TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में

    सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी

    कोकरोच जनता पार्टी पर सरकार सख्त

    कोकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने किया इंकार

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा

    सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा? कर्नाटक की राजनीति में बढ़ी हलचल, मंत्रियों के साथ बैठक में लिया बड़ा फैसला

    बीजेपी में बदलाव

    बीजेपी ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और त्रिपुरा में बदले प्रदेश अध्यक्ष, जानें क्या होने वाला है नया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    भारतीय एयरक्राफ्ट

    भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर बने हिंद महासागर की सबसे बड़ी ताकत, दुश्मनों के लिए क्यों हैं बड़ी चुनौती?

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    मोदी सरकार का ‘स्मार्ट बॉर्डर’ अभियान, अमित शाह ने घुसपैठ के खिलाफ पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं को अभेद्य बनाने का वादा किया

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    Break into QA Jobs Faster with Automation Testing Course from StarAgile

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत छोड़ो आंदोलन : भारत के इतिहास का सबसे सफल आंदोलन

EX-EMPLOYEE द्वारा EX-EMPLOYEE
9 August 2016
in इतिहास

PC: Republic

Share on FacebookShare on X

भारत छोड़ो आंदोलन : सबसे सफल आंदोलन

1857 में जो जंग-ए-आजादी शुरू हुई थी, 9 अगस्त 1942 में वह अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी थी। जिन समाजिक बिखरावों के कारण पूर्व के सभी संघर्ष असफल हो गए थे, महात्मा गांधी ने उन्हें दूर कर दिया था और ये उनका ही जादू था कि करोड़ों भारतीय आजादी के लिए सड़कों पे उतर आये थे। बच्चे-बच्चे ने ‘करो या मरो’ के संकल्प को आत्मसात कर लिया था, समूचे देश में उस समय यही जनून था कि अंग्रेजों या तो हमारा देश छोड़ दो या फिर हमारा कत्ल कर दो। चलिए आज इस भारत छोड़ो आंदोलन के 74 वर्ष पुरे होने के अवसर पे इसकी कहानी को विस्तार से दोहराते हैं।

“मैं एक ही चीज लेने जा रहा हूं, आजादी। अगर नहीं देना है तो कत्ल कर दो। आपको एक ही मंत्र देता हूं, करेंगे या मरेंगे। जिनमें कुछ कर गुजरने की ताकत है, वही जिंदा रहते हैं।”

8 अगस्त 1942 की रात को कांग्रेस महासमिति की बैठक में महात्मा गांधी ने उपरोक्त शब्द कहे थे जो बाद में भारत के इतिहास के अहम दस्तावेज बन गए। उस बैठक में गांधी जी ने करीब तीन घंटे अंग्रेजी और हिंदी में लंबा भासन दिया था और इस तीन घंटे पुरे हॉल एक अजीब सा सन्नाटा छाया हुआ था, ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो उनका एक-एक शब्द संपूर्ण देश को अंदर से झकझोड़ रहा था, उतेजित कर रहा था।

संबंधितपोस्ट

ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारत का ऐलान, आतंक के हर हमले का मिलेगा करारा जवाब

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

और लोड करें

महात्मा गांधी की सबसे बड़ी सफलता तो यही थी की उन्होंने आजादी की लड़ाई को एक सीमित दायरे से निकाल कर पुरे भारतवर्ष में फैला दिया और जन-जन को इससे जोड़ दिया, इस भारत छोड़ो आंदोलन ने गांव के एक साधारण किसान को भी उतना ही उद्वेलित किया जितना किसी शहर में रहने वाले किसी व्यक्ति को। इस चेतना का प्रमाण तो इसी बात से मिलता है की भारत छोड़ो आंदोलन में ग्रामीण तबकों की भागीदारी साठ प्रतिशत से अधिक थी और इसी के कारण यह आन्दोलन संपूर्ण आजादी की लड़ाई में सबसे गरिमामयी स्थान रखता है।

आखिर भारत छोड़ो आंदोलन का उद्देश्य क्या था?

भारत छोड़ो आंदोलन का प्रमुख उद्देश्य जन-मानस में जागृति लाना था, तभी तो इस आन्दोलन के पांच वर्ष के भीतर ही हमे आजादी मिल गयी। भारत छोड़ो आंदोलन में बड़ी संख्या में युवाओं को आकर्षित किया था, युवा कॉलेज के बजाय जेल जाना ज्यादा पसंद कर रहे थे। इस आन्दोलन ने अंग्रेजी हुकूमत की जड़े हिला कर रख दी और उसे इसे दबाने में सालभर से भी ज्यादा का वक़्त लग गया। सन 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन अंग्रेजी राज जे विरुद्ध भारतियों का निर्णायक संग्राम साबित हुआ। महात्मा गांधी की ललकार पर लाखों भारतवासी ‘करो या मरो’ का मंत्र लेकर आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देने घरों से निकल सड़को पे उतर आये। इस आन्दोलन में सबसे अधिक बलिदान युवाओं ने ही दिया था।

कैसे सफल हुआ भारत छोड़ो आन्दोलन?

भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी की सोची समझी रणनीति थी। दरअसल, दृतीय विश्व युद्ध में इंग्लैंड को उलझा देख जैसे ही नेताजी ने आजाद हिंद फौज को ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया, महात्मा गांधी ने भी मौके की नजाकत भांपते हुए 8 अगस्त की रात में बम्बई से भारत छोड़ो आंदोलन का आहान कर दिया। अंग्रेजों ने भारत छोड़ो आंदोलन को दबाने के विचार से महात्मा गांधी को पुणे के आगा खान पैलेस में नजरबंद कर दिया मगर एक छोटे कद और ऊंचे इरादों वाले व्यक्ति लालबहादुर शास्त्री ने इसे व्यापक रूप दे दिया।

इस भारत छोड़ो आंदोलन के लिए 9 अगस्त का दिन भी एक सोची-समझी रणनीति थी, 6 अगस्त 1925 को ब्रिटिश हुकूमत का तख्ता पलट के उद्देश्य से रामप्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में हिंदुस्तानी प्रजातंत्र संघ के दस जुझारू क्रांतिकारियों ने ‘काकोरी कांड’ को अंजाम दिया था। इस कांड की याद को जनमानस के हृदय में ताजा रखने के लिए शहीद भगत सिंह ने हर साल 9अगस्त को काकोरी कांड स्मृति-दिवस मानाने की परंपरा की शुरुआत की थी और इस बहुत सारे युवा आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व कुर्बान कर देने का संकल्प लेते थे और आमजन से इस दिन के इसी खास जुड़ाव के कारण आन्दोलन के लिए इसी दिन का चुनाव किया गया।

और पढ़े : भारतवर्ष को अंग्रेजों ने नहीं खोजा था, यह सनातन है और इसके साक्ष्य भी हैं

भारत छोडो आन्दोलन का क्या असर दिखा था ?

जैसा मैंने पहले भी कहा की भारत छोड़ो आंदोलन का व्यापक असर हुआ था। अगर उस समय के सरकारी आंकड़ो की माने तो इस आन्दोलन में 942 लोग मारे गए, 1630 घायल हुए, 18000 लोग नजरबंद किये गए और 60229 लोगों ने गिरफ्तारियां दी थीं। 9 अगस्त को जब पुरे देश में ठीक से सुबह का उजाला भी नहीं फैला था तब तक कांग्रेस कार्यसमिति के सभी सदस्य गिरफ्तार किये जा चुके थे और कांग्रेस को गैरकानूनी घोसित किया जा चूका था।

19 अगस्त को शास्त्री जी भी गिरफ्तार हो गए लेकिन तब तक उन्होंने अपना काम कर दिया था। गांधी जी के साथ भारत कोकिला सरोजिनी नायडू को यरवडा, पुणे में स्थित आगा खान पैलेस में नजरबन्द रखा गया, डॉ. राजेंद्र प्रसाद को पटना के बांकीपुर जेल और अन्य सभी महत्वपूर्ण नेताओं को अहमदनगर के किले में नजरबंद किया गया था।

तो ये था भारत छोड़ो आंदोलन का इतिहास, मुझे अब ये लेख समाप्त कर देना चाहिए था मगर लिखते-लिखते मन में एक ख्याल आ गया। मैं सोच रहा था की वक्त कितना बदल चूका है, ये वो समय था जब युवा देश के लिए समर्पित थे लेकिन अब आज का युवा वर्ग देशप्रेम और देशसेवा कि बात नहीं करता है क्योंकि उन्हें ये ‘कूल’ और ‘ट्रेंडी’ नहीं लगता।

आप इस बात से सहमत हो या ना हों परन्तु मुझे लगता है की कहीं ना कहीं हमारे नैतिक और सामाजिक मूल्यों का ह्रास हुआ है और इसके जिम्मेदार भी हम स्वयं हैं। खैर, मैं ये भी मानता हूं की वक्त बदलेगा, सोच बदलेगी, हम एक और आजादी की लड़ाई लड़ेंगे, खुद के स्वार्थों से आजादी की लड़ाई।
जय हिन्द।

और पढ़े : क्यों पंडित नेहरू के पहले मंत्रीमंडल के सदस्य श्यामाप्रसाद मुखर्जी उस समय की भारतीय जनसंघ (आज की BJP) के पहले अध्यक्ष बने

Tags: अंग्रेजी हुकूमतभारतभारत की आज़ादीभारत छोडो आन्दोलनमहात्मा गाँधीस्वाधीनता संग्राम
शेयर4ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रेप या कुछ और, आखिर केआइआईटी का सच क्या है?

अगली पोस्ट

नितीश कुमार बीजेपी की कमर तोड़ने के लिए यूपी में ये तिकड़म भिड़ा रहे हैं

संबंधित पोस्ट

1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)
इतिहास

अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

28 May 2026

जब विनायक दामोदर सावरकर यानी वीर सावरकर को ब्रिटिश सरकार ने अंडमान की सेलुलर जेल में कैद किया, तब उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited