TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नोबेल अर्थशास्त्री रिचर्ड एच थैलर का विमुद्रीकरण का आंकलन बेहद सटीक था

Vasudeva Reddy द्वारा Vasudeva Reddy
15 October 2017
in Uncategorized
रिचर्ड एच थैलर, विमुद्रीकरण
Share on FacebookShare on X

रिचर्ड एच थैलर, कुछ दिनों पहले तक बहुत से लोगों के लिए अनजाना नाम था लेकिन इनका नाम हाल ही के समय में आर्थिक हलकों में एक चर्चित विषय है। यदि आप ‘मुझे क्या लेना-देना’ वाले व्यक्ति हैं, और रिचर्ड एच थैलर का नाम नहीं सुने हैं, तो यह वो व्यक्ति हैं जिन्होंने हमारे रघुराम राजन को पीछे छोड़ इस वर्ष अर्थशास्त्र का नोबेल जीता है। तो क्या ? हर साल कोई ना कोई नोबेल जीतता है, तो यह आपको कैसे प्रभावित करेगा ? सच कहूँ तो, नहीं करेगा। हालांकि स्वतंत्र भारत में आर्थिक मसले पर हुए सबसे बड़े फैसले विमुद्रीकरण पर उनकी राय आपको समझने में मदद करेगी कि यह एक अच्छा कदम है या नहीं।

8 नवंबर को जब रिचर्ड एच थैलर ने ट्वीट किया कि “यह ऐसी नीति है जिसका मैं लंबे समय से समर्थन कर रहा था। कैशलेस की ओर यह पहला कदम है और भ्रष्टाचार कम करने की अच्छी शुरआत।” जाहिर है, उन्होंने इस कदम का समर्थन किया। यह नहीं भूलना चाहिए कि जब उन्हें पता चला कि आरबीआई 2000 के नोट 1000 एवं 500 के नोट के बदले जारी कर रही है तो उन्होंने ट्वीट किया “वास्तव में?” बेशक थेलर को यह स्पष्ट नहीं था कि 2000 का नोट एक स्थाई कदम था।

संबंधितपोस्ट

दर्जनों हिंदू ग्रन्थों का किया अनुवाद, TV पर बताते थे सच्चा इतिहास: PM मोदी की आर्थिक टीम के ‘चाणक्य’ बिबेक देबरॉय का निधन

जापानी समूह को मिला नोबेल शांति पुरस्कार, परमाणु खतरे के खिलाफ चलाता है अभियान

सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और आरबीआई के बीच दरार डालने की कोशिशों को खत्म कर दिया

और लोड करें

अब रिचर्ड एच थैलर कोई भगवान तो है नहीं जिनके शब्दों या ज्ञान को आंख बंद करके भरोसा कर लिया जाए लेकिन वह निश्चित रूप से उन फेसबुक अर्थशास्त्रियों के मुकाबले बेहतर ही हैं। विमुद्रीकरण की सफलता और विफलता को एक तरफ रखते हुए मुझे नहीं लगता कि इस कदम के इरादे पर कोई तर्क करेगा। सिस्टम से कालेधन को बाहर निकालने के लिए आम जनता की भागीदारी के लिए तैयार होना स्पष्ट था। मैं एक बैंकर हूँ, और मेरे पास दैनिक आधार पर हजारों लोगों के साथ पहला अनुभव था। आपको मुझ पर भरोसा करना होगा जब मैं कहूंगा कि पूरी की पूरी जनता घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी इस कदम के समर्थन में थी।

रिचर्ड एच थैलर के कहने या नहीं कहने, इसकी प्रशंसा एवं आलोचना होने के बावजूद, विमुद्रीकरण हमारी सरकारी एजेंसियों के परिचालन क्षमता के गति निर्धारण में एक मील का पत्थर था जिससे पता चले कि आपातकाल के दौरान जनता की मांगों को पूरा करने लिए वह कितनी दूर तक जा सकते हैं।

क्विज सामान्य लोगों के लिए यह अव्यवस्थित और असुविधाजनक था। उन 50 दिनों के दौरान आरबीआई ने 74 अधिसूचना जारी की, प्रतिदिन एक अधिसूचना से भी ज्यादा। हां, यह तैयारी की कमी और मुसीबतों को कम आंकने की वजह से पैदा हुई थी। उस समय सरकारी निकायों ने प्रभावी ढंग से कार्य किया। सरकार और आरबीआई ने जमीनी स्तर पर तेजी से बदलाव की बात सुनी उस की निगरानी की और तत्काल जवाब भी दिया। मुझे लगता है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में सरकारी एजेंसियों और सरकार ने पहली बार प्रभावी ढंग से काम किया और जरूरत पड़ने पर दैनिक आधार पर नियमों में संशोधन किया। सूचना प्रभाव उत्कृष्ट था, निर्णय लेने का काम भी त्वरित था और कार्यान्वयन में तेजी थी, यह बैंकों की परिचालन क्षमता और सभी सरकारी संगठनों के लिए वास्तव में सही परीक्षा थी।

जनवरी में हमारे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फेसबुक पर कहा “दर्द और असुविधाओं की अवधि खत्म होने जा रही है और आर्थिक गतिविधियां बहाल की जा रही है।” उचित योजना के माध्यम से लोगो जिन दर्द और असुविधाओं से बचाया जा सकता था सरकार ने उसे स्वीकार किया। तो मैं 9 महीने पुराने उस बात की चर्चा क्यों कर रहा हूं जब पूरी दुनिया उसे भूलने में लगी है? क्योंकि मैंने 9 महीने पहले जब इन्ही शब्दों को कहता तो आप उसको अपरिपक्व राय कहकर नजरअंदाज कर दिए होते, हाँ जब आप मौद्रिक लागत लाभ विश्लेषण के बारे में बात करते हैं तो विमुद्रीकरण बहुत सफल नहीं था। इन सबके बाद यह पूरी तरह से गलत कदम नहीं था और इसे पूरी तरह विफलता के रूप में देखा जाना सिर्फ और सिर्फ अज्ञानता है।

रिचर्ड एच थैलर की तरह आम जनता ने घोषणा के दौरान विमुद्रीकरण को काले धन पर एक मास्टर स्ट्रोक के रूप में स्वागत किया गया बाद में आतंकवादी फंडिंग के खिलाफ एक जंग और नकद रहित अर्थव्यवस्था की ओर भी इसे जोड़ा गया। लेकिन वित्तमंत्री ने 30 अगस्त को जब कहा कि “जप्त करना इस अभियान का उद्देश्य नहीं था बल्कि अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा में लाना था।” लोग यहीं से दिग्भ्रमित हो गए। मैं जानता हूं कि यह वैसा ही हुआ जैसे जिस दिशा में गेंद जा रही हो उस दिशा में गोल पोस्ट रख दिया जाए। लेकिन जब बात कम से कम मुख्यधारा के अर्थव्यवस्था की है तो वित्त मंत्री की बातों में पूरी सच्चाई है।

विमुद्रीकरण से सिस्टम में लौटे हुए नोट के प्रतिशत से हमें इसकी सफलता को नहीं मापना चाहिए। क्या 99% की जगह 85% नोट सिस्टम में वापस आते तो क्या आप इसे सफल कहते ? शायद। लेकिन मैं इसे एक संक्षिप्त दृश्य कहता हूँ। बैंकों में नए फंड की बाढ़ सी आ गई। उन्हें बहुत से फंड मिले, और तो उन्होंने बचत खाते में ब्याज की दरें 4% से कम की जहाँ मैं याद कर सकता हूँ। आप पूछ सकते हैं, बचत दरों में कमी कैसे आम आदमी की मदद कर सकती है ? अगर आप किसी विकसित देश को देखते हैं, तो कोई भी विकसित देश फिक्स डिपॉज़िट पर 4% ब्याज की पेशकश नहीं करता, सामान्य खातों और बचत खातों को चेक करना तो भूल ही जाइए। हाँ, बैंक की ब्याज दरों को कम करके ही कोई देश अपने आप विकसित नहीं हो सकता, लेकिन इसके पीछे एक तर्क है। बैंक की ब्याज दरें सीधे मुद्रास्फीति के स्तर से जुड़ी होती हैं, अगर बैंक की ब्याज दरें नीचे आ रही है इसका मतलब है कि उस देश की मुद्रास्फीति भी नीचे आ रही है। आप उसे देख सकते हैं। और हाँ, निचली मुद्रास्फीति और नियंत्रित मुद्रास्फीति एक बुरी चीज नहीं है, खासकर भारत जैसे देश के लिए जो कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है।

कम मुद्रास्फीति का कम होना अचानक से लोगो की क्रय शक्ति कम होने के कारण नहीं, बल्कि पैसे वालो लोगो के द्वारा किये गए अत्यधिक खरीद कम होने के कारण होता है। परंपरागत रूप से, ज्यादातर लोग जो बड़े व्यापार करते थे और कर बचा लेते थे और जिनके पास जमा की हुई रकम थी (यहाँ भ्रष्टाचार के बारे में बात नहीं कर रहा था, तो मैं वेतनभोगी वर्ग को नजरअंदाज कर रहा हूँ)। रियल स्टेट विनियमन अधिनियम (रेरा) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को ला कर सरकार ने रणनीतिक रूप से व्यापारी वर्ग पर निशाना जमाया। लोगो को बैंक अकाउंट से आधार को जोड़ने को कहकर सरकार देश के हर व्यक्ति के रिकॉर्ड पर ध्यान रखने को तैयार है। ढीले छोर को सरकार धीरे धीरे बांध रही है और कमियों को बंद कर रही है। हम प्रत्यक्ष रूप से कर दाताओं के बढ़ोतरी देख सकते हैं और लाखों व्यवसाय जो जीएसटी के तहत पंजीकृत हुए हैं उनके पैसे के प्रवाह की लेखापरीक्षा कर सकते हैं। हम तेजी से संरचित अर्थव्यवस्था की और4 बढ़ रहे हैं।

आप अपने आर्थिक ज्ञान या राजनैतिक पूर्वाग्रह के आधार पर विमुद्रीकरण को सफलता या विफलता के रूप में घोषित कर सकते हैं। लेकिन मैं अब यह आत्मविश्वास के साथ कह सकता हूँ कि काले धन के खिलाफ लड़ने के लिए हमारी अर्थव्यवस्था पहले से बेहतर ढंग से संगठित है। ज्यादातर असंगठित इकाईयां जो जमीन के नीचे काम करते थे अब वो जीएसटी के अंदर आ गए हैं जिसके परिणाम स्वरूप वो सभी कर कानून के दायरे में आ चुके हैं। यह मायने नहीं रखता कि कितना काला धन विमुद्रीकरण के द्वारा पता लगाया जा सकता है, किन्तु हमारा देश काले धन की अगली पीढ़ी से निपटने के लिए बेहतर ढंग से संरचित है क्योंकि देश में सभी पैसों को प्रणाली में अपना रास्ता मिल गया है और वह दर्ज हो चुका है।

तो रिचर्ड एच थैलर का 140 शब्दों का मूल्यांकन का अर्थ विमुद्रीकरण पर अन्य अर्थशास्त्रियों द्वारा लिखे गए पूरी किताब से तुलना करने में बेहतर था। विमुद्रीकरण निश्चित रूप से कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर पहला कदम था और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए एक अच्छी शुरआत थी।

Tags: अर्थशास्त्रथैलरनोटबंदीनोबेलरिचर्ड एच थैलरविमुद्रीकरण
शेयर908ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एक लोकसभा सीट, तीन भाजपा दिग्गज, और कांग्रेस की भयंकर बेइज्जती

अगली पोस्ट

निकोलस बग्रुएन के साथ इंटरव्यू में राहुल गाँधी ने अपनी निरक्षरता का नायाब नमूना पेश किया है

संबंधित पोस्ट

मनरेगा
Uncategorized

मनरेगा: 1 जुलाई से बदलेगा योजना का नाम, अब ‘जी-राम-जी’ के तहत मिलेगा ग्रामीणों को रोजगार

1 July 2026

देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा (MGNREGA) अब नए नाम और नए स्वरूप में लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस...

वेनेजुएला भूकंप
Uncategorized

वेनेजुएला भूकंप: रिक्टर स्केल पर महज दशमलव 3 के अंतर ने तबाही का दायरा कई गुना कैसे बढ़ा दिया?

25 June 2026

वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 मैग्नीट्यूड के दो शक्तिशाली भूकंपों ने वहां कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इसे वेनेजुएला में बीते 126...

डोकलाम पठार (Doklam Plateau) और सिलीगुड़ी कॉरिडोर
Uncategorized

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

18 June 2026

साल 2017 में भारत, चीन और भूटान के ट्राई जंक्शन क्षेत्र के पास स्थित डोकलाम पठार अचानक ग्लोबल हेडलाइंस में दिखाई देने लगा। दरअसल पहली...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited