ध्यान आकर्षित कर रही है। बजट 2015-16 के बाद एनपीएस का उपयोग बढ़ गया है, जहां सरकार ने एनपीएस निवेश पर 50,000 रुपये की अतिरिक्त कर कटौती का प्रावधान किया है।

और पढ़ें:- चीन की चोरी! ऐसे Google डेटा हो रहा था गायब

एनपीएस को समझ लें

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली या नेशनल पेंशन सिस्टम  एक सरकार प्रायोजित और बाजार से जुड़ी पेंशन योजना है जो लोगों को सरकार द्वारा रेगुलेटेड सिस्टम के भीतर लंबी अवधि में अपने निवेश से हाई रिटर्न अर्जित करने में सक्षम बनाती है। इस योजना में निवेश करके, कोई व्यक्ति रिटायरमेंट फंड बना सकता है और इनकम टैक्स पर बचत करते हुए रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन हासिल कर सकता है। 

संगठित हो या असंगठित क्षेत्र, एनपीएस का मकसद न सिर्फ रिटायरमेंट लाइफ में वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है बल्कि किसी को अपना पैसा बढ़ाने में मदद करना है। कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद ही फंड को भुना सकता है, जबकि फंड से जल्दी या आंशिक निकासी की अनुमति केवल विशेष परिस्थिति में 10 साल के बाद दी जाती है।

जब आप एनपीएस में निवेश करते हैं तो टैक्स छूट के लाभ भी मिलते हैं। एनपीएस के लिए भुगतान आपको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती का हकदार बनाता है। धारा 80सीसीडी(1बी) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये की कर छूट भी उपलब्ध है।

एनपीएस में कौन निवेश कर सकता है?

राष्ट्रीय पेंशन योजना भारत के किसी भी नागरिक के लिए उपलब्ध है जो 18-70 वर्ष की आयु वर्ग में आता है। योजना से जुड़कर और इसमें नियमित निवेश करके लाभ उठाया जा सकता है। इस योजना में निवेश के लिए आपकी आयु 18-70 वर्ष के भीतर होनी चाहिए। खाताधारक को अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) जरूरतों के लिए प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

पीपीएफ को समझें

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है जो चक्रवृद्धि ब्याज के जरिये आपके निवेश पर गारंटीकृत रिटर्न प्रदान करती है। 15 साल की लॉक-इन अवधि के साथ, यह बचत योजना आपको लंबे निवेश क्षितिज पर अपना रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद कर सकती है। 

मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1% ब्याज मिल रहा है। यह सालाना रूप से चक्रवृद्धि होती है और जोखिम-मुक्त निवेश की तलाश करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प मानी जाती है। कोई भी व्यक्ति इस योजना में शामिल हो सकता है और सुरक्षित वित्तीय बैकअप सुनिश्चित करने के साथ-साथ इस प्रक्रिया में टैक्स लाभ का आनंद लेने के लिए पीपीएफ खाते में निवेश कर सकता है। 

पीपीएफ खाते में सालाना 1.50 लाख रुपये तक राशि जमा की जा सरकी है। निवेशक आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत टैक्स छूट का फायदा ले सकता है। पीपीएफ अकाउंट में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना डिपोजिट होना चाहिए और सालाना 12 जमा तक की अनुमति है। इस स्कीम से आप बाहर निकल सकते हैं अगर, हाइयर एजुकेशन शुल्क का भुगतान करना हो या मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति बनती है।

पीपीएफ में कौन निवेश कर सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो भारत का नागरिक है और 18 वर्ष से अधिक उम्र का है, वह पीपीएफ खाता खोलने और उसमें निवेश करने के लिए पात्र है। यह योजना अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) या हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए उपलब्ध नहीं है।

ध्यान रहे, आपके नाम पर सिर्फ एक पीपीएफ अकाउंट हो सकता है। आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में कहीं भी पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। हां, इसमें ज्वाइंट अकाउंट की अनुमति नहीं है। हालाँकि, किसी ऐसे व्यक्ति की ओर से अतिरिक्त पीपीएफ खाता खोला जा सकता है जिसका दिमाग ठीक नहीं है या वह नाबालिग है।

एनपीएस और पीपीएफ के बीच मुख्य अंतर

प्रमुख विशेषताऐंपीपीएफएनपीएस
कौन निवेश कर सकता है?कोई भी भारतीय निवासी. कोई व्यक्ति अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर भी पीपीएफ खाता खोल सकता है और कर लाभ प्राप्त कर सकता हैएनपीएस खाता 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के भारतीय नागरिक खोल सकते हैं
क्या एनआरआई इस योजना के लिए पात्र हैं?नहींहाँ
ब्याज दरलगभग 7-8%लगभग 12-14%
परिपक्वता अवधि क्या है?पीपीएफ खाता 15 साल में परिपक्व होता है। कोई व्यक्ति इस अवधि को 15 साल के बाद पांच साल के ब्लॉक के लिए अतिरिक्त योगदान के साथ या उसके बिना भी बढ़ा सकता हैपरिपक्वता अवधि निश्चित नहीं है. आप एनपीएस खाते में 60 वर्ष की आयु तक योगदान कर सकते हैं, साथ ही निवेश को 70 वर्ष की आयु तक बढ़ाने का विकल्प भी दिया जा सकता है।
निवेश सीमा क्या है?न्यूनतम रु. 500 वार्षिक, अधिकतम राशि रु. 1,50,000 तक सीमित है। प्रति वर्ष अधिकतम 12 योगदान की अनुमति हैआवश्यक न्यूनतम योगदान 6,000 रुपये है। योगदान पर कोई सीमा नहीं है जब तक कि यह आपके वेतन का 10% या यदि आप स्व-रोज़गार हैं तो आपकी सकल कुल आय का 10% से अधिक न हो।
कर लाभ क्या हैं?पीपीएफ में की गई सभी जमा राशि धारा 80सी के तहत कटौती योग्य है। इसके अलावा, निकासी के समय संचित राशि और ब्याज पर भी कर छूट मिलती हैआयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1) के तहत केवल 1.5 लाख रुपये पर कर लाभ उपलब्ध है, और धारा 80CCD(2) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये – कुल 2 लाख रुपये तक।
क्या समयपूर्व निकासी/आंशिक निकासी की अनुमति है?सातवें वर्ष के बाद कुछ सीमाओं के साथ आंशिक निकासी की अनुमति है। खाता खोलने के तीसरे और छठे वित्तीय वर्ष के दौरान ऋण उपलब्ध हैं; लेकिन शर्तों के अधीन10 वर्षों के बाद, खाताधारक विशिष्ट परिस्थितियों में शीघ्र, आंशिक निकासी के लिए पात्र हो जाते हैं। हालाँकि, सेवानिवृत्ति से पहले बाहर निकलने के लिए, किसी को जीवन बीमा वार्षिकी खरीदने के लिए संचित राशि का कम से कम 80% उपयोग करना होगा।
क्या मैं चुन सकता हूँ कि मुझे अपना पैसा कैसे निवेश करना है?नहींहाँ, आप इक्विटी फंड, सरकारी प्रतिभूति कोष और निश्चित आय साधन और अन्य सरकारी प्रतिभूतियों के बीच चयन कर सकते हैं
रिटर्न कैसा है?ब्याज दर सरकार तय करती हैब्याज दर बाज़ार से जुड़ी होती है. इसलिए संभावित रिटर्न अधिक है
क्या मुझे वार्षिकी खरीदनी होगी?नहींपरिपक्वता पर, आपको कम से कम 40% राशि की वार्षिकी खरीदनी होगी, जब तक कि परिपक्वता राशि 2 लाख से कम न हो

 

एनपीएस बनाम पीपीएफ: कौन बहतर?

  1. जोखिम और सुरक्षा: एनपीएस बाजार से जुड़ा हुआ है और थोड़ा जोखिम भरा है, लेकिन इसे पीएफआरडीए द्वारा सख्ती से विनियमित किया जाता है, इसलिए इसमें कदाचार की लगभग कोई संभावना नहीं है। पीपीएफ पूरी तरह से सरकार समर्थित है इसलिए इसमें लगभग जोखिम मुक्त रिटर्न है।
  2. रिटर्न: एनपीएस कुछ मामलों में 10% तक रिटर्न दे सकता है जबकि पीपीएफ 7-8% के आसपास कम लेकिन स्थिर रिटर्न प्रदान करता है।
  3. तरलता: एनपीएस में थोड़ी अधिक तरलता है क्योंकि यह आंशिक निकासी के कई अवसर प्रदान करता है। हालाँकि, पीपीएफ एक निश्चित लॉक-इन अवधि और एक राशि सीमा के बाद आंशिक निकासी की अनुमति देता है।
  4. कराधान: परिपक्वता पर निकाला गया एनपीएस शेष कर मुक्त है जबकि वार्षिकी करों का भुगतान करने के बाद खरीदी जानी है। पीपीएफ ईईई या छूट-छूट-छूट श्रेणी के अंतर्गत है

जैसा कि आप देख सकते हैं, एनपीएस एक बेहतरीन सेवानिवृत्ति बचत योजना है। यदि आपका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, बेटी की शादी आदि जैसे अन्य उद्देश्यों के लिए बचत करना है तो यह निवेश करने के लिए सबसे अच्छी योजना नहीं हो सकती है। इन सभी जरूरतों के लिए, पीपीएफ सबसे अच्छी निवेश योजना के रूप में एनपीएस से बेहतर है।  

और पढ़ें:- CERT-In की चेतावनी: हैकर्स के निशाने पर हैं एपल आईफोन और आईपैड

Tags: npsnps vs ppfpersonal Financeppfretirement fundएनपीएसएनपीएस बनाम पीपीएफपीपीएफव्यक्तिगत वित्तसेवानिवृत्ति कोष
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पब्लिक WiFi सेफ नहीं, हैक हो सकता है आपका फोन। 

अगली पोस्ट

वैश्विक ‘खुशी सूचकांक’ में युद्धग्रस्त फिलिस्तीन, यूक्रेन भी भारत से आगे

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान-  बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’
चर्चित

दिल्ली की राजनीति में महाविस्फोट: राघव चड्ढा का ‘AAP’ से इस्तीफा; 2/3 सांसदों के साथ BJP में विलय का ऐलान- बोले ‘मैं गलत पार्टी में सही आदमी था’

24 April 2026

दिल्ली की सियासत में आज वह भूचाल आया है जिसकी कल्पना शायद अरविंद केजरीवाल ने कभी नहीं की होगी। आम आदमी पार्टी के सबसे प्रमुख...

लोकतंत्र बनाम ‘तुगलकी फरमान’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की लगाई क्लास ; मोटरबाइक बैन पर तीखी प्रतिक्रिया
चर्चित

लोकतंत्र बनाम ‘तुगलकी फरमान’: कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की लगाई क्लास ; मोटरबाइक बैन पर तीखी प्रतिक्रिया

24 April 2026

लोकतंत्र का महापर्व चुनाव होता है, लेकिन क्या चुनाव के नाम पर नागरिकों की आवाजाही और उनके मौलिक अधिकारों को कैद किया जा सकता है?...

IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार
अर्थव्यवस्था

IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

22 April 2026

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रैंकिंग में भारत के छठे स्थान पर खिसकने की खबर ने बाजार और गलियारों में हलचल पैदा कर दी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited