TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

रघुनाथ कर्वे: भारत में परिवार नियोजन के जनक की कहानी, इमरजेंसी में जबरन नसबंदी ने कैसे बदले हालात?

रघुनाथ कर्वे की पढ़ाई पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से हुई और बाद में वो मुंबई के विल्सन कॉलेज से जुड़े

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
15 April 2025
in इतिहास
रघुनाथ कर्वे ने भारत में पहला परिवार नियोजन क्लिनिक खोला था

रघुनाथ कर्वे ने भारत में पहला परिवार नियोजन क्लिनिक खोला था

Share on FacebookShare on X

जिनका नाम नहीं लेते, ऐसे नामों में से एक रघुनाथ धोंधो कर्वे का भी आता है। इनका नाम क्यों नहीं लेते? क्योंकि भारत में आज जो परिवार नियोजन की व्यवस्था या परिकल्पना हम नागरिकों (विशेषकर हिन्दुओं) के लिए देखते हैं, उसके जनक रघुनाथ कर्वे थे। लन्दन, इंग्लैंड में पहला परिवार नियोजन का क्लिनिक 1921 में खुला था और उसी वर्ष रघुनाथ कर्वे ने भारत में पहला परिवार नियोजन का क्लिनिक खोला था। उस दौर में ऐसे विचारों का क्या नतीजा होना था? उन्हें समाज से बहिष्कृत कर दिया गया था क्योंकि एम.के. गाँधी स्वयं ही कर्वे के सबसे बड़े विरोधियों में से एक थे। रत्नागिरी, महाराष्ट्र में 1882 में जन्मे रघुनाथ कर्वे की पढ़ाई पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से हुई और बाद में वो मुंबई के विल्सन कॉलेज से जुड़े। परिवार नियोजन का मुद्दा उनके लिए व्यक्तिगत महत्व का इसलिए हो जाता था क्योंकि उनकी माता राधाबाई की मृत्यु संतान के जन्म के दौरान ही 1891 में हो गयी थी और तब 9 वर्ष के रघुनाथ कर्वे पर इसका आजीवन प्रभाव रहा।

फर्ग्युसन कॉलेज से बीए की डिग्री 1904 में लेने के बाद वो गणित के प्रोफेसर के रूप में विल्सन कॉलेज में काम करने लगे। ये इसाई मत वालों के नियंत्रण में चलने वाला कॉलेज था और जब वहाँ वो परिवार नियोजन, स्त्रियों के यौन सुखों पर अधिकार जैसे मुद्दों पर अपनी राय प्रकट करने लगे तो रिलीजियस मतों से उनके मत बिलकुल उल्टे थे। लिहाजा ईसाई प्रशासन ने उन्हें कॉलेज की नौकरी से इस्तीफा देने को कह दिया। उनकी पत्नी मालती का समर्थन उन्हें मिला हुआ था इसलिए अपने दौर के हिसाब से बिलकुल क्रांतिकारी विचार होने के बाद भी दोनों लोग मिलजुल कर परिवार का खर्च वहन करते रहे और रघुनाथ कर्वे का काम जारी रहा।

संबंधितपोस्ट

पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू को भी छोड़ा पीछे

नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी अवरोध को “करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात” बताया; चेतावनी दी कि 2026 के बाद परिसीमन भारत के संघीय संतुलन को नया आकार दे सकता है

कांग्रेस: औपनिवेशिक औजार से आपातकाल तक, भारत माता का अपमान

और लोड करें

दम्पति ने संतानहीन रहने का फैसला लिया था जिसपर वो आजीवन कायम भी रहे। उन्होंने 1927 में मराठी भाषा में ‘समाज स्वास्थ्य’ नाम की एक पत्रिका का प्रकाशन शुरू कर दिया। इस पत्रिका में लैंगिक समानता, संतान के पालन में पुरुषों की भूमिका, तथा स्त्रियों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर लेख आते थे और ये पत्रिका कर्वे की मृत्यु तक, यानी अक्टूबर 1953 तक मासिक छपती रही। कहा जा सकता है कि कर्वे के काम का ही नतीजा था कि विकासशील देशों में परिवार नियोजन को सबसे पहले, 1952 में, एक सरकारी प्रयास के रूप में, नीति के रूप में अपनाने वाला भारत पहला देश बना था।

सरकारी प्रयासों के रूप में परिवार नियोजन

पंचवर्षीय योजनाओं में गाडगिल फोर्मुले के तहत 1969 तक में आर्थिक विकास से जोड़कर परिवार नियोजन की योजनाएं चलाई गयीं जिनका स्वरूप 1979 तक बदलता रहा। पहले माहवारी के समय के हिसाब से (रिदम मेथड) परिवार नियोजन के प्रयास किये गए और धीरे-धीरे दवाओं और गर्भ निरोधकों की ओर इसका स्वरुप बदला। भारत में ऐसे कार्यक्रम बड़े पैमाने पर विदेशी फंडिंग से चल रहे थे। इसका परिणाम ये भी हुआ कि जनता की मंशा को पूरी तरह अनदेखा किया गया और ‘ऊपर से आये आदेशों’ का पालन करने की कोशिश की गयी। पुरुषों के लिए गर्भनिरोधक उपाय अपनाने पर भी भारी पैमाने पर विरोध और अफवाहों की स्थितियां बनती रहीं। आग में घी डालने का काम इमरजेंसी के दौरान यानी सत्तर के दशक में जब इंदिरा गाँधी सत्ता पर काबिज थीं और संजय गांधी की चलती थी, उस दौर में हो गया।

संजय गाँधी और नसबंदी

अप्रैल 1976 के दौर में इमरजेंसी को लगे करीब एक वर्ष हो चुका था (जून 1975 से)। इसी दौर में संजय गाँधी ने नसबंदी के लिए नई नीति लागू की और इससे एक समुदाय विशेष में खास तौर पर हंगामा मच गया। भिखारियों को जबरन पकड़-पकड़ कर नसबंदी शुरू हो चुकी थी। सरकार ने नसबंदी का टारगेट न पूरा होने पर सैलरी रोकनी शुरू कर दी थी। गावों के लिए सिंचाई और पीने का पानी काटा जा रहा था और जो दिन के वक्त भागकर नसबंदी से बच भी जाते, उन्हें रातों को उठा लिया जाता। इस दौर में जो ‘दो बच्चे अच्छे’ की नीति शुरू हुई वो भारत में कई दशकों तक जारी रही। संजय गाँधी की नीति का असर कैसा रहा होगा इसका अनुमान 20 जुलाई 1976 के दिल्ली पुलिस बुलेटिन से लगाया जा सकता है, जिसमें बताया गया कि बीते दो सप्ताह के दौरान 1100 पुलिसकर्मियों ने ‘स्वेच्छा से’ नसबंदी करवाई। इसमें दो पुलिस सुपरिटेंडेट भी शामिल थे और 2 अगस्त तक ये गिनती 2000 पार कर गयी थी।

आज एम.के. स्टालिन और चंद्रबाबू नायडू जिस नीति की बात कर रहे हैं, वो पुरानी कांग्रेसी नीति का ठीक उल्टा है। नेशनल पापुलेशन पालिसी जो 2000 में आई उस समय तक सरकारों को भी ये समझ में आ गया था कि कोई समाज तभी तक जीवित रह सकता है जबतक उसकी प्रजनन दर 2 से अधिक हो। दो या उससे कम बच्चों की नीति ने इसका ठीक उल्टा कर दिया था। अब राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000 के मध्यकालीन लक्ष्यों में से एक कुल प्रजनन दर को 2.1 पर पहुँचाना भी है। सिर्फ नतीजों में ही नहीं बल्कि अब उपायों में भी बदलाव किये जा रहे हैं। वर्ल्ड बैंक जो सत्तर के दशक में अरबों का कर्ज दे रहा था, वो सीधे जनसंख्या नियंत्रण से भी जुड़ा था। इसके अलावा स्वीडिश इंटरनेशनल डेवलपमेंट अथॉरिटी और यूएन पापुलेशन फण्ड का पैसा भी भारत में परिवार नियोजन और दो या उससे कम बच्चों की नीति लागू करने के लिए आता रहा।

मुर्शिदाबाद, मालदा या कैराना जैसी जगहों पर हाल में जिस डेमोग्राफी में बदलाव की बातें अब होने लगी हैं, उनकी जड़ों में कहीं न कहीं भारत की ये जनसंख्या नीति भी रही जो मुख्यतः हिन्दुओं पर ही लागू भी हुई और मध्यमवर्गीय हिन्दुओं द्वारा अपनाई भी जाने लगी। बच्चे का जन्म अस्पतालों में ही हो, इसकी जिद ने सर्जरी के जरिये बच्चे के जन्म को बढ़ावा दिया और उसकी वजह से दो से अधिक बच्चे पैदा करना संभव ही नहीं रह जाता। कुल मिलाकर डेमोग्राफी में बदलाव और लोकतंत्र की हाईजैकिंग एक नीति के जरिये कैसे हो सकती है, उसका अच्छा उदाहरण भारत की परिवार नियोजन की नीति है। बाकी इसपर आम आदमी का ध्यान कब जायेगा, ये देखने लायक बात होगी।

स्रोत: रघुनाथ कर्वे, परिवार नियोजन, आपातकाल, संजय गाँधी, चंद्रबाबू नायडू, Raghunath Karve, Family Planning, Emergency, Sanjay Gandhi, Chandrababu Naidu,
Tags: Chandrababu NaiduEmergencyFamily PlanningRaghunath KarveSanjay Gandhiआपातकालचंद्रबाबू नायडूपरिवार नियोजनरघुनाथ कर्वेसंजय गाँधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

स्त्रियों के महत्त्व, अधिकार, सुरक्षा और विवाह को लेकर क्या कहती है मनुस्मृति?

अगली पोस्ट

66% मुस्लिम आबादी वाला मुर्शिदाबाद, जहां TMC के 3 सांसद और 20 विधायक…वहां घर छोड़ भागने को मजबूर हिंदू, जानिए क्या बोले पीड़ित

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited