भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की रेड: क्या है पूरा विवाद और कहां हैं कांग्रेस नेता?

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का स्वदेशी FF Bot: युद्ध के बाद आग से जंग लड़ने की नई ताकत

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब बिना किसी ग़लती के काट डाले गए 1 लाख निर्दोष हिन्दू… तैमूर के नाम पर बच्चे का नाम रखने वालो, ज़रा दिल्ली हमले वाला इतिहास पढ़ लो

भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
17 December 2024
in इतिहास, ज्ञान
तैमूर, दिल्ली, लाशें

तैमूर ने दिल्ली को बना दिया था शमशान, उबरने में लगे सालों

Share on FacebookShare on X

तैमूर लंग – एक ऐसा नाम, जो भारत में सदियों तक खौफ का पर्याय रहा। कम से कम दिल्ली और उसके आसपास के इलाक़ों में 14वीं शताब्दी में तैमूर का नाम बच्चों को डराने के लिए तो लिया ही जाता था। तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास इस शहर के सबसे काले अध्यायों में से एक है। कई वामपंथी इतिहासकारों ने तैमूर को ‘बहादुर’ बता कर उसका महिमामंडन भी किया। बच्चों को तैमूर की कहानियाँ पढ़ाई गईं, लेकिन भुला दिए गए वो अत्याचार जो उसने भारतीयों पर किए। भुला दिया गया कि कैसे तैमूर लंग ने दिल्ली में लाशें बिछाई थीं। कैसे भेड़-बकरियों की तरह इंसानों का खून बहाया गया था। आइए, तैमूर के उस असली इतिहास की बात करते हैं।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास और उसके बारे में असली जानकारी लोगों तक पहुँचानी इसीलिए भी आवश्यक है, ताकि आज के सेलेब्रिटी अपने बच्चों का नाम उसके नाम पर न रखें और उसका गुणगान न करें।

संबंधितपोस्ट

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर शिमला में हंगामा, हिमाचल पुलिस ने लिया हिरासत में

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

और लोड करें

तैमूर एक तुर्क-मंगोल आक्रांता था। उसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की, जो अफगानिस्तान, ईरान और मध्य एशिया में फैला हुआ था। भारत में जो मुग़ल राजवंश था, वो तैमूर का ही वंशज था। तैमूर को कला एवं आर्किटेक्चर का संरक्षक व पोषक बता कर पेश किया जाता रहा है, लेकिन इसकी आड़ में उसकी क्रूरता को छिपा दिया जाता है। आज जिसे उज्बेकिस्तान कहते हैं, वहीं तैमूर का जन्म हुआ था। सन् 1370 के आसपास उसने चग़ताई ख़ानत को अपने नियंत्रण में लिया। इसके बाद उसने मंगोल साम्राज्य के ‘गोल्डन हॉर्ड’, ऑटोमन साम्राज्य, मिस्र-सीरिया के मामलुक सल्तनत और दिल्ली सल्तनत को विभिन्न सैन्य अभियानों में हराया।

कौन था क्रूर शासक तैमूर, कैसी थी उसकी फ़ौज

तैमूर खानाबदोश बरलास जनजाति की गोरगान शाखा से ताल्लुक रखता था। उसका अब्बा तुरगाई ट्रांसऑक्सियाना (वर्तमान उज्बेकिस्तान और उसके आसपास के इलाक़े) के काश क्षेत्र का गवर्नर था। तैमूर का जन्म 1320 के आपस हुआ था, सन् 1336 में एक तीर लगने के कारण वो लँगड़ा हो गया था। 1370 में वो बल्ख का शासक बना। तैमूर जिस भी क्षेत्र को जीतता, वहाँ माल-ए-अमान लगाता, यानी रक्षा कर (Tax)। तैमूर ने अपने सैन्य अभियानों को एकदम संगठित रूप से चलाया, यानी वो पूरी योजनाबद्ध तरीके से हमलों को अंजाम देता था। लेकिन, उसकी जीत के बाद जो कहर मचता था वो तो बिलकुल भी योजनाबद्ध नहीं होता था।

तैमूर की फौज इतनी भयानक थी कि उसके बारे में क्या ही कहा जाए। 15वीं सदी के सीरियाई इतिहासकार इब्न अरबशाह ने लिखा था, “तातार सेना का दृश्य विनाशकारी था। जंगली जानवर इकट्ठा होकर ज़मीन पर बिखरे हुए प्रतीत होते थे और सितारे तितर-बितर हो जाते थे, जब उसकी सेना इधर-उधर गमन करती थी। पर्वत चलते दिखाई देते थे जब सेना बढ़ती थी और कब्रें उखाड़ दी जाती थीं जब वह कूच करती थी। ऐसा लगता था मानो पृथ्वी हिंसक गति से हिल उठी हो।” (उस समय मंगोल और तुर्क जनजातियों को यूरोपियनों ने ‘तातार’ कह कर ही संबोधित किया।)

दिल्ली में ऐसे घुसा तैमूर, भाग खड़े हुए तुगलक

तैमूर के भारतीय सैन्य अभियान की बात करें तो वो सिंध और झेलम नदियों को पार कर के यहाँ घुसा और उसने मुल्तान, भटनेर और कैथल पर अपना कब्ज़ा जमाया। उसके सैन्य अभियान की ख़ासियत ये थी कि वो जहाँ से भी गुजरता, वहाँ से लाशों के ढेर लगाते चलता। शहर के शहर श्मशान बनते चले गए। वो दिसंबर 1398 का पहला सप्ताह था, जब तैमूर ने दिल्ली में क़दम रखा। उस समय दिल्ली की गद्दी पर तुगलक राजवंश का नसीरुद्दीन महमूद शाह बैठा हुआ था। उसने अपने मंत्री मल्लू इक़बाल खान को फौज सहित तैमूर को रोकने के लिए लगाया।

दिल्ली में तुगलक और तैमूर के बीच भयंकर युद्ध हुआ। लेकिन, हमें ये जानना चाहिए कि उससे पहले उसने क्या किया। तैमूर ने 1 लाख हिन्दुओं को बंदी बनाया हुआ था। उसने उन सबकी हत्या का आदेश दिया। इस तरह 1 लाख निर्दोष हिन्दू मार डाले गए। तुगलक फौज बहादुरी से लड़ी, लेकिन अंततः महमूद को भाग कर गुजरात में शरण लेनी पड़ी। हौज ख़ास में उलेमाओं ने तैमूर का स्वागत किया और उपहार भेंट किए। साथ ही उससे क्षमा-याचना भी की गई। तैमूर ने इस दौरान दिल्ली के नागरिकों को नुकसान न पहुँचाने की बात कही।

हालाँकि, उसकी फौज यहाँ जिस तरह से तबाही मचा रही थी, यहाँ के लोगों ने भी प्रतिकार करना शुरू कर दिया था। तैमूर ने अपना वादा तोड़ दिया और उसने पूरी दिल्ली को तहस-नहस करने व यहाँ के लोगों के नरसंहार का आदेश दिया। ये क्रम कई दिनों तक चलता रहा। सैकड़ों लोगों को बंदी बनाया गया, भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 नौकर थे। तैमूर ने यहाँ से बड़ी संख्या में कलाकारों को भी बंदी बनाया और उन्हें समरकंद में बीबी-खानम मस्जिद बनाने के लिए भेजा गया।

लगभग 15 दिनों तक तैमूर दिल्ली में रुका, उसके बाद वो यमुना नदी पार कर के फिरोजाबाद की तरफ बढ़ चला। फिर वो हरिद्वार पहुँचा और उसने कांगड़ा होते हुए जम्मू को अपना निशाना बनाया। शिवालिक की पहाड़ियाँ उसकी बर्बरता की साक्षी बनीं। जम्मू में भी वैसी ही तबाही मचाई गई। इतिहास में झाँकने पर आप पाएँगे कि तैमूर ने दिल्ली हमले के दौरान ऐसी तबाही मचाई थी कि दिल्ली में धन-धान्य, व्यापार-कारोबार और आम जनजीवन का कोई नामोनिशान नहीं बचा। भुखमरी से लोग तड़प रहे थे, खाने को अन्न का दाना नहीं था। लेखिका प्रभा चोपड़ा द्वारा संपादित ‘Delhi Gazetteer‘ में बताया गया है कि तैमूर के जाने के बाद 3 महीनों तक दिल्ली बिना शासन व शासक के चलता रहा, श्मशान बना रहा।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास, शहर बना शमशान

फ़ारसी इतिहासकार फ़िरिश्ता ने लिखा है कि दिल्ली की कुछ गलियों में लाशों का ऐसा अंबार लगा हुआ था कि उधर से कोई गुजर भी नहीं सकता था। तैमूर ने तभी यहाँ से अपनी फ़ौज को आगे बढ़ने का आदेश दिया था, जब मारने के लिए कोई बचा ही नहीं था, लूटने के लिए उनकी नज़र में कुछ बचा ही नहीं था। बड़ी संख्या में महिलाओं को सेक्स-स्लेव बना दिया गया।

इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूनी द्वारा लिखे गए ‘मुंतख़ब-उल-तवारीख़’ के शब्दों में समझें तो, “दिल्ली में जो निवासी बचे थे, वे अकाल और महामारी से मर गए और 2 महीने तक दिल्ली में परिंदे तक ने पर नहीं मारा।” महमूद के समय नसरत शाह नामक तुगलक भी गद्दी का दावेदार था। तैमूर के डर से वो भी भाग खड़ा हुआ था। जब वो दिल्ली लौटा तो उसे महमूद के मंत्री मल्लू इकबाल ने खदेड़ दिया। सन् 1401 में महमूद ने लौट कर गद्दी तो सँभाली लेकिन दिल्ली उबर नहीं पाई। 1413 में उसकी मौत के साथ ही गियासुद्दीन तुगलक द्वारा सन् 1320 में स्थापित इस राजवंश का अंत हो गया।

तैमूर एक ऐसा शासक था जिससे पूरा यूरेशिया थर्र-थर्र काँपता था। भारत और चीन में से किसी एक पर उसे हमला करना था और उसने भारत को चुना। उसके फौज के जो ‘मालिक’ (Military Chiefs) थे, उनका कहना था कि भारत की जलवायु काफी गर्म है और वहाँ सैन्य अभियान मुश्किलों भरा होगा। लेकिन, अन्य इस्लामी शासकों की तरह तैमूर ने भी इसे ‘जिहाद’ का नाम दिया। उसने इस्लाम का हवाला देते हुए कहा कि ये हिन्दुओं और हिंदुस्तान के खिलाफ ‘जिहाद’ होगा। हालाँकि, साथ-साथ वो कमजोर पड़ी दिल्ली सल्तनत को लूटना भी चाहता था।

और इस तरह इतिहास में तैमूर के दिल्ली हमले का ये हिंसक अध्याय जुड़ा। तैमूर ने बड़ी चालाकी से

स्रोत: Timur, तैमूर, दिल्ली हमला, Delhi Sack, History, इतिहास, Tatar, तातार, हिन्दुओं का नरसंहार, Hindus Massacred
Tags: DelhiHistoryTimurइतिहासतैमूरदिल्ली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जिस देश का समर्थन करते हो वहाँ जाओ… प्रियंका गाँधी और दिलजीत दोसांझ को प्रीति जिंटा का सन्देश?

अगली पोस्ट

OBC जज से डर गया इकोसिस्टम, महाभियोग लाकर हटाने की साजिश: जो संविधान लेकर नाचते हैं, वही निकले पिछड़ा विरोधी

संबंधित पोस्ट

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट
ज्ञान

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

4 April 2026

भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी अब एक नए और बेहद चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO...

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा
चर्चित

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

2 April 2026

चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited