TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

PM मोदी के ‘लखटकिया चश्मे’ पर इतना शोर क्यों? क्या देश के प्रधानमंत्री को इतना भी अधिकार नहीं?

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
27 December 2019
in चर्चित
PM मोदी के ‘लखटकिया चश्मे’ पर इतना शोर क्यों? क्या देश के प्रधानमंत्री को इतना भी अधिकार नहीं?

PC: Amar Ujala

Share on FacebookShare on X

कल साल का आखिरी सूर्य ग्रहण था और सभी की तरह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में भी इस ग्रहण को देखने की उत्सुकता थी। इसी वजह से वो केरल पहुँच गए और सूर्य ग्रहण देखते हुए अपनी एक फोटो ट्वीटर पर शेयर की। इसके बाद तो मोदी विरोधियों का पूरा इकोसिस्टम एक्टिव हो गया और उनकी फोटो को ज़ूम कर जांच पड़ताल करने लगा। इसी पड़ताल में इस गैंग ने पाया कि मोदी जी का चश्मा जर्मनी की मेबैक(Maybach) कंपनी की है जिसकी कीमत एक लाख से ऊपर की है। बस फिर क्या था प्रधानमंत्री मोदी को इतने महंगे चश्मे के लिए ट्रोल किया जाने लगा। अब ऐसे लोगों से मैं यह पूछना चाहता हूं कि आखिर देश के प्रधानमंत्री महंगे चश्मे या महंगे कपड़े क्यों न पहने? क्या भारत के प्रधानमंत्री को इतना भी हक़ नहीं है? स्वतन्त्रता के बाद से आज तक सभी नेता, पत्रकार, और एक्टिविस्ट सभी गरीबी ही बेचते आये हैं और देश की जनता को बेवकूफ बना कर खुद रुपये विदेशों में जमा करते रहे हैं। उनसे तो यह लाख गुना अच्छा ही है।

दरअसल, जब प्रधानमंत्री ने अपनी फोटो ट्विटर पर शेयर की तभी एक यूजर ने उनकी फोटो पर कमेंट किया कि इस फोटो के बहुत मीम बनेंगे। इसपर प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि “आपका स्वागत है, आनंद लीजिए”। इसके बाद ट्विटर पर क #CoolestPM)  भी ट्रेंड करने लगा।

संबंधितपोस्ट

12 साल की बच्ची की मौत के बाद उठा बड़ा सवाल: क्या सोशल मीडिया के एल्गोरिद्म भी जिम्मेदार हैं?

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

और लोड करें

Most welcome….enjoy :) https://t.co/uSFlDp0Ogm

— Narendra Modi (@narendramodi) December 26, 2019

परंतु, मोदी विरोधियों को यह हजम नहीं हुआ और वे लगे फोटो की चीर-फाड़ करने और इसी दौरान उन्हें चश्में की कंपनी दिखी और वे इसी से प्रधानमंत्री का मज़ाक उड़ाने लगे।

https://twitter.com/Radhika_Khera/status/1210083893224689665

एक यूजर ने मोदी के इस चश्मे को जर्मनी का चश्मा बताया और साथ ही कीमत का ब्यौरा भी पेश किया है। चश्मे की कीमत जानने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कामेंट करने लगे। वहीं एक यूजर ने लिखा, “सर हमको भी फकीरी का अनुभव करना है। हमको भी 1.5 लाख का चश्मा पहनने की इच्छा है।” तो वहीं दूसरे यूजर ने लिखा “ये देश का पैसा है चाय वाला 1.5 लाख का चश्मा लगा रहा है”।

 

#BrandedFakeer
Childhood Today pic.twitter.com/UKNl7mWvVf

— Zoheb ज़ोहेब زوہیب (@Zoheb_Sh) December 26, 2019

 

यह सोचने वाली बात है कि देश के प्रधानमंत्री के कपड़ों और चश्मा का इस तरह से मज़ाक उड़ाया जा रहा है। स्वतन्त्रता से ही देश के नेता गरीबी का दिखावा कर देश की जनता को लूटते आए है। भारत की राजनीति में गरीबी और साम्यवाद को दिखा कर वोट पाने का पुराना इतिहास रहा है।

आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का मान सम्मान बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री विश्व के प्रमुख हस्तियों में गिने जाते हैं। परंतु कल में जीने वाले लोगों की मानसिकता में कोई परिवर्तन नजर नहीं आ रहा और वो चाहते हैं कि देश दुनिया के दूसरे देशों के सामने गरीब ही दिखे और देश का प्रधानमंत्री फटे कुर्ते पहन का देश के गरीब होने का दिखावा करे। इसी गरीबी का दिखावा करने की मानसिकता ने हमें आज भी गरीब बना कर रखा हुआ है, जिससे निकलने की आवश्यकता है। ऐसे ही लोग किसी की सफलता पर खून के आँसू रोते हैं, उसे बद्दुआ देते है। कांग्रेस और उसके इकोसिस्टम में गांधी परिवार के तलवे चाटने वालों को आज भी यह विश्वास नहीं होता है कि कैसे एक सामान्य परिवार का व्यक्ति प्रधानमंत्री बन गया और वह भी कांग्रेस के सहारे के बिना। यही खीझ समय-समय पर बाहर आती रहती है। कुछ समय पहले ही राहुल गांधी की एक तस्वीर सामने आई थी जिसमें वे अपने कुर्ते से फटे जेब से हाथ निकाल कर दिखा रहे हैं कि उनका कुर्ता फटा है।

अब जनता तो इतनी मूर्ख नहीं है कि उसे राहुल गांधी के बारे में पता न हो या उनके नाम विदेशों में जमा धन को लेकर अनजान हों, लेकिन फिर भी दिखावे के लिए फटा कुर्ता दिखाना था। हालांकि, जनता ने लोक सभा चुनाव में इसी दिखावे का परिणाम भी दे दिया जो गरीबी बेच कर वोट पाने की चाहत रखते थे।

आज हमे गर्व करना चाहिए कि एक सामान्य परिवार से आया हुआ व्यक्ति अपनी मेहनत से पहले गुजरात जैसे राज्य का मुख्यमंत्री बनता है, और फिर विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश का प्रधानमंत्री बनता है। अब जब वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन ही सकता है तो वह अपनी पसंद की चीजें क्यों नहीं पहन सकता? क्या प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए मिलने वाली सैलरी में वो इतना भी अफ्फोर्ड नहीं कर सकते ? आखिर भारत जैसे देश जिसे एक जमाने में सोने की चिड़िया कहा जाता था, उसका प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति को अच्छे कपड़े और महंगे चश्मे पहनने का भी अधिकार नहीं है? आखिर ये लोग चाहते क्या हैं कि देश का प्रधानमंत्री जो 130 करोड़ जनता का विश्व के सामने प्रतिनिधि है वह गरीब ही दिखे? ऐसे लोगों के लिए चुल्लू भर पानी भी अधिक है। अब देश बदल रहा है और इस देश को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो सनातन धर्म से जुड़े होने के साथ साथ tech-savy भी है और विश्व के शीर्ष नेताओं में गिने जाते हैं।

शेयर8ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यूपी पुलिस ने दंगाइयों को पीटा, जुर्माना लगाया और किया बेनकाब, लिबरल्स के प्रोपेगंडा को भी किया ध्वस्त

अगली पोस्ट

“मैं उपद्रवियों के घर क्यों जाऊंगा?” UP सरकार के मंत्री ने मिलने से किया मना, जबकि प्रियंका ने की मुलाकात

संबंधित पोस्ट

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी
चर्चित

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

19 June 2026

भारत स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum-WEF)...

रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम
चर्चित

रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

16 June 2026

एक ऐसा मामला सामने आय़ा है जिसे जानकर सभी हैरान है, आज तक आपने ये सुना था कि मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की को धोखा दिया,...

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास
चर्चित

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

13 June 2026

भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited