TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वो युद्ध जब मराठाओं ने टीपू को बुरी तरह हराया, उसका किला जीता, और मोटी रकम वसूली

EX-EMPLOYEE द्वारा EX-EMPLOYEE
2 November 2017
in इतिहास
टीपू मराठाओं
Share on FacebookShare on X

विन्द्य पर्वतमाला के दक्षिण में कभी भी किसी एक शक्ति का एकाधिकार नहीं रहा। अधिकांशतः इस क्षेत्र में विभिन्न शक्तियों के मध्य त्रिपक्षीय संघर्ष देखा गया है। इसमें से एक संघर्ष 10 वीं शताब्दी में चेरा, पांडिया या चोल राज्यों के मध्य हुआ और एक 18 वीं शताब्दी में निजाम, टीपू और मराठा राज्यों के मध्य हुआ। 1761 में, पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठाओं को पराजय का सामना करना पड़ा और इस युद्ध में हुई पराजय ने मराठाओं को कुछ समय के लिए शक्तिहीन कर दिया। इसी अवधि के दौरान मैसूर और हैदराबाद में दो नए शासकों के रुप में हैदर अली और निजाम उभरकर सामने आए। इसी दौरान मराठा साम्राज्य ने माधव राव को पेशवा की उपाधि से सम्मानित किया और पेशवा माधव राव ने यह सुनिश्चित भी किया कि अभी भी मराठाओं की शक्ति में बहुत अधिक ह्रास नहीं हुआ है, वे चाहे तो पुन: उस शक्ति को प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, मराठाओं ने सबसे पहले पानीपत के युद्ध में हुई अपनी पराजय और अपने नुकसान का बदला लेने के लिए हैदर अली और उसके बाद उसके पुत्र टीपू सुल्तान के संपूर्ण साम्राज्य को पूरी तरह से नष्ट करने का कार्य किया। 1764 से 1772 के मध्य, मराठाओं ने मुरारराव घोरपड़े के नेतृत्व में हुए युद्धों की एक श्रृंखला में हैदर अली को पराजित किया। हैदर अली, इस पराजय के बाद मराठा से बदला लेने के लिए बेताब हो उठा और उसने अपना बदला लेने के लिए एक ऐसे समय का चुनाव किया, जब 1775 से 1782 के मध्य मराठा साम्राज्य अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने में व्यस्त था, इस अवधि में हुए युद्ध को प्रथम एंग्लो मराठा युद्ध के रुप में जाना जाता है। 1776 में, हैदर अली ने मुरारराव घोरपड़े के गृहनगर गूटी को चारों ओर से घेर लिया और उसे अपना बंदी बना लिया, आजीवन कारावास के तहत एक कैदी के रुप में ही उसकी मृत्यु हो गई, मुरारराव घोरपड़े को, हैदर अली की कैद से छुड़ाने में मराठाओं के हाथ कोई सफलता नहीं लगी।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

मराठा ‘चाणक्य’ जिसने बचा कर रखा मराठा सम्राज्य: तब अंग्रेज-निजाम-टीपू से था ख़तरा, बुद्धि से सबको दी मात

मराठा के मोहिते जिन्होंने औरंगजेब को कई बार धराशाही किया

और लोड करें

इससे प्रोत्साहित होकर हैदर अली, निरन्तर आगे बढ़ता गया और उसने दत्तवाड़, गजेंद्रगढ़ जैसे राज्यों पर अपना कब्जा कर लिया और ऐसे राज्यों,  जिन पर हैदर अली ने अभी-अभी कब्जा किया था, उन्हें एक अलग प्रांत के रूप में नामित किया।

अब मराठाओं ने अंग्रेजो के खिलाफ अपने नए सेनापति के रुप में नाना फड़णवीस का चुनाव किया, जिनके नेतृत्व मे उन्हें सफलता भी प्राप्त हुई, इसके पश्चात मराठाओं ने टीपू सुल्तान से बदला लेने का निर्णय लिया, जो उस समय मैसूर के सम्राट थे।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान के खिलाफ, युद्ध भूमि का नेतृत्व करने के लिए तुकोजी राव होलकर का चुनाव किया। जिन्हें हरिपंत फड़के और मलोजीराजे घोरपड़े जैसे महान सेनापतियों का समर्थन प्राप्त था। उस समय निजाम और हैदराबाद के शासक असफ जाह भी हैदर अली के अत्याचारों से परेशान हो चुके थे, उन्होंने भी हैदर अली और उसके पुत्र टीपू सुल्तान के खिलाफ, मराठाओं की मदद करने का निर्णय लिया और मराठाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त सेना का निर्माण करके जून 1786 में, गजेंद्रगढ़ राज्य पर आक्रमण कर दिया।

मराठाओं की घुड़सवार सेना के सामने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना, किसी भी रूप से मुकाबला करने योग्य नहीं थी, इसके साथ-साथ मराठाओं की सेना के सेनापति गणेश व्यंकजी के तहत मराठा तोपखाने भी निरन्तर टीपू सुल्तान की सेना पर कहर बरसा रहे थे। मराठाओं द्वारा युद्ध भूमि में तोप का प्रयोग करने से  मराठाओं की घुड़सवार सेना की ताक़त और अधिक बढ़ गयी। मराठा ने मैसूर की पैदल सेना को वहीं का वहीं रोक दिया और मराठाओं की घुड़सवार सेना ने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना को दो फाड़ कर के रख दिया।

जिसका परिणाम टीपू सुल्तान के लिए अत्यधिक विनाशकारी सिद्ध हुआ। युद्ध में टीपू सुल्तान की सेना को से मराठाओं की सेना द्वारा घोर पराजय का सामना करना पड़ा।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान को न केवल गजेंद्रगढ़ के किले का आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया, बल्कि मराठाओं ने टीपू सुल्तान से युद्ध क्षतिपूर्ति के रुप में 48 लाख रुपये और वार्षिक कर के रुप में 12 लाख रुपये देने के लिए कहा और साथ ही मराठाओं ने टीपू सुल्तान को उन 4 बकाया राशियों का भुगतान करने के लिए भी कहा जो कि उनके पिता हैदर अली पर बकाया थीं।

गजेंद्रगढ़ का युद्ध, दक्कन के इतिहास की एक सबसे बड़ी ऐतिहासिक घटना थी क्योंकि इस युद्ध में दो-दो क्षेत्रीय महाशक्तियाँ शामिल थीं, अर्थात टीपू सुल्तान और मराठा दोनों यह भलीभाँति जानते थे कि वे एक दूसरे पर केवल अपनी शक्ति बर्बाद कर रहे हैं जोकि पूर्णतः व्यर्थ थी। उन्हें एहसास हुआ कि इस साधारण प्रतिशोध की जगह, उनके लिए अपना ध्यान ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर केंद्रित करना अधिक बेहतर होगा।

मराठा और मैसूर साम्राज्यों के बीच व्याप्त शत्रुता तब समाप्त हुई, जब पूर्व  मान्यता के आधार पर, मैसूर के नवाब का पद एक नये उत्तराधिकारी ने संभाला। ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनमें से किसी का भी साथ नहीं दिया, संकट के समय तटस्थ रहकर मराठाओं और टीपू सुल्तान दोनों को अत्यधिक क्रोधित कर दिया और ।

मराठाओं के आक्रामक युद्ध की वजह से, टीपू सुल्तान के साम्राज्य का विस्तार उत्तर और कृष्णा नदी के पूर्व दोनों ओर से बंद हो गया। टीपू सुल्तान की सैन्य प्रतिभा को लेकर उनकी अत्यधिक बढ़ा-चढ़ा कर प्रशंसा की जाती है परन्तु सच ये है कि मराठाओं, निजाम और आखिरकार अंग्रेजों ने भी टीपू सुल्तान को आसानी से पराजित किया था। टीपू सुल्तान रॉकेट साइंस में अग्रणी हो सकते थे, लेकिन उनकी तथाकथित प्रतिभा शायद ही कभी किसी युद्ध के क्षेत्र में दिखाई दी हो, उन्होंने कभी भी किसी शत्रु के खिलाफ कोई निर्णायक विजय हासिल नहीं की। सच कहे तो टीपू सुलतान के अंत की शुरुआत गजेंद्रगढ़ के युद्ध से ही प्रारम्भ हुआ।

Tags: टीपू सुल्तानमराठा
शेयर170ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा राजस्थान जीतेगी या हारेगी? एक राजस्थानी भाई की माने तो स्थिति ये है

अगली पोस्ट

मोदी लहर या राहुल तरंग? मत-प्रतिशत से सीट का अनुमान लगाने पर हिमाचल व गुजरात की स्थिति साफ़ है

संबंधित पोस्ट

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?
इतिहास

खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

16 March 2026

“राणा सांगा अपनी वीरता और तलवार के बल पर अत्यधिक शक्तिशाली हो गया है। वास्तव में उसका राज्य चित्तौड़ में था। मांडू के सुल्तानों के...

तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय
इतिहास

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

12 March 2026

अफ़ग़ानिस्तान की शांत बामियान घाटी में इस दिन बंदूक की गोली और मोर्टार विस्फोट की आवाज़ें गूंज उठीं थीं। तालिबान के लंबी दाढ़ी वाले सैनिक,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited