TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    ‘जेन-जी’ से ‘रिजीम चेंज’ तक: शब्दों के पीछे नैरेटिव का खेल

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    HSL-KSPL Deal: काकीनाडा में जहाज बनाएगा रक्षा मंत्रालय का PSU? 1941 से अब तक का सफर

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    राष्ट्र सेविका समिति: प्रभाव से परिवर्तन तक 90 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब लंदन के प्रिवी काउंसिल पहुंचा था भारत का वक्फ संपत्ति विवाद; जानें क्या हैं वक्फ के मायने?

मुगल काल का भारत में अंत हो गया है लेकिन वक्फ बोर्ड उसके आधार पर मुगल आक्रांताओं की संपत्तियों को भी मुस्लिमों की बताकर उस पर दावा करता रहता है

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
19 March 2025
in इतिहास, चर्चित
वक्फ अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना

वक्फ अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना

Share on FacebookShare on X

भाजपा सरकार वक्फ संशोधन बिल इस सत्र में ही पेश करने जा रही है। इस बिल का मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) और जमीय उलेमा-ए-हिंद (JUeH) ने मुस्लिमों से इसके विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। मुस्लिम संगठनों ने दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के मुस्लिमों से भारी संख्या में पहुँचकर विरोध करने की अपील की थी।

हमने अपने पिछले आलेख में बताया कि विरोध प्रदर्शन के बहाने मुस्लिम संगठन एक बार फिर से CAA-NRC के विरोध के तर्ज पर शाहीन बाग जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश में लगे हैं। इसके लिए वक्फ बिल को लेकर लगातार अफवाह फैलाकर मुस्लिमों को भ्रमित किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इस बिल के जरिए सरकार मुस्लिमों के मस्जिदों एवं उनकी संपत्तियों पर कब्जे की योजना बना रही है। इस तरह के अफवाह को फैलाने में नाम सिर्फ मुस्लिम संगठन, नेता एवं अन्य लोग शामिल हैं, बल्कि मुस्लिम देशों में बैठे भारत विरोधी तत्वों द्वारा इस तरह के अफवाह को सोशल मीडिया पर लगातार हवा दी जा रही है।

संबंधितपोस्ट

लंदन में CJP प्रदर्शन के समर्थन कार्यक्रम में पहुंचीं ग्रेटा थनबर्ग, भारत में तेज हुई राजनीतिक बहस

मुनंबम भूमि विवाद फिर लौटा, कांग्रेस शासित Kerala में वक्फ से जुड़ा राजनीतिक विवाद दोबारा भड़का

दुबई पर हमला: जब भरोसे और सुरक्षा की छवि को सबसे बड़ी चुनौती मिली

और लोड करें

जिस वक्फ संशोधन बिल को लेकर मुस्लिम संगठन देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, दरअसल वह है क्या, इसके बारे में आज हम जानेंगे। दरअसल, वक्फ बोर्ड मुस्लिमों की वक्फ की गई यानी दान की गई संपत्तियों का रख-रखाव करता है। इन संपत्तियों का इस्तेमाल वह सिर्फ और सिर्फ मुस्लिमों के काम के लिए करता है। विदेशी आक्रांता मुगल काल का भारत में अंत हो गया है, लेकिन वक्फ बोर्ड उसके आधार पर मुगल आक्रांताओं की संपत्तियों को भी मुस्लिमों की बताकर उस पर दावा करता रहता है। इतना ही नहीं, वह अन्य निजी संपत्तियों पर भी दावा करते रहता है। इस देश में ऐसे दर्जनों मामले में जहाँ, जो सार्वजनिक संपत्ति है, लेकिन वक्फ बोर्ड उन पर दावा करता है।

क्या है वक्फ का अर्थ?

वक्फ अरबी भाषा के ‘वकुफा’ शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना। अल्लाह के नाम पर या दीन के हित में (इस्लाम को फैलाने या अन्य उद्देश्यों के लिए) दिए गए दान को वक्फ के अंतर्गत रखा जाता है। इस्लाम में इस दान को जकात कहा जाता है। वक्फ संपत्ति में घर, जमीन, सोना-चाँदी, रुपया-पैसा, खेत-बगीचा आदि कुछ भी हो सकता है। हालाँकि, मुस्लिमों की पवित्र पुस्तक माने जने वाले कुरान में वक्फ शब्द का जिक्र है ही नहीं, लेकिन माना जाता है कि बाद में दीन के हित में शामिल किया गया।

हालाँकि, जकात का जिक्र है। जकात इस्लाम का एक महत्वपूर्ण अंग है। जकात की संपत्ति पर मुस्लिम सिर्फ ‘अल्लाह’ का हक मानते हैं। इस संपत्ति को खरीदा-बेचा नहीं जा सकता। इन संपत्तियों को सिर्फ किराए पर दी जा सकती है और वह भी अधिकतम 30 वर्षों के लिए। एक बार संपत्ति वक्फ को दे देने के बाद वह संपत्ति कभी वापस नहीं मिल सकती। यानी एक बार वक्फ तो हमेशा के लिए वक्फ। इस तरह अल्लाह की संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ बोर्ड करता है। वक्फ बोर्ड उन संपत्तियों के रख-रखाव, मरम्मत से लेकर उसके सारे कानूनी काम को सँभालता है।

कैसे भारत में वक्फ को मिलनी शुरू हुईं संपत्तियां?

चूँकि, मुस्लिम आक्रांता मजहबी उन्माद और लूटपाट के इरादे से भारत पर हमला किया था। उनका उद्देश्य भारत के मूर्तिपूजकों का खात्मा और उनकी संपत्तियों को लूटना ही नहीं था, बल्कि इस्लाम के परचम को लहराना भी था। उनका शासन जब भारत में स्थापित हो गया तो सारी अचल संपत्तियाँ उनके अधिकार क्षेत्र में आ गई। इस तरह वे मुस्लिमों के प्रति ज्यादा दयालु रूख रखने लगे और मस्जिदों-दरगाहों एवं कब्रिस्तानों के लिए जमीन एवं जायदाद देने लगे। यह सब कुछ इसलिए हो रहा था कि ताकि मस्जिद-दरगाह अपना रखरखाव के साथ धर्मांतरण एवं इस्लाम के प्रभाव को विस्तार देने के लिए कर सकें। मुस्लिम शासन में इन मस्जिदों एवं दरगाहों को गाँव के गाँव दान के रूप में दे दिए गए। ये सब वहीं, जमीनें थीं तो पूर्व में हिंदुओं के थे।

जब लंदन पहुंचा वक्फ संपत्ति का मामला

मुगल के बाद जब अंग्रेजों का शासन आया। शुरू में अंग्रेजों ने हिंदुओं और मुस्लिमों, दोनों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया और अपनी ताकत बढ़ाते रहे। समय बीतने के साथ ही इन संपत्तियों पर भी उन्होंने अपने अधिकार में लेने की कोशिश की।इसके लिए सन 1890 में अंग्रेजों ने चैरिटेबल एंडॉवमेंट्स एक्ट लाया। इस कानून में चैरिटेबल संपत्तियों के लिए कोषाध्यक्षों की स्थापना की गई। इसके तहत मुस्लिमों से जुड़ा एक मामला सामने आया। सन 1894 में अब्दुल फता मोहम्मद इशाक बनाम रुसोमॉय धुर का विवाद सामने आया और इसमें एक फैसला आया।फैसले में कहा गया कि परिवार को लाभ पहुँचाना तब तक अमान्य है, जब तक कि वे दान के लिए समर्पित न हों। इसके बाद मुस्लिमों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इस्लाम में पारिवारिक वक्फ की व्यवस्था है। उन्होंने इसे शरिया या इस्लामी कानून के अधिकार क्षेत्र का बताया। इस तरह वक्फ संपत्ति विवाद का विषय बन गया। मुस्लिमों की ताकत को देखते हुए उस समय अंग्रेज भी सीधा अधिकार करने के बजाय इसे कानून के दिखावा के जरिए कब्जे में लेना चाहते थे।

आखिरकार वक्फ संपत्ति को लेकर मुस्लिमों और अंग्रेजों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला लंदन के प्रिवी काउंसिल में जा पहुँचा। प्रिवी कॉन्सिल में चार जजों की बेंच ने इस पर सुनवाई की और वक्फ को अवैध बता दिया। हालाँकि, इस भारत में हंगामें को देखते हुए ब्रिटिश भारत की सरकार ने बीच का रास्ता निकाला। उसने मुस्लिम वक्फ वैलिडेंटिंग एक्ट 1913 पारित। किया। इस कानून के तहत मुस्लिमों के वक्फ बोर्ड को मान्यता दे दी गई। इस तरह पहली बार मुस्लिमों के वक्फ बोर्ड का कानूनी अस्तित्व सामने आया।

इसके बाद सन 1920 में चैरिटेबल एवं धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम लाया गया। इसके तहत धार्मिक ट्रस्टों की न्यायिक निगरानी की अनुमति दी गई। इस तरह नियंत्रण कठोर कर दिया गया। आगे चलकर सन 1923 में मुस्लिम वक्फ अधिनियम लाया गया। इसमें वक्फ संपत्तियों का लेखा-जोखा रखना अनिवार्य कर दिया गया। आगे चलकर साल 1934 में बंगाल वक्फ अधिनियम और बिहार वक्फ अधिनियम जैसे संशोधन पेश किए गए। इन कानूनों के जरिए अंग्रेजों ने मुस्लिमों के लिए अलग व्यवस्था की, जो धर्मनिरपेक्ष कानूनों से पूरी तरह अलग थे। यह मुस्लिमों को साधने की अंग्रेजों की एक रणनीति थी, लेकिन यह रणनीति कारगर साबित नहीं हुई। आगे चलकर देश आजाद हुआ और वक्फ बोर्ड एक स्थायी पहचान बन गया, जो इस्लामी काल में हिंदुओं की संपत्तियों को लूटकर मुस्लिमों को दिया गया और मुस्लिमों ने उसे अपने धर्म से जोड़कर अपना बता दिया।

आगे के लेख में हम बताएँगे कि आज़ादी के बाद पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने देश के बँटवारे के बावजूद मुस्लिम तुष्टिकरण के लिए इस कानून को जिंदा रखा। नेहरू सरकार ने ना सिर्फ उस कानून को जिंदा रखा, बल्कि उसे मजबूत किया और आगे चलकर उन्हीं की कांग्रेस के वारिसों ने इस वक्फ बोर्ड को एक ताकतवर बना दिया कि वह भस्मासुर बन गया। हम बताएँगे कि वक्फ कानून में कब-कब और क्या-क्या संशोधन हुए, जिसके कारण वह नीत नई सरकारी संपत्तियों पर अपना दावा ठोक रहा है और सुप्रीम कोर्ट जैसा सर्वोच्च संस्थान चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रहा है। आखिरकार इस वक्फ बोर्ड को इतनी ताकत किसने और क्यों दी, इसका भी जिक्र करेंगे। हम यह बताएँगे कि वक्फ के पास इस समय कितनी संपत्तियाँ हैं।

स्रोत: वक्फ, वक्फ बोर्ड, लंदन, मुगल आक्रांता, Waqf, Waqf Board, London, Mughal invaders,
Tags: londonMughal invadersWaqfWaqf Boardमुगल आक्रांतालंदनवक़्फ़वक्फ बोर्ड
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

नागपुर के दंगाइयों के बचाव में उतरे राजदीप सरदेसाई

अगली पोस्ट

कौन हैं जैन ‘रानी अब्बक्का’ जिनकी शौर्य गाथा का गुणगान करेगा RSS?

संबंधित पोस्ट

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल
चर्चित

CJP का यू-टर्न क्यों? पहले अपील, अब INDIA गठबंधन की रैली से दूरी; AAP कनेक्शन पर सवाल

1 November 2026

‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर पहले सभी को साथ आने की जरूरत बताने वाला CJP अब खुद को स्वतंत्र और न्यूट्रल प्लेटफॉर्म बता रहा है।...

नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति
चर्चित

नए IAF चीफ का ‘VAYU’ मिशन क्या है? चार अक्षरों में भारतीय वायुसेना की नई युद्ध रणनीति

1 November 2026

भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख ने अपनी प्राथमिकताओं को सिर्फ एक शब्द ‘VAYU’ में समेट दिया है। लेकिन यह केवल एक आकर्षक नारा नहीं है।...

Cyclone Arnab के बाद एक और तूफान का खतरा, 2 नवंबर को आंध्र तट के करीब पहुंचेगा
चर्चित

Cyclone Arnab के बाद एक और तूफान का खतरा, 2 नवंबर को आंध्र तट के करीब पहुंचेगा

31 October 2026

आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) की तबाही के कुछ ही दिनों बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान बनने की आशंका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited