TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्मशान, कब्रिस्तान और बिजली की राजनीती कर के बुरे फंसे सपा-कांग्रेस

Mayurdhwaj Singh द्वारा Mayurdhwaj Singh
22 February 2017
in मत
बिजली
Share on FacebookShare on X

19 फ़रवरी 2017, प्रधानमंत्री की फतेहपुर में रैली हुई,उन्होंने कहा की,”रमज़ान पर बिजली मिलती है तो दिवाली पर भी बिजली मिलनी चाहिए, होली पर बिजली मिलती है तो ईद पर भी बिजली मिलनी चाहिए। विपक्ष के हिसाब से ये एक सांप्रदायिक बयान है। किस हिसाब से सांप्रदायिक बयान है ये किसी को ज्ञात नहीं। मीडिया ने इस बयान को इस तरह से कवर किया की प्रधानमंत्री ने कहा की “रमजान में बिजली मिलती है,दिवाली में नहीं”।

बहुत से विपक्षी दल और कुछ मीडिया पोर्टलों ने इस बयान पे आपत्ति जताई।  हालांकि ये और बात है की इसको ऐसे भी लिखा जा सकता था की,”प्रधानमंत्री ने कहा है की होली में बिजली मिलती है तो ईद पे भी मिले। ” लेकिन शायद ये दूसरी वाली हैडिंग विपक्षी दलो के हित को नहीं साधती थी इसीलिए उन्होंने इसे पहली वाली हैडिंग दी।  

संबंधितपोस्ट

जन्मदिवस विशेष: नाभा जेल में नेहरू की बदबूदार कोठरी और बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को दिया गया ‘वचनपत्र’

जनता की ज़मीन, सत्ता की जागीर नहीं: मानेसर लैंड डील में भूपेंद्र हुड्डा को झटका, न्याय ने कांग्रेस के ‘विकास मॉडल’ की खोल दी पोल

वंदे मातरम् के 150 वर्ष: बंकिमचंद्र की वेदना से जनमा गीत, जिसने भारत को जगाया और मोदी युग में पुनः जीवित हुआ आत्मगौरव

और लोड करें

 खैर दोनों हैडलाइन सही तरह से तो ऐसे लिखी जानी चाहिए थी की  प्रधानमंत्री ने धर्म,जाती के हिसाब से प्रजा और प्रजा के  बीच भेदभाव का विरोध किया। और कुछ मीडिया पोर्टलों ने इस तरह से लिखा भी।

देखने वालो ने इसमें भी धर्म ढूंढ लिया। हालांकि जो लोग समसामयिक विषयों की जानकारी रखते है उनको पहले से पता था की ऐसा कुछ कहने वाले है प्रधानमंत्री। कारण यह की 10 फ़रवरी को बीजेपी MP सर्वेश कुमार ने इस मुद्दे को ले के पीयूष गोयल के पास शिकायत की थी और ऊर्जा मंत्री ने इसका संज्ञान भी लिया था।

 राजनीतिक दृष्टि से देखे तो इसे विपक्ष द्वारा इस मुद्दे को भड़काना खुद उनको ही नुकसान पहुँचाएगा। प्रधानमंत्री का बयान था बराबरी के मुद्दे को ले के और विपक्ष ने बना दिया है इसे सांप्रदायिक मुद्दा। और इस तरह विपक्ष ने ही ध्रुवीकरण कर दिया चुनाव का। ध्रुवीकरण कभी एकतरफा नहीं होता ये दोतरफा होता है। चुनाव में जनता के एक पक्ष को जब आप अपने तरफ आकर्षित करने की कोशिश करते है तो दूसरा पक्ष अपने आप दूसरे पक्ष की तरफ चला जाता है।

सही मुद्दे पे विरोध जनता को आपके साथ जोड़ता है और सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना आपके विरोधी को मजबूत करता है। इसी बीच ताज़ी खबर ये है की कांग्रेस ने इस बयान के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करने का अपना फैसला बदल दिया है। अब वह इसकी शिकायत नहीं करेगी। मुहावरों की भाषा में इसे कहते है ऊंट का पहाड़ के नीचे आना। क्योंकि कही न कही ये पता तो उन्हें भी है की प्रधानमंत्री का बयान बिलकुल भी सांप्रदायिक नहीं था और यदि चुनाव आयोग में शिकायत करेंगे तो जनता के सामने वो खुद ही बेनकाब हो जाएंगे।

इस मामले को एक साधारण उदाहरण से समझ सकते है की एक व्यक्ति है जो अपने आप को आपका सच्चा दोस्त कहता है लेकिन जब उसी के सामने आप डूब रहे हो तो वो आदमी तैरना आने पे भी आपको नहीं बचाता और अपनी आँखों के सामने आपको डूबते हुए देखता रहता है और चिल्ला चिल्ला के ये कहता रहता है की मैं तुम्हारा सच्चा दोस्त हूँ।

बुनियादी सवाल ये है की यदि एक व्यक्ति बोल रहा है की होली पे बिजली आनी चाहिए और ईद पे भी,तो इस तरह तो ईद वालो और होली वालो दोनों के ही घर बिजली आ गयी तो समझ में ये नहीं आ रहा की इस बयां से आखिर आपत्ति है किसे? यहाँ तो समानता की बात हो रही है,एकता की बात हो रही है,सब सामान होंगे तभी तो सब एक होंगे।

वैसे बात यूपी चुनावों की हो रही है और चुनाव यूपी के हमेशा से ही दिलचस्प होते है। कहते है की जो यूपी के दिल में राज करता है वही देश पे भी राज करता है। और ये कहा यूँ ही नहीं जाता इसका एक कारण है और  लोक सभी की 543 में से 80 सीट यूपी देता है। 2014 के चुनावों में यूपी की जनता ने ही देश की सत्ता की चाभी भाजपा को दिया। 80 सीट में से सत्तर से ज्यादा सीट भाजपा ने जीती। समाजवादी पार्टी सिमट गयी 5 सीट पे और बसपा का खाता भी नहीं खुल पाया। जाहिर है की यदि लोकसभा के साथ ही यदि यूपी में विधानसभा का चुनाव भी हो जाता तो सत्ता किसे मिलती। और साथ ही ये भाजपा की नैतिक जीत थी की भाजपा को रोकने के नाम पे मुलायम सिंह की पार्टी ने उस कांग्रेस से गठबंधन कर लिया जिसके खिलाफ संघर्ष करते करते ही मुलायम सिंह की राजनैतिक जमीन तैयार हुई थी।

वैसे मुलायम सिंह समाजवादी के पूर्व अध्यक्ष है और वर्तमान में सपा के मार्गदर्शक मंडल में है।  एक किस्सा मशहूर है की अपने जवानी के दिनों में जब प्रदेश और देश में कांग्रेस की सरकार थी तो एक कवि सरकार विरोधी कविता पढ़ रहा था और कांग्रेस सरकार के आदेश पे एक पुलिसवाला उसे उसकी कविता पढ़ने नहीं दे रहा था उतने में मुलायम सिंह जो की एक पहलवान भी थे उन्होंने उस पुलिसवाले को उठा के मंच से फेंक दिया था। इतना गुस्सा था उनके  अत्याचार को ले के ,इसी के चलते लोहिया जी के भी संपर्क में रहे और कांग्रेस सरकार और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ते भी रहे और फिर एक दिन खुद मुख्यमंत्री बन गए। लगा यही की अब जा के सरकारी तंत्र सही  करेगा लेकिन इनके शासन में गुंडई और ज्यादा बढ़ गयी,हाँ फर्क बस इतना था की अब गुंडों के नाम बदल गए थे। और फिर उन्होंने खुद ही सरकारी तंत्र का दुरूपयोग शुरू कर दिया,इतिहास ने उनका गेस्ट हाउस कांड भी देखा जो की यूपी के लोकतंत्र पे एक काला धब्बा है आज भी। और सारी जिंदगी कांग्रेस के खिलाफ  संघर्ष करने के बाद आज उनकी पार्टी कांग्रेस से गठबंधन करके चुनाव लड़ रही है।

अतः एक मूल प्रश् ये उठता है की सिस्टम के खिलाफ आवाज़ उठाने वाला व्यक्ति क्यों खुद ही सिस्टम का हिस्सा बन जाता है? क्या इससे ये साबित होता है की सिस्टम के खिलाफ उस व्यक्ति का  विरोध सिर्फ इस बात को ले के था की शोषण करने वाले सिस्टम का हिस्सा वो खुद नहीं है इसी लिए विरोध कर रहा है। ऐसे दोहरे चरित्र का उदाहरण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी है,सत्ता में आने से पहले उनके कथन हुआ करते थे नेताओं के वेतन के ऊपर,और आज खुद सत्ता में आने के बाद वो खुद अपने विधायकों के वेतन 45000 से बढ़ा के 1,50,000 करवाना चाहते है। इस मुद्दे पे बात यह नहीं है अन्य राज्यों के विधायकों का वेतन कितना है,बात यह है की आप बदलाव की बात करके आए थे और अब खुद अपनी बात के खिलाफ जा रहे है। आज आप बोल रहे है की इतने पैसो में एक विधायक का जीवन नहीं चल पाएगा तो यही बात उस समय भी लागू थी जब आप की जगह कोई और विधायक था,तब आपने ये बात क्यों नहीं सोची?जो बात दूसरे पे लागू है वो आप पे क्यों नहीं?

खैर चलते चलते संलग्न चित्र भी देख लीजिये:-

Tags: कांग्रेसदिवाली
शेयर2ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

[शर्मनाक] सेक्स रैकेट चलाते थे रवीश कुमार के भाई

अगली पोस्ट

तो क्या यही हकीक़त है कांग्रेस पार्टी की

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited