TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेहरू ने क्यों ठुकराया था ग्वादर पोर्ट का ऑफर? 

अगर 1956 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ओमान सुल्तान का ऑफर स्वीकार कर लिया होता तो आज ग्वादर पोर्ट भारत का हिस्सा होता।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
8 April 2024
in इतिहास, चर्चित, भू-राजनीति, राजनीति
ग्वादर पोर्ट, जवाहर लाल नेहरू, कांग्रेस, पाकिस्तान, ओमान
Share on FacebookShare on X

इंदिरा गांधी सरकार के दौरान ‘कच्चातिवु’ द्वीप श्रीलंका को दिए जाने का मुद्दा 50 साल बाद लोकसभा चुनाव में भी गूंज रहा है। इस मुद्दे पर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकरीबन हर रैलियों में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस को घेर रहे हैं। उस पर देश की संप्रभुता से समझौते का आरोप लगा रहे हैं।

कच्चातिवु द्वीप तो भारत ने 1974 में श्रीलंका को दिया था लेकिन 1950 के दशक में ही भारत के हाथ से एक महत्वपूर्ण बंदरगाह फिसल गया था। यहां बात हो रही ग्वादर पोर्ट की। वही ग्वादर पोर्ट जो अब पाकिस्तान में है और चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा का अहम हिस्सा है। ओमान ने 1950 के दशक में भारत को ग्वादर बेचने की पेशकश की थी, जो उस समय एक छोटा मछली पकड़ने वाला गांव था। 

संबंधितपोस्ट

फ्लाईदुबई के ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की पूरी कहानी: ओमान एयर में उठा था कट्टरपंथ का अलर्ट, फिर कैसे पहुंचा कॉकपिट तक?

होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमला, 5 भारतीयों को सुरक्षित ओमान लाया गया

जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

और लोड करें

हालांकि, तत्कालीन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अगर 1956 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ओमान सुल्तान का ऑफर स्वीकार कर लिया होता तो यह आज भारत का हिस्सा होता। कई एक्सपर्ट्स पंडित जवाहर लाल नेहरू के इस फैसले को कच्चातिवु द्वीप की तरह बड़ी गलती मानते हैं।

ग्वादर पर 200 साल तक ओमान का राज रहा, लेकिन 1956 में ओमान सुल्तान इसे भारत को बेचना चाहते थे और उन्होंने भारत सरकार के सामने इसका प्रस्ताव रखा। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने विभिन्न कारणों को ध्यान में रखते हुए इसे स्वीकार नहीं किया और 1958 में ओमान सुल्तान ने पाकिस्तान को यह शहर बेच दिया। 

रिटायर्ड गुरमीत कंवल ने 2016 में एक ओपिनियन पीस ‘द हिस्टोरिक ब्लंडर ऑफ इंडिया नो वन टॉक्स अबाउट’ में इस वाकिए का जिक्र करते हुए इसे पंडित जवाहर लाल नेहरू की बड़ी गलती बताया है। उन्होंने कहा कि ओमान सुल्तान का यह बेश्कीमती उपहार स्वीकार न करना पूर्व प्रधानमंत्री की बड़ी भूल थी।

और पढ़ें:- अपने पिता की तरह इंदिरा गांधी भी थी बहुत दानवीर, श्रीलंका को दे बैठी थी यह द्वीप।

ओमान के सुल्तान भारत को क्यों बेचना चाहते थे ग्वादर?

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य प्रमित पाल चौधरी ने बताया कि भारत और ओमान के बीच अच्छे रिश्ते थे इसलिए आजादी के बाद ग्वादर की देख-रेख भारत प्रशासन करता था। 

भारत के साथ अच्छे रिश्ते होने की वजह से साल 1956 में ओमान ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के सामने ग्वादर बेचने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। दो साल बाद 1958 में ओमान ने 30 लाख पाउंडस में इसे पाकिस्तान को दे दिया। 

एक इतिहासकार अजहर अहमद ने ‘ग्वादर: ए हिस्टोरिक कलाइडोस्कोप’ में बताया कि ब्रिटिश सरकार के कुछ दस्तावेजों में इस बात का भी जिक्र है कि भार के जैन समुदाय को भी ग्वादर को बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। 

जैन काफी धनी समुदाय था और ओमान सुल्तान का ऐसा मानना था कि उनसे अच्छी राशि मिल सकती है। जब पाकिस्तान को इस बात की भनक लगी तो उसने ग्वादर को खरीदने की कोशिशें तेज कर दी और इसमें कामयाब हुआ।

नेहरू ने क्यों नहीं स्वीकार किया ग्वादर का ऑफर

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ओमान सुल्तान की पेशकश को क्यों स्वीकार नहीं किया, इसके लिए उस समय की परिस्थितियां भी जिम्मेदार थीं। प्रमित पाल चौधरी ने बताया कि तत्कालीन विदेश सचिव सबीमल दत्त और इंडियन इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ बीएन मलिक ने जवाहर लाल नेहरू को सुल्तान का ऑफर स्वीकार न करने का सुझाव दिया था। 

उस समय भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे थे ऐसे में वो लोग नहीं चाहते थे कि ऐसा कोई भी कदम उठाया जाए, जो रिश्तों को और खराब कर दे। उनका ऐसा मानना था कि अगर ऑफर स्वीकार किया गया तो यह बिना किसी वजह के पाकिस्तान को उकसाने जैसा होगा। 

नेहरू पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बेहतर करने की तरफ जोर दे रहे थे। साथ ही एक तर्क यह भी था कि ग्वादर को अपने कब्जे में लेने से भारत को वैसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिस तरह पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से में देखा गया और बाद में अलग होकर वह बांग्लादेश बना। 

क्या है ग्वादर का इतिहास, कैसे शुरू हुआ ओमान का राज?

ग्वादर का इतिहास उठाकर देखा जाए तो इस शहर पर साल 1783 में ओमान का राज शुरू हुआ। प्रमित पाल ने बताया कि खान ऑफ कलात मीर नूरी नासीर खान बलोच ने मसकट के प्रिंस सुल्तान बिन अहमद को ग्वादर गिफ्ट में दिया था। दोनों सुल्तानों के बीच एक आपसी समझ बनी कि अगर प्रिंस ओमान की गद्दी पर बैठते हैं तो ग्वादर को खान ऑफ कलात को वापस सौंप देंगे।

सुल्तान बिन अहमद अरब पर आक्रमण के लिए ग्वादर बेस का इस्तेमाल करते थे। 1792 में उन्हें मस्कट की गद्दी मिल गई, लेकिन उन्होंने ग्वादर को खान ऑर कलात को वापस नहीं लौटाया, जिस वजह से दोंनों के बीच विवाद शुरू हो गया। उधर, भारत पर राज कर रही ब्रिटिश हुकूमत भी ग्वादर पर कब्जा चाहती थी। 

मार्टिन बुडवर्ड ने अपने आर्टिकल ‘ग्वादर: द सुल्तान पजेशन’ में बताया कि 1895 और 1904 में खान ऑफ कलात और ब्रिटिश सरकार ने ग्वादर को लेकर ओमान सुल्तान के सामने प्रस्ताव रखा, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। 1763 के बाद से ग्वादर ब्रिटिश सरकार के अधीन तो था, लेकिन सीधे तौर पर उसका यहां शासन नहीं था।  

खान ऑफ कलात बार-बार ग्वादर को वापस मांग रहे थे और ओमान सुल्तान विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य और वित्तीय मदद लेने के लिए ग्वादर को अंग्रेजों को हैंडओवर करने की बात कर रहे थे। 

जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो उन रियासतों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ, जो ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन तो थीं, लेकिन अंग्रेजों का सीधे तौर पर इन पर कोई शासन नहीं था। बलूचिस्तान की कलात, खारान, लॉस बुला और मकरान ये रियासतें थीं, जो अपने आंतरिक फैसले खुद लेते थीं और कुछ संधियों के तहत ब्रिटिश सम्राज्य का हिस्सा थीं। बंटवारे के समय इन्हें अधिकार दिया गया कि ये अपने मन से भारत और पाकिस्तान में से किसी के भी साथ विलय कर सकती हैं।

Tags: CongressGwadar PortJawaharlal NehruomanPakistanओमानकांग्रेसग्वादर पोर्टजवाहर लाल नेहरूपाकिस्तान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हुई रहस्यमय तरीके से मौत।

अगली पोस्ट

आतंकवाद पर राजनाथ सिंह का साहसिक बयान, कहा “घर में घुस के मारेंगे”

संबंधित पोस्ट

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?
चर्चित

अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

3 October 2026

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर पर दिनदहाड़े ईंटों से हमला सिर्फ मंदिर की खिड़कियां टूटने की घटना नहीं है। यह उस डर को...

BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।
चर्चित

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

3 October 2026

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले BJP अब अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर सीधा हमला करने की तैयारी में है। पार्टी का नया फोकस सिर्फ...

नील विद्रोह
इतिहास

“नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

2 October 2026

हमारे देश में अनेक आंदोलन हुए, जिनका दर्द आज भी भारतीयों की रगों में जिंदा है। कुछ आंदोलन ऐसे हैं, जो बिना तोप ताने और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

Hanuman Chalisa Kept Me Going': Flydubai Hero Smit

00:10:03

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited