“जय श्री राम” के नारे और कसाब का कलावा: सब एक ही है!
एक अपराधी को उसके भाई सहित पेशे पर लाया जाता है। अति उत्साही मीडिया उससे विभिन्न मुद्दों पर प्रश्नों के बुलेट दागती है। दोनों भाई जवाब दे ही रहे हैं कि सबके समक्ष, लाइव प्रसारण पे दोनों...
एक अपराधी को उसके भाई सहित पेशे पर लाया जाता है। अति उत्साही मीडिया उससे विभिन्न मुद्दों पर प्रश्नों के बुलेट दागती है। दोनों भाई जवाब दे ही रहे हैं कि सबके समक्ष, लाइव प्रसारण पे दोनों...
एक अपराधी अपने पेशे को क्यों अपनाता है? अधिकतम लोग कहने को परिस्थितियों के पीछे अपराध का मार्ग अपनाने को विवश होते हैं। परंतु अतीक अहमद का मैटर अलग है। सत्ता की भूख इन्हे प्रारंभ से ऐसी...
हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड के संबंध में प्रमुख आरोपियों में से एक, अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को गोलियों से भून दिया गया। 15 अप्रैल को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाते समय अतीक...
भई जो किसी ने भी नही सोचा था, वो हो गया। उमेश पाल हत्याकांड के प्रमुख आरोपी असद अहमद को दफनाए हुए ४८ घंटे भी नहीं हुए थे कि 15 अप्रैल को मेडिकल परीक्षण के लिए ले...
कुछ लोगों के रूप रंग चाहे जैसे हो, इनकी हरकतें ऐसी है कि इनके प्रकट होते ही जनता के मन में यही ख्याल आएगा : निर्लज्ज, तू फिर आ गया? फरहाद सामजी के साथ भी यही मामला...
कुछ समय पूर्व, सीबीआई द्वारा सम्मन भेजे जाने पर आम आदमी पार्टी का हर एक नेता क्रोध से तमतमा रहा था। कुछ अति उत्साही समर्थक तो इतना भावुक हो गए कि केजरीवाल की तुलना बैरिस्टर मोहनदास करमचंद...
इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारत की सुरक्षा के लिए कट्टरपंथी जितना बड़ा खतरा है, नक्सलवाद भी उतना ही खतरनाक है, चाहे वह जंगलों से संचालित हो, या फिर शहर से। इसी परिप्रेक्ष्य में वामपंथी...
एक समय था, जब सुई से लेकर जीवन रक्षक दवाइयों के लिए भारत को विदेशी सहायता पर निर्भर रहना पड़ता था। परंतु अब आत्मनिर्भरता में भारत नित नये आयाम स्थापित कर रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमें...
विनायक दामोदर सावरकर के लिए राहुल गांधी के मन में कितनी घृणा और निरादर है, ये किसी से नहीं छुपा है। परंतु सावरकर को निरंतर अपशब्द कहना अब शीघ्र ही इन्हे बहुत भारी पड़ने वाला है। विगत...
न्यायपालिका और कार्यपालिका यानि सरकार में तनातनी किसी से नहीं छुपा है। संविधान की आड़ में कुछ जज सरकार की स्वायत्ता को चुनौती देने से भी बाज़ नहीं आते। परंतु जब अपने ही उनकी पोल खोलें, तो?...
जब से OTT पे क्रांति आई है, तब से सभी लोग इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व जमाने के लिए लालायित है। अब सिनेमा और डिजिटल कॉन्टेन्ट के बीच की दीवार धीरे धीरे मिटने वाली है, और ऐसे...
हमारे देश का इतिहास बड़ा विचित्र है। जब बात आती है देश के नायकों को उचित सम्मान देने की, तो उन्हे अखबार का एक स्तम्भ भी प्राप्त नहीं होता। परंतु जब बात आती है देश का अहित...


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