TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    तंबाकू व्यवसायी के बेटे शिवम मिश्रा चर्चा में

    लैम्बॉर्गिनी कार ने कइयों को कुचला, लेकिन आरोपी रईसजादे को थाने में मिला VIP ट्रीटमेंट !

    Anu Lal

    क्या धर्म पर्यावरण की रक्षा कर सकता है? ‘बिश्नोईज़ एंड द ब्लैकबक’ के माध्यम से अनु लाल का एक जरूरी सवाल

    बजट सत्र के दौरान संसद में हंगामा

    बजट सत्र में लोकसभा फिर बाधित, विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की दी चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सूरत को शिवाजी महाराज ने लूटा था या नहीं? मूर्ति पर ‘महा’भारत के बीच नया विवाद क्या, समझिए

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
4 September 2024
in चर्चित
सूरत को शिवाजी महाराज ने लूटा था या नहीं? मूर्ति पर ‘महा’भारत के बीच नया विवाद क्या, समझिए
Share on FacebookShare on X

महाराष्ट्र की राजनीति में छत्रपति शिवाजी महाराज पर इन दिनों महाभारत छिड़ी है। पहले सिंधुदुर्ग में शिवाजी की मूर्ति गिरने के बाद सियासी घमासान मचा। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस विपक्ष के निशाने पर आ गए। चुनावी साल होने और महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज की अभूतपूर्व स्वीकार्यता होने से मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नारायण राणे के बयान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। राणे ने कहा कि मैं इतिहासकार नहीं हूं, लेकिन इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे से मैंने जो भी पढ़ा, सुना और जाना है उसके आधार पर कह सकता हूं कि शिवाजी महाराज नी सूरत ला लूट केली (शिवाजी महाराज ने सूरत को लूटा था)। ऐसे में सवाल उठता है कि शिवाजी महाराज ने क्या वाकई सूरत को लूटा था? एक सच यह भी है कि उस दौर में मुगल बादशाह औरंगजेब से शिवाजी महाराज अकेले मोर्चा ले रहे थे। शिवाजी और सूरत की इस कहानी का पूरा सच क्या है, आइए समझते हैं।

सूरत पर छत्रपति शिवाजी ने दो बार हमला किया था- 1664 और 1670 ईसवी। इस हमले के पीछे असल मकसद मराठा साम्राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना था। दरअसल सूरत उस समय मुगल साम्राज्य के नियंत्रण में था। शिवाजी के सूरत पर हमले की हकीकत जानने से पहले आपको उस समय की परिस्थितियों के बारे में बताते हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज ने दक्षिण के मोर्चे पर मुगल बादशाह औरंगजेब की नींद उड़ा दी थी। औरंगजेब ने 1660 ईसवी में अपने मामा शाइस्ता खां को दक्षिण (दक्कन) का सूबेदार बनाया। उसे खास तौर पर शिवाजी से भिड़ने के लिए नियुक्त किया गया था। 1661 से 1663 ईसवी तक शाइस्ता खां और उसकी मुगल फौज ने शिवाजी महाराज के मराठा राज्य को बहुत नुकसान पहुंचाया। गांव के गांव जला दिए गए और कत्लेआम मचाया गया। आखिरकार शिवाजी ने शाइस्ता खां को सबक सिखाने की ठानी। अप्रैल 1663 में एक रात पूना (अब पुणे) में शिवाजी ने अपने विश्वस्त मराठा सैनिकों के साथ शाइस्ता खां पर अचानक हमला बोल दिया। इस हमले से भौंचक्के शाइस्ता खां को अपनी तीन अंगुलियों और बेटे से हाथ धोना पड़ा था। इसके बाद शाइस्ता खां उल्टे पांव वापस चला गया लेकिन शिवाजी ने मराठा राज्य को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सूरत पर हमले की योजना बनाई।

संबंधितपोस्ट

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

‘क्रूर था अकबर’: बाबर, अकबर, औरंगज़ेब और शिवाजी पर क्या कहती है NCERT की नई किताब?

दारा शिकोह: उपनिषद पढ़ने वाला मुगल जिसका सिर कटवाकर औरंगज़ेब ने पिता शाहजहां को किया था पेश

और लोड करें

उस दौर में सूरत मुगल साम्राज्य का बहुत अमीर और संपन्न शहर था। हालांकि मुगल सूरत को लेकर किसी हमले के अंदेशे से निश्चिंत थे। मुगल फौज का कमांडर और शहर का गवर्नर इनायत खान था। शिवाजी सूरत पहुंचने से 9 दिन पहले मुंबई के आसपास थे। उनके साथ चार हजार मराठा सैनिक थे। 6 जनवरी 1664 की सुबह शिवाजी सूरत पहुंचे। सूरत पहुंचते ही उन्होंने गवर्नर इनायत खान को संदेश भिजवाया कि बिना किसी हिंसा के धन सौंप दिया जाए। अगले दिन यानी 6 जनवरी को इनायत खान ने शिवाजी के पास अपना दूत भेजा। बातचीत के दौरान बेसिर-पैर की शर्तें रखते हुए उसने धोखे से खंजर निकालकर शिवाजी को मारने की कोशिश की। मराठा अंगरक्षक ने वार शिवाजी पर लगने से पहले ही उसका हाथ काट दिया। इसके बाद उसका वध कर दिया गया। शिवाजी पर हमला मराठा सैनिकों का गुस्सा भड़काने के लिए काफी था। इसके बाद शिवाजी की सेना ने शहर के मुगल प्रबंधकों को लूटना शुरू किया। कुछ हवेलियों को भी आग के हवाले किया गया। सूरत की ये लूट 6 जनवरी से 10 जनवरी 1664 तक चली थी।

सूरत उस समय मुगलों का मुख्य बंदरगाह था। यहां से मुगलों का व्यापार फारस की खाड़ी तक चलता था। इतिहासकार गजानन भास्कर मेहंदाले ने ‘शिवाजी, हिज लाइफ एंड टाइम्स’ किताब में इसका जिक्र करते हुए लिखा है कि शिवाजी महाराज ने सोचा था कि अगर सूरत को लूटा गया, तो मुगलों को सजा मिलेगी और प्रचुर धन की हानि होगी। 1661 से 1663 तक औरंगजेब का सरदार शाइस्ता खान दक्कन अभियान पर था। दो साल के मुगल अभियान के दौरान दक्कन के खेत बरबाद हो गए। इतिहासकार सर जदुनाथ सरकार ने अपनी पुस्तक ‘शिवाजी एंड हिज टाइम्स’ में लिखा है कि शिवाजी महाराज को स्वराज्य के लिए धन की आवश्यकता थी। इसके साथ शाइस्ता खां पर हमला कर उसे भगाने के बाद शिवाजी मुगल दरबार में भी अपना खौफ पैदा करना चाहते थे।

कुछ वामपंथी इतिहासकार शिवाजी की सूरत लूट को गलत ठहराते हैं, लेकिन भूल जाते हैं कि इस लूट से पहले तीन साल तक शिवाजी का राज्य तबाह कर दिया गया था। मुगल सेना ने नागरिकों का नरसंहार किया। सूरत पहुंचने से पहले ही शिवाजी ने घोषणा कर दी थी कि वह किसी को नुकसान पहुंचाने नहीं बल्कि औरंगजेब को सबक सिखाने आए हैं। मुस्लिम इतिहासकार खफी खां ने भी माना है कि शिवाजी का नियम था कि मस्जिदों, धर्मग्रंथों और स्त्रियों को हानि नहीं पहुंचनी चाहिए। कुरान शरीफ मिलने पर उसे किसी मुसलमान साथी को सौंप दिया जाता था। सूरत पर हमले से शिवाजी को एक करोड़ से ज्यादा की रकम मिली थी। एक यूरोपियन व्यापारी ने भी लिखा है कि मराठे अपने साथ सोना-चांदी, हीरे-जवाहरात और कीमती चीजों के अलावा कुछ नहीं ले गए थे। उस समय सूरत में कुछ मिशनरियां भी सक्रिय थीं। लेकिन उनके घरों को किसी मराठा सैनिक ने हाथ तक नहीं लगाया था। शिवाजी जब तक सूरत में थे, मुगल गवर्नर इनायत खान किले में छिपा रहा। सूरत की इस लूट ने मुगल बादशाह औरंगजेब को हैरान कर दिया था।

पहली बार सूरत को लूटने के बाद शिवाजी के खिलाफ औरंगजेब ने मिर्जा राजा जय सिंह को भेजा। इसके बाद महाराज आगरा गए और वहां से औरंगजेब की कैद से आजाद होकर दोबारा राजगढ़ पहुंचे। उसका भी एक अलग इतिहास है। बीच के वर्षों में मराठों और मुगलों के बीच पुरंदर की संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस संधि के अनुसार, मराठों को कई किलों और कस्बों पर अपना कब्जा छोड़ना पड़ा। शिवाजी महाराज के राजगढ़ लौटने के बाद, उन्होंने मुगल कब्जे वाले इलाकों में फिर से हाथ-पैर फैलाने शुरू किए।

सूरत पर पहला हमला करने के छह साल बाद अक्टूबर 1670 में शिवाजी महाराज ने औरंगजेब को सबक सिखाने के लिए एक बार फिर सूरत पर धावा बोला। इस बार मराठा सेना ने सूरत को तीन दिन तक लूटा। सूरत की इस दूसरी लूट का नतीजा यह हुआ कि मराठों से मुगल सैनिकों में दहशत फैल गई। लगभग एक साल तक सूरत में ‘मराठों के आ जाने’ की अफवाहें उठती थीं। सूरत की लूट ने औरंगजेब को दक्षिण नीति बदलने पर भी मजबूर कर दिया था।

इतिहासकार राजनारायण चंदावरकर ने अपनी किताब ‘ओरिजिन ऑफ इंडस्ट्रियल कैपिटलिज्म इन इंडिया’ में मुंबई के उदय पर एक पूरा अध्याय लिखा है। वह लिखते हैं, सूरत मुगलों के नियंत्रण में एक बंदरगाह था। 17वीं और 18वीं शताब्दी के अंत में मुगल साम्राज्य का पतन शुरू हो गया। मराठों ने सूरत को लूट लिया और इन बंदरगाहों का महत्व काफी कम हो गया। सूरत के महत्व के पतन का मुख्य कारण मुगल साम्राज्य का पतन था। लेकिन साथ ही,  मराठा साम्राज्य और अंग्रेजों का उदय भी एक महत्वपूर्ण कारक था। मुंबई के आसपास के क्षेत्र से अंग्रेज जो कच्चा माल चाहते थे,  उसे हासिल करना बहुत आसान था। इसलिए अंग्रेजों ने मुंबई को चुना। जो भी हो  355 साल पहले हुई उस घटना का मुंबई के विकास पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा। इसलिए सूरत की इस लूट के मुंबई कनेक्शन को भी इतिहास के आईने में देखने की जरूरत है।

-सुधाकर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार 

Tags: 17वीं सदीइतिहास विवादऔरंगजेबछत्रपति शिवाजीनारायण राणेमराठा इतिहासमहाराष्ट्र राजनीतिमुगलों से संघर्षशिवाजी और सूरतसूरत लूट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बटेंगे तो कटेंगे– राष्ट्रीय एकता के बहाने हिन्दुत्व की राजनीति को धार दे गए योगी आदित्यनाथ

अगली पोस्ट

बुलडोजर जंग: तुम भी पार्टी बना लो, मुलायम सिंह का निशान यूज मत करो… 2027 अभी दूर है अखिलेश जी!

संबंधित पोस्ट

कांदला घाट में टैंकर हादसे के बाद मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर बड़ी जाम से राहत
चर्चित

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर टैंकर पलटने के 32 घंटे बाद ट्रैफिक बहाल

5 February 2026

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक गुरुवार की सुबह फिर से बहाल हो गया, लगभग 32 घंटे बाद, जब खंडाला घाट के अदोशी टनल के पास एक...

मणिपुर विधानसभा
चर्चित

मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

3 February 2026

लंबे वक्त से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे मणिपुर को आज नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। संभावित सरकार गठन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)...

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान
चर्चित

केरल के कम्युनिस्ट नेता वी.एस अच्युतानंदन को पद्म विभूषण देगी मोदी सरकार; धर्मेंद्र, शिबू सोरेन, अलका याज्ञनिक, रोहित शर्मा, पीयूष पांडे को भी पद्म सम्मान

25 January 2026

गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited