TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘हम महमूद गजनवी की नस्ल’, पटेल बोले- पेट में अल्सर, निजाम के रजाकारों को भारतीय सेना ने यूं किया ढेर

पांच दिनों की सैन्य कार्रवाई में 1373 रजाकार मारे गए थे और उनका सरगना कासिम रजवी पकड़ा गया था।

Sudhakar Singh द्वारा Sudhakar Singh
13 November 2024
in इतिहास, चर्चित
‘हम महमूद गजनवी की नस्ल’, पटेल बोले- पेट में अल्सर, निजाम के रजाकारों को भारतीय सेना ने यूं किया ढेर

5 दिन की सैन्य कार्रवाई में के बाद हैदराबाद का भारत में विलय हुुआ

Share on FacebookShare on X

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र की एक जनसभा में रजाकारों का जिक्र किया। हैदराबाद के निजाम के वही रजाकार, जिनकी खूनी दास्तां इतिहास के पन्नों में दर्ज है। योगी ने खरगे को याद दिलाया कि रजाकारों ने उनकी मां, बहन, चाची और परिवार को जला दिया था। ये वही खूंखार रजाकार थे, जिनके निशाने पर बहुसंख्यक हिंदू समाज रहता था। रजाकारों का नापाक मकसद हैदराबाद को पाकिस्तान की तरह इस्लामिक राज्य बनाना था। लेकिन पांच दिनों के अंदर भारत की जांबाज सेना ने रजाकारों को उनके जुल्मो-सितम का सबक सिखा दिया। आजाद भारत के इतिहास में इसे ऑपरेशन पोलो के नाम से जाना जाता है। आइए जानते हैं कि क्या था ऑपरेशन पोलो और कौन थे रजाकार?

निजाम ने भारत में विलय का प्रस्ताव ठुकराया

संबंधितपोस्ट

सीएम योगी का बड़ा तोहफा: पाकिस्तान से आए 1645 विस्थापित परिवारों को आज यूपी में मिलेगा जमीन का मालिकाना हक

सीएम योगी की मां पर विवादित बयान, मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ 84 थानों में FIR दर्ज

शोएब जमई हिंदुस्तान में क्रिकेट ख़ुद में एक धर्म है, उसे हिंदू-मुसलमान में मत बांटो

और लोड करें

रजाकारों का इतिहास उस दौर से जुड़ा है, जब अंग्रेज भारत से अपना बोरिया-बिस्तर समेट रहे थे। दक्कन का बड़ा शहर हैदराबाद उस समय प्रिंसली स्टेट यानी एक रियासत था। 550 में से ज्यादातर रियासतों का भारत या पाकिस्तान में विलय हो चुका था।  सिर्फ हैदराबाद के निजाम और जूनागढ़ के नवाब का मामला सुलझ नहीं पाया था। हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान के सामने भारत के साथ विलय का प्रस्ताव रखा गया। लेकिन हैदराबाद के निजाम ने इसे ठुकराकर हैदराबाद को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया। निजाम की इस जिद के पीछे रजाकारों के मुखिया कासिम रिजवी का वह मदोन्माद था, जिसमें उसने भारतीय सेना से मुकाबला करने में सक्षम होने का भरोसा दिया था।

1944 में रजाकारों की सेना कासिम के हाथ आई  

दरअसल ब्रिटिश राज में नवाब महमूद नवाज खान ने 1927 में मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) बनाई। 1938 में नवाब बहादुर यार जंग को एमआईएम का अध्यक्ष बनाया गया। बहादुर यार जंग ने रजाकारों की एक सेना बनाई। यह एक निजी मिलिशिया थी। रजाकार का अर्थ होता है इस्लाम के लिए खड़ा रहने वाला मुजाहिद। 1944 में बहादुर यार जंग की अचानक मौत के बाद सैयद कासिम रजवी को एमआईएम का नेता चुना गया। रजाकारों की फौज भी कासिम रजवी के हाथ में आ गई।  उसका मकसद रजाकारों की मिलिशिया के जरिए धर्म परिवर्तन कराना था। मूल रूप से रजाकार अरबी या पठान थे, जो स्थानीय लोगों से घुले-मिले थे।

रजाकारों की बर्बरता, मारकाट और धर्मांतरण

कासिम रजवी ने निजाम की करीबी हासिल कर ली और देखते ही देखते रजाकारों का आतंक और कट्टरता बढ़ती चली गई। कासिम रजवी के नेतृत्व संभालने के बाद रजाकार मारकाट और धर्म परिवर्तन पर आमादा हो गए। गांव के गांव पर हमला होता, उन्हें जला दिया जाता और लोगों को जबरन इस्लाम अपनाने को कहा जाता। मना करने पर पुरुषों की गोली मारकर हत्या कर दी जाती थी या आग में झोंक दिया जाता था। महिलाओं से रेप या उठाकर शादी कर ली जाती थी। केएम मुंशी अपनी किताब द एंड ऑफ एन इरा में लिखते हैं, ‘कासिम रजवी कहता था कि हम महमूद गजनवी की नस्ल के हैं। अगर हमने तय कर लिया तो हम दिल्ली के लाल किले पर आसफजाही (निजाम का) झंडा फहरा देंगे।‘

हैदराबाद को मुस्लिम राज्य बनाना चाहता था कासिम

हैदराबाद रियासत उस समय देश के कई राज्यों से बड़ी थी। हैदराबाद में दो सदियों से आसफजाही वंश का शासन था। इस रियासत में तीन भाषाई इलाके थे। तेलंगाना के आठ तेलुगु भाषी जिले, महाराष्ट्र के पांच मराठी भाषी जिले और कर्नाटक के तीन कन्नड़ बोलने वाले जिले। रियासत पर राज तो मुस्लिम का था लेकिन यहां की 84 फीसद आबादी हिंदुओं की थी। कासिम रजवी हैदराबाद को हिंदू बहुल से मुस्लिम बहुल बनाने के ख्वाब देख रहा था। 2 सितंबर 1947 को भी वारंगल के एक गांव में रजाकारों ने 22 लोगों पर गोलियां बरसाकर मार डाला था।

कासिम की गीदड़भभकी- तो हिंदुओं की राख-हड्डी मिलेगी

रजाकारों की बर्बरता के किस्सों में 1948 के भैरनपल्ली नरसंहार का भी जिक्र होता है। इस गांव में रजाकार घुस नहीं पा रहे थे। वजह थी गांव वालों का संगठित विरोध। अगस्त 1948 में रजाकारों ने हैदराबाद पुलिस के साथ मिलकर भैरनपल्ली गांव पर हमला कर दिया। गांव के पुरुषों को जिंदा जला दिया गया और महिलाओं से बलात्कार की घटनाएं हुईं। भैरनपल्ली नरसंहार ने भारतीय सेना के ऑपरेशन पोलो का आधार तय कर दिया था। वीपी मेनन की किताब द इंटीग्रेशन ऑफ स्टेट्स में कासिम रजवी के एक भाषण का जिक्र है। इसमें वह कहता है, ‘भारत ने अगर हैदराबाद में घुसपैठ की कोशिश की, तो डेढ़ करोड़ हिंदुओं की राख और हड्डियों के अलावा कुछ नहीं मिलेगा।‘

निजाम को लगता था हैदराबाद पाक का हिस्सा हो सकता है

भारत के साथ स्टैंडस्टिल समझौते के बावजूद हैदराबाद का निजाम रजाकारों को ताकतवर बना रहा था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक निजाम ने 1948 में एक ऑस्ट्रेलियाई पायलट को ग्रेनेड, मशीनगन, विमानभेदी तोप और गोला-बारूद की सप्लाई का काम दिया। उधर देश के तत्कालीन गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के पास हैदराबाद के नापाक मंसूबों की रिपोर्ट पहुंच रही थी। बीबीसी से एक बातचीत में हैदराबाद के सेंट एनीज कॉलेज की इतिहास विभाग की अध्यक्ष डॉ. उमा जोजेफ ने कहा, ‘निजाम को लग रहा था कि हैदराबाद पाकिस्तान का हिस्सा हो सकता है। अगर हैदराबाद पाकिस्तान में शामिल होता तो भारत के लिए सदैव परेशानी बनी रहती। सरदार पटेल हैदराबाद को भारत के पेट में अल्सर कहते थे।‘

जिन्ना ने निजाम का प्रस्ताव किया खारिज

के एम मुंशी ने किताब ‘द एंड ऑफ एन इरा’ में लिखते हैं, ‘निजाम ने मोहम्मद अली जिन्ना से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की थी क्या वह भारत के खिलाफ उनके राज्य का समर्थन करेंगे?’ दिवंगत पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी आत्मकथा ‘बियॉन्ड द लाइंस’ में जिन्ना को निजाम के प्रस्ताव के आगे की कहानी लिखी है। नैयर लिखते हैं, ‘जिन्ना ने निजाम के इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह मुट्ठीभर एलीट लोगों के लिए पाकिस्तान के अस्तित्व को खतरे में नहीं डालना चाहेंगे।‘ उधर रजाकारों के आतंक का अंत करीब था। आखिरकार पटेल ने हैदराबाद निजाम के मंसूबों को पस्त करने के लिए सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया।

ऑपरेशन पोलो इसलिए पड़ा नाम, 1373 रजाकार ढेर

13 सितंबर 1948 को भारतीय सेना ने हैदराबाद पर हमला कर दिया। इस सैन्य ऑपरेशन को नाम दिया गया- ऑपरेशन पोलो। इस नाम के पीछे भी दिलचस्प कहानी है। दरअसल उस समय हैदराबाद में विश्व में सबसे ज्यादा 17 पोलो के मैदान थे। इसी वजह से सेना की कार्रवाई का नाम ऑपरेशन पोलो पड़ा। भारतीय सेना का नेतृत्व मेजर जनरल जेएन चौधरी कर रहे थे। भारतीय सेना को ऑपरेशन के दौरान पहले और दूसरे दिन थोड़ा प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। आखिरकार रजाकारों की आतंकी मिलिशिया ने घुटने टेक दिए। 17 सितंबर 1948 की शाम को हैदराबाद निजाम की सेना ने हथियार डाल दिए। निजाम के अरब कमांडर अल इदरूस ने जनरल चौधरी के सामने सरेंडर कर दिया। पांच दिनों तक चली कार्रवाई में 1373 रजाकारों को ढेर कर दिया गया। हैदराबाद के निजाम की सेना के 807 जवान भी इस ऑपरेशन में मारे गए। भारतीय सेना के 66 जवान इस अभियान में शहीद हुए। इसके साथ ही हैदराबाद का भारत में विलय हो गया।

रजाकारों के सरगना कासिम रजवी का क्या हुआ?

रजाकारों के सरगना कासिम रजवी को गिरफ्तार करने के बाद जेल में कैद कर दिया गया। हैदराबाद के भारत में विलय के बाद एमआईएम पर बैन लग गया। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कासिम रजवी को राजद्रोह और सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के मामले में करीब दस साल तक जेल में रखा गया। उसे इस शर्त पर जेल से रिहाई मिली कि छूटने के 48 घंटों के अंदर ही वह पाकिस्तान चला जाएगा। कासिम रजवी को भारत सरकार की शर्त के मुताबिक हिंदुस्तान छोड़कर पाकिस्तान में बसना था। पाकिस्तान जाने से पहले कासिम ने असदुद्दीन ओवैसी के दादा अब्दुल वाहिद ओवैसी को 1958 में एमआईएम पार्टी सौंपी थी। 15 जनवरी 1970 को कासिम की पाकिस्तान के कराची में मौत हो गई। ओवैसी के दादा महाराष्ट्र के लातूर से आए थे। उस वक्त लातूर निजाम के ही अधिकार क्षेत्र में था। उस दौर में कासिम रजवी की वजह से एमआईएम इतनी कुख्यात हो गई थी कि ओवैसी के दादा ने उसके नाम में ऑल इंडिया जोड़ा। पार्टी का नया नाम अब एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) हो गया था।

Tags: AIMIMHyderabad Merger HistoryHyderabad NizamKasim Razvioperation poloRazakar HistoryRazakar The Silent Genocide of HyderabadWho was Kasim Razviऑपरेशन पोलोकासिम रजवीमल्लिकार्जुन खरगेमीर उस्मान अली खानयोगी आदित्यनाथरजाकारसरदार पटेलहैदराबाद का विलय
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

त्रिपुण्ड-जनेऊ सब गायब, महेन्द्रगिरी के तपस्वी को बॉलीवुड ने बना दिया डकैत: भगवान परशुराम तो नहीं लग रहे विक्की कौशल

अगली पोस्ट

‘महाराष्ट्र के मुखिया’: विलासराव देशमुख का सरपंच से मुख्यमंत्री पद का सफर, कांग्रेस से किए गए थे निलंबित

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
क्राइम

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की कर रहीं जांच

31 July 2026

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान (पुरबा बर्धमान) जिले से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां...

'संसद चलो' मार्च में घायल पुलिसकर्मियों
चर्चित

‘संसद चलो’ मार्च में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की गुहार: संसद में हमारे दर्द पर भी हो चर्चा

31 July 2026

20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited