TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

    भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी

    गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम

    गणतंत्र दिवस पर आतंकी साजिश नाकाम: पंजाब में आरडीएक्स और हथियारों के साथ बब्बर खालसा के आतंकी गिरफ्तार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट

    गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    गणतंत्र दिवस 2026: शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयार कर्तव्य पथ, आसमान में दिखेगी ऑपरेशन ‘सिंदूर’ की झलक

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तानाशाही मॉडल अब केवल चीन की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा है

    डिजिटल तानाशाही का मॉडल: चीन और खामोश होती दुनिया

    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेहरू ने क्यों ठुकराया था ग्वादर पोर्ट का ऑफर? 

अगर 1956 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ओमान सुल्तान का ऑफर स्वीकार कर लिया होता तो आज ग्वादर पोर्ट भारत का हिस्सा होता।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
8 April 2024
in इतिहास, चर्चित, भू-राजनीति, राजनीति
ग्वादर पोर्ट, जवाहर लाल नेहरू, कांग्रेस, पाकिस्तान, ओमान
Share on FacebookShare on X

इंदिरा गांधी सरकार के दौरान ‘कच्चातिवु’ द्वीप श्रीलंका को दिए जाने का मुद्दा 50 साल बाद लोकसभा चुनाव में भी गूंज रहा है। इस मुद्दे पर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकरीबन हर रैलियों में इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस को घेर रहे हैं। उस पर देश की संप्रभुता से समझौते का आरोप लगा रहे हैं।

कच्चातिवु द्वीप तो भारत ने 1974 में श्रीलंका को दिया था लेकिन 1950 के दशक में ही भारत के हाथ से एक महत्वपूर्ण बंदरगाह फिसल गया था। यहां बात हो रही ग्वादर पोर्ट की। वही ग्वादर पोर्ट जो अब पाकिस्तान में है और चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा का अहम हिस्सा है। ओमान ने 1950 के दशक में भारत को ग्वादर बेचने की पेशकश की थी, जो उस समय एक छोटा मछली पकड़ने वाला गांव था। 

संबंधितपोस्ट

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

पाकिस्तान के JF-17 ‘ऑर्डर्स’: दावे ज़्यादा, हकीकत कम

पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

और लोड करें

हालांकि, तत्कालीन केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। अगर 1956 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने ओमान सुल्तान का ऑफर स्वीकार कर लिया होता तो यह आज भारत का हिस्सा होता। कई एक्सपर्ट्स पंडित जवाहर लाल नेहरू के इस फैसले को कच्चातिवु द्वीप की तरह बड़ी गलती मानते हैं।

ग्वादर पर 200 साल तक ओमान का राज रहा, लेकिन 1956 में ओमान सुल्तान इसे भारत को बेचना चाहते थे और उन्होंने भारत सरकार के सामने इसका प्रस्ताव रखा। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने विभिन्न कारणों को ध्यान में रखते हुए इसे स्वीकार नहीं किया और 1958 में ओमान सुल्तान ने पाकिस्तान को यह शहर बेच दिया। 

रिटायर्ड गुरमीत कंवल ने 2016 में एक ओपिनियन पीस ‘द हिस्टोरिक ब्लंडर ऑफ इंडिया नो वन टॉक्स अबाउट’ में इस वाकिए का जिक्र करते हुए इसे पंडित जवाहर लाल नेहरू की बड़ी गलती बताया है। उन्होंने कहा कि ओमान सुल्तान का यह बेश्कीमती उपहार स्वीकार न करना पूर्व प्रधानमंत्री की बड़ी भूल थी।

और पढ़ें:- अपने पिता की तरह इंदिरा गांधी भी थी बहुत दानवीर, श्रीलंका को दे बैठी थी यह द्वीप।

ओमान के सुल्तान भारत को क्यों बेचना चाहते थे ग्वादर?

नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य प्रमित पाल चौधरी ने बताया कि भारत और ओमान के बीच अच्छे रिश्ते थे इसलिए आजादी के बाद ग्वादर की देख-रेख भारत प्रशासन करता था। 

भारत के साथ अच्छे रिश्ते होने की वजह से साल 1956 में ओमान ने पंडित जवाहर लाल नेहरू के सामने ग्वादर बेचने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। दो साल बाद 1958 में ओमान ने 30 लाख पाउंडस में इसे पाकिस्तान को दे दिया। 

एक इतिहासकार अजहर अहमद ने ‘ग्वादर: ए हिस्टोरिक कलाइडोस्कोप’ में बताया कि ब्रिटिश सरकार के कुछ दस्तावेजों में इस बात का भी जिक्र है कि भार के जैन समुदाय को भी ग्वादर को बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। 

जैन काफी धनी समुदाय था और ओमान सुल्तान का ऐसा मानना था कि उनसे अच्छी राशि मिल सकती है। जब पाकिस्तान को इस बात की भनक लगी तो उसने ग्वादर को खरीदने की कोशिशें तेज कर दी और इसमें कामयाब हुआ।

नेहरू ने क्यों नहीं स्वीकार किया ग्वादर का ऑफर

पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ओमान सुल्तान की पेशकश को क्यों स्वीकार नहीं किया, इसके लिए उस समय की परिस्थितियां भी जिम्मेदार थीं। प्रमित पाल चौधरी ने बताया कि तत्कालीन विदेश सचिव सबीमल दत्त और इंडियन इंटेलीजेंस ब्यूरो चीफ बीएन मलिक ने जवाहर लाल नेहरू को सुल्तान का ऑफर स्वीकार न करने का सुझाव दिया था। 

उस समय भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद नाजुक दौर से गुजर रहे थे ऐसे में वो लोग नहीं चाहते थे कि ऐसा कोई भी कदम उठाया जाए, जो रिश्तों को और खराब कर दे। उनका ऐसा मानना था कि अगर ऑफर स्वीकार किया गया तो यह बिना किसी वजह के पाकिस्तान को उकसाने जैसा होगा। 

नेहरू पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बेहतर करने की तरफ जोर दे रहे थे। साथ ही एक तर्क यह भी था कि ग्वादर को अपने कब्जे में लेने से भारत को वैसी ही स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, जिस तरह पाकिस्तान के पूर्वी हिस्से में देखा गया और बाद में अलग होकर वह बांग्लादेश बना। 

क्या है ग्वादर का इतिहास, कैसे शुरू हुआ ओमान का राज?

ग्वादर का इतिहास उठाकर देखा जाए तो इस शहर पर साल 1783 में ओमान का राज शुरू हुआ। प्रमित पाल ने बताया कि खान ऑफ कलात मीर नूरी नासीर खान बलोच ने मसकट के प्रिंस सुल्तान बिन अहमद को ग्वादर गिफ्ट में दिया था। दोनों सुल्तानों के बीच एक आपसी समझ बनी कि अगर प्रिंस ओमान की गद्दी पर बैठते हैं तो ग्वादर को खान ऑफ कलात को वापस सौंप देंगे।

सुल्तान बिन अहमद अरब पर आक्रमण के लिए ग्वादर बेस का इस्तेमाल करते थे। 1792 में उन्हें मस्कट की गद्दी मिल गई, लेकिन उन्होंने ग्वादर को खान ऑर कलात को वापस नहीं लौटाया, जिस वजह से दोंनों के बीच विवाद शुरू हो गया। उधर, भारत पर राज कर रही ब्रिटिश हुकूमत भी ग्वादर पर कब्जा चाहती थी। 

मार्टिन बुडवर्ड ने अपने आर्टिकल ‘ग्वादर: द सुल्तान पजेशन’ में बताया कि 1895 और 1904 में खान ऑफ कलात और ब्रिटिश सरकार ने ग्वादर को लेकर ओमान सुल्तान के सामने प्रस्ताव रखा, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। 1763 के बाद से ग्वादर ब्रिटिश सरकार के अधीन तो था, लेकिन सीधे तौर पर उसका यहां शासन नहीं था।  

खान ऑफ कलात बार-बार ग्वादर को वापस मांग रहे थे और ओमान सुल्तान विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य और वित्तीय मदद लेने के लिए ग्वादर को अंग्रेजों को हैंडओवर करने की बात कर रहे थे। 

जब भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो उन रियासतों को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ, जो ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन तो थीं, लेकिन अंग्रेजों का सीधे तौर पर इन पर कोई शासन नहीं था। बलूचिस्तान की कलात, खारान, लॉस बुला और मकरान ये रियासतें थीं, जो अपने आंतरिक फैसले खुद लेते थीं और कुछ संधियों के तहत ब्रिटिश सम्राज्य का हिस्सा थीं। बंटवारे के समय इन्हें अधिकार दिया गया कि ये अपने मन से भारत और पाकिस्तान में से किसी के भी साथ विलय कर सकती हैं।

Tags: CongressGwadar PortJawaharlal NehruomanPakistanओमानकांग्रेसग्वादर पोर्टजवाहर लाल नेहरूपाकिस्तान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हुई रहस्यमय तरीके से मौत।

अगली पोस्ट

आतंकवाद पर राजनाथ सिंह का साहसिक बयान, कहा “घर में घुस के मारेंगे”

संबंधित पोस्ट

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान भारतीय वायुसेना भव्य फ्लाईपास्ट
चर्चित

गणतंत्र दिवस 2026 लाइव: गणतंत्र दिवस परेड में दिखी सैन्य शक्ति, ब्रह्मोस–आकाश मिसाइलें और अर्जुन टैंक हुई शामिल

26 January 2026

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में देश की विकास...

अंतरिक्ष से सम्मान तक: ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र
चर्चित

गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक सम्मान: अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र

26 January 2026

इस गणतंत्र दिवस पर भारत ने एक ऐतिहासिक क्षण देखा, जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से...

भारतीय वायुसेना “ऑपरेशन सिंदूर” फॉर्मेशन के साथ फ्लायपास करेगी
चर्चित

गणतंत्र दिवस: सेना दिखाएगी अपनी युद्ध शक्ति, परेड में EU का दस्ता भी होगा शामिल

25 January 2026

भारतीय सेना 26 जनवरी, 2026 को कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड में अपनी युद्ध-तैयार और भविष्य की ताकत पेश करेगी। इस परेड...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited