TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राहुल चला मोदी की चाल और अपनी चाल भी भूल बैठा

Nitesh Kumar Harne द्वारा Nitesh Kumar Harne
27 September 2017
in मत
राहुल गाँधी गुजरात
Share on FacebookShare on X

आगामी गुजरात चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिनों के गुजरात दौरे पर हैं । राहुल गांधी सबसे पहले द्वारका में श्री कृष्ण मंदिर गए और माथा टेका । द्वारकाधीश के दर्शन के बाद पुरोहित ने दादी इंदिरा गांधी और पिता राजीव गांधी के हस्ताक्षरयुक्त संदेश दिखाए । इन संदेशों के साथ कांग्रेस की ओर से ट्वीट किया गया कि राहुल गांधी ने उसी परंपरा की आगे बढ़ाया है । आखिर किस परंपरा की बात कर रही है कांग्रेस? वही परंपरा जिस परम्पराके तहत कांग्रेस ने हिन्दुओं के इष्ट देवताओं का समय समय पर मजाक बनाया है या उस परंपरा की जिसमे इन्होने भगवान् श्रीराम के अस्तित्व को ही मानने से इनकार कर दिया था । या उस परंपरा की जिसमे हिन्दू धर्म को बदनाम करना ही एकमात्र लक्ष्य होता था । आखिर कांग्रेस खुद ये फैसला कर ले की जब उन्होंने राम-कृष्ण का अस्तित्व ही नहीं माना कभी तो फिर ये मंदिर की साधना सिर्फ चुनाव को साधने का ढकोसला भर है ।

द्वारकाधीश के सहारे हिन्दू वोट को साधने की कोशिश :

संबंधितपोस्ट

क्या बंगाल में कांग्रेस टीएमसी के साथ वही करने वाली है जो उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ किया?

दांडी मार्च और वायसराय लॉर्ड इरविन को लिखा गया गांधी का वो ऐतिहासिक पत्र

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता शिकायत पर केंद्र से मांगा ब्योरा, सुनवाई 19 मार्च को

और लोड करें

“कौवा चला हंस की चाल और अपनी चाल भी भूल बैठा” मोदी के विकास की गंगा को भगवाकरण की राजीनीति समझ कर आज राहुल गाँधी तुष्टिकरण की अपने परम कर्त्तव्य से समय निकाल कर मंदिरों में माथा टेकते घूम रहे है । दर असल ये मोदी के भारत के विश्वगुरु बनने की कल्पना मात्र है । आज राहुल गाँधी ये भली भांति समझ रहे है की वो जमाना भी गया जब सभी पार्टी मुस्लिम वोट लेने की होड़ मचाती थी । वो दौर और था अब दसको से उपेक्षित हिन्दुओं का गुस्सा कांग्रेस को इस कदर महंगा पड़ रहा ही की कभी भगवा को आतंक करार देनेवाली कांग्रेस के युवराज को आज अपना अस्तित्व बचाने के लिए उसी भगवा के तले सर झुकाना पड़ रहा है । राहुल ये भली भांति जान रहे है आनेवाले समय में सिर्फ एक धर्म विशेष के वोट लेकर चुनाव नहीं जीता जायेगा इसलिए मंदिर में माथा टेक हिन्दू ह्रदय में जगा बना अपनी राजनीती साधने का कम किया जा रहा है ।

तीन वर्ष पहले तक देखे तो यही राहुल गाँधी थे जिन्होंने कहा था “जो मंदिर जाता है वो लड़कियां छेड़ता है”, आज वही राहुल मंदिर-मंदिर शीश झुका रहे है । द्वारकाधीश मंदिर में पूजा अर्चना कर इसे अपनी परंपरा बता रहे है । कांग्रेस सब भूल जाती है लेकिन जनता अब भुलाये नहीं भूलती । जब द्वारकाधीश मंदिर में पुरोहित दादी इंदिरा और पिता के सन्देश दिखाते है तो भगवा आतंक की रचयिता कांग्रेस पार्टी क्षण भर देर न करते हुए इसे अपनी परंपरा बता देती है और उसे तनिक मात्र भी डर नही होता है उस समाज का जिस के तृष्टिकरण के लिए उसने कभी देश को ताक पर रख दिया था । द्वारकाधीश के अस्तित्व को नकारनेवाले आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए द्वारकाधीश को नतमस्तक है । यह पूजा कितनी फलदायी होगी कोई नही जानता, इससे पहले राहुल ने काशी-विश्वनाथ से विजय का आशीष माँगा था लेकिन बाबा की कृपा मोदी पर बरसी और ऐसी बरसी की दशको बाद किसी पार्टी ने अपने दम पर बहुमत प्राप्त किया । इतने आसानी से अगर हिन्दू वोट मिल गए होते तो शायद अडवानी आज मार्गदर्शक मंडल की शोभा नहीं बढ़ा रहे होते राहुल को यह भी समझना बाकी है । वैसे भी द्वारकाधीश तो निर्मोही – छलिया है ।

राहुल गुजरातियों को सिखायेगे GST के नुकसान :

राहुल गांधी ने आज मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी से लाखों लोगों का कारोबार ठप हो गया, GST से देश में एक टैक्स नहीं 5 अलग-अलग टैक्स हैं । युवा देश के लिए काम करना चाहता है, लेकिन एनडीए सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है । किसानों को उनकी फसल की सही कीमत नहीं मिल पा रही है । मोदी सरकार ने नोटबंदी करके किसानों की कमर तोड़ दी है । राहुल गाँधी ये बात समझ ही नही पा रहे है की जिस GST, और नोटबंदी को वे बार बार मुद्दा बना रहे है दरअसल इसी मुद्दों के सहारे शाह-मोदी लोगो के दिलों में उतरते जा रहे है क्यूंकि जनता भी यह समझ रही है चाहे यह दोनों योजनाओ से कितनी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा हो लेकिन यह देश को दूरगामी परिणाम जरुर देंगे । यही दोनों मास्टरस्ट्रोक के सहारे मोदी अपना चुनाव विजय रथ आगे बढ़ा रहे है और चुनाव दर चुनाव जित बीजेपी की झोली में डाल रहे है ।

राहुल है की समझने को तैयार ही नही है की दरअसल जीतना वो GST और नोटबंदी चिल्लायेगे वे उतना ही बीजेपी को फायदा पहुचाते जायेगे । राहुल बाकि राज्यों की तरह गुजरात में भी वही नाकाम कोशिश कर रहे है । राहुल उन गुजरातियों को उद्योग-व्यापर और GST के नुकसान समझा रहे है जिन गुजरातियों का देश के उद्योगधन्दो में बड़ा योगदान है । जिन गुजरातियों ने पुरे देश के बाजार की नब्ज पकड़ राखी है वे अब राहुल गाँधी से सीखेगे की GST देश के लिए अच्छा है या ख़राब । मुझे नहीं लगता इतने बुरे दिन है गुजरात के की उन्हें राहुल गाँधी से उद्योगधन्दो की समझ लेनी पड़ें।

राहुल को महँगी पड़ेगी हार्दिक पटेल की दोस्ती :

पटेल आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन से सुर्ख़ियों में आये हार्दिक पटेल ने ट्वीट करके राहुल गांधी का स्वागत किया है। अब तक आम आदमी पार्टी के साथ दिखते रहे हार्दिक के इस ट्वीट ने नई अटकलों को जन्म दे दिया । सभी तारों को तारों से जोड़ते जाइये तो आप भी समझ जायेगे की माजरा क्या है? कुछ महीनों पहले यही हार्दिक पटेल पाटीदार समाज को लेकर गुजरात में आन्दोलन कर रहा था जिस आन्दोलन में खूब आगजनी हुई और सरकारी खजाने का जमकर नुक्सान किया गया था । कारन मात्र इतना नहीं था की पाटीदार समाज को आरक्षण चाहिए बल्कि कारण यह था मोदी को रोकंने के लिए गुजरात में टूट चुकी कांग्रेस को किसी मजबूत कड़ी का सहारा चाहिए था । वरना कांग्रेस भी जानती है जो मोदी विकास मात्र तिन वर्षो में देश पर इस कदर हावी हो सकता है उसने 14 वर्षो में गुजरात में क्या नहीं किया होगा । हार्दिक को नेता बना दिया गया और विपक्ष और कांग्रेस को इसके बदले में मोदी विरोधी लहर बनाने में एक साथी मिल गया ।

आन्दोलन के समय लग रहा था की सच में ये एक आन्दोलन है आरक्षण के लिए उस पाटीदार समाज का जो कभी आरक्षण के खिलाफ था । जो समाज एक समृद्ध समाज माना जाता है । उस समाज को आरक्षण की अचानक से जरुरत पड़ गयी हो  और वो भी आझादी के इतने सालो बाद सीधे 2014 के बाद ही क्यूँ? तो आरक्षण के बहाने गुजरात की राजनीती नरेन्द्र मोदी और अमित के पहुँच से दूर करने की एक असफल कोशिश थी । क्यूंकि वही हार्दिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत नहीं करता बल्कि वो स्वागत करता है राहुल गाँधी का । क्यूँ? कैसे जानने लगे ये दोनों एक दूजे को? क्या रिश्ता है इनका जो ये हार्दिक राहुल को रिसीव करने जाते है । यह याराना अपने आप में बहुत कुछ बयां करता है । अबतक सारा मामला समझ में आ ही गया होगा ।

बस यहीं चूक कर जाते है राहुल गाँधी । राहुल को लगता है जनता अब भी वही 1984 की जनता है की आज करे और कल भूल गए । राहुल की परेसानी यही है की इन्हें यह राजनीती समझ तो आती है लेकिन करनी नहीं आती है । राहुल अब भी कांग्रेस वाली पुरानी परम्परागत राजीनीति को संजोये बैठे है । कब समझेगे की जनता इनकी इस बेवकूफी भरी आदतों से तंग आ गयी है । जहाँ एक और इस देश में अनगिनत ऐसे मुद्दे है जिसमे बदलाव लाया जा सकता है, वहीं राहुल अब भी हिन्दू-मुस्लिम, जात-पात और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजीनीति के सहारे जोर अजमाना चाहते है । वो समझ ही नही रहे है की इस बार उनका मुकाबला राम मदिर और परंपरागत हिन्दू वोटर के सहारे बैठी बीजेपी के साथ नही है बल्कि अब उनका मुकाबला नयी उर्जावान, जात-पात से ऊपर उठकर सबका साथ सबका विकास, सबको रोजगार, सबको मकान, एक भारत श्रेष्ट भारत, मेक इन इंडिया और हिंदुत्व और विकास साथ लेकर चलनेवाली बीजेपी से है, एक विकासपुरुष मोदी से है । कई बार आपको अपनी रणनीति इसलिए बदलनी पड़ती है की सामनेवाले के पासे सही पड़ने लग गए है ।

राहुल को यह भी समझना है की सामने वाला आज भी विकास की बात कर के सिर्फ जनता और युवा को लुभा ही नही रहा है बल्कि विकास की नीव भी रखता जा रहा है, हर वो काम कर रहा है जिसको सोचने में ही पिछली सरकारों के पसीने छूटने लगते थे । हर उस कामों में हाथ डाल रहा है जहाँ पता है मुश्किल बहुत है परेशानियाँ भी है । फिर भी जित-हार से ऊपर उठकर जनता का साथ लेकर वो हर मुमकिन कोशिश कर रहा है क्यूंकि वो जानता है बिमारी गहरी है और इलाज भी बड़ा हि करना है । वही दूसरी ओर राहुल अब भी दादा नेहरू, दादी इंदिरा और पिता राजीव की विरासत में दी गई तृष्टिकरण की राजीनीति से बहार नहीं आ पा रहे है । अगर बीजेपी अब भी हिन्दू और राम मंदिर के सहारे बैठी होती तो एक बार को शायद राहुल की परंपरागत राजनीती फिर एक बार चमक सकती थी । लेकिन आज का भारत एक अलग भारत है यहाँ मंदिर भी चाहिए और विकास भी चाहिए यहाँ गीता भी चाहिए और कंप्यूटर भी चाहिए यहाँ रोजगार भी चाहिए और शिक्षा भी चाहिए । यहाँ घर भी चाहिए खाने को दो जून की रोटी भी चाहिए और जब देश को ऐसे वकत एक बड़े बदलाव की आस है राहुल अब भी अख़लाक़, हार्दिक, रोहित, पाटीदार आन्दोलन, जाट आन्दोलन, उमर खालिद, कन्हैय्या, गुरमेहर में अपनी 2019 के प्रधानमंत्री की कुर्सी तलाश रहे है ।

दरअसल, कांग्रेस ये संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वो भी हिन्दुओं के धार्मिक महत्व को स्वीकार करती है । जिस तरह से गुजरात के सामाजिक ताने-बाने में धर्म शामिल है, और मोदी-बीजेपी अपने परम्परागत तरीके से इसे समझमे माहिर है बल्कि खुद की आस्था से जोड़ रखा है तो आज के समय में शायद ही कोई राजनीतिक दल नज़रअंदाज़ करे । यही वजह है कि राहुल गांधी सौराष्ट्र के तीन दिनों के दौरे पर कई मंदिरों में जाएंगे । लेकिन राहुल गांधी, मोदी और भाजपा के इस मॉडल की नकल कर उन्हें इस तरह सियासी टक्कर दे पाएंगे, ये कहना ग़लत होगा । मंदिरों में जाने का कांग्रेस के परंपरागत मुसलमान वोटर्स में कैसा राजनीतिक संदेश जाएगा, इस पर अभी विचार करना बाकी है ।

फिलहाल भाजपा के पदचिन्हों पर कदम रखते राहुल गाँधी को हिन्दुओ की धार्मिक आस्था के सहारे गुजरात की कुर्सी साधने का प्रयोग करते देखना भी अच्छे दिन ही है । आगे देखना है गुजरात में द्वारकाधीश की कृपा किसपर बरसेगी।

Tags: गुजरातराहुल गाँधी
शेयर1633ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

नारीवादी प्रियंका चोपड़ा अचानक से संस्कृति प्रेमी हो गयी हैं, और हम इनके ढोंग से चकित हैं

अगली पोस्ट

यदि रवीश कुमार मेरे सवालों का ठीक ठीक उत्तर दे दें, तो मैं लिखना छोड़ दूंगा

संबंधित पोस्ट

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited