TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    पूर्व पीएम हसीना ने अलार्म बजाया: बांग्लादेश में बढ़ती धार्मिक कट्टरता और कानून की विफलता

    रेल मंत्रालय की मंथन योजना शताब्दी एक्सप्रेस की जगह वंदे भारत चेयर कार

    शताब्दी एक्सप्रेस को धीरे-धीरे बंद करने की तैयारी, वंदे भारत चेयर कार कोचों का बड़ा प्लान

    कोलकाता में IPAC प्रमुख के आवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव

    IPAC प्रमुख पर ईडी की कार्रवाई से सियासी भूचाल, लोकतंत्र और संघीय ढांचे पर उठे सवाल

    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    टैरिफ विवाद ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर बहस तेज की

    ट्रंप की 500% टैरिफ चेतावनी: भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक चुनौती

    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नारीवादी प्रियंका चोपड़ा अचानक से संस्कृति प्रेमी हो गयी हैं, और हम इनके ढोंग से चकित हैं

Guest Author द्वारा Guest Author
27 September 2017
in चलचित्र
प्रियंका चोपड़ा
Share on FacebookShare on X

बॉलीवुड में कई हिट फिल्मों के साथ साथ हॉलीवुड में क्वांटिको और बेवॉच में अपने अभिनय कौशल के जरिये प्रियंका चोपड़ा ने हमेशा सुर्खियां बटोरी। वह निःसंदेह एक अच्छी अभिनेत्री है, लेकिन जब बात ढोंगियों की आती है तब वह अपने बॉलीवुड समकक्षों से बिल्कुल भी अलग नहीं है। जब हम सोचते हैं कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होने वाले उनके विषमता के निचले स्तर पर हैं, तभी एक ऐसा समय आता है जब उनकी अज्ञानता और गहराई में  दिखनी लगती है।

कुछ महीने पूर्व जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बर्लिन में थे तो प्रियंका चोपड़ा भी वहीं थी। उस समय प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री से मिलने की इच्छा व्यक्त की जिसके बाद एक औपचारिक बैठक की व्यवस्था की गयी। प्रधानमंत्री मोदी ने एक साधारण बंद गले का काला सूट पहना हुआ था वहीं प्रियंका चोपड़ा ने एक कैज़ुअल सफ़ेद पोशाक पहना था जिसकी लंबाई उनके घुटनों तक थी।Priyanka Chopra

संबंधितपोस्ट

प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड पर सटीक निशाना लगाया है!

Frustrated Review: ‘दिल धड़कने दो’ का एक बहुत देर लेकिन सटीक विश्लेषण

प्रियंका चोपड़ा, दिशा पाटनी: Fair & Lovely की AD से पैसा कमाने के बाद अमेरिकी दंगों पर बोली “रंगभेद बंद करो”

और लोड करें

इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया में एक महायुद्ध छिड़ गया। कुछ ऐसे लोग थे जो प्रधानमंत्री के समक्ष अच्छे पहनावे नहीं होने के कारण तीखी टिप्पणी कर रहे थे तो कुछ उदारवादी और स्वघोषित नारीवादी थे जिन्होंने “यू गो गर्ल”, “आप एक स्वतंत्र महिला हो”, जैसे शब्दों से सोशल मीडिया को रंग दिया था। थोड़ी ही देर में प्रियंका चोपड़ा ने माँ-बेटी की एक सुंदर सी तस्वीर पोस्ट किया जिसमें दोनों एक छोटी स्कर्ट पहने पार्टी कर रहे थे। लेकिन इस तस्वीर का कैप्शन कुछ ऐसा था – “Legs for days…. #itsthegenes with @madhuchopra night out in #Berlin #beingbaywatchPriyanka Chopra

इस घटना ने उन्हें अचानक ही नारीवादियों की प्रियतम बना दिया और वह अचानक ही महिला अधिकारों की चैम्पियन बन गयी। “लड़कियां जो पहनना चाहती हैं उसके लिए बिल्कुल आज़ाद है”, “जब हम महिला के कपड़ों से ध्यान हटाते हैं तभी महिला के दिमाग की ताकत पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं”, “जब उसकी माँ को प्रियं चोपड़ा के पैर दिखाने से कोई आपत्ति नहीं है तो फैसला लेने वाले तुम कौन होते हो ?” “पीसी इंडिया को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित कर रही है, अपने आप को देखो, कोई जानता भी है तुम्हे? और तुम्हारी राय से कोई फर्क भी नहीं पड़ता” जैसे तमाम शब्दों और कमेंट को लगातार लिखा और कहा गया। इन सब बातों ने अपने छोटे अस्तित्व वाले नारीवादियों को काफी खुश कर दिया था।

इन सब बातों के बीच लोग यह ध्यान देना भूल गए कि यह कभी भी प्रियंका चोपड़ा के पोशाक के बारे में नहीं था, यह शिष्टाचार के बारे में था। जब आप देश के प्रधानमंत्री से एक औपचारिक भेंट कर रहीं हैं तो आप कैज़ुअल पोशाक में नहीं जा सकती। यदि अक्षय कुमार भी शॉर्ट्स और जिम टी-शर्ट में प्रधानमंत्री से मिलते तो वह भी उतना ही ट्रॉल किये जाते।

वहीं अब 2 महीने बाद जॉर्डन में सीरिया के शरणार्थी परिवारों से मिलने पहुँची प्रियंका चोपड़ा को एक अलग ही तरह के पोशाक में देखा गया। प्रियंका चोपड़ा ने अपने शरीर को कपड़े से हर संभव इंच को कवर किया हुआ था, साथ ही उसने कहा “हमें उनकी संस्कृति का सम्मान करना चाहिए।”Priyanka ChopraPriyanka Chopra

आखिर प्रियंका चोपड़ा के पिछले वक्तव्य का क्या हुआ “मैं जो चाहती हूँ वही पहनती हूँ”? या “मेरा कपड़ा मेरी पसंद”, यह बिल्कुल आश्चर्यजनक है कि एक पल के उदारवादी शरिया क्षेत्र में दाखिल होते ही शरिया उनके लिए ‘पसंद’ बन जाता है। प्रियंका चोपड़ा ने एक प्रतिगामी प्रथा को स्वीकार कर अपने शरीर का हर एक इंच ढँका हुआ था, जिसका वास्तविकता में क़ुरान में भी उल्लेख नहीं है। यह तो सिर्फ मुल्लाओं का एक आख्यान मात्र है।

पूरा नारीवादी समूह जो लगातार बड़े पैमाने पर महिलाओं को पितृसत्तात्मक नियमों के खिलाफ खड़ा करने के साथ साथ खुद के लिए और नारीवाद के लिए खड़े होने की बात करते हैं वो सभी अचानक चुप हो जाते हैं। इस विचार को वो स्वीकार कर लेते हैं कि “हिज़ाब एक पसंद है मजबूरी नहीं।” हास्यास्पद !

प्रियंका चोपड़ा जैसे कई अभिनेत्रियों ने विविधता के लिए जोर दिया। एक ओर वो अपने उत्पीड़न के बारे में नारीवादी का रोना रोते हैं वहीं दूसरी ओर स्वेच्छा और ख़ुशी से पीड़ित होते हैं। जबकि प्रियंका चोपड़ा जैसी सशक्त महिलाओं को इन अमानवीय व्यवहारों के खिलाफ सबसे अधिक बोलना चाहिए बजाय कि उन लोगो के खिलाफ जो उन्हें औपचारिक मौकों पर शिष्टाचार तरीके के पहनावे के लिए कह रहे थे। यह एक आम लक्षण है जो पहले भी देखा गया है।

महिलाओं को जो वो चाहते हैं वो पहनने का अधिकार होना चाहिए, लगता है बहुत से अच्छे से अच्छे नारीवादियों को यह ही नहीं पता कि अगर प्रियंका चोपड़ा का यह कहना है कि वह हिजाब पहनने का चुनाव करती है तो, यह इस तथ्य को नकार नहीं सकता कि दुनिया भर में महिलाओं की विशाल संख्या को पर्दे में रहने के लिए मजबूर किया जाता है।

असली नारीत्व (यदि मौजूद है) को महिलाओं के सम्मान और मातृत्व के माध्यम से पूरी तरह स नारीत्व को गले लगाने करने वाले महिलाओं को सृजनात्मक और पौष्टिक बल के रूप में सम्मान करना चाहिए। यह एक बड़ी द्वन्द के भाग के रूप में स्त्री को पहचानती है जो मर्दाना के लिए सामान स्थान बनाती है, और इसमें पुरषों का बराबर सम्मान होता है।

नामी हस्तियां (ज्यादातर) ने बार बार प्रदर्शित किया है कि वे पाखंड से भरे हुए हैं। सामाजिक कारण हो या हमारे प्रधानमंत्री उन्हें किसी भी सम्मान या किसी चीज की चिंता नहीं है। उनका एकमात्र ध्येय है कि उन्हें फर्जी सामाजिक उपस्थिति दर्ज करानी है और अपने अंध अनुयायी बढ़ाने हैं। यह बात स्पष्ट रूप से सामने है कि प्रियंका चोपड़ा का यह कृत्य बिल्कुल ही अनुचित है।

ये लेख इस  लेख का हिंदी अनुवाद है – http://wiseindiantongue.com, उनके फेसबुक पेज का लिंक Facebook.

Tags: प्रियंका चोपड़ा
शेयर813ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

2 रोहिंग्या शरणार्थी सरकार के खिलाफ कोर्ट गए, सरकार की प्रतिक्रिया ने किया कोर्ट को स्तब्ध

अगली पोस्ट

राहुल चला मोदी की चाल और अपनी चाल भी भूल बैठा

संबंधित पोस्ट

शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र
चर्चित

बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

24 November 2025

सोमवार की शुरुआत सिने जगत के लिए एक दुखद ख़बर के साथ हुई। बॉलीवुड का ही-मैन, धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में मुंबई में इस...

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार
चलचित्र

स्मृति ईरानी की टीवी पर शानदार वापसी, रुपाली गांगुली और हिना खान को पछाड़ बनीं हाईएस्ट पेड टीवी स्टार

9 August 2025

स्मृति ईरानी एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आ रही हैं, और इस बार चर्चा सिर्फ नॉस्टैल्जिया तक सीमित नहीं है। ‘क्योंकि सास भी...

“उदयपुर फाइल्स” को हरी झंडी, कन्हैया लाल के बेटे का सवाल: “मेरे पापा को इंसाफ कौन देगा?”
चलचित्र

“उदयपुर फाइल्स” को हरी झंडी, कन्हैया लाल के बेटे का सवाल: “मेरे पापा को इंसाफ कब मिलेगा?”

26 July 2025

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म "उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर" की रिलीज़ पर लगी रोक को बढ़ाने से इनकार कर दिया। इससे अब...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. Milan antani says:
    8 years पहले

    ऐसी actresses का अस्तित्व बोहोत छोटा होता है । इसकी 2 पिक्चरें क्या हिट हो गई , अपने आप को superstar समझने लगी । इसको इग्नोर करना ही बेहतर है

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited