भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब बिना किसी ग़लती के काट डाले गए 1 लाख निर्दोष हिन्दू… तैमूर के नाम पर बच्चे का नाम रखने वालो, ज़रा दिल्ली हमले वाला इतिहास पढ़ लो

भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 गुलाम थे।

Anupam K Singh द्वारा Anupam K Singh
17 December 2024
in इतिहास, ज्ञान
तैमूर, दिल्ली, लाशें

तैमूर ने दिल्ली को बना दिया था शमशान, उबरने में लगे सालों

Share on FacebookShare on X

तैमूर लंग – एक ऐसा नाम, जो भारत में सदियों तक खौफ का पर्याय रहा। कम से कम दिल्ली और उसके आसपास के इलाक़ों में 14वीं शताब्दी में तैमूर का नाम बच्चों को डराने के लिए तो लिया ही जाता था। तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास इस शहर के सबसे काले अध्यायों में से एक है। कई वामपंथी इतिहासकारों ने तैमूर को ‘बहादुर’ बता कर उसका महिमामंडन भी किया। बच्चों को तैमूर की कहानियाँ पढ़ाई गईं, लेकिन भुला दिए गए वो अत्याचार जो उसने भारतीयों पर किए। भुला दिया गया कि कैसे तैमूर लंग ने दिल्ली में लाशें बिछाई थीं। कैसे भेड़-बकरियों की तरह इंसानों का खून बहाया गया था। आइए, तैमूर के उस असली इतिहास की बात करते हैं।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास और उसके बारे में असली जानकारी लोगों तक पहुँचानी इसीलिए भी आवश्यक है, ताकि आज के सेलेब्रिटी अपने बच्चों का नाम उसके नाम पर न रखें और उसका गुणगान न करें।

संबंधितपोस्ट

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर शिमला में हंगामा, हिमाचल पुलिस ने लिया हिरासत में

और लोड करें

तैमूर एक तुर्क-मंगोल आक्रांता था। उसने तैमूरी राजवंश की स्थापना की, जो अफगानिस्तान, ईरान और मध्य एशिया में फैला हुआ था। भारत में जो मुग़ल राजवंश था, वो तैमूर का ही वंशज था। तैमूर को कला एवं आर्किटेक्चर का संरक्षक व पोषक बता कर पेश किया जाता रहा है, लेकिन इसकी आड़ में उसकी क्रूरता को छिपा दिया जाता है। आज जिसे उज्बेकिस्तान कहते हैं, वहीं तैमूर का जन्म हुआ था। सन् 1370 के आसपास उसने चग़ताई ख़ानत को अपने नियंत्रण में लिया। इसके बाद उसने मंगोल साम्राज्य के ‘गोल्डन हॉर्ड’, ऑटोमन साम्राज्य, मिस्र-सीरिया के मामलुक सल्तनत और दिल्ली सल्तनत को विभिन्न सैन्य अभियानों में हराया।

कौन था क्रूर शासक तैमूर, कैसी थी उसकी फ़ौज

तैमूर खानाबदोश बरलास जनजाति की गोरगान शाखा से ताल्लुक रखता था। उसका अब्बा तुरगाई ट्रांसऑक्सियाना (वर्तमान उज्बेकिस्तान और उसके आसपास के इलाक़े) के काश क्षेत्र का गवर्नर था। तैमूर का जन्म 1320 के आपस हुआ था, सन् 1336 में एक तीर लगने के कारण वो लँगड़ा हो गया था। 1370 में वो बल्ख का शासक बना। तैमूर जिस भी क्षेत्र को जीतता, वहाँ माल-ए-अमान लगाता, यानी रक्षा कर (Tax)। तैमूर ने अपने सैन्य अभियानों को एकदम संगठित रूप से चलाया, यानी वो पूरी योजनाबद्ध तरीके से हमलों को अंजाम देता था। लेकिन, उसकी जीत के बाद जो कहर मचता था वो तो बिलकुल भी योजनाबद्ध नहीं होता था।

तैमूर की फौज इतनी भयानक थी कि उसके बारे में क्या ही कहा जाए। 15वीं सदी के सीरियाई इतिहासकार इब्न अरबशाह ने लिखा था, “तातार सेना का दृश्य विनाशकारी था। जंगली जानवर इकट्ठा होकर ज़मीन पर बिखरे हुए प्रतीत होते थे और सितारे तितर-बितर हो जाते थे, जब उसकी सेना इधर-उधर गमन करती थी। पर्वत चलते दिखाई देते थे जब सेना बढ़ती थी और कब्रें उखाड़ दी जाती थीं जब वह कूच करती थी। ऐसा लगता था मानो पृथ्वी हिंसक गति से हिल उठी हो।” (उस समय मंगोल और तुर्क जनजातियों को यूरोपियनों ने ‘तातार’ कह कर ही संबोधित किया।)

दिल्ली में ऐसे घुसा तैमूर, भाग खड़े हुए तुगलक

तैमूर के भारतीय सैन्य अभियान की बात करें तो वो सिंध और झेलम नदियों को पार कर के यहाँ घुसा और उसने मुल्तान, भटनेर और कैथल पर अपना कब्ज़ा जमाया। उसके सैन्य अभियान की ख़ासियत ये थी कि वो जहाँ से भी गुजरता, वहाँ से लाशों के ढेर लगाते चलता। शहर के शहर श्मशान बनते चले गए। वो दिसंबर 1398 का पहला सप्ताह था, जब तैमूर ने दिल्ली में क़दम रखा। उस समय दिल्ली की गद्दी पर तुगलक राजवंश का नसीरुद्दीन महमूद शाह बैठा हुआ था। उसने अपने मंत्री मल्लू इक़बाल खान को फौज सहित तैमूर को रोकने के लिए लगाया।

दिल्ली में तुगलक और तैमूर के बीच भयंकर युद्ध हुआ। लेकिन, हमें ये जानना चाहिए कि उससे पहले उसने क्या किया। तैमूर ने 1 लाख हिन्दुओं को बंदी बनाया हुआ था। उसने उन सबकी हत्या का आदेश दिया। इस तरह 1 लाख निर्दोष हिन्दू मार डाले गए। तुगलक फौज बहादुरी से लड़ी, लेकिन अंततः महमूद को भाग कर गुजरात में शरण लेनी पड़ी। हौज ख़ास में उलेमाओं ने तैमूर का स्वागत किया और उपहार भेंट किए। साथ ही उससे क्षमा-याचना भी की गई। तैमूर ने इस दौरान दिल्ली के नागरिकों को नुकसान न पहुँचाने की बात कही।

हालाँकि, उसकी फौज यहाँ जिस तरह से तबाही मचा रही थी, यहाँ के लोगों ने भी प्रतिकार करना शुरू कर दिया था। तैमूर ने अपना वादा तोड़ दिया और उसने पूरी दिल्ली को तहस-नहस करने व यहाँ के लोगों के नरसंहार का आदेश दिया। ये क्रम कई दिनों तक चलता रहा। सैकड़ों लोगों को बंदी बनाया गया, भारी मात्रा में लूट जमा किए गए। इसे इस तरह समझ लीजिए कि तैमूर की फौज का एक-एक शख्स रातोंरात अमीर हो गया। जो सबसे गरीब था, उसके पास भी कम से कम 20 नौकर थे। तैमूर ने यहाँ से बड़ी संख्या में कलाकारों को भी बंदी बनाया और उन्हें समरकंद में बीबी-खानम मस्जिद बनाने के लिए भेजा गया।

लगभग 15 दिनों तक तैमूर दिल्ली में रुका, उसके बाद वो यमुना नदी पार कर के फिरोजाबाद की तरफ बढ़ चला। फिर वो हरिद्वार पहुँचा और उसने कांगड़ा होते हुए जम्मू को अपना निशाना बनाया। शिवालिक की पहाड़ियाँ उसकी बर्बरता की साक्षी बनीं। जम्मू में भी वैसी ही तबाही मचाई गई। इतिहास में झाँकने पर आप पाएँगे कि तैमूर ने दिल्ली हमले के दौरान ऐसी तबाही मचाई थी कि दिल्ली में धन-धान्य, व्यापार-कारोबार और आम जनजीवन का कोई नामोनिशान नहीं बचा। भुखमरी से लोग तड़प रहे थे, खाने को अन्न का दाना नहीं था। लेखिका प्रभा चोपड़ा द्वारा संपादित ‘Delhi Gazetteer‘ में बताया गया है कि तैमूर के जाने के बाद 3 महीनों तक दिल्ली बिना शासन व शासक के चलता रहा, श्मशान बना रहा।

तैमूर के दिल्ली हमले का इतिहास, शहर बना शमशान

फ़ारसी इतिहासकार फ़िरिश्ता ने लिखा है कि दिल्ली की कुछ गलियों में लाशों का ऐसा अंबार लगा हुआ था कि उधर से कोई गुजर भी नहीं सकता था। तैमूर ने तभी यहाँ से अपनी फ़ौज को आगे बढ़ने का आदेश दिया था, जब मारने के लिए कोई बचा ही नहीं था, लूटने के लिए उनकी नज़र में कुछ बचा ही नहीं था। बड़ी संख्या में महिलाओं को सेक्स-स्लेव बना दिया गया।

इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूनी द्वारा लिखे गए ‘मुंतख़ब-उल-तवारीख़’ के शब्दों में समझें तो, “दिल्ली में जो निवासी बचे थे, वे अकाल और महामारी से मर गए और 2 महीने तक दिल्ली में परिंदे तक ने पर नहीं मारा।” महमूद के समय नसरत शाह नामक तुगलक भी गद्दी का दावेदार था। तैमूर के डर से वो भी भाग खड़ा हुआ था। जब वो दिल्ली लौटा तो उसे महमूद के मंत्री मल्लू इकबाल ने खदेड़ दिया। सन् 1401 में महमूद ने लौट कर गद्दी तो सँभाली लेकिन दिल्ली उबर नहीं पाई। 1413 में उसकी मौत के साथ ही गियासुद्दीन तुगलक द्वारा सन् 1320 में स्थापित इस राजवंश का अंत हो गया।

तैमूर एक ऐसा शासक था जिससे पूरा यूरेशिया थर्र-थर्र काँपता था। भारत और चीन में से किसी एक पर उसे हमला करना था और उसने भारत को चुना। उसके फौज के जो ‘मालिक’ (Military Chiefs) थे, उनका कहना था कि भारत की जलवायु काफी गर्म है और वहाँ सैन्य अभियान मुश्किलों भरा होगा। लेकिन, अन्य इस्लामी शासकों की तरह तैमूर ने भी इसे ‘जिहाद’ का नाम दिया। उसने इस्लाम का हवाला देते हुए कहा कि ये हिन्दुओं और हिंदुस्तान के खिलाफ ‘जिहाद’ होगा। हालाँकि, साथ-साथ वो कमजोर पड़ी दिल्ली सल्तनत को लूटना भी चाहता था।

और इस तरह इतिहास में तैमूर के दिल्ली हमले का ये हिंसक अध्याय जुड़ा। तैमूर ने बड़ी चालाकी से

स्रोत: Timur, तैमूर, दिल्ली हमला, Delhi Sack, History, इतिहास, Tatar, तातार, हिन्दुओं का नरसंहार, Hindus Massacred
Tags: DelhiHistoryTimurइतिहासतैमूरदिल्ली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जिस देश का समर्थन करते हो वहाँ जाओ… प्रियंका गाँधी और दिलजीत दोसांझ को प्रीति जिंटा का सन्देश?

अगली पोस्ट

OBC जज से डर गया इकोसिस्टम, महाभियोग लाकर हटाने की साजिश: जो संविधान लेकर नाचते हैं, वही निकले पिछड़ा विरोधी

संबंधित पोस्ट

कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

16 May 2026

जब किसी आक्रांता ने किसी मंदिर को तोड़ा होगा, तब शायद उसे यह विश्वास रहा होगा कि उसने केवल पत्थर नहीं गिराए, बल्कि एक सभ्यता...

भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत
इतिहास

धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

15 May 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद पर आज बड़ा न्यायिक फैसला आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने...

नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी
चर्चित

नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

15 May 2026

नीट-यूजी पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। 22 लाख छात्रों के भविष्य और देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited