TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    बैलेट पेपर से भी हारी कांग्रेस, BJP का तंज—अब कहां गई ‘वोट चोरी’ की कहानी?

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    एक जहाज़ लॉन्च करना समारोह, पाँचवाँ समय पर देना उद्योग! HSL CMD ने बताया भारत की शिपबिल्डिंग का असली मंत्र

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    भारत का ‘Palantir Moment’: सरवम AI से कैसे बदलेगी सेना की ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    ₹7 लाख करोड़ की रक्षा मंजूरी: क्या है AoN, कैसे बदल रही है भारत की सैन्य ताकत?

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    महर्षि वाल्मीकि: सामाजिक समरसता के शाश्वत प्रेरणास्रोत

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    ‘मिस्टर रोबोट’ का नया खतरा; फोन से ऐप गायब, बैंक से पैसा साफ

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    Liver Support vs Metabolic Support: Which Supplement Fits Which Goal?

    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमित शाह को गुजरात में हराने की अहमद पटेल की कुटिल चाल (जो शायद चल भी जाए)

Frustmanoos द्वारा Frustmanoos
25 October 2017
in मत
अमित शाह, अहमद पटेल, गुजरात
Share on FacebookShare on X

केवल कुछ महीने पहले ही गुजरात में कांग्रेस संगठन गिरने की कगार पर था। शंकरसिंह वाघेला जो एक समय में भाजपा के ही विद्रोही थे उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह का झंडा फहराया था। जब गांधी परिवार के वफादार अहमद पटेल ऊपरी सदन में लौटने के लिए छटपटा रहे थे, उसी समय कांग्रेस के विधायकों ने महत्वपूर्ण राज्य सभा चुनावों के दौरान पार्टी से दूर होना शुरू कर लिया था। राज्य के बाढ़ में फंसे होने के बाद भी कांग्रेस अपने विधायकों को कर्नाटक ले गई थी। यही वो समय था जब गुजरात हाल के समय में सबसे भयंकर बाढ़ से जूझ रहा था। सब कुछ ऐसा लग रहा था कि गुजरात चुनाव में तैयार होने से पहले ही कांग्रेस की बर्बादी हो चुकी है। ऐसा लग रहा था कि मोदी के जाने के बाद से जो जगह खाली हुई है वह वापस पूरी हो गई और शायद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा निर्धारित मिशन 150 का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। पार्टी आनंदीबेन के कमजोर प्रशासन और विजय रूपानी की कम करिश्माई छवि के बावजूद मजबूती से टिकी रही क्योंकि विपक्ष कांग्रेस सत्तारूढ़ भाजपा की तुलना में बदतर स्थिति में थी। और फिर धीरे धीरे चीज़ें बदलने लगी।

अमित शाह ने अहमद पटेल को राज्यसभा सीट हराने के लिए सारे कार्ड दांव पर लगा दिए। शंकर सिंह वाघेला के विद्रोह और कांग्रेस के विधायकों के टूटने के बाद यह सुनिश्चित नहीं था कि 57 विधायकों के समर्थन वाली कांग्रेस अहमद पटेल को अपने ही घर में जिताने के लिए 45 वोट इकट्ठा करने में सक्षम होगी। लेकिन, भाग्यवश अहमद पटेल की जीत हुई। लंबे समय से कांग्रेस के चाणक्य के रूप में मान्यता प्राप्त अहमद पटेल 45 सदस्य के मत प्राप्त कर राज्यसभा वापस पहुँचे। अमित शाह की रणनीतियों ने निश्चित रूप से कांग्रेस को डरा कर रखा था, परन्तु वह अहमद पटेल ही थे जो अंततः जीतकर राज्य सभा पहुंचे।

संबंधितपोस्ट

अमित शाह का बड़ा ऐलान, 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशा-मुक्त बनाने का लक्ष्य

अरब सागर में बड़ी ड्रग्स बरामदगी, ईरानी नाव से 526 किलो हेरोइन और मेथामफेटामाइन जब्त

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

और लोड करें

अमित शाह और अहमद पटेल के बीच बेहद हुए इस बेहद निजी रणनीतिक युद्ध के कारण गुजरात कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में कुछ उत्साह ज़रूर आया।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा गुजरात में मतदाताओं के बीच डिफॉल्ट विकल्प है, यही कारण है कि पार्टी राज्य में इतनी सफल रही है। कांग्रेस ने भाजपा का मुकाबला करने के लिए लगभग भाजपा के तरह की रणनीति को ही अपनाया। अर्थात दक्षिणपंथी सक्रियता, सॉफ्ट हिंदुत्व इत्यादि। बिलकुल भाजपा की तरह। यह प्रक्रिया कांग्रेस पार्टी को कुछ मायनों में नीचे ले आई, मोटे तौर पे कहें तो कांग्रेस गुजरात में ऐसे प्रचार करती रही जैसे वह भाजपा की डुप्लीकेट हो। मतदाताओं ने अपनी समझ से डुप्लीकेट के बजाय असली के लिए वोट देने को प्राथमिकता दी इस प्रकार भाजपा ने बिना किसी परेशानी की 20 साल का लंबा सफर तय किया। जाहिर है नरेंद्र मोदी का करिश्मा और प्रभावी प्रशासन की इन सब में समान रुप से बड़ी भूमिका थी। ऐसा लगता है कि कांग्रेस ने अपनी इस मूर्खता अंततः महसूस किया। बहुत से कांग्रेसी यह देखकर खुश थे कि शंकर सिंह वाघेला पार्टी छोड़ रहे हैं। उनके नेतृत्व के तहत कांग्रेस गुजरात में स्थाई विपक्षी दल भूमिका में बस कर रह गयी थी। अब ऐसा लगता है कि अहमद पटेल गुजरात में कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने की योजनाओं में गहराई से शामिल हैं।

नरेंद्र मोदी के दिल्ली पहुंचने के बाद से हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी गुजरात में विरोध प्रदर्शन के चेहरा रहे हैं। जहां हार्दिक पटेल ने आरक्षण के लिए अपनी मांगों में पाटीदार समुदाय की अगुवाई की और ठाकोर ने ओबीसी के लिए वहीं मेवाणी ऊना में हुए दलित विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे और अपने समुदाय के सुरक्षा के उपायों के मांग कर रहे थे। ऐसा लगता है कि कांग्रेस में गुजरात में सत्ता से भाजपा को विस्थापित करने के एकमात्र उद्देश्य के साथ तीनों नेताओं के साथ औपचारिक/अनौपचारिक साझेदारी किया है। हालांकि अल्पेश ठाकोर, जिनके पिता कांग्रेस नेता थे, औपचारिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं वहीं मेवाणी को भी कांग्रेस के चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने के लिए तैयार माना जा रहा है।

हार्दिक पटेल, जो कि हर पार्टी के लिए नफरत और चुनावी प्रक्रिया के लिए घृणा के भाव रखते हैं, कांग्रेस के फायदे के लिए भाजपा के खिलाफ सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे हैं। इन ‘यंग टर्क’ का शामिल होना राज्य में कांग्रेस की संभावनाओं को काफी हद तक बढ़ावा देगा। हालांकि यह “इंद्रधनुषी गठबंधन”, भाजपा के खिलाफ आंशिक रूप से सफल हो सकता है, परन्तु इस गठबंधन के अंदर ही उसके खत्म होने के बीज विद्यमान हैं। पाटीदार, ओबीसी और दलितों की मांग पारस्परिक रूप से विरोधी है और उनका मिलना असंभव है। यह शायद बाद में एक चुनौती होगी, लेकिन अभी के लिए अहमद पटेल गांधीनगर में बैठे कांग्रेसी मुख्यमंत्री को देखने के लिए बेताब होंगे।

भाजपा ने भी ये महसूस किया है कि गुजरात चुनाव आसान नहीं होने वाले। जहाँ एक तरफ पार्टी 20 सालों के लंबे समय के शासन के बाद एंटी इनकंबेंसी से जूझ रही है वही पार्टी के पास एक स्थानीय करिश्माई चेहरा नहीं है जो मतदाताओं को बाहर निकलकर भाजपा के लिए वोट देने के लिए प्रेरित कर सकता है। विमुद्रीकरण और जीएसटी जैसे पहल ने गुजरात के व्यापारी समुदाय के बीच भाजपा के बीच मिली जुली राय बनाई है।

राज्य के विभिन्न हिस्सों में “कमल का फूल हमारी भूल” जैसे नारे सुने जा सकते है। यह जीएसटी काउंसिल द्वारा “खाखरा” पर हाल ही में जीएसटी दर कम किए जाने के पीछे भी शायद यही कारण था। भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा भी रोड शो और रैलियां करवाई। ऐसी ही एक रैली में मोदी ने “गुजराती अस्मिता” के लिए वोट देने के लिए मतदाताओं को प्रोत्साहित किया। एक अन्य रैली में उन्हें गुजराती में संबोधित करते देखा गया था, जो उनके दिल्ली जाने के बाद से कहीं गुम सा हो गया था। गुजरात में योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं की तैनाती से पता चलता है कि पार्टी कोई चांस नहीं लेना चाहती। हाल ही के दिनों में यहां तक कि सुषमा स्वराज भी गुजराती महिलाओं के लिए आयोजित रैली में भाग लेने वाली थी, जो नहीं हो पाया। इससे स्पष्ट है कि भाजपा गुजरात चुनाव को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।

अगर कांग्रेस भाजपा से गुजरात को छीन लेती है तो यह 2019 में होने वाले चुनाव में दिल्ली की सत्ता के लिए पार्टी की विजय यात्रा शुरू हो जायेगी। भाजपा अगर गुजरात में सत्ता बनाए रखती है और अपने मिशन 150 के जितने करीब पहुँचेगी उतने ही अमित शाह देश में सर्वोच्च राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में उभरेंगे और प्रधानमन्त्री मोदी की लोकप्रियता और मजबूत होगी।

Tags: अमित शाहअहमद पटेलगुजरातगुजरात चुनाव
शेयर402ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

बिना समर्थक का नेता देखा है क्या? नहीं देखा? इनसे मिलिए

अगली पोस्ट

योगी जड़ने वाले हैं 2682 मदरसों में ताला, राज्य में राजनैतिक भूचाल की संभावना

संबंधित पोस्ट

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया
मत

महर्षि वाल्मीकि: जिन्होंने ‘राम’ को जन-जन तक पहुँचाया

26 October 2026

यदि आपसे एक बहुत सरल-सा प्रश्न पूछा जाए कि आपके दादा के परदादा का क्या नाम था? या क्या आपको अपने परिवार की 7वीं पीढ़ी...

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक
मत

संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

24 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में संघ ने बड़े-बड़े कार्यक्रमों के स्थान पर...

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक
मत

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

20 October 2026

विजयादशमी केवल एक त्यौहार नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब-जब आसुरी शक्तियाँ बढ़ती हैं,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

India Built Rudra and Prachand. Now It Wants to Make Their Gun at Home.

00:03:14

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited