TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब चीन को 1967 में आज के ही दिन भारत ने ‘नाथु ला’ और ‘चो ला’ में पटक पटककर धोया था

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
11 September 2019
in एशिया पैसिफिक, विश्व
चीन

(PC: indiatoday)

Share on FacebookShare on X

अमेरिका के पूर्व सैन्य प्रमुख जनरल जॉर्ज एस पैटन ने क्या खूब कहा था, “एक उत्कृष्ट योजना को अगले हफ्ते अमल में लाने से अच्छा है एक अच्छी योजना को आक्रामक तरीके से बिना देर किए अमल में लाना!” ये कथन हमारे उन वीरों के ऊपर बिल्कुल सटीक बैठता है, जिन्होंने न केवल अपनी जान हथेली पर रखकर भारत को एक अप्रत्याशित विजय दिलाई, बल्कि चीन के अजेय छवि को भी मिट्टी में मिला दिया, जहां तानाशाह माओ ज़ेडोंग का राज चलता था।

आज ही के दिन 52 वर्ष पहले भारत ने चीनी फौज को नाथु ला की सपाट चोटियों पर धूल चटाई थी। लगातार चीनी गुंडई का सामना करने के बावजूद हमारे भारतीय वीरों ने अपना हौसला नहीं खोया, और तीन दिन के भीषण युद्ध के बाद चीनी फौज को घुटने टेकने पर विवश कर दिया।

संबंधितपोस्ट

14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

पीएम कार्नी की भारत यात्रा से पहले संकेत—कनाडा हिंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका नहीं

और लोड करें

जिस समय ये युद्ध हुआ, वो भारत के लिए बड़ा कठीन समय था। इन्दिरा गांधी को प्रधानमंत्री बने एक साल भी नहीं हुआ था, और भारत ने हाल ही में अपने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर दो तरफा विजय प्राप्त की थी, चाहे वो 1964 में टोक्यो ओलम्पिक का मैदान हो, या फिर 1965 का ऐतिहासिक युद्ध, जहां अमेरिकी हथियारों के दम पर कश्मीर पर कब्जा जमाने का ख्वाब देखने वाला पाकिस्तान के हाथ से लाहौर और सियालकोट भी फिसलता दिखाई दे रहा था। जिसके बाद पाक सीजफ़ायर की भीख मांगने यूएन पहुँच गया।

भारत 1962 की भांति पिछड़ा हुआ था, लेकिन उस वक्त चीन से किसी भी स्थिति में भिड़ने को तैयार था। वर्ष 1967 में भारत और चीन के बीच सिक्किम राज्य गले की फांस बना हुआ था। उस वक्त भी सिक्कीम को भारत का संरक्षण प्राप्त था, जो चीन की नजर में चढ़ा हुआ था। चीन इसे भी तिब्बत की तरह कब्ज़ियाना चाहता था, जबकि भारत बिना किसी राजनीतिक लाभ के एक दयालु राष्ट्र की भांति सिक्किम की रक्षा करना चाहता था।

जल्द ही नाथु ला स्थित भारत की सीमा पर कंटीले तार और बाड़ लगाने का काम 17वें माउंटेन डिविजन के कमांडिंग ऑफिसर मेजर जनरल सगत सिंह को सौंपा गया। ये निर्णय भारतीय सरकार ने चीन के निरंतर घुसपैठ के बाद लिया था। मेजर जनरल सगत बड़े ही निर्भीक स्वभाव के थे और उन्होंने इस युद्ध से पहले 1963 में चीन की धमकियों के बावजूद नाथु ला खाली करने से मना कर दिया था, क्योंकि उनके अनुसार नाथु ला प्राकृतिक सीमा पर ही स्थित था।

उस समय चीन में साम्यवाद अपने चरम पर था, और तब माओ त्से तुंग अथवा माओ ज़ेडोंग का चीन पर शासन था। 1962 के युद्ध में भारतीय सेना को हराने के बाद से उनके ऊपर अति आत्मविश्वास का भूत सवार था, और उन्हें लगता था कि उन्हे कभी भारतीय सेना चुनौती नहीं दे पाएगी, और उनकी यही सोच बाद में उनकी सबसे बड़ी भूल सिद्ध हुई।

13 अगस्त 1967 को भारतीय सेना ने चीनियों को सिक्किम की सीमा के पास गड्ढे खोदते पकड़ा। जब उन्होंने स्थानीय चीनी कमांडर से इसकी शिकायत की, तो चीनी कमांडर मानो कानो में तेल डालकर बैठा था। इसके बाद आग में पेट्रोल डालते हुए चीनियों ने कई और गड्ढे खोद डाले, और बॉर्डर पर स्थित 21 लाउडस्पीकर में 8 लाउडस्पीकर और शामिल कर दिये, जो भारत को मानो खुली चुनौती दे रहा हो।

इस बार घुसपैठ को गंभीरता से लेते हुए भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सीमा के अपने क्षेत्र में बाड़ लगवाने का निर्णय किया था, जो पहले महज पत्थरों की एक लकीर से चिन्हित था। चीन के पास सैन्यबल ज़्यादा था, जबकि भारत के पक्ष में नाथु ला क्षेत्र में स्थित सेबु ला का कॉम्प्लेक्स था। 18 अगस्त को सीमा पर कंटीले तारों को लगाने का काम प्रारम्भ हुआ, तो भारतीय सेना की जवाब से आग बबूला हो चीनियों ने भारतीयों को डराने धमकाने का प्रयास किया, पर उनके सारे प्रयास विफल रहे।

पर बात तब बिगड़ गयी, जब 7 सितंबर 1967 को स्थानीय चीनी कमांडर ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए वहाँ पर स्थित 2 ग्रेनेडियर्स के कमांडिंग अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह को धमकाने का प्रयास किया। जब लेफ्टिनेंट कर्नल राय साहब अपने स्थान पर अडिग रहे, तो चीनियों ने उनके साथ हाथापाई करने का प्रयास किया। इसपर भारतीय सैनिकों ने अपना आपा खो दिया और दोनों पक्षों में एक हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए।

परंतु असल युद्ध तो अभी बाकी था। 11 सितंबर 1967 को भारतीय सेना ने नाथु ला से सेबु ला स्थित बार्डर पर एक कंटीला बाड़ लगाने का निर्णय लिया। उन्हे बीच में रोकते हुए चीनी पक्ष के एक पॉलिटिकल कॉमिसार और चीनी सैनिकों ने अंजाम भुगतने की धमकी दी। उनकी धमकियों को दरकिनार करते हुये लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह ने अपने आदमियों और अभियन्ताओं को काम जारी रखने की सलाह दी। जब चीनी सैनिकों ने राय सिंह के साथ बदतमीजी की, तो सैनिकों के बीच एक और झड़प हुई, जिसमें कॉमिसार को काफी चोटें आई। इस कृत्य पर आग बबूला होकर चीनी अपने बंकर की तरफ लौट गए, और भारतीय सैनिक अपने काम में वापस लग गए। परंतु उन्हें बिल्कुल भी आभास नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।

चीनी क्षेत्र से पहले एक सीटी जैसी आवाज़ आई, जिसके बाद तो गोलियों की जैसे बरसात होने लगी। कोई कवर न होने के कारण भारतीय सैनिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। इसके बावजूद लेफ्टिनेंट कर्नल राय ने अपना हौसला नहीं खोया, और आवश्यक कवर फायर देते हुये अपने सैनिकों को चीनियों से लड़ने का हौसला दिया। इसी बीच कैप्टन पृथ्वी सिंह डागर और मेजर हरभजन सिंह ने चीन के एमएमजी पोस्ट पर धावा बोलकर स्थिति संभालने का प्रयास किया, परंतु दोनों ही इस अभियान में वीरगति को प्राप्त हो गए। कैप्टन डागर को मरणोपरांत वीर चक्र से पुरुस्कृत किया गया, जबकि मेजर हरभजन सिंह को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।

चीन के हमले के बाद भारतीयों ने अपने पास जो कुछ भी था, उन सब से चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया। राइफल के बेयोने से लेकर आर्टिलेरी शेल तक भारत ने चीन के विरुद्ध चलाया। युद्ध के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह ने अदम्य साहस का परिचय देते हुये स्वयं एमएमजी पोस्ट संभाला और पेट में गोलियां लगने के बावजूद उन्होने मोर्चा नहीं छोड़ा। जब तक उन्हें युद्धभूमि से नहीं ले जाया गया, वे अपने जवानों का हौसला बढ़ाते रहे।

युवा अफसर सेकंड लेफ्टिनेंट अत्तर सिंह ने स्थिति बिगड़ने पर खुद मोर्चा संभाला और जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने दुश्मनों से सीधा मोर्चा लिया। अदम्य साहस का परिचय देने के लिए सेकंड लेफ्टिनेंट अत्तर सिंह को वहीं युद्धभूमि पर कैप्टन के पद तक प्रोन्नति दी गयी। लेफ्टिनेंट कर्नल राय सिंह जीवित रहे, और उन्हे भारत के दूसरे सर्वोच्च युद्ध सम्मान महावीर चक्र से 1968 में सम्मानित किया गया।

पर शायद चीन ने अभी भी कोई सबक नहीं सीखा था। 30 सितंबर को चो ला के एक ऐसे ही क्षेत्र में 10 जम्मू और कश्मीर राइफल्स के सिख सिपाहियों और चीनी सैनिकों में झड़प हो गयी। भारतीय संतरी ने आपा खोने पर एक चीनी सैनिक को ऐसे मारा कि उसका ट्यूनिक बटन ही निकल आया।

इस झड़प के बारे में क्षेत्र के कमांडिंग अफसर मेजर केबी जोशी को काफी देर से पता चला। परंतु नाथु ला की झड़प के बारे में जानकारी होने के नाते उन्होंने स्थिति को समझने में ज़रा भी विलंब नहीं किया। स्थिति का जायजा लेने के लिए मेजर जोशी सुबह सुबह ही राय गैप क्षेत्र पर स्थित डे कॉय कंपनी के पोजीशन का मुआयना करने पहुँच गए। पॉइंट 15450 पर भारतीय संतरी का जहां से उन्हे पोस्ट दिखाई दिया, तो मेजर जोशी ने ये भी पाया कि पोस्ट को चीनी सैनिकों के एक सेक्शन ने घेर रखा था। वहाँ तैनात अफसर लेफ्टिनेंट राठौर को जब मेजर जोशी ने स्थिति से अवगत कराया, तो उन्हे पता चला कि वहाँ पर स्थित कॉमिसार और स्थानीय कमांडर तो पहले ही पोस्ट पर नज़रें गड़ाए बैठा है।

वहीं दूसरी ओर चो ला पर तैनात गोरखा राइफल्स के नायब सूबेदार ज्ञान बहादुर लिम्बू की एक चीनी सैनिक से तीखी झड़प चल रही थी। चीनी सैनिक ने ज्ञान बहादुर लिम्बू को लात दिखाई तो ज्ञान ने अपना पैर पत्थर पर वापस जमाते हुये उसे खुलेआम चुनौती दे डाली। इसी समय चीनी कमांडर ने सबक सिखाने के लिए अपने सैनिकों को पोजीशन लेने के लिए कहा, और चीनी संतरियों में से एक ने ज्ञान को बाँह में राइफल की बेयोने मारते हुये घायल कर दिया। परंतु यहीं उन्होंने एक भारी भूल कर दी। ज्ञान बहादुर लिम्बू ने घायल होने के बावजूद दोनों संतरियों के दोनों हाथ अपनी खुखरी से काट दिया, जिसके बाद चीनियों ने क्रोधित हो फायरिंग शुरू कर दी।

पोस्ट के कमांडर लांस नायक कृष्ण बहादुर ने चीनी सैनिकों को मोर्चा जमाने से पहले ही उनपर धावा बोल दिया। गोली लगने के बावजूद उन्होंने अपने जवानों को प्रोत्साहित रखा। इसी बीच राइफलमैन देवी प्रसाद लिम्बू ने मानो एक अंतर्यामी योद्धा का रूप धारण कर लिया हो, और वीरगति प्राप्त करने से पहले अकेले दम उन्होंने अपनी खुखरी से पाँच चीनी सैनिकों के सर धड़ से अलग कर दिये। इसके लिए उन्होने मरणोपरांत वीर चक्र से पुरुस्कृत किया गया।

पॉइंट 15540 पर चीन द्वारा किए गए हमले में लेफ्टिनेंट राठौर घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होने मोर्चा संभाले रखा, परंतु जल्द ही उन्हे छाती और पेट में गोलियों की बौछार हुई, और वे भी वीरगति को प्राप्त हो गए। इस समय मेजर जोशी ने कमान अपने हाथ में ली और पॉइंट 15450 पर स्थित चीनी बंकरों पर उन्होंने बड़े सलीके से मोर्टर फायर करना शुरू कर दिया।

J&K राइफल्स की टुकड़ी को आरसीएल फायर के कारण काफी नुकसान उठाना पड़ा। मेजर जोशी के सहायक भी इसी पसोपेश में मारे गए। परंतु जब मेजर जोशी ने अकेले ही दो चीनी सैनिक मार गिराए, तो चीनी पीछे तो हट गए, परंतु युद्ध जारी रहा। भारतीय सैनिकों के शौर्य से चोट खा चुके चीनी सैनिक युद्ध का क्षेत्र बदलना चाहते थे, और उन्होंने कुछ देर के लिए फायरिंग रोक दी। परंतु हमारे सैनिकों ने उनकी एक न चलने दी, और टिमजोंग क्षेत्र में फायरिंग कर लड़ाई जारी रखी। मेजर जोशी ने तब तक फायरिंग जारी रखी, जब तक उनका सारा एम्यूनिशन खत्म नहीं हो गया। सुबह 11:30 बजे तक सारे चीनी सैनिक पॉइंट 15450 से पीछे हट गए।

परंतु प्वाइंट 15540 अभी भी चीन के कब्जे में था। इसलिए शाम 5 बजे एक ऑपरेशन लॉंच हुआ, जिसका नेतृत्व कैप्टन पारुल्कर और उनकी बी कंपनी ने किया, पर वे शुरुआत में अंधेरे की वजह से डगमगा रहे थे। शाम 6 बजकर 40 मिनट पर मेजर जोशी ने कैप्टन पारुल्कर और उनकी प्लाटून को उत्तर-पश्चिम की दिशा से धावा बोलने को कहा, जबकि बाकी कंपनी और मोर्टर लिए जवानों को सामने से धावा बोलने के लिए तैयार रहने के लिए कहा।

परंतु जब चीनी सेना ने स्थिति भाँपी, तो उन्हे अपना विनाश साफ दिखाई दे रहा था, और वे बिना एक गोली चलाये वहाँ से भाग खड़े हुए। पूरे युद्ध के दौरान चीन ने आधिकारिक तौर पर 300 से ज़्यादा सैनिक गँवाए जबकि भारतीय सेना के केवल 65 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुये। इस युद्ध के बाद चीन की कथित अजेय छवि मिट्टी में मिल चुकी थी, और इन दो युद्धों ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय सैनिक किसी से कम नहीं, इस युद्ध के वीर शहीदों की हम जितनी प्रशंसा करें, वो कम होगी।

जय हिन्द! वंदे मातरम!

Tags: चीनभारतभारतीय सेनायुद्ध
शेयर92ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

BHU मे ताजिया जुलूस का कोई रिवाज नहीं, तो अब अचानक ये ‘सेक्युलरीकरण’ क्यों?

अगली पोस्ट

हे हिप्पोक्रेट आमिर तेरे कितने रूप – नारिवाद का राग गाकर करेंगे मी टू अभियुक्त के साथ काम

संबंधित पोस्ट

एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।
चर्चित

एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

21 March 2026

एक फ्रांसीसी अधिकारी की फिटनेस ऐप पर रिकॉर्ड की गई मॉर्निंग रन ने Charles de Gaulle जैसे परमाणु ऊर्जा संचालित विमानवाहक पोत की गोपनीय लोकेशन...

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले
चर्चित

इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

20 March 2026

दुनिया के कई हिस्सों में पहले से मौजूद तनाव अब एक खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर...

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?
चर्चित

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

19 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited