TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    अमेरिका में हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, ट्रंप की वापसी के बाद क्यों बढ़ी भारतीयों की चिंता?

    BL Santosh BJP Punjab Mission 120 Days ahead of Punjab Assembly Election 2027पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP ने संगठन विस्तार के लिए 120 दिनों की रणनीति पर काम तेज किया है।

    पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की टूटने लगी कमर।

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा नीत राजग सरकार ने भारत देश के सबसे बड़े दुश्मन यानी नक्सलवाद को निपटने की जो रणनीति अपनाई है, वो बेहद कारगर होती दिख रही है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
13 May 2024
in चर्चित, रक्षा
नक्सलवादी, वामपंथ, भाजपा, नक्सलवाद पर कार्यवाही, नरेंद्र मोदी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, छत्तीसगढ़
Share on FacebookShare on X

कभी केंद्र सरकार ने संसद में ये बात स्वीकार की थी कि भारत में सबसे ज्यादा खून लाल आतंक की वजह से बहता है। साल 2004 की 4 नवंबर को नए-नए प्रधानमंत्री बने डॉक्टर मनमोहन सिंह ने कहा था कि नक्सलवाद भारत की आतंरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती है। साल 2010 में दंतेवाड़ा में नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हो गए थे और लगभग पूरी बटालियन का ही सफाया हो गया था। 

नक्सलवाद उस दौर में देश के 220 जिलों में था, जिसमें 83 जिलों में उनका काफी प्रभाव था। अबूझमाड़ के जंगल कुछ सालों तक अबूझ ही थे। लेकिन पिछले कुछ महीनों में नक्सलियों की जिस तरह से कमर टूट रही है और सुरक्षा बल उनका एक के बाद एक सफाया कर रहे हैं, वो बदली हुई सरकार का, उसकी इच्छाशक्ति का और बदलती रणनीति का नतीजा है।

संबंधितपोस्ट

अखिलेश के राज्यसभा सांसद ने की मोदी की तारीफ, सपा की PDA राजनीति पर फिर उठे सवाल

इंडिया ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ मार्च, राहुल गांधी-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

पंजाब में BJP का ‘मिशन 120 दिन’: हर सीट पर 5 हजार कार्यकर्ताओं का टारगेट, युवा-किसान मोर्चे को मिला बड़ा टास्क

और लोड करें

नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा नीत राजग सरकार ने भारत देश के सबसे बड़े दुश्मन यानी वामपंथी हिंसा से निपटने की जो रणनीति अपनाई है, वो बेहद कारगर होती दिख रही है। मोदी सरकार ने साल 2027 तक पूरे देश को लाल आतंक से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा है। ये लक्ष्य तभी पूरा हो सकता था, जब नक्सलियों को उनकी ही मांद में घुसकर न सिर्फ चुनौती दी जाए, बल्कि उनकी जड़ों पर भी करारा प्रहार किया जाए। 

अब पिछले कुछ माह से नतीजे भी सामने आ रहे हैं। अकेले छत्तीसगढ़ में पिछले 4 माह में नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन हुए हैं। इन ऑपरेशंस में सौ से ज्यादा नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें शीर्ष कमांडर तक शामिल हैं, तो 400 से ज्यादा सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

इस सफलता के पीछे क्या है वजह?

मोदी सरकार ने जब नक्सलवाद के सफाए का लक्ष्य निर्धारित किया, तब सबसे ज्यादा जिस बात पर चर्चा हुई, वो थी नक्सलियों के खिलाफ रणनीति बनाने की। ऐसे में गृह मंत्रालय ने ये तय किया कि सीमा की रखवाली के साथ ही कश्मीर में आतंकवाद का सामना कर चुके बीएसएफ और अन्य फ्रंटल अर्धसैनिक बलों को भी नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में सामने लाया जाए। 

अभी तक ये जिम्मेदारी सिर्फ सीआरपीएफ तक सीमित थी, बाकी कुछ हिस्सों में औद्योगिक इकाइयों की रक्षा के लिए सीआईएसएफ की टुकड़ियों की सहायता ली जाती थी। ऐसे में फ्रंट पर सीआरपीएफ के साथ ही बीएसएफ को भी नक्सलियों से निपटने का जब जिम्मा सौंपा गया, तब सवाल भी उठ रहे थे, लेकिन अब सभी सवालों के जवाब सामने हैं।

दरअसल, सीआरपीएफ की टीम एक निश्चित प्लानिंग के साथ ही आगे बढ़ती थी। सीआरपीएफ के साथ स्थानीय पुलिस और जंगलों में लड़ने के लिए ट्रेंड राज्यों की स्पेशल फोर्स पूरी प्लानिंग करती थी। फिर ऊपर से आदेश और लंबी सरकारी प्रक्रिया। 

ऐसे में कई बार नक्सलियों को बच कर निकल जाने का मौका मिलता था। यही नहीं, नक्सलियों के जोन में न तो मोबाइल टॉवर होते थे और न ही सुरक्षा चौकियां। ऐसे में हमारे सुरक्षा बल नक्सलियों के जाल में अक्सर फंस जाते थे, लेकिन बीएसएफ को नक्सल विरोधी अभियान में शामिल करने से परिस्थितियाँ बदल गई।

फास्ट ट्रैक्ड एंटी नक्सल ऑपरेशन से सफलता

बीएसएफ को लालफीताशाही से मुक्त रखकर गृह मंत्रालय ने फास्ट ट्रैक्ड एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाने की अनुमति दी है। ऐसे में पहले जहाँ किसी ऑपरेशन को अंजाम देने में सीआरपीएफ की टीम को काफी समय लग जाता था और नक्सलियों को संभलने का मौका मिल जाता था, वो मौका अब नहीं मिलता है। 

अब बीएसएफ टारगेटेड ऑपरेशन को अंजाम देती है। बीएसएफ व अन्य सुरक्षा बलों को नए हथियारों और तकनीकी से लैस किया गया है। यही नहीं, नक्सलियों के गढ़ के आसपास भी अब सुरक्षा बलों की उपस्थिति है, खासकर अबूझमाड़ में नक्सलियों के सबसे बड़े केंद्र से महज 4 किमी की दूरी पर।

अब पहले के मुकाबले, संचार ही नहीं, यातायात की व्यवस्था और चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस की चौकियाँ नक्सलियों के खात्मे में खासा योगदान दे रहे हैं। पिछले 4-5 माह में जो नतीजे सामने आए हैं, वो इन्हीं चार-5 माह की व्यवस्था नहीं है। दरअसल, गृह मंत्रालय और नक्सल प्रभावित राज्यों में साल 2022 से नई प्लानिंग के तहत जो पुलिस की चौकियाँ बनाई गई हैं, वो काफी काम आ रही हैं। 

अब कॉर्डिनेटेड अटैक में नक्सलियों को संभालने का मौका नहीं दिया जा रहा है। कुछ दिनों पहले ही बीएसएफ ने एकदम तड़के नक्सलियों के एक शिविर पर धावा बोल दिया था, जिसमें 29 से ज्यादा नक्सली मार गिराए गए थे। उन नक्सलियों में ईनामी नक्सली भी शामिल थे। 

उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला था, हालांकि तीन तरफ से घिरे होने के बावजूद बड़ी संख्या में नक्सली भागने में सफल हो गए थे, लेकिन उस ऑपरेशन के बाद सुरक्षा बलों ने दो और बड़े ऑपरेशन चलाए, जिसमें 2 दर्जन से ज्यादा नक्सली ढेर किए जा चुके हैं।

नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए ये बड़े अभियान

नक्सलवाद के खात्मे के लिए कभी सरकार ने स्थानीय लोगों को हथियारों से लैस करने का अभियान शुरु किया था, जिसमें सलवा जुडूम अभियान प्रमुख था। हालाँकि सरकार ने इसे कभी अपना अभियान नहीं माना, लेकिन कोर्ट से रोक लगने के बाद इस अभियान पर रोक लग गई। इसके अलावा साल 2009 में ऑपरेशन ग्रीन हंट चलाया गया। 

इस ऑपरेशन से नक्सलियों की घेरेबंदी में थोड़ी सफलता तो मिली, लेकिन नुकसान ज्यादा हुआ। हालांकि अब नक्सलियों के बारे में ज्यादा सूचनाएं उपलब्ध थी। ऑपरेशन ग्रीन हंट से मिले सबक के बाद ऑपरेशन प्रहार शुरू किया गया। 

तीन हिस्सों में ऑपरेशन प्रहार को काफी सफलताएँ मिली, लेकिन नक्सली अपने गढ़ों में मजबूत बने रहे थे। मौजूदा समय में सुरक्षा बल नक्सली इलाकों में हॉट परस्यूट और ड्राइव फॉर हंट चला रहे हैं, जो नक्सल आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलताएँ दिला रही है।

नक्सल आतंकवाद का खात्मा कब तक?

हॉट परस्यूट और ड्राइव फ़ॉर हंट के तहत अब सुरक्षा बल अलग तरीके से नक्सलियों का सफाया कर रहे हैं। पहले नक्सलियों के पास इतना समय होता था कि वो अपना पीछा कर रहे सीआरपीएफ के जवानों को घेरकर उनपर ही हमला कर देते थे, लेकिन अब सुरक्षा बल न सिर्फ उनका पीछा करते हैं, बल्कि बेहतरी मशीनरी के दम पर उनकी आईईडी से लेकर माइन्स तक का तोड़ निकाल रहे हैं। 

ऐसे में माओवादियों का शिकार बनने की जगह अब सुरक्षा बल माओवादियों का थकाकर, उनका ही शिकार करते हैं। इसकी वजह से इस ऑपरेशन का सक्सेस रेट ज्यादा है। इसके अलावा जो बात इन ऑपरेशंस की सफलता में सबसे आगे आ रही है, वो है इन सुरक्षा बलों के हाथों में अत्याधुनिक हथियार, जिनको उन तक पहुँचाने का जिम्मा खुद गृह मंत्रालय उठा रहा है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जल्द से जल्द राज्य से नक्सलियों के सफाए की बात कह रहे हैं, जिसमें दम भी नजर आता है। लेकिन नक्सलियों के लड़ने के तरीके और उनकी शैली को देखते हुए इसमें थोड़ा समय और लगने की उम्मीद है। 

वैसे, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसी साल एक हाई-लेवल मीटिंग की थी, खासकर इस साल नक्सल आतंकवाद को कुचलने की शुरुआत से पहले की आखिरी बड़ी मीटिंग, जिसमें उन्होंने सुरक्षाबलों को पूरी छूट देते हुए नक्सलवाद के समूल नाश के लिए साल 2027 का समय फिक्स्ड कर दिया है। 

ये मोदी सरकार का तीसरा कार्यकाल होगा, जब कमोवेश उसी समय भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन रहा होगा, तो दूसरी तरफ वो अपने अंदर मौजूद सबसे बड़े खतरे को भी खत्म कर चुका होगा।

और पढ़ें:- बस्तर में कैसे दम तोड़ रहा नक्सलवाद?

Tags: Action on NaxalismBJPBSFChhattisgarhCRPFleftismNarendra ModiNaxaliteछत्तीसगढ़नक्सलवादनक्सलवाद पर कार्यवाहीनरेंद्र मोदीबीएसएफ़भाजपावामपंथसीआरपीएफ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट की ये ‘दरियादिली’ कहीं गले की हड्डी न बन जाए।

अगली पोस्ट

FY24 में यह देश रहा भारत का सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर? 

संबंधित पोस्ट

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदली, सरकार का सख्त संदेश: विरोध के नाम पर मनमानी नहीं चलेगी!
चर्चित

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह बदली, सरकार का सख्त संदेश: विरोध के नाम पर मनमानी नहीं चलेगी!

12 October 2026

दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। दिल्ली पुलिस ने इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला किया है। गृह...

राहुल गांधी
चर्चित

राजीव गांधी के कार्यकाल में 2 दिन में पास हुआ था मतदान उम्र घटाने का विधेयक, राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर आरोपों के बीच फिर चर्चा

12 October 2026

कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की...

राम मनोहर लोहिया केस: नेहरू के पहले संविधान संशोधन
चर्चित

राम मनोहर लोहिया केस: नेहरू के पहले संविधान संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में मिली चुनौती, अभिव्यक्ति की आजादी पर अहम फैसला

12 October 2026

डॉ. राम मनोहर लोहिया देश के प्रमुख समाजवादी नेताओं में गिने जाते हैं। उन्हें अक्सर पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों का विरोध करने वाले नेता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s $10.5 Billion Aircraft Deal: C-390 vs C-130J

India’s $10.5 Billion Aircraft Deal: C-390 vs C-130J

00:05:35

How India Is Preparing for the Next Air War | Beyond Rafale, S-400 & Drones | IAF

00:05:03

IAF's Next 10 Years : What Will India’s Air Force Look Like in Future| AMCA | Tejas MK2 | TEDBF

00:05:39

Starlink vs India: The Bigger Game Nobody Is Talking About | Elon Musk | Ambani | PM Modi

00:16:08

Why Is the World Buying India’s Akash Missile System? Who’s Next in Line? | Armenia | Make in India

00:04:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited