TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कैला देवी मंदिर करौली का इतिहास, कहानी और महत्व

TFI Desk द्वारा TFI Desk
8 December 2019
in धार्मिक कथा
कैला देवी मंदिर करौली

PC : Kaila Devi Temple

Share on FacebookShare on X

माँ कैला देवी की कहानी

राजस्थान के करौली में कैला देवी का मंदिर विश्वभर में बहुत प्रसिद्द मंदिर है। मां दुर्गा के अनेक अवतार हैं। उन्हीं में से एक रूप है – कैला देवी। उत्तर भारत में कैला देवी के मंदिर को प्रसिद्ध दुर्गा मंदिरों में से एक माना जाता है। लोग यहां मनोकामनाओं के साथ आते तो हैं लेकिन वापस खाली हाथ नहीं जाते हैं। वे करौली के प्रसिद्ध व प्राचीन शक्तिपीठ में विराजमान हैं।

हर साल कैला देवी के मेले में लाखों श्रद्धालु मां के दरबार में शीश झुकाते हैं। राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों से भी यहां श्रद्धालु आते हैं और मां को नमन करते हैं। मान्यताओं के अनुसार माता देवकी के दुष्‍ट भाई कंस को जब से यह पता लगा था कि बहन की संतान ही उसकी मौत का कारण बनेगी तब से वह एक के बाद एक देवकी की संतान को मारता जा रहा था। इसी प्रकार से जब देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान कृष्‍ण का जन्‍म हुआ तो उसी वक्‍त गोकुल में यशोदा और नंद के घर में बेटी का जन्‍म हुआ।

संबंधितपोस्ट

RBI ने नहीं बेचा सोना, गलत रिपोर्ट पर ब्लूमबर्ग को लेना पड़ा यू-टर्न

अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को लेकर पेमा खांडू का पलटवार, बोले- भारत की सीमा चीन नहीं, तिब्बत से लगती है

पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

और लोड करें

इसके बाद वसुदेव कृष्‍ण को गोकुल जाकर छोड़ आए और नंदरायजी की बेटी को अपने साथ मथुरा ले आए। कंस को जब पता लगा कि देवकी की आठवीं संतान हो चुकी है तो वह उसे मारने पहुंचा। कंस ने उसे मारने के लिए जैसे ही शिला पर पटका वह देवी के रूप में प्रकट होकर आकाश में चली गईं। यह देवी योगमाया थीं। उस देवी ने कंस को बताया कि तुम्हारा अंत करने वाला जन्म से चुका है। देवी भागवत पुराण के अनुसार इसके बाद देवी विंध्य पर्वत पर विंध्यवासिनी देवी के रूप में निवास करने लगीं। एक अन्य मत है कि कंस से छूटकर देवी राजस्‍थान में कैला देवी के रूप में विराजमान हुईं।

एक अन्य कथा के अनुसार, पहले इस इलाके में घने जंगल थे। उनमें एक भयानक राक्षस रहता था। उसका नाम नरकासुर था। उसने भयंकर आतंक मचाया। भक्तों की करुण पुकार पर मां प्रकट हुईं। उन्होंने अपनी शक्ति से नरकासुर का वध कर दिया। माता की वह शक्ति आज प्रतिमा में विराजमान है।

और पढ़े : हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी (Choti Kashi), के भव्य मंदिर और पर्यटन स्थल

कैला देवी या करौली मैय्या

कैला देवी शक्ति, महायोगिनी माया के अवतार के रूप में प्रतिष्ठित हैं, जिन्होंने नंद-यशोदा की संतान के रूप में जन्म लिया था। भगवान कृष्ण के पिता, वासुदेव को भगवान विष्णु ने यशोदा मैय्या के साथ कृष्ण को छोड़ने और अपनी नवजात बेटी को वापस अपने साथ उस कोठरी में ले जाने के लिए कहा था जहां उन्हें कंस ने कैद किया था। जब कंस ने बच्चे को मारने की कोशिश की, तो उसने अपना दिव्य रूप धारण कर लिया और उसे बताया कि शिशु भगवान कृष्ण पहले से ही सुरक्षित और स्वस्थ थे। उन्हें अब कैला देवी या करौली मैय्या के रूप में पूजा जाता है।

कैला देवी जी का विस्तृत वर्णन स्कंद पुराण में 65वें अध्याय में दिया गया है, जिसमें देवी जी घोषणा करती हैं कि कलयुग में उनका नाम कैला होगा और उनके भक्त उन्हें कैलेश्वरी के रूप में पूजेंगे।

करौली जिले के कैलादेवी गांव में स्थित है। देवी कैला देवी जी को समर्पित है और दुनिया भर में कई लोग उन्हें मौलिक ऊर्जा के अवतार के रूप में पूजते हैं। कैला देवी मंदिर अपने इतिहास और भक्तों के कारण राजस्थान में प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जो मंदिर में दर्शन करने और श्री कैला देवी जी की पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं। यह अपनी आकर्षक कहानी के लिए भी प्रसिद्ध है जो भगवान कृष्ण के अवतार से जुड़ी हुई है। स्कंद पुराण के अनुसार कैला देवी उसी देवी महायोगिनी महामाया का एक रूप है, जिन्होंने नंद और यशोदा के घर में जन्म लिया और उनकी जगह भगवान कृष्ण को ले लिया और जब कंस ने उन्हें मारने की कोशिश की, तो उन्होंने उन्हें अपना देवी रूप दिखाया और कहा कि जिसे आप मारना चाहते हैं पहले ही जन्म ले चुका है। उस देवी को अब कैला देवी के रूप में पूजा जाता है।

कैला देवी का हिंदू समुदाय में महत्वपूर्ण स्थान है। मंदिर के मुख्य स्थान पर श्री कैला देवी और चामुंडा देवी की मूर्ति एक साथ विराजमान है। बड़ी वाली श्री कैला देवी की है और उनकी प्रतिमा थोड़ी मुड़ी हुई है। चामुंडा देवी की मूर्ति महाराजा गोपाल सिंह द्वारा स्थापित की गई थी जिसे वे गंगरौं किले से लाए थे। मंदिर का निर्माण पत्थरों से किया गया है और इसमें एक बड़ा आंगन है और मंदिर की दीवारों पर अन्य देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं। मंदिर परिसर के अंदर, भगवान शिव, भगवान गणेश, और भार जी, और हनुमान जी के मंदिर हैं, जिन्हें लंगुरिया के रूप में पूजा जाता है, और भैरव जी, हनुमान जी और कैला देवी जी से संबंधित कई लोक गीत हैं। एक कुंड है जिसे अर्जुन पाल जी ने बनवाया था और यह कम उम्र में इस क्षेत्र में पानी के सबसे बड़े मानव निर्मित स्रोतों में से एक था।

मंदिर की भव्यता और यहां का सुखद वातावरण इसे राजस्थान के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक बनाता है। मंदिर के इतिहास से जुड़ी कई कहानियां हैं और स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर की दिव्यता की कई कहानियां सुनने को मिलती हैं। कैला देवी मंदिर के प्रमुख लोकप्रिय आकर्षणों में से एक, जो इसे राजस्थान में एक प्रसिद्ध मंदिर बनाता है, कैला देवी मंदिर का वार्षिक उत्सव मेला है जो हर साल चैत्र महीने के दौरान होता है।

और पढ़े :  सोमनाथ मंदिर: नेहरू ने किया था अनदेखा, पटेल ने किया जीर्णोद्धार और अब PM मोदी कर रहे हैं इसका पुनर्विकास  

कैला देवी मंदिर का इतिहास

मंदिर के बारे में ऐसा कोई इतिहास नहीं है। मंदिर कैला देवी गांव के बरकत नगर में है। मंदिर में तीन मूर्तियाँ हैं- एक कैला देवी की है, दूसरी भोमिया जी की है और तीसरी भेरू जी महाराज की है। कैला देवी मंदिर हर साल भाद्रपद के महीने में एक यात्रा भी आयोजित करता है। कैला देवी ट्रस्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन की धार्मिक और धर्मार्थ गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है।

कैला देवी मंदिर कैसे पहुंचे?

यह गांव गंगापुर के प्रमुख रेलवे स्टेशन से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है जो देश के अन्य शहरों से जुड़ा हुआ है। मंदिर तक पहुंचने के लिए बसें भी उपलब्ध हैं।

आसपास के आकर्षण

कोई भी मंदिर में और उसके आस-पास विभिन्न काम कर सकता है जिसमें शामिल हैं:

रणथंभौर अभयारण्य की यात्रा। नक्कश की देवी- गोमती धाम की यात्रा श्री महावीरजी मंदिर की यात्रा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की यात्रा बरबासिन मंदिर कैला देवी का वार्षिक मेलाकैला देवी की यात्रा और अन्य
इन चीजों के अलावा और भी कई चीजें हैं जो मंदिर के अंदर देखी जा सकती हैं।

खुलने/बंद होने का समय और दिन

मंदिर सप्ताह में सभी दिन सुबह 08:00 बजे से शाम 09:00 बजे तक खुला रहता है।

प्रवेश शुल्क

मंदिर में प्रवेश करने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं देना पड़ता है।

यात्रा करने का सबसे अच्छा समय

मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय सर्दियों के मौसम के दौरान होता है क्योंकि मौसम दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए उपयुक्त रहेगा। इसके अलावा, मेले और त्योहार के दौरान मंदिर का दौरा सबसे अच्छा होगा और यात्रा के दौरान भी जो क्रमशः चैत्र और भाद्रपद के महीने में होती है।

और पढ़े : गोमती चक्र क्या है और कैसे इसके चमत्कारी उपाय बादल सकते हैं आपका जीवन

शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रेप और आतंकी मामलों का सांप्रदायिकरण न करने की बात करने वाले लिबरल्स #HangBrahminRapists ट्रेंड करवा रहे हैं

अगली पोस्ट

आर्थिक मंदी की नींव डालने वाले रघुराम राजन आज सरकार को ही इसके लिए कोस रहे हैं

संबंधित पोस्ट

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा
चर्चित

हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

2 April 2026

चैत्र मास की पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी दिन भगवान हनुमान का जन्मोत्सव बड़े श्रद्धा और उत्साह के...

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी
इतिहास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

26 March 2026

राम नवमी हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लेकिन,...

राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ
चर्चित

कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

26 March 2026

काकालचक्र की गति तेज है, वह घूम रहा है। घूमते - घूमते पीछे जा रहा है- बहुत पीछे। इतिहास के पृष्ठ फड़फड़ाते हुए हमें ले...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited