TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वो युद्ध जब मराठाओं ने टीपू को बुरी तरह हराया, उसका किला जीता, और मोटी रकम वसूली

EX-EMPLOYEE द्वारा EX-EMPLOYEE
2 November 2017
in इतिहास
टीपू मराठाओं
Share on FacebookShare on X

विन्द्य पर्वतमाला के दक्षिण में कभी भी किसी एक शक्ति का एकाधिकार नहीं रहा। अधिकांशतः इस क्षेत्र में विभिन्न शक्तियों के मध्य त्रिपक्षीय संघर्ष देखा गया है। इसमें से एक संघर्ष 10 वीं शताब्दी में चेरा, पांडिया या चोल राज्यों के मध्य हुआ और एक 18 वीं शताब्दी में निजाम, टीपू और मराठा राज्यों के मध्य हुआ। 1761 में, पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठाओं को पराजय का सामना करना पड़ा और इस युद्ध में हुई पराजय ने मराठाओं को कुछ समय के लिए शक्तिहीन कर दिया। इसी अवधि के दौरान मैसूर और हैदराबाद में दो नए शासकों के रुप में हैदर अली और निजाम उभरकर सामने आए। इसी दौरान मराठा साम्राज्य ने माधव राव को पेशवा की उपाधि से सम्मानित किया और पेशवा माधव राव ने यह सुनिश्चित भी किया कि अभी भी मराठाओं की शक्ति में बहुत अधिक ह्रास नहीं हुआ है, वे चाहे तो पुन: उस शक्ति को प्राप्त कर सकते हैं।

इस प्रकार, मराठाओं ने सबसे पहले पानीपत के युद्ध में हुई अपनी पराजय और अपने नुकसान का बदला लेने के लिए हैदर अली और उसके बाद उसके पुत्र टीपू सुल्तान के संपूर्ण साम्राज्य को पूरी तरह से नष्ट करने का कार्य किया। 1764 से 1772 के मध्य, मराठाओं ने मुरारराव घोरपड़े के नेतृत्व में हुए युद्धों की एक श्रृंखला में हैदर अली को पराजित किया। हैदर अली, इस पराजय के बाद मराठा से बदला लेने के लिए बेताब हो उठा और उसने अपना बदला लेने के लिए एक ऐसे समय का चुनाव किया, जब 1775 से 1782 के मध्य मराठा साम्राज्य अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने में व्यस्त था, इस अवधि में हुए युद्ध को प्रथम एंग्लो मराठा युद्ध के रुप में जाना जाता है। 1776 में, हैदर अली ने मुरारराव घोरपड़े के गृहनगर गूटी को चारों ओर से घेर लिया और उसे अपना बंदी बना लिया, आजीवन कारावास के तहत एक कैदी के रुप में ही उसकी मृत्यु हो गई, मुरारराव घोरपड़े को, हैदर अली की कैद से छुड़ाने में मराठाओं के हाथ कोई सफलता नहीं लगी।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

मराठा ‘चाणक्य’ जिसने बचा कर रखा मराठा सम्राज्य: तब अंग्रेज-निजाम-टीपू से था ख़तरा, बुद्धि से सबको दी मात

मराठा के मोहिते जिन्होंने औरंगजेब को कई बार धराशाही किया

और लोड करें

इससे प्रोत्साहित होकर हैदर अली, निरन्तर आगे बढ़ता गया और उसने दत्तवाड़, गजेंद्रगढ़ जैसे राज्यों पर अपना कब्जा कर लिया और ऐसे राज्यों,  जिन पर हैदर अली ने अभी-अभी कब्जा किया था, उन्हें एक अलग प्रांत के रूप में नामित किया।

अब मराठाओं ने अंग्रेजो के खिलाफ अपने नए सेनापति के रुप में नाना फड़णवीस का चुनाव किया, जिनके नेतृत्व मे उन्हें सफलता भी प्राप्त हुई, इसके पश्चात मराठाओं ने टीपू सुल्तान से बदला लेने का निर्णय लिया, जो उस समय मैसूर के सम्राट थे।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान के खिलाफ, युद्ध भूमि का नेतृत्व करने के लिए तुकोजी राव होलकर का चुनाव किया। जिन्हें हरिपंत फड़के और मलोजीराजे घोरपड़े जैसे महान सेनापतियों का समर्थन प्राप्त था। उस समय निजाम और हैदराबाद के शासक असफ जाह भी हैदर अली के अत्याचारों से परेशान हो चुके थे, उन्होंने भी हैदर अली और उसके पुत्र टीपू सुल्तान के खिलाफ, मराठाओं की मदद करने का निर्णय लिया और मराठाओं के साथ मिलकर एक संयुक्त सेना का निर्माण करके जून 1786 में, गजेंद्रगढ़ राज्य पर आक्रमण कर दिया।

मराठाओं की घुड़सवार सेना के सामने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना, किसी भी रूप से मुकाबला करने योग्य नहीं थी, इसके साथ-साथ मराठाओं की सेना के सेनापति गणेश व्यंकजी के तहत मराठा तोपखाने भी निरन्तर टीपू सुल्तान की सेना पर कहर बरसा रहे थे। मराठाओं द्वारा युद्ध भूमि में तोप का प्रयोग करने से  मराठाओं की घुड़सवार सेना की ताक़त और अधिक बढ़ गयी। मराठा ने मैसूर की पैदल सेना को वहीं का वहीं रोक दिया और मराठाओं की घुड़सवार सेना ने, टीपू सुल्तान की पैदल सेना को दो फाड़ कर के रख दिया।

जिसका परिणाम टीपू सुल्तान के लिए अत्यधिक विनाशकारी सिद्ध हुआ। युद्ध में टीपू सुल्तान की सेना को से मराठाओं की सेना द्वारा घोर पराजय का सामना करना पड़ा।

मराठाओं ने, टीपू सुल्तान को न केवल गजेंद्रगढ़ के किले का आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर किया, बल्कि मराठाओं ने टीपू सुल्तान से युद्ध क्षतिपूर्ति के रुप में 48 लाख रुपये और वार्षिक कर के रुप में 12 लाख रुपये देने के लिए कहा और साथ ही मराठाओं ने टीपू सुल्तान को उन 4 बकाया राशियों का भुगतान करने के लिए भी कहा जो कि उनके पिता हैदर अली पर बकाया थीं।

गजेंद्रगढ़ का युद्ध, दक्कन के इतिहास की एक सबसे बड़ी ऐतिहासिक घटना थी क्योंकि इस युद्ध में दो-दो क्षेत्रीय महाशक्तियाँ शामिल थीं, अर्थात टीपू सुल्तान और मराठा दोनों यह भलीभाँति जानते थे कि वे एक दूसरे पर केवल अपनी शक्ति बर्बाद कर रहे हैं जोकि पूर्णतः व्यर्थ थी। उन्हें एहसास हुआ कि इस साधारण प्रतिशोध की जगह, उनके लिए अपना ध्यान ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर केंद्रित करना अधिक बेहतर होगा।

मराठा और मैसूर साम्राज्यों के बीच व्याप्त शत्रुता तब समाप्त हुई, जब पूर्व  मान्यता के आधार पर, मैसूर के नवाब का पद एक नये उत्तराधिकारी ने संभाला। ईस्ट इंडिया कंपनी ने उनमें से किसी का भी साथ नहीं दिया, संकट के समय तटस्थ रहकर मराठाओं और टीपू सुल्तान दोनों को अत्यधिक क्रोधित कर दिया और ।

मराठाओं के आक्रामक युद्ध की वजह से, टीपू सुल्तान के साम्राज्य का विस्तार उत्तर और कृष्णा नदी के पूर्व दोनों ओर से बंद हो गया। टीपू सुल्तान की सैन्य प्रतिभा को लेकर उनकी अत्यधिक बढ़ा-चढ़ा कर प्रशंसा की जाती है परन्तु सच ये है कि मराठाओं, निजाम और आखिरकार अंग्रेजों ने भी टीपू सुल्तान को आसानी से पराजित किया था। टीपू सुल्तान रॉकेट साइंस में अग्रणी हो सकते थे, लेकिन उनकी तथाकथित प्रतिभा शायद ही कभी किसी युद्ध के क्षेत्र में दिखाई दी हो, उन्होंने कभी भी किसी शत्रु के खिलाफ कोई निर्णायक विजय हासिल नहीं की। सच कहे तो टीपू सुलतान के अंत की शुरुआत गजेंद्रगढ़ के युद्ध से ही प्रारम्भ हुआ।

Tags: टीपू सुल्तानमराठा
शेयर170ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भाजपा राजस्थान जीतेगी या हारेगी? एक राजस्थानी भाई की माने तो स्थिति ये है

अगली पोस्ट

मोदी लहर या राहुल तरंग? मत-प्रतिशत से सीट का अनुमान लगाने पर हिमाचल व गुजरात की स्थिति साफ़ है

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता
इतिहास

लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

9 June 2026

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited