TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देश में गहराया जलसंकट

    भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

    फर्जी नाम से दोस्ती

    बटला हाउस में मुस्लिम युवक के धोखे के बाद हिंदू युवती ने झेला गैंगरेप, प्रताड़ना और धर्म परिवर्तन का दबाव

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल,

    अभिषेक बनर्जी के ‘श्मशान’ वाले बयान पर सियासी बवाल, BJP ने बताया धमकी भरी राजनीति

    गंगा नदी को लेकर सरकार का अहम फैसला

    अलकनंदा-भागीरथी पर नई पनबिजली परियोजनाओं पर रोक, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    रुपये की गिरावट रोकने को आरबीआई देगा ‘कड़वी दवाई’: रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, बढ़ सकती हैं ब्याज दरें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    पाकिस्तान से लाइव हैंडल हो रहा था पहलगाम नरसंहार: NIA चार्जशीट में डिजिटल ट्रेल, लाइव कोऑर्डिनेशन और लोकल नेटवर्क का भंडाफोड़

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी

    सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Keral Muslim Leauge

    मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

    भोजशाला

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ट्रम्प का Middle East कारवां – पूर्ववर्ती शासकों ने मिडिल ईस्ट को बिगाड़ा, अब ट्रम्प संवार रहे हैं

डोनाल्ड ट्रम्प पश्चिम एशिया में बहुत प्रभावी रहे हैं

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
25 August 2020
in विश्व
अमेरिका
Share on FacebookShare on X

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास के शायद सबसे विवादास्पद राष्ट्रपति रहे हैं। अपने चुनाव के पूर्व से अब तक उन्हें किसी न किसी विवाद में घसीटा गया है। ट्रंप की छवि ऐसी बनाई गई है जैसे वे शांति के विरोधी हैं। वहीं उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा को शांति के लिए नोबल पुरस्कार मिला था। लेकिन क्या वाकई ट्रंप जैसे दिखाए जाते हैं, वैसे हैं? या बराक ओबामा की नीतियों ने विश्व में शांति स्थापित की ?

वास्तव में परिस्थितियां उसके बिल्कुल विपरीत हैं जैसा प्रचारित किया गया है। ओबामा का शासन भयंकर नीतिगत गलतियों का शासन था। उनकी गलत नीतियों का नतीजा पूरे मध्य एशिया और यूरोप को भुगतना पड़ा।

संबंधितपोस्ट

भीषण गर्मी के साथ देश में गहराया जलसंकट, पानी के लिए जूझ रहे लोग

चीन की चुनौती के बीच दिल्ली में जुटीं क्वाड शक्तियां, भारत ने संभाली रणनीतिक नेतृत्व की कमान

अभी की गर्मी झांकी है, असल खतरा बाकी है! धधकती भट्टी बनेगी धरती, सुनाई दे रही अकाल की आहट

और लोड करें

वस्तुतः ट्रंप ने अमेरिका की “शेरिफ ऑफ वर्ल्ड” या विश्व की पुलिसिंग करने की नीति को ही बदल दिया। बता दें कि अमेरिका में पुलिस अधिकारी शेरिफ कहलाते हैं और इसी से विदेश नीति में इस शब्द का चलन हुआ है।

इस नीति के अनुसार अमेरिका हर ऐसे देश में सैन्य हस्तक्षेप करता था जहां उसे मानवाधिकार का उल्लंघन होता दिखाई देता था। इसीलिए दुनिया में उसकी पुलिस की भूमिका रही है।

परंतु वास्तविकता यह थी कि अमेरिका इस नीति का इस्तेमाल अपने हितों को साधने और अपने विरोधीयों को खत्म करने के लिए करता था भले ही वे उसके लिए कोई वास्तविक खतरा न हों।

इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं अमेरिका ने मानवाधिकार के नाम पर इराक और लीबिया जैसे देशों में सैन्य हस्तक्षेप किया जबकि चीन के मानवाधिकार उल्लंघन को अनदेखा करते हुए वहां बड़ी मात्रा में निवेश किया।

अमेरिका की अदूरदर्शी नीतियों ने इराक में ISIS को जन्म दिया। इराक़ आबादी के लिहाज से शिया बाहुल्य वाला देश था लेकिन उसपर सुन्नियों द्वारा संचालित बाथ पार्टी का शासन था। सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में सुन्नी सेना से लेकर प्रशासन तक पूरी स्टेट मशीनरी में काबिज थे। जब अमेरिका ने सद्दाम हुसैन को मारा तो वहाँ लोकतंत्र की स्थापना कर दी। लोकतंत्र जो बहुमत का शासन है, उसने सुन्नियों को पूरी तरह से शक्ति से बाहर कर दिया। जैसे ही अमेरिका ने अपनी सेना वहां से हटाई सुन्नियों ने मिलकर वहां की सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया।

इसी सुन्नी धड़े की वजह से ISIS का जन्म हुआ। ISIS एक साधारण आतंकी संगठन न होकर, पूरी सरकारी मशीनरी था। जिसमें अर्थव्यवस्था से लेकर कूटनीति तक सबके जानकर थे और उन्हें सद्दाम के शासन में पहले से पर्याप्त तजुर्बा भी हासिल था।

ये सारी मुसीबत सिर्फ दो मूर्खतापूर्ण निर्णयों के कारण हुई। पहली इराक में सैन्य हस्तक्षेप और दूसरी असमय वहां से अमेरिका की सेना का हट जाना। पहला निर्णय जॉर्ज बुश जूनियर का था जबकि दूसरा बराक ओबामा का थ।

अमेरिका में आम प्रचलित धारणा की विश्व शांति के लिए अमेरिका के लिए युद्ध आवश्यक थे, उसे भी ट्रंप ने तोड़ दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मानवाधिकार उल्लंघन को रोकने के लिए ये युद्ध लड़े गए तो आज कौन सा उन देशों में मानवाधिकारों का हनन नहीं हो रहा, बल्कि यह पहले से अधिक हो गया है। ट्रंप ने इराक को आतंक का अड्डा कहा था और साथ ही यह भी कहा था कि अगर सद्दाम हुसैन जिंदा होता तो वह एक भी आतंकी को पैदा न होने देता। उन्हें तुरंत मार देता। यह सुनने में अटपटा भले लगे लेकिन यह सत्य है कि आज इराक़ में पहले से अधिक हिंसा और मानवाधिकार हनन हो रहा है, और यह भी सत्य है कि सद्दाम का शासन इराक़ के लिए भले अभिशाप था लेकिन आज के हालात से फिर भी बेहतर था। उसने अपने विरोधियों को मरवाया लेकिन कभी आतंकवाद को पनाह नहीं दी।

मध्य एशिया को ट्रम्प के पूर्ववर्तियों ने कैसे बर्बाद किया इराक़ इसका बस एक ही उदाहरण नहीं है। इसी प्रकार बराक ओबामा ने लीबिया में भी कर्नल मुअम्मर गद्दाफी को अपदस्थ कर दिया। इस बार भी मानवाधिकार उल्लंघन ही कारण था। लेकिन नतीजा यह हुआ कि आज लगभग एक दशक होने वाला है और सीरिया अभी भी गृहयुद्ध में उलझा है। यही हाल सीरिया में हुए जहां बशर अल असद को हटाने के प्रयास में इराक़ जैसे ही शक्ति शून्यता के हालात पैदा हुए और ISIS का वहाँ भी प्रभाव बन गया।

जब ट्रंप शासन में आये तो इराक़, लीबिया और सीरिया में ISIS अपनी शक्ति के चरम पर था। पूरी दुनिया से मुसलमान उसमें भर्ती होने के लिए जा रहे थे। शरणार्थियों के जत्थे भागकर यूरोप की ओर जा रहे थे। पूरे यूरोप में शरणार्थी समस्या बन गए थे।

ट्रंप ने इस परिस्थिति से मध्य एशिया को निकाला। उन्होंने ISIS की शक्ति को खत्म किया। सीरिया में एक शांतिपूर्ण माहौल पैदा होने की संभावना है, यद्यपि अब भी यह तय नहीं कि यह शांति दीर्घकालिक होगी, लेकिन इतना तय है कि वहाँ अब पहले से बेहतर हालात हैं। ISIS को कुर्दों ने अमेरिका की सहायता से हरा दिया है और अब कम से कम तुर्की-कुर्दों तथा कुर्दों और सीरिया की सरकार के बीच शांति स्थापना की उम्मीद की जा सकती है, जो आज से 5 साल पहले असंभव दिखता था। वहीं इराक़ में भी अब शांति स्थापित हो गई है।

निश्चित रूप से अब भी यह नहीं कहा जा सकता कि इन सुधरते हालातों के कब तक ऐसे ही बने रहने की संभावना है लेकिन बहुत कुछ ऐसा है जो इस ओर संकेत करता है कि अब संभवतः मध्य एशिया में शांति होगी।

इसमें सबसे महत्वपूर्ण है ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता के कारण संभव हुआ इज़राइल और UAE का समझौता। इस समझौते के बाद अरब जगत और इजरायल के ऐतिहासिक शत्रुता का अंत होना भी संभव लग रहा है। ये दोनों पक्ष अब मध्य एशिया की स्थिरता और संवृद्धि के लिए प्रयास करेंगे।

आज चीन ट्रंप को वैश्विक शांति का जबकि ट्रंप के विरोध बाइडन और डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता लोकतंत्र का विरोधी करार दे रहे हैं। परंतु सत्य यह है कि ट्रंप ने सफलतापूर्वक वैश्विक शांति की स्थापना में योगदान दिया है।

शेयर56ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

नेहरू का नेवल ब्लंडर- नेहरू ने बर्मा को कोको द्वीप दान कर दिया, आज चीन वहां बैठकर भारत को आँख दिखा रहा है

अगली पोस्ट

YouTube में हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने वाली हीर खान यूपी पुलिस की हिरासत में है

संबंधित पोस्ट

एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा
AMERIKA

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

19 May 2026

India ने साफ कर दिया है कि वह आगे भी Russia से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा, चाहे अमेरिका की तरफ से दी गई प्रतिबंधों...

सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी
AMERIKA

सैन डिएगो मस्जिद में अंधाधुंध गोलीबारी, हमले के बाद दोनों हमलावरों ने की आत्महत्या

19 May 2026

सैन डिएगो में स्थित (इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो में सोमवार को हुई अंधाधुंध गोलीबारी ने पूरे अमेरिका को झकझोर कर रख दिया। इस हमले...

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका
भू-राजनीति

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

23 April 2026

इन पंक्तियों के लिखे जाने तक निष्कर्ष यही है कि अमेरिका-ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited