आज जिस जीवित राष्ट्रीय चेतना को हम देख रहे हैं, कभी उसका ह्रास हो रहा था तो नैमिषारण्य की धर्मसभा ने ही इसकी रक्षा की थी। इस धर्मसभा ने बिखर चुकी श्रमण संस्कृति का समन्वय किया।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा संघर्ष जारी रखें, अमेरिका साथ है

    ट्रंप का ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन बोले—प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से कहा संघर्ष जारी रखें, अमेरिका साथ है

    ट्रंप का ईरान में सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों को खुला समर्थन बोले—प्रदर्शन जारी रखें, मदद रास्ते में है

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    आईआईटी मद्रास ने रैमजेट तकनीक से चलने वाले 155 मिमी के तोप के गोले विकसित किए हैं

    रैमजेट पावर्ड शेल ? तोप का ये गोला क्यों साबित होने वाला है गेमचेंजर ?

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘सनातन धर्म ही राष्ट्रवाद है’: आधुनिक नैमिषारण्य बना ‘द जयपुर डायलॉग्स’, विचारों के मंथन से निकला ‘अमृत’

जब तक दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग साथ बैठेंगे नहीं, चर्चा नहीं करेंगे और कुछ लक्ष्य व उस लक्ष्य तक का रास्ता तय करने की प्रक्रिया निर्धारित नहीं करेंगे - तब तक हमारी विचारधारा का विकास संभव नहीं है।

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
28 October 2024
in चर्चित
द जयपुर डायलॉग्स, 2024 समिट

मंच पर आसीन भाऊ तोरसेकर, संजय दीक्षित और पंडित सतीश शर्मा (बाएँ से दाएँ)

Share on FacebookShare on X

अपने नैमिषारण्य के बारे में सुना होगा। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में स्थित ये स्थल कभी ऋषि-मुनियों के समागम का साक्षी बना करता था। पौराणिक शास्त्रों में इसका वर्णन है कि कैसे हर साल ऋषि-मुनि वहाँ जुटते थे, यज्ञ करते थे और भगवान की कथाएँ सुनते-सुनाते थे। लेकिन, वहाँ इनके जुटने का असली उद्देश्य कुछ और होता था। असली उद्देश्य होता था – तर्क-वितर्क, चर्चा और विचारों का मंथन। अमृत भरा कलश भी तभी निकला था जब हजारों देवताओं और असुरों ने साथ मिल कर समुद्र का मंथन किया था। ठीक इसी तरह, जब विचारों का मंथन होता है तो अमृत निकलता है।

क्यों ज़रूरी है राष्ट्रवादियों का एक जगह जुटना

वो अमृत कैसा होता है? असल में विचारों के मंथन से अगले कुछ समय के लिए सिद्धि प्राप्ति हेतु संकल्प मिलते हैं, हमें ये पता चलता है कि किस दिशा में आगे बढ़ना है, समसामयिक मुद्दों पर हमारे रुख में स्पष्टता आती है, हमारे विनाश को तत्पर शत्रुओं से निपटने की रणनीति मिलती है और एकता का सन्देश जाता है। एकता, जिससे सम्बल मिलता है। संभल ये कि कभी हम मुसीबत में होंगे तो वो कौन लोग हैं जो हमारा साथ दे सकते हैं। और, अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ साथ बैठते हैं, मंथन करते हैं, तो वो एक-दूसरे को पूर्ण करते हैं।

संबंधितपोस्ट

शहबाज़ की मौजूदगी में SCO में मोदी का सख़्त संदेश: आतंकवाद पर कोई डबल स्टैंडर्ड बर्दाशत नहीं

सौदा होने तक कोई समझौता नहीं: अलास्का में बेनतीजा रही ट्रंप-पुतिन वार्ता

BRICS का विस्तार आधिकारिक रूप से तय!

और लोड करें

हम ये बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि हाल ही में जयपुर में एक ऐसा ही आयोजन हुआ। संजय दीक्षित के नेतृत्व में ‘द जयपुर डायलॉग्स’ के 2024 समिट का आयोजन हुआ। इस वार्षिक उत्सव में राष्ट्रवादी समूह के एक से बढ़ कर एक धुरंधरों ने न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान भी प्रवाहवान रहा। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका तक से लोग विचारों के समुद्र में गोते लगाने के लिए पहुँचे। राष्ट्रवादी कंटेंट पर आधारित पुस्तकें बड़ी संख्या में बिकीं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान ‘बँटेंगे तो कटेंगे’ टीशर्ट स्लोगन के रूप में काफ़ी लोकप्रिय रहा।

इस सम्मेलन की ज़रूरत इसीलिए पड़ी क्योंकि कभी जयपुर लिटफेस्ट के नाम पर वामपंथी हर साल इकट्ठे होते थे और कहा जाता था कि ये देश के सबसे सभ्य व जानकारी लोगों का आयोजन है। जबकि ये असल में ‘ब्रेकिंग इंडिया’ की सोच रखने वाली ताक़तों का जमावड़ा हुआ करता था। ये लिटफेस्ट कितना भारतीय था, ये इसी से समझ लीजिए कि इसके द्वारा जारी किए गए नक़्शे में केवल अंग्रेजी में लिखने वालों के नाम होते थे – महर्षि वाल्मीकि से लेकर नरेंद्र कोहली तक जैसे महान लेखक इनकी नज़र में कुछ नहीं थे। इसके एक पैनल में 2 RSS नेताओं को देख कर इतना हंगामा मचाया गया था जैसे संघ कोई आतंकी संगठन हो। इसीलिए, ‘जयपुर डायलॉग्स’ की महत्ता बढ़ जाती है, खासकर इस सेशन की।

महाराष्ट्र के वयोवृद्ध राजनीतिक विशेषज्ञ गणेश ‘भाऊ’ तोरसेकर, भाजपा नेता कपिल मिश्रा और प्रवक्ता तुहिन सिन्हा व प्रदीप भंडारी, TV डिबेट्स में अपने तर्कों से वामपंथियों के छक्के छुड़ाने वाले आनंद रंगनाथन, वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी व ओंकार चौधरी, योगी आदित्यनाथ की बायोग्राफी लिखने वाले शांतनु गुप्ता, NCERT के हिन्दू विरोधी कंटेंट्स का खुलासा करने वाले नीरज अत्री, इतिहास पर पुस्तकें लिखने वाले संदीप बालाकृष्णा, सिख एक्टिविस्ट रमणीक सिंह मान, बिहार के युवा यूट्यूबर अभिषेक तिवारी, ‘गरुड़ प्रकाशन’ के संस्थापक संक्रांत सानू, BBC की करतूतों का खुलासा करते हुए डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पंडित सतीश शर्मा, ‘String’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले दक्षिण भारत के विनोद और जियोपॉलिटिक्स के विशेषज्ञ विभूति नारायण झा समेत कई विद्वानों की इसमें उपस्थिति रही।

महर्षि अरविंद का विचार बना उद्घोषणा का आधार

साथ ही हिन्दू धर्म और अध्यात्म का ज्ञान रखने वाले कई विद्वान भी इसमें जुटे। इस हिसाब से अलग देखें तो जयपुर डायलॉग्स के इस वार्षिक आयोजन को ‘दक्षिणपंथी विचारकों का आधुनिक नैमिषारण्य समागम’ कहें तो ये गलत नहीं होगा। जब तक दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग साथ बैठेंगे नहीं, चर्चा नहीं करेंगे और कुछ लक्ष्य व उस लक्ष्य तक का रास्ता तय करने की प्रक्रिया निर्धारित नहीं करेंगे – तब तक हमारी विचारधारा का विकास संभव नहीं है। कई मुद्दों पर आपस में सहमति होना या न होना अलग बात है, साथ बैठ कर चर्चा से ज़रूरी मुद्दों पर तो पूर्ण या आंशिक सहमति बन ही जाती है। इससे काम आसान हो जाता है।

इस बार के ‘द जयपुर डायलॉग्स’ के समिट में जो उद्घोषणा की है, वो है – “सनातन धर्म ही राष्ट्रवाद है।” ये उद्घोषणा महर्षि अरविन्द घोष के विचारों से प्रेरित है, जिसकी उद्घोषणा ‘द जयपुर डायलॉग्स’ के संस्थापक संजय दीक्षित ने की। पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक गुरु रहे श्री ऑरोबिन्दो को ‘इंटीग्रल योग’ सूत्र के लिए जाना जाता है। कई क्रांतिकारियों ने उन्हें अपना गुरु माना। उन्होंने कहा था कि हिन्दू राष्ट्र सनातन धर्म की मार्ग पर अग्रसर होकर ही चरम उत्कर्ष प्राप्त करेगा, अगर अगर सनातन धर्म की अवनति होगी तो हिन्दू राष्ट्र की अवनति भी अटल होगी। उन्होंने सनातन धर्म को ही राष्ट्रवाद माना। उनका स्पष्ट मानना है कि इस देश का जन्म सनातन धर्म के साथ हुआ है और दोनों साथ चलते हैं। यानी, भारत का उदय मतलब सनातन धर्म का उदय। सनातन धर्म का उदय मतलब भारत का उदय। आज के इस उथल-पुथल वाले वैश्विक दौर में महर्षि अरविंद के इस विचार से बेहतर उद्घोषणा हमारे लिए क्या हो सकती है?

कभी कुछ इसी तरह नैमिषारण्य की धर्मसभा में उद्घोषणाएँ होती रही होंगी। आज जिस जीवित राष्ट्रीय चेतना को हम देख रहे हैं, कभी उसका ह्रास हो रहा था तो नैमिषारण्य की धर्मसभा ने ही इसकी रक्षा की थी। इस धर्मसभा ने बिखर चुकी श्रमण संस्कृति का समन्वय किया, जो अंततः आज तक जीवित है। कई परस्पर विरोधी विचारधाराओं को जोड़ कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को जन्म दिया गया। कहते हैं, वहाँ 88,000 ऋषि-मुनि जुटे थे और ग्रंथों का वाचन व श्रवण से जो सांस्कृतिक ज्योति फूटी उसका प्रकाश आज तक हमें दिशानिर्देशित कर रहा है।

विभिन्न हिन्दू संगठनों और लोगों का एक होना समय की माँग

ऐसा नहीं है कि विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों के बीच ईगो वाली सामस्य सिर्फ आज ही है, लेकिन समान विचारधारा के लोगों का साथ बैठना समय की आवश्यकता है। भारत के वामपंथी चीन का पक्ष लेते हैं, इस्लामी खलीफा को पुनः स्थापित करना चाहते हैं और यहाँ के चर्च वेटिकन से निर्देशित होते हैं। ऐसी ताक़तों के बीच हिन्दुओं का क्या? उनकी रणनीति क्या हो, विरोधी ताक़तों से लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष में वो स्वयं का संरक्षण कैसे करें? आने वाला समय और भी विकट है – जो एक नहीं रहेंगे, वो कट जाएँगे। संगठन में ही शक्ति है, अब संगठनों के संगठित होने का समय आ गया है।

pic.twitter.com/JIjTrky7He

— The Jaipur Dialogues (@JaipurDialogues) October 28, 2024

सांस्कृतिक चेतना के विकास के बिना हम न तो पश्चिमी सभ्यता के बढ़ते प्रभाव को रोक सकते हैं और न ही इस्लामी कट्टरपंथ व ईसाई मिशनरियों से लड़ाई जीत सकते हैं। सांस्कृतिक चेतना के विकास के लिए हमें युवाओं को बताना होगा हमारा इतिहास, हमारी संस्कृति और हमारी विरासत के बारे में, इनकी महत्ता के बारे में। समय की ज़रूरत है कि आने वाले समय में ‘द जयपुर डायलॉग्स’ समिट जैसे और भी कार्यक्रम हों, संजय दीक्षित जैसे और भी लोग सामने आएँ। जयपुर ही नहीं, देश के कोने-कोने में विचारों का ये मंथन चलते रहना चाहिए।

स्रोत: The Jaipur Dialogues, द जयपुर डायलॉग्स, Summit, समिट, 2024, २०२४, Sanjay Dixit, संजय दीक्षित
Tags: summitThe Jaipur Dialoguesद जयपुर डायलॉग्ससमिट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एक फोन कॉल से कांप गया ‘बाघ का करेजा’; लॉरेंस के गुर्गे की धमकी से डरे पप्पू यादव

अगली पोस्ट

खालिस्तानियों को बनाया बाप फिर चीन की गोद में बैठा कनाडा, चुनाव जीतने के लिए क्या-क्या करेंगे ट्रूडो?

संबंधित पोस्ट

समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें
चर्चित

समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

13 January 2026

बांग्लादेश में 28 साल के हिंदू ऑटो चालक समीर दास की निर्मम हत्या ने फिर से यह सवाल उठाया है कि देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों,...

डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था
चर्चित

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

29 December 2025

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), हैदराबाद पीठ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक (DG) की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने पाया कि रक्षा अनुसंधान...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited