TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बीजेपी को कर्नाटका की किताबों से टीपू सुल्तान का चैप्टर हटाने की बजाय उसकी वास्तविकता को दिखाना चाहिए

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
31 October 2019
in मत
टीपू सुल्तान

PC: The Companion

Share on FacebookShare on X

इतिहास का भविष्य पर गहरा असर पड़ता है, इसलिए यह भावी पीढ़ी के लिए दोषपूर्ण इतिहास पढ़ना आवश्यक हो जाता है। पहले अंग्रेजों और फिर अंग्रेजों के चाटुकार इतिहासकारों की वजह से आज भी देश का वास्तविक इतिहास भावी पीढ़ी को तोड़-मरोड़ कर पढ़ाया जाता या फिर पढ़ाया ही नहीं जाता। अक्सर यही देखा गया है कि भारत के पाठ्यक्रमों में हमले करने वालों का अधिक ही गुणगान किया जाता है, देश की मिट्टी से जुड़े योद्धाओं को नकार दिया गया और उन्हें किताबों में भी कोई स्थान नहीं दिया गया। ऐसे ही एक पात्र है टीपू सुल्तान।

टीपू सुल्तान को उसके किए गए अत्याचारों और हत्याओं के बाद भी देश में, खास तौर पर कर्नाटका की पाठ्यपुस्तकों में एक हीरो की तरह पेश किया जाता है। इसी के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी विधायक मदकेरी अपाचू रंजन ने स्कूल सिलेबस से टीपू सुल्तान के चैप्टर को हटाने की मांग की थी। इसके लिए एम अपाचू रंजन ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को एक पत्र लिखा था। इसके बाद अब मंत्री सुरेश कुमार ने इसी मुद्दे पर टेक्स्ट बुक सोसायटी और इतिहासकारों की एक मीटिंग बुलाई है और उनसे इस मुद्दे पर तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है। टेक्स्टबुक सोसायटी के प्रबंध निदेशक को संबोधित करते हुए सुरेश कुमार ने लिखा कि विधायक अपाचू रंजन को आमंत्रित कर इस मुद्दे पर उनसे बात करें और तीन दिन में रिपोर्ट दें। अपने पत्र में उन्होंने लिखा था कि 18वीं सदी में मैसूर पर राज करने वाले शासक टीपू सुल्तान कन्नड़ विरोधी था। उन्होंने लिखा, इतिहास की किताबों में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया गया है। हमने किताबों में जो इतिहास पढ़ा है, वह पूरा नहीं है। ये पूरी तरह सत्य भी नहीं है। अब तक टीपू सुल्तान का जो महिमामंडन किया गया है सबसे पहले उसे रोकना होगा। टीपू सुल्तान कभी भी स्वतंत्रता के लिए नहीं लड़ा। इसलिए स्कूल सिलेबस से टीपू सुल्तान के चैप्टर को हटा दिया जाना चाहिए।

संबंधितपोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

West Bengal Cabinet Expansion: शुभेंदु कैबिनेट का विस्तार, नबान्न में 35 मंत्रियों ने ली शपथ

और लोड करें

लेकिन टीपू सुल्तान को पाठ्यक्रम से हटाना कहीं से भी सही फैसला नहीं है। स्कूलों में टीपू सुल्तान के बारे में जरूर पढ़ाया जाना चाहिए और भावी पीढ़ी को यह बताया जाना चाहिए कि टीपू ने किस प्रकार से हिंदुओं पर अत्याचार किया।

स्वतंत्रा प्राप्ति के बाद कतिपय भारतीय इतिहासकारों ने साम्प्रदायिक सद्भाव एवं धर्मनिरपेक्षता स्थापित करने के जोश में हैदर अली तथा उसके पुत्र टीपू सुल्तान को राष्ट्रीय महानायक बनाकर प्रस्तुत किया तथा अंग्रेजों के विरुद्ध टीपू की सफलताओं को भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम की तरह चित्रांकित किया। जबकि हैदर अली तथा टीपू सुल्तान दोनों का जीवन चरित्र देखने से सहज ही ज्ञात हो जाता है कि उनमें धार्मिक कट्टरता एवं क्रूरता कूट-कूट कर भरी हुई थी। जहां हैदर अली ने अपने हिन्दू स्वामियों को समाप्त करके उनके राज्य को हड़प लिया वहीं, टीपू सुल्तान काफिरों अर्थात्‌ हिन्दुओं, पुर्तगालियों, अंग्रेजों एवं भारतीय ईसाइयों के प्रति जीवन भर हिंसक कार्रवाईयां की और कई हजार लोगों की धार्मिक आधार पर हत्या की।

1565 में तालीकोट युद्ध के बाद विजयनगर राज्य का विघटन हुआ तथा मैसूर का राज्य अस्तित्त्व में आया।  वर्ष 1776 में टीपू सुल्तान के पिता हैदर अली सत्ता पर काबिज हो गया लेकिन वह मैसूर के द्वितीय युद्ध जो कि 1780 से 1784 तक लड़ा गया था, उसमें मारा गया, जिसके बाद टीपू सुल्तान मैसूर का शासक बना।

इसके बाद तो टीपू का कहर बढ़ता गया। हिन्दू, ईसाई या फिर कोई अन्य धर्म, टीपू ने किसी को भी नहीं छोड़ा। टीपू ने नैयर एवं कोडवा नामक हिन्दू समुदायों पर भी भयानक अत्याचार किए। उन्हें भी इस्लाम स्वीकार करने पर विवश किया गया तथा जिन्होंने इस्लाम स्वीकार नहीं किया, उन्हें मार दिया गया। टीपू ने 50 हजार नैयर स्त्री-पुरुष एवं बच्चों को पकड़कर एक किले में बंद कर दिया। इस कारण नैयर समुदाय अंग्रेजों के साथ हो गया। ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने नैयरों के सहयोग से ही टीपू सुल्तान को तृतीय एंग्लो-मैसूर युद्ध में पराजित किया था।

वर्ष 1783 में कुरुल के नवाब रुस्तम खान ने कुर्ग के कोडवा हिन्दुओं पर हमला करके लगभग 60 हज़ार कोडवा लोगों को मार डाला तथा कई हजार स्त्री-पुरुषों को पकड़कर बंदी बना लिया। इस आक्रमण से भयभीत होकर 40 हजार कोडवा हिन्दू जंगलों एवं पहाड़ों में भाग गए। बंदी बनाए गए लगभग 40 हजार स्त्री-पुरुष एवं बच्चों को जबरदस्ती मुसलमान बनाया गया। ब्रिटिश प्रशासक मार्क विल्क्स ने पीड़ित कोडवा लोगों की संख्या 70 हजार दी है। अंग्रेज इतिहासकार लेविस राइस तथा मीर किरमानी ने लिखा है कि कुर्ग अभियान में बंदी पीड़ित स्त्री, पुरुष एवं बच्चों की संख्या 80 हजार थी। टीपू ने रुस्तम को लिखे एक पत्र में भी मुसलमान बनाकर सम्मानित किए गए कोडवा हिन्दुओं की संख्या 80 हजार दी है।

वर्ष 1788 में टीपू ने कालीकट के गवर्नर शेरखान को आदेश दिया कि वहां भी हिन्दुओं को मुसलमान बनाने का काम आरम्भ किया जाए। जुलाई 1788 में कालीकट में 200 ब्राह्मणों को गौ-मांस खिलाकर मुसलमान बनाया गया। 9 जनवरी 1790 को टीपू ने बेकल के गवर्नर को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि- ‘क्या तुम्हें पता नहीं है कि मैंने हाल ही में मलाबार पर विजय प्राप्त की है तथा 4 लाख हिन्दुओं को मुसलमान बनाया हैं। मैं त्रावणकोर के राजा रमन नैयर के विरुद्ध भी शीघ्र ही अभियान चलाने का दृढ़ निश्चय रखता हूँ। उसे तथा उसकी प्रजा को मुसलमान बनाने के लिए उत्साही हूँ। इसलिए मैंने श्रीरंगपट्टनम लौट जाने का निश्चय त्याग दिया हैं।‘

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टीपू सुलतान ने किस प्रकार का नरसंहार किया है। यही नहीं श्रीरंगपट्टण में स्थित टीपू के महल से मिली तलवार पर एक लेख लिखा है जिसमें अल्लाह से काफिरों के सर्वनाश की प्रार्थना की गई है। वह लिखावट कुछ इस प्रकार है।

‘मेरे मालिक मेरी सहायता कर कि, मैं संसार से काफिरों(गैर मुसलमान) को समाप्त कर दूँ”

उपरोक्त अनुवाद, जैसा कि इतिहासकार सी. हयवदना राव द्वारा लिखित मैसूर गजेटियर वॉल्यूम II से लिया गया है, इस्लाम पैगंबर मुहम्मद की प्रशंसा करता है और काफिरों के विनाश के लिए टीपू सुल्तान के विचारों को बताता है।

ऐसे ही सिक्कों और कई स्थानों पर भी गैर-मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार के सबूत मिलते हैं। टीपू के शब्दों में ” यदि सारी दुनिया भी मुझे मिल जाए,तब भी में हिंदू मंदिरों को नष्ट करने से नही रुकुंगा।” फ्रीडम स्ट्रगल इन केरल नाम की किताब में यह कथन मिलता है। वहीं ” दी मैसूर गजेटियर” में लिखा है, “टीपू ने लगभग 1000 मंदिरों को ध्वस्त किया था। यह सब स्कूल के पाठ्यक्रम में पढ़ाया ही नहीं जाता।

इसलिए टीपू सुल्तान से जुड़े पाठ्यक्रम को हटाने की बजाय उसकी करतूतों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी को यह पता चल सके कि टीपू सूलतान गैर-मुसलमानों से कितनी नफरत करता था।

Tags: कर्नाटकटीपू सुल्तानभाजपा
शेयर203ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इल्हान उमर – एक भारत-विरोधी, मोदी-विरोधी, हिंदू-विरोधी, जिहादी और कट्टरपंथी अमेरिकी नेता

अगली पोस्ट

पूरा विश्व ध्यान करने के लिए भारत आता है, राहुल ध्यान करने के लिए भारत से बाहर जाते हैं

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited