TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़

    नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

    BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें

    BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कांग्रेस और हार्दिक का पटेल फार्मूला, इससे न तो पटेल समाज का भला है ना गुजरात का

Nitesh Kumar Harne द्वारा Nitesh Kumar Harne
24 November 2017
in मत
कांग्रेस हार्दिक फार्मूला गुजरात
Share on FacebookShare on X

गुजरात में सियासी ड्रामा अपने पूरे शबाब पर है। गुजरात चुनाव जितना दिलचस्प आज है इसके पहले कभी न था क्योंकि इसके पहले 2012 तक चुनाव सीधा-सीधा कांग्रेस विरूद्ध मोदी के नाम पर लड़ा और जीता जाता था। बीजेपी यहाँ सीधे मुकाबले में कभी नहीं रही है। गुजरातियों को गुजराती अस्मिता के लिए जाना जाता है और गुजरात ने मोदी के विकास के मॉडल को अच्छी तरह समझ लिया था यही कारण था की गुजराती मोदी के नाम से ही वोट देते रहे है। बीजेपी के उम्मीदवार बीजेपी की बजाये मोदी के नाम पर वोट माँगा करते थे लेकिन इस बार गुजरात चुनाव रोमांचक हुआ है तो उसका बड़ा कारण है पाटीदार आन्दोलन के नेता हार्दिक पटेल। अब पाटीदार आन्दोलन किस लिए हुआ? इसे किसने खड़ा किया और इसका मकसद क्या है यह जनता अच्छी तरह समझ रही है और जो लोग नहीं समझ पा रहे है वह लोग भी गुजरात के नतीजे आने के बाद सारा सियासी ड्रामा समझ जायेंगे।

पिछले एक माह से हार्दिक और कांग्रेस के बीच यह ड्रामा आये दिन नया मोड़ लेता दिखाई देता है तो इसका कारण हार्दिक की आरक्षण मांगों को मानने के लिए कांग्रेस तैयार नहीं थी। क्योंकि हार्दिक की पाटीदार के लिए आरक्षण देना संविधान के दायरे के बाहर है क्योंकि पहले ही 49.5 प्रतिशत आरक्षण गुजरात में लागू है जिसमें OBC- 27%, SC – 15%, ST – 7.5%. ज्ञात हो की पटेल समुदाय का एक हिस्सा (अंजना) पटेल समाज पहले से ही ओबीसी समाज में सम्मिलित किया जा चुका है। संविधान के एक अनुच्छेद के अनुसार 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता है। आरक्षण के इसी पेंच पर हार्दिक पटेल यानी PAAS और कांग्रेस के बीच का पेंच फंसा था जिसके लिए आये दिन हार्दिक कांग्रेस को अल्टीमेटम दिए जा रहे थे और आखिरकार आज इस पेंच पर फार्मूला निकाल कांग्रेस ने अपना आखिरी पत्ता भी खोल दिया है।

संबंधितपोस्ट

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

टीएमसी का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं? घंटेभर की बैठक के बाद सामने आया बड़ा फैसला

मोदी ने रिकॉर्ड कार्यकाल के दिन ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

और लोड करें

कहा जा रहा है की हार्दिक और कांग्रेस के बीच आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने हार्दिक की मदद से एक फार्मूला खोज निकाला है ऐसा दावा कांग्रेस कर रही है लेकिन कांग्रेस इसे जनता के सामने या मीडिया को बताने से इनकार कर रही है लेकिन हार्दिक गुट के नेताओं ने यह फार्मूला लीक करके कांग्रेस के बड़े दावे की हवा निकाल कर रख दी है। जिसपर बीजेपी इस फार्मूला को लेकर कांग्रेस पर तगड़ा पलटवार करने में जुट गयी है। बीजेपी को कही न कही यह अंदेशा था ही की हार्दिक की मांगों को मानना कांग्रेस के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। और यही वजह है की बीजेपी को फ़ार्मुले का पता चलते ही अब बीजेपी फ्रंटफुट पर आकर हमलावार हो गयी है।

क्या है हार्दिक कांग्रेस का आरक्षण का फार्मूला?

दरअसल जिस फार्मूला का डंका बजा कर कांग्रेस फूले नहीं समा रही है वह फार्मूला जातीय आधार पर नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर तय किया गया है। इस फोर्मुले के अनुसार पाटीदार का आर्थिक सर्वेक्षण किया जायेगा और आर्थिक आधार पर ही पटेलों को आरक्षण दिया जायेगा। माने आज तक जो जातीय आरक्षण सिस्टम था उसके बिलकुल विपरीत यह आर्थिक आधार का आरक्षण कांग्रेस शुरू करने के सपने दिखा रही है। जिसका भारतीय संविधान में कोई उल्लेख नहीं है। इसके साथ हार्दिक ने कहा कि पटेल आरक्षण फॉर्मूला ओबीसी, एससी और एसटी समुदाय को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाएगा । उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते पटेल आरक्षण से किसी दूसरे समुदाय का हक मारा जाए । हार्दिक ने कहा विशेष हालात में 50 फीसदी से ज्यादा का आरक्षण भी दिया जा सकता है । जबकि ओबीसी, एससी और एसटी कोटे के आरक्षण को छेड़छाड़ किये बिना ऐसा कोई फार्मूला निकलना मुमकिन नहीं है।

फार्मूला जमीन पर लागू करना क्यों है मुश्किल?

दरअसल एक मनगढ़ंत फार्मूला बनाकर कांग्रेस पाटीदार समाज को ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात और देश की जनता को बेवकूफ बनाने का प्रयास कर रही है और इसी कारण से कांग्रेस अपना फार्मूला समझाने से कतरा रही है। लाख पूछने के बाद भी कांग्रेस प्रवक्ता फार्मूला बताने से घबरा रहे है क्योंकि कागज पर बड़ा आसान सा दिखाई देनेवाला यह फार्मूला असल में जमीनी हकीकत से कोसो दूर है।

तीन मुख्य कारण जो हार्दिक-कांग्रेस के झूठे आरक्षण फोर्मुले की हवा निकाल देने के लिए काफी है वो इस प्रकार है :

सबसे पहली बड़ी बात, दरअसल संविधान के अनुसार 50% के बाहर राज्य और केंद्र सरकार आरक्षण नहीं दे सकती है। अनुच्छेद 31C के अनुसार अगर विशेष हालत में किसी समुदाय को आरक्षण दिया जा सकता है लेकिन इसके लिए उस समुदाय की आर्थिक हालत का हवाला देकर राज्य की जातीय समिति से इसे पारित करवाना अनिवार्य है तथा केंद्र के विचाराधीन इसे केंद्र और सुप्रीम कोर्ट की सहमती से ऐसा किया जा सकता है लेकिन अगर पाटीदार समाज की बात करें और कांग्रेस की सरकार राज्य में रहते हुए केंद्र की सरकार तथा सुप्रीम कोर्ट इससे सहमत होगी यह बहुत मुश्किल है।

दूसरी बड़ी बात जिससे यह साबित होता है की कांग्रेस का यह फार्मूला पूरी तरह से बेबुनियाद और असंवैधानिक है वह यह की अब तक जितनी सरकारों ने आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढाने का प्रस्ताव रखा है इसे सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी सरकार ने यह प्रस्ताव रखा हो इसके पहले भी सरकारों ने ऐसा प्रस्ताव रखा है लेकिन कोर्ट ने इसे ख़ारिज कर दिया था। और रही बात पटेल समुदाय की तो पटेल समुदाय आर्थिक दृष्टि से समृद्ध समाज माना जाता है। ऐसे में आर्थिक आधार पर आरक्षण का ढोल पीटने वाला यह कांग्रेस हार्दिक पटेल का फार्मूला सही मायनों में एक असंवैधानिक झूठ है जिसका सीधा रिश्ता गुजरात चुनाव जीतने से है।

तीसरी सबसे बड़ी बात यह की हमारे देश में संविधान ने जातीय आधार पर आरक्षण दिया है कही भी संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण का उल्लेख नहीं बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण पूरी तरह से असंवैधानिक है। अगर कांग्रेस आर्थिक आधार पर आरक्षण देती है तो फिर इसका पाटीदार समाज से कोई लेना देना नहीं रह जायेगा और यह पूर्णता सभी समाज पर लागू होगा क्योंकि आर्थिक आधार पर फिर ब्राह्मण, क्षत्रिय बाकी समाज भी आर्थिक आधार पर सम्मिलित किये जाने की मांग रखेंगे जिससे राज्य का माहौल बुरी तरह बिगड़ने की पूरी उम्मीद है।

आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाना इतना आसान होता तो देश में जातीय आरक्षण को मिटाना इतना मुश्किल नहीं होता लेकिन यह असंवैधानिक माना गया है। क्योंकि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भगवत के इसी आर्थिक आधार के बयान पर उन्हें कांग्रेस ने आड़े हाथों लिया था और खुलकर इसका विरोध किया था जिसका खामियाजा बीजेपी को बिहार चुनाव हारकर चुकाना पड़ा था। इसके पहले सुब्रमण्यम स्वामी समेत तमाम बड़े नेताओं ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का समर्थन किया है जिससे जातीय आरक्षण को ख़त्म किया जा सकता है। संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कोई भी सरकार ऐसा करने से बचती रही है।

आजकल राजनीति में एक नया ट्रेंड चल पड़ा है जब किसी पार्टी के पास मुद्दों की कमी देखी जाती है वह पार्टी आपस में सियासी ड्रामा करती नजर आती है जिसका ट्रेलर हम उत्तर प्रदेश चुनाव में देख चुके है जहाँ चाचा-भतीजे के सियासी ड्रामे ने प्रदेश की जनता का दो महीनों तक मनोरंजन किया था और आखिरकार तमाम ड्रामे के बावजूद अखिलेश सरकार को उत्तर प्रदेश की गद्दी से हाथ धोना पड़ा। कुछ ऐसा ही सियासी ड्रामा गुजरात चुनाव के मद्देनजर पिछले एक साल से देखने को मिल रहा है। भले इस ड्रामे को पाटीदार आरक्षण आन्दोलन के नाम से खड़ा किया गया हो लेकिन लगभग यह तो तय ही था की जिस तरह हार्दिक बीजेपी के विरुद्ध आन्दोलन करते नजर आ रहे है कहीं न कहीं आन्दोलन के सहारे कांग्रेस की राजनीति साधने का एक तरीका मात्र है।

कांग्रेस और हार्दिक का मकसद गुजरात चुनाव जीतना भर है और हार्दिक-कांग्रेस मिलकर केवल पाटीदार समाज को ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात को बेवकूफ बनाकर गुजरात चुनाव जीतने के लिए एक नाटक रच रहे है ताकि आने वाले समय में गुजरात चुनाव जीतकर मोदी –शाह के विकास रथ को रोका जा सके। इसमें हार्दिक इस आन्दोलन के जरिये अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकना चाह रहे है। लेकिन गुजरात की जनता कांग्रेस-हार्दिक के इस झूठे फोर्मुले को जल्दी ही समझेगी और शायद इसका खामियाजा कांग्रेस को गुजरात के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है ।

Tags: आरक्षण फार्मूलाकांग्रेसगुजरात चुनावहार्दिक पटेल
शेयर1738ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

द हेग में भारत के कूटनैतिक प्रहार ने ब्रिटेन की कमर तोड़ दी

अगली पोस्ट

अपने स्तम्भ में योगी आदित्यनाथ ने धर्मनिरपेक्षता का खुलकर खंडन किया

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

बच्चे आपके, संस्कार किसके?
मत

बच्चे आपके, संस्कार किसके?

17 August 2026

हाल ही में एक पुस्तक पढ़ी, जिसका शीर्षक है “जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।” पुस्तक में विकसित भारत 2047 के...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

What Actually Hit Pakistan’s Nuclear Backyard? CDS | Anil Chauhan | Kirana hills

00:06:34

OP SINDOOR: HOW WOMEN PILOTS BRAHMOSED LASHKAR DEN

00:03:55

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited