झारखंड के चतरा जिले से सोमवार देर शाम एक अत्यंत हृदयविदारक विमान दुर्घटना की खबर सामने आई, जिसने पूरे राज्य को शोक में डुबो दिया। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में गंभीर रूप से घायल एक मरीज, उनके दो परिजन, दो पायलट, एक डॉक्टर और एक नर्स शामिल हैं।
उड़ान के 23 मिनट बाद हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेड बर्ड एविएशन का बीचक्राफ्ट C-90 विमान रांची के देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती 41 वर्षीय संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। संजय कुमार आग से झुलसने (बर्न इंजरी) के कारण गंभीर अवस्था में थे और उन्हें तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता थी। विमान ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी।
हालांकि उड़ान भरने के महज 23 मिनट बाद ही विमान हादसे का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही आग लग गई। जंगल क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भी शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
खराब मौसम और एटीसी से संपर्क टूटने की जानकारी
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, उड़ान भरने के बाद विमान ने कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया था। खराब मौसम के कारण पायलटों ने अपने मार्ग में बदलाव की अनुमति मांगी थी। बताया गया कि शाम 7:34 बजे कोलकाता से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व दिशा में विमान का रडार और संचार संपर्क अचानक टूट गया।
विमान की अंतिम लोकेशन चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमाटांड़ के घने जंगलों के पास दर्ज की गई थी। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल को विमान से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे आशंका गहराती गई।
सर्च अभियान के बाद सभी शव बरामद
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने करमाटांड़ जंगल की दिशा से तेज धमाके की आवाज सुनी और आसमान में धुएं का गुबार उठते देखा। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी. और पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस बल और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर रवाना हुईं।
रात भर चले तलाशी अभियान के बाद एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने पुष्टि की कि दुर्घटनास्थल से सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
जांच के आदेश, शोक की लहर
डीजीसीए ने दुर्घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका खराब मौसम को लेकर जताई जा रही है, हालांकि तकनीकी खराबी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के प्रयास जारी हैं, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इस दर्दनाक घटना से पूरे झारखंड में शोक की लहर है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। यह हादसा एक बार फिर आपातकालीन चिकित्सा उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और मौसम संबंधी जोखिमों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।





























