"सत्ता की भूख में राहुल-कांग्रेस बेकाबू: चुनाव आयोग को बदनाम कर चुनावी प्रक्रिया को ठहराया अवैध"
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“सत्ता की भूख में राहुल-कांग्रेस बेकाबू: चुनाव आयोग को बदनाम कर चुनावी प्रक्रिया को ठहराया अवैध”

देश की चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को कम करने की कोशिश कर रहे हैं कांग्रेस नेता।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
12 August 2025
in राजनीति
"सत्ता की भूख में राहुल-कांग्रेस बेकाबू: चुनाव आयोग को बदनाम कर चुनावी प्रक्रिया को ठहराया अवैध"

कांग्रेस नेता राहुल गांधी।

Share on FacebookShare on X

भारतीय चुनाव प्रणाली और चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के बार-बार हमले कोई छिटपुट राजनीतिक बयान नहीं हैं। ये किसी भी तरह से सत्ता पाने के उनके निरर्थक प्रयासों में, भारत के लोकतंत्र की बुनियाद को ही अवैध बनाने का जानबूझकर किया गया खतरनाक प्रयास है। पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बार-बार सवाल उठाकर, “वोट चोरी” के आरोप लगाकर और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर संदेह जताकर, कांग्रेस नेता देश की चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को कम करने की कोशिश कर रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

Sonia Gandhi Citizenship Row: नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम? दिल्ली कोर्ट के आदेश के बाद आगे क्या ?

हामिद अंसारी के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल

SIR Notice: चुनाव आयुक्त से CBI डायरेक्टर तक को नोटिस, क्यों आई बड़े अफसरों की बारी? आगे क्या होगा ?

और लोड करें

हर हार के बाद यही नैरेटिव

दिलचस्प बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब देश की सबसे पुरानी पार्टी ने ऐसा करने की कोशिश की है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता, जब भी चुनाव परिणाम उनके अनुकूल नहीं रहे हैं, नियमित रूप से संस्थानों को दोष देते रहे हैं। 2014 से 2024 तक, हर बड़ी हार के बाद उन्होंने अपनी पार्टी की कमियों पर आत्मचिंतन करने से परहेज किया है। इसके बजाय चुनाव प्रणाली पर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में धांधली का आरोप लगाया है। जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता और उनकी मंडली बिना किसी कानूनी सबूत या अदालत में नतीजों को चुनौती दिए बार-बार यह दावा करते हैं कि चुनाव “स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं” हैं तो वे न केवल चुनाव प्रणाली की वैधता को कमज़ोर करते हैं, बल्कि मतदाताओं के बीच अविश्वास के बीज भी बोते हैं।

चुनाव आयोग पर हमला: सुनियोजित अभियान

चुनाव आयोग, जिसे लंबे समय से दुनिया भर में सबसे सम्मानित लोकतांत्रिक संस्थानों में से एक माना जाता है, राहुल गांधी और कांग्रेस के तंत्र की आलोचनाओं का शिकार हो रहा है। यह एक रणनीतिक बदलाव है – कोई सैद्धांतिक आपत्ति नहीं। महाराष्ट्र में मतदाताओं के नामों को बड़े पैमाने पर हटाने का आरोप लगाने से लेकर यह सुझाव देने तक कि चुनाव आयोग ने जानबूझकर सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दिए, कांग्रेस नेतृत्व ने आयोग को सत्तारूढ़ दल के एक हथियार के रूप में पेश करने की कोशिश की है। और ये आरोप वर्षों से जारी हैं, बिना इस महान पुरानी पार्टी द्वारा सत्यापन योग्य सबूत पेश किए।

ऐसा लगता है कि यह अभियान सिर्फ़ दिखावे तक सीमित है और सच्चाई तक नहीं पहुंच रहा है। जब राहुल गांधी बिना किसी हलफ़नामे के यह दावा करते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव “चुराए गए” थे, तो वे भारतीय मतदाताओं को नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया, पश्चिमी सरकारों और वकालत करने वाले नेटवर्कों को भी संदेश दे रहे हैं। ये संस्थाएं अक्सर दुनिया भर में विकासशील लोकतंत्रों पर फ़ैसला सुनाती हैं और उनकी बयानबाज़ी बिल्कुल वैसी ही है, जैसी विदेशी थिंक टैंक और वैश्विक निगरानी संस्थाएं इस्तेमाल करती हैं।

चुनाव आयोग में विश्वास कमज़ोर करने की अपनी कोशिशों में कांग्रेस नेतृत्व एक समानांतर नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहा है। एक ऐसे लोकतंत्र की जहां संस्थाएं अब तटस्थ नहीं हैं। लेकिन यह नैरेटिव चुनाव आयोग के वास्तविक कामकाज को नज़रअंदाज़ करता है, जिसने लगातार न्यूनतम व्यवधान और विश्वसनीय पारदर्शिता के साथ चुनाव संपन्न कराए हैं।

पढ़ें, असम के मंत्री का यह पोस्ट

इस मुद्दे को भाजपा नेता और असम सरकार में कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल ने भी उजागर किया है। उन्होंने X पर पोस्ट किया, “राहुल गांधी, यह जानते हुए कि वे लोकतांत्रिक तरीके से नहीं जीत सकते, सत्ता हथियाने के लिए चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कम कर रहे हैं, जो एक खतरनाक वैश्विक पैटर्न को दर्शाता है। अराजकता के ज़रिए सत्ता हासिल करने की एक हताश कोशिश, यहां तक कि राष्ट्रीय हित की कीमत पर भी।”

सिंघल ने इन शासन परिवर्तनों को सूचीबद्ध किया है:

ज़िम्बाब्वे (2000): विपक्ष के धांधली के आरोपों के कारण सत्ता पर कब्ज़ा हुआ, जिससे आर्थिक पतन शुरू हो गया।

श्रीलंका (1990 का दशक): चुनाव धोखाधड़ी के दावों ने विपक्ष को सत्ता हथियाने में मदद की, जिससे गृहयुद्ध और आर्थिक संकट गहरा गया।

वेनेज़ुएला (1990-2000 का दशक): धांधली के आरोपों ने शावेज़ को सत्ता में पहुंचाया, जिसके परिणामस्वरूप सत्तावादी शासन स्थापित हुआ।

केन्या (2007): चुनाव के बाद धांधली के आरोपों ने हिंसक अशांति और लंबे समय तक अस्थिरता को जन्म दिया।

बांग्लादेश (2024): धांधली के दावों ने अवामी लीग सरकार को गिरा दिया, जिससे इस्लामी सत्ता का मार्ग प्रशस्त हुआ।

एक खतरनाक रणनीति

चुनावी प्रक्रिया को अवैध बनाने का यह प्रयास बहुत गंभीर जोखिम पैदा करता है।

संस्थागत विश्वास की कमी: यदि नागरिकों का चुनाव आयोग में विश्वास उठ जाता है, तो वे लोकतांत्रिक भागीदारी के विचार से भी विश्वास खो सकते हैं। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि इससे किसी को कोई लाभ नहीं होता, यहां तक कि विपक्ष को भी नहीं।

विदेशी हस्तक्षेप के आधार: भारतीय चुनावों को धांधली वाला बताकर, राहुल गांधी बाहरी ताकतों, चाहे वे विदेशी सरकारें हों या गैर-सरकारी संगठन, के लिए “लोकतंत्र को बढ़ावा देने” की आड़ में भारत के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी को उचित ठहराने का रास्ता खोल देते हैं।

दीर्घकालिक अस्थिरता: आज चुनावी प्रक्रियाओं को अवैध ठहराना भविष्य के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। अगर हर चुनावी हार को धोखाधड़ी मानकर खारिज कर दिया जाए, तो सत्ता का लोकतांत्रिक हस्तांतरण स्वाभाविक रूप से संदिग्ध हो जाएगा।

खतरनाक है ज़िम्मेदारी विहीन विपक्ष

भारत को एक मज़बूत विपक्ष की ज़रूरत है। लेकिन उस विपक्ष को लोकतांत्रिक ज़िम्मेदारी के दायरे में काम करना होगा। संवैधानिक उपायों का सहारा लिए बिना या ठोस सबूत पेश किए बिना चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग में विश्वास को खत्म करने की कोशिश करके, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र को मज़बूत नहीं, बल्कि कमज़ोर कर रहे हैं।

असली ख़तरा यह है कि राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने की अपनी कोशिश में, राहुल गांधी भारत से बाहर के लोगों सहित, दूसरों को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की वैधता पर सवाल उठाने के औज़ार देने में ही कामयाब हो सकते हैं।

Tags: CongressElection Commissionelection theftRahul Gandhivote theftकांग्रेसचुनाव आयोगचुनाव चोरीराहुल गाँधीवोट चोरी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

केरल में सोना ने की आत्महत्या, रामीस और उसके परिवार ने बनाया था मुस्लिम बनने का दबाव

अगली पोस्ट

क्या कश्मीरी पंडितों को मिलेगा न्याय? तीन दशक बाद जम्मू-कश्मीर एसआईए ने खोला नर्स सरला भट की 1990 की हत्या का मामला

संबंधित पोस्ट

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा
समीक्षा

बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

18 September 2026

पुस्तक का नाम: कथा रूप: बलिदानी हेमू कालानी लेखक: किशोर कान्त प्रकाशक: सुरुचि प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ: 99 मूल्य: 149 प्रिंट भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का...

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited