भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अब सीधे मैदान में उतर गई है। पार्टी ने अपने नेताओं, सांसदों और विधायकों को छात्रों और अभिभावकों के बीच जाकर संवाद करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसी क्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव नितिन नवीन ने दिल्ली से सटे राज्यों के सांसदों और विधायकों के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में छात्रों और अभिभावकों से मुलाकात करें और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दें।
बैठक में नेताओं से कहा गया कि वे छात्रों को बताएं कि केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कौन-कौन से फैसले लिए हैं। साथ ही उन्हें यह भी समझाने के लिए कहा गया कि सरकार भविष्य में भी छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है।
भाजपा का मानना है कि विपक्ष और कुछ संगठन छात्रों के बीच भ्रम और अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी ने तय किया है कि वह सीधे छात्रों और अभिभावकों से संवाद कर वास्तविक स्थिति बताएगी। नेताओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे युवाओं को किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ बातों में न आने की सलाह दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने के लिए प्रेरित करें।
बैठक में हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा में रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का भी जिक्र हुआ। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ समूह और सोशल मीडिया हैंडल इस तरह के अभियानों के जरिए युवाओं को गुमराह करने और राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि ऐसे दुष्प्रचार का जवाब जनता के बीच जाकर तथ्यों और सरकार के कामकाज की जानकारी देकर दिया जाएगा।
भाजपा ने साफ किया है कि वह केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव, शहर, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों तथा अभिभावकों से सीधे संवाद कर सरकार की योजनाओं और फैसलों की जानकारी पहुंचाएगी। पार्टी का उद्देश्य छात्रों का भरोसा मजबूत करना और उन्हें अफवाहों व भ्रामक प्रचार से दूर रखना है।

































