TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

एंटी-CAA उपद्रवियों ने दिल्ली में एक पुलिस वाले को मार डाला, और liberals इसका दोष कपिल मिश्रा पर मढ़ रहे हैं

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
25 February 2020
in मत
एंटी-CAA उपद्रवियों ने दिल्ली में एक पुलिस वाले को मार डाला, और liberals इसका दोष कपिल मिश्रा पर मढ़ रहे हैं
Share on FacebookShare on X

सोमवार को सीएए विरोधी हिंसा ने सभी सीमाएं लांघ दी, जब जाफराबाद, मौजपुर और पूर्वोत्तर दिल्ली के अन्य इलाकों में दंगाइयों ने खूब उत्पात मचाया। कई जगह तो इलाकों को मैदान ए जंग में परिवर्तित करते हुए दंगाई दिल्ली पुलिस और आम नागरिकों के खिलाफ हिंसा करने से भी बाज़ नहीं आये। इस स्थिति ने एक भयानक मोड़ तब लिया जब दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल, रतन लाल को दंगाइयों के पत्थरों के कारण अपनी जान से हाथ धोना पड़ा, और डीसीपी अमित शर्मा भी दंगाइयों के उपद्रव के कारण घायल हो गए।

सीएए विरोध के नाम पर जिस तरह से दंगाइयों को हिंसा फैलाने के लिए भड़काया जा रहा है, और दिल्ली को जंग के मैदान में परिवर्तित किया जा रहा है, उससे साफ है कि अपना राजनीतिक हित साधने के लिए कुछ लोग निर्दोषों की बलि चढ़ाने तक को तैयार हैं। परंतु कुछ निहायती बेशर्म लोग इसमें भी प्रोपगैंडा चलाना चाहते हैं और यही कारण है कि वे सारा दोष भाजपा नेता कपिल मिश्रा पर डाल रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

6 दिसंबर के दिन राजधानी को दहलाने की थी तैयारी, पहले हो गया धमाका! ‘बाबरी विध्वंस’ के दिन 6 बड़े हमलों की तैयारी में थे आतंकी

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

I stand For India: ऑपरेशन सिंदूर पर फेक नैरेटिव के खिलाफ अभियान का शंखनाद , ताकि सेना के शौर्य पर कोई न उठाए सवाल

और लोड करें

कपिल मिश्रा को बलि का बकरा बनाने की शुरुआत बरखा दत्त से बेहतर कौन करता? बरखा ट्वीट करती हैं, “दिल्ली पुलिस का हैड कांस्टेबल रतन लाल हिंसक प्रदर्शनों के कारण मारा जाता है। ये काफी दर्दनाक है। परंतु ये कपिल मिश्रा के अल्टिमेटम के ठीक एक दिन बाद हुआ, जब उन्होंने कहा कि सभी प्रदर्शनों को हटाओ वरना….. जो भी जिम्मेदार है उसे तुरंत गिरफ्तार करो”।

वहीं, जावेद अख्तर भी इसमें कहां पीछे रहते उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में हिंसा का स्तर बढ़ता ही जा रहा है। सभी कपिल मिश्रा धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। एक माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें औसत दिल्लीवासियों को यह समझाया जा रहा है कि यह सब सीएए के विरोध प्रदर्शन के कारण हो रहा है और कुछ ही दिनों बाद दिल्ली पुलिस अपने ‘आखिरी समाधान’ पर पहुंचेगी।’

the level of violence is being increased in Delhi . All the Kapil Mishras are being unleashed . An atmosphere is being created to convince an average Delhiite that it is all because of the anti CAA protest and in a few days the Delhi Police will go for “ the final solution “

— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 25, 2020

घर फूँक कर तमाशा देखना शायद इसी को कहते हैं। यहाँ पर दोषी कौन है, ये सभी को पता है, फिर भी दोष उस व्यक्ति पर डालना चाहते हैं, जिसकी दंगा भड़काने में कोई भूमिका नहीं है। अब सवाल तो उठता ही है कि क्या अराजकता को रोकने की अपील करना और सड़कें खाली कराना दंगे भड़काने का आवाहन है?

असल में सीएए विरोधी दंगाइयो ने रविवार से ही मोर्चा संभाल लिया था। उद्देश्य स्पष्ट था – डोनाल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा में खलल डालना और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना। विश्वास नहीं होता, तो इन ट्वीट्स को एक बार ध्यान से देखिये

https://twitter.com/TrulyMonica/status/1231466146773159941

After Jafrabad, protestors have blocked roads in Khureji. This was done after Bharat Bandh call by Bheem Army. pic.twitter.com/h6ESJXTuft

— Sapna Madan (@sapnamadan) February 23, 2020

https://twitter.com/Soumyadipta/status/1231438839941672960

 

शाहीन बाग को दिल्ली में दोहराने के उद्देश्य से सीएए विरोधी दंगाइयों ने जाफराबाद में रोड नंबर 66को ब्लॉक कर दिया था और मौजपुर में कपिल मिश्रा द्वारा निकाली गयी सीएए समर्थक रैली पर पत्थर भी बरसाए थे। इसमें कोई संदेह नहीं है कि दंगाइयों में अधिकांश लोग सीएए विरोधी दंगाई और इस्लामी कट्टरपंथी थे। इसके बाद भी सीएए समर्थक गुट को इन सभी कामों के लिए दोषी बनाया जा रहा है, जो न सिर्फ अतार्किक है, बल्कि इनके कुत्सित मानसिकता पर भी प्रकाश डालता है।

जहां तक कपिल मिश्रा की बात आती है, तो ये सोचना भी हास्यास्पद होगा कि उनके बयान दिल्ली के एक पूरे क्षेत्र में दंगे कराने के लिए पर्याप्त हैं। वे इतने भी लोकप्रिय नेता नहीं है, और दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी उन्हें हार मिली थी। कपिल मिश्रा के बयान शायद अपरिपक्व हो सकते हैं, पर भड़काऊ नहीं, और वे वारिस पठान जितने भड़काऊ तो बिलकुल नहीं है, जो कहता है, “अब वक्त आ चुका है, हमें बताया गया है कि हमारी माँओं और बहनों को मोर्चे पर भेजा गया है। आपको हमारी शेरनियों के मोर्चा संभालने से ही पसीने छूटने लगे। सोचो तब क्या होगा जब हम एक होंगे। हम 15 करोड़ हो सकते हैं, पर 100 करोड़ पर भारी हैं, याद रखना”।

ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की वारिस पठान के बयानों ने दिल्ली में दंगे भड़काए, और कुछ हद तक तो इसमें शर्जील इमाम के भड़काऊ बयानों का भी हाथ रहा है, जिससे अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का त ध्यान इनकी ओर आकर्षित हो सके।

वास्तव में 15 दिसंबर के बाद से दिल्ली में हिंसा भड़काने का काम तो सीएए विरोधी लॉबी ने किया है, जिसमें मुख्य रूप से  AAP विधायकों- अमानतुल्ला खान और अब्दुल रहमान जैसे कट्टरपंथी शामिल है। अमानतुल्ला खान या अब्दुल रहमान के बयान कपिल मिश्रा से न केवल अधिक उत्तेजक हैं, बल्कि दिल्ली चुनाव भी जीत चुके हैं। क्या उनपर दंगों को भड़काने के लिए कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए?

यदि गैर जिम्मेदाराना बयान दंगाइयों को उकसाने का मापदंड है, तो इस हिसाब दिल्ली के मंत्री मनीष सिसोदिया भी दिसंबर में जामिया नगर हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए दोषी है। दिल्ली पुलिस के विरुद्ध फर्जी खबरें फैलाकर दंगे भड़काने में इस व्यक्ति का भी बराबर का हाथ रहा है।

न केवल राष्ट्रीय राजधानी में, बल्कि देश भर में, विरोधी सीएए दंगाइयों ने हिंसा को बढ़ावा देने का एक कॉमन कनैक्शन रहा है। गुवाहाटी से लखनऊ तक, सीएए पर हिंसा का हर एक कार्य दंगाइयों-पीएफआई के गठबंधन से जुड़ा है।

हाल ही में हुई हिंसा में भी इस्लामिक कट्टरपंथ की स्पष्ट भूमिका सामने आई है। दिल्ली पुलिस के जवानों पर आठ राउंड फायर करने वाले व्यक्ति का नाम मुहम्मद शाहरुख निकला। इससे कपिल मिश्रा द्वारा दंगा भड़काए जाने के अफवाहों पर भी विराम लगता है। यहाँ दोषी की पहचान उजागर हो चुकी है, और एक बार फिर पीएफ़आई जैसे आतंकी संगठन के हाथ दिल्ली पुलिस और निर्दोष दिल्लीवासियों के खून से रंगी हुई है –

https://twitter.com/ippatel/status/1231969615540031490

Delhi Police: The man in a red t-shirt who opened fire at police during violence in North East #Delhi today has been identified as Shahrukh. pic.twitter.com/xeoI7KpBPh

— ANI (@ANI) February 24, 2020

मौजपुर से संबंधित वीडियो में साफ दिख रहा है कि दंगाइयों की मंशा क्या है। सीएए का शांतिपूर्ण विरोध तो  कुछ नही बल्कि इन दंगाइयों का वास्तविक उद्देश्य केवल और केवल हिंदुओं को डराना और दंगे भड़काना है। एक आदमी वीडियो में चिल्लाते हुए सुना गया, ‘हिन्दू की गाड़ियां जला दी, हिन्दू की दुकानें जला रहे हैं –

All this happening in the National Capital. Can't believe my eyes as I report from ground zero in #Maujpur and witness all this pic.twitter.com/3Uq9Legtpc

— Tanushree Pandey (@TanushreePande) February 24, 2020

वामपंथियों के समूह ने इस मामले को दबाने और दिल्ली पुलिस के हैड कांस्टेबल की हत्या पर देश को भ्रमित करने का एक नाकाम प्रयास किया है। वे सारा दोष कपिल मिश्रा पर मढ़ना चाहते थे, ताकि मुहम्मद शाहरुख और बाकी दंगाइयों पर आंच न आए। पर मुहम्मद शाहरुख हिरासत में लिया जा चुका है, और अब अमित शाह ने भी मामले की कमान अपने हाथ में ले ली है। ऐसे में अब सीएए विरोधी गिरोह की खैर नहीं।

Tags: दिल्ली
शेयर254ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मणिपुर 12वीं बोर्ड की परीक्षा में नेहरू को लेकर ऐसे सवाल पूछे कि कांग्रेसी झुलस गए!

अगली पोस्ट

राजदीप सरदेसाई ने एक बार फिर Fake News फैलाकर अपना छिछालेदर करवाया!

संबंधित पोस्ट

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार
मत

बंगाल में बारूद और बैलेट की जंग: पनिहाटी से भवानीपुर तक हिंसा, तोड़फोड़ और ‘EVM’ पर संग्राम; लोकतंत्र के महापर्व में मची भारी चीख-पुकार

29 April 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का अंतिम और निर्णायक चरण बुधवार को लोकतंत्र के उत्सव से कहीं अधिक 'रणक्षेत्र' जैसा नजर आया। नादिया की शांत गलियों...

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा
चर्चित

लोकतंत्र का महाकुंभ: बंगाल और तमिलनाडु में वोटिंग के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त, सबसे भारी मतदान ने बदली सियासी हवा

24 April 2026

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 24 अप्रैल 2026 की तारीख स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए मतदान ने...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
चर्चित

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

21 April 2026

बंगाल की माटी में बदलाव की चाह कोई अचानक उठी हुई लहर नहीं है, यह एक लंबे समय से संचित असंतोष, आकांक्षा और संभावनाओं का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited