TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, रोका भाषण

    तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    उड़ीसा सरकार ने तंबाकू और पान पर बैन लगा दिया है।

    ओडिशा सरकार का बड़ा फैसला: गुटखा, पान मसाला और तंबाकू पर पूरे राज्य में बैन

    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    पुलिस ने दोहराया कि ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ भारत में प्रतिबंधित संगठन है

    गणतंत्र दिवस से पहले पन्नून की धमकियों पर सख्त हुई दिल्ली पुलिस, दर्ज हुआ केस

    भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा

    जम्मू-कश्मीर: डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरा, 10 जवानों की मौत, 7 घायल; बचाव अभियान जारी

    गणतंत्र दिवस परेड में हाइपरसोनिक हथियार का प्रदर्शन

    गणतंत्र दिवस परेड में भारत का ‘हाइपरसोनिक’ संदेश! किसी के पास क्यों नहीं है DRDO के इस ‘नेवी किलर’ हथियार की काट ?

    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    W’, एलोन मस्क के X को चुनौती

    यूरोप ‘W’ लॉन्च करने को तैयार, X का विकल्प; क्या यूज़र्स करेंगे स्विच?

    भारत ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनाई स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति

    नियमों वाली दुनिया का भ्रम: भारत ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुना

    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत-चीन युद्ध के 58 वर्ष पूरे – जानिए, नेहरू और मोदी दोनों के चीन से निपटने के तरीके में क्या है अंतर

ये नया भारत है, ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
20 October 2020
in इतिहास
भारत चीन युद्ध 1962
Share on FacebookShare on X

भारत चीन युद्ध 20 अक्टूबर 1962 : 58 वर्ष पूरे

20 अक्टूबर 1962 की सुबह जब अरुणाचल प्रदेश के नामका चू क्षेत्र में तैनात राजपूत रेजीमेंट के जवान अपनी ड्यूटी के लिए तैनात हुए थे, तो उन्हे आभास भी नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।  सुबह 5:14 बजे चीन की पीएलए सेना ने अचानक से धावा बोल दिया। उनके पास टैंक से लेकर मोर्टार, अत्याधुनिक शस्त्र समेत हर सुविधा उपलब्ध थी। देखते ही देखते नामका चू का दक्षिणी छोर पूरी तरह चीन के कब्जे में आ गया। कई भारतीय जवानों को सोते हुए ही पीएलए के सैनिकों ने मौत के घाट उतार दिया। इस त्रासदी ने 1962 के उस भारत चीन युद्ध का आरंभ किया, जिसमें भारत को अंत में पराजय का मुंह देखना पड़ा।

आज इस अनचाहे भारत चीन युद्ध को 58 वर्ष पूरे हुए हैं, लेकिन तब से अब तक ज़मीन आसमान का अंतर आ चुका है। अब का भारत 1962 जैसा बिलकुल नहीं, जिसे आवश्यक शस्त्रों और उपकरणों के अभाव में शत्रु के समक्ष घुटने टेकने पड़े। यह वो भारत नहीं जिसपर निरंतर हमले होते रहे, और तब भी भारत शांति का पाठ पढ़ाता रहे। अब यह वो भारत है, जो शान्तिप्रिय अवश्य है, लेकिन अपने आत्मसम्मान पर जब हमला हो, तो वह शत्रु को न केवल एक करारा सबक सिखाये, अपितु उसे उसके घर में घुसकर भी मारे।

संबंधितपोस्ट

30 मार्च – जब भारत-चीन संघर्ष के बीज आधिकारिक रूप से बोए गए!

और लोड करें

भारत चीन युद्ध 1962 और 2020 के भारत में आकाश पाताल का अंतर है। जब चीन ने 1962 में भारत पर आक्रमण किया, तब भारत के शासन की कमान जवाहर लाल नेहरू के हाथों में थी। उन्होंने ऐसे लोगों की नियुक्ति की थी, जो योग्यता के आधार पर नहीं, अपितु चाटुकारिता के आधार पर चुने गए थे, चाहे वह रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन हो, या फिर भारत के तत्कालीन सैन्य प्रमुख प्राण नाथ थापर हो।

जो भी नेहरू की नीतियों का विरोध करता, उसके लिए परिस्थितियाँ ऐसी बनाई जाती, कि उसे इस्तीफा ही देना पड़ता। उदाहरण के लिए प्राण नाथ थापर से पूर्व के सैन्य प्रमुख, जनरल कोडांडेरा सुबैया थिमैया को ही देख लीजिये। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू द्वारा भारतीय सेना के लिए आवश्यक संसाधनों को गलत जगह केन्द्रित किए जाने [एक Mountain Division को सरकारी बंगले बनाने के लिए उपयोग में लिया जाना] का विरोध किया, और उन्होंने यह भी कहा कि चीन के पीएलए की नीतियों को देखते हुए बॉर्डर पर तैनाती को और अधिक सशक्त किया जाना चाहिए। लेकिन उनकी एक न सुनी गई, और अंत में उन्हें 1961 में अपना त्यागपत्र सौंपना पड़ा।

जब चीन ने भारत पर आक्रमण किया, तो उनके पास हर प्रकार के शस्त्र उपलब्ध थे, जबकि शस्त्रों की उपलब्धता तो दूर की बात, भारतीय सैनिकों के पास युद्धभूमि में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए पर्याप्त टेंट और कपड़े भी नहीं थे। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने सैनिकों को वायुसेना की सहायता से भी वंचित रखा। रचना बिष्ट द्वारा लिखित पुस्तक ‘द ब्रेव’ में इस बात का उल्लेख किया गया कि कैसे भारतीय सैनिकों को सीमित संसाधनों में ही भारत चीन युद्ध लड़ने का आदेश दिया गया था। पुस्तक के एक अंश अनुसार,  “अगर भारतीय सैनिक के पास किसी चीज़ की कमी नहीं थी, तो वो सिर्फ एक चीज़ थी – वीरता।”

लेकिन इन सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिक ने कई मोर्चों पर चीनियों को नाकों चने चबवा दिये। 23 अक्टूबर को जब टोंगपेन ला पर हमला हुआ, तो सूबेदार जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में 1 सिख रेजीमेंट के मात्र 27-28 जवानों ने चीनियों के खेमे में त्राहिमाम मचा दिया। जोगिंदर सिंह एकमात्र सैनिक थे, जिन्हें चीनी सैनिकों द्वारा पकड़ा गया, लेकिन अंतिम सांस तक उन्होंने चीनियों को भारतीय भूमि पर कब्जा नहीं करने दिया।

ऐसे ही 18 नवंबर 1962 को रेजांग ला की रणभूमि में ये सिद्ध हुआ कि वीरता किसे कहते हैं। कुमाऊँ रेजीमेंट के चार्ली कंपनी के मात्र 124 योद्धाओं ने चीनी पीएलए के 2500 से अधिक सैनिकों को दिन में तारे दिखा दिये। हमले में चीनियों द्वारा पकड़े जाने के बावजूद उनके चंगुल से बच निकलने वाले वीर योद्धा, हवलदार निहाल सिंह के अनुसार, “करीब 1300 से अधिक चीनी मारे गए थे। उनकी लाशों से नाला भर गया था। उनकी लाशों को उठाने के लिए कई ट्रक वहाँ आए थे।”

तब से अब में काफी परिवर्तन आ चुका है। अब भारतीय सेना के पास किसी संसाधन की कमी नहीं है, और आवश्यकता पड़ने पर वह चीन को पटक पटक के धो भी सकता था। इसकी नींव तो 1967 में ही पड़ गयी थी, जब चीन द्वारा सिक्किम राज्य पर किए गए हमलों का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। चाहे नाथु ला का मोर्चा हो, या फिर चो ला का, दोनों ही जगह भारतीय सेना के जवानों ने चीनियों को इतनी बुरी तरह धोया कि चीन आज भी भारत चीन युद्ध के बारे में बात करने से पहले हज़ार बार सोचता है।

लेकिन शायद चीन ने इन भारत चीन युद्ध से कोई सबक नहीं लिया, इसलिए उसने पहले 2017 में डोकलाम पठार के जरिये भारत को चुनौती देने का प्रयास किया, और जब भारत ने चीन को बिना एक चांटा जड़े घुटने टेकने पर विवश कर दिया, तो चीन इस अपमान का बदला लेने के लिए काफी आतुर था। फिर आया 2020, जब चीन द्वारा उत्पन्न वुहान वायरस के कारण पूरी दुनिया कराह रही थी। चीन को इस संकट के समय में अपने साम्राज्यवादी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए एक सुनहरा अवसर मिला, और उसने पूर्वी लद्दाख से लेकर दक्षिणी चीन सागर तक हर जगह गुंडई दिखानी शुरू कर दी।

भारतीय सेना ने अपने पोजीशन से कोई समझौता नहीं किया, और इसीलिए वे अपनी जगह डटे रहे। लेकिन चीन को थी अपनी अकड़ दिखाने की ज़िद, और इसीलिए उसने भारत पर गलवान घाटी में घात लगाकर हमला करने की योजना बनाई। लेकिन जब नए भारत ने आतंक का पर्याय पाकिस्तान को कहीं का नहीं छोड़ा, तो भला चीन की क्या बिसात?

2020 के भारत की नीति अब पृथ्वीराज चौहान की आदर्शवादी नीति नहीं, अपितु ललितादित्य मुक्तपीड़ की आक्रामक रक्षा नीति पर आधारित है। गलवान घाटी पर किए गए हमले का भारत ने न केवल मुंहतोड़ जवाब दिया, अपितु चीन को दिन में तारे दिखा दिये। निस्संदेह भारत को 20 जवानों के बलिदान की पीड़ा सहनी पड़ी, लेकिन प्रत्युत्तर में भारत के जवानों ने चीनी खेमे में वो तांडव मचाया कि चीन आज भी अपने मृत सैनिकों की वास्तविक संख्या बताने से कतराता है।

परंतु भारत वहीं पर नहीं रुका। ललितादित्य मुक्तपीड़ मोड एक्टिव कर भारत ने अगस्त में चीनी खेमे में एक बार फिर त्राहिमाम मचाया। चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की एक और कोशिश नाकाम करते जब पेंगोंग त्सो झील के निकट एलएसी पर 29 अगस्त की रात चीन ने धावा बोला, तो भारतीय सैनिकों ने न केवल इस आक्रमण को ध्वस्त किया, अपितु चीनी सैनिकों को दुम दबाकर भागने पर विवश भी किया।

भारतीयों ने न केवल चीन के आक्रमण को रोका, बल्कि 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक्स की भांति एलएसी पार कर चीन के रातों की नींद उड़ा दी। इंडिया टुडे और एएनआई के रिपोर्ट्स की माने तो भारतीय सेना के स्पेशल फ़्रंटियर फोर्स ने न केवल एलएसी पार कर चीनी सैनिकों की धुलाई की, अपितु रणनीतिक रूप से अहम एक क्षेत्र [जिसे रणनीतिक क्षेत्रों में ‘ब्लैक टॉप’ का नाम दिया गया है] पर स्थित चीनी कैंपों को ध्वस्तकर उसे पुनः भारतीय क्षेत्र में समाहित करा लिया।

ऐसे में अब 2020 का भारत, भारत चीन युद्ध 1962 के भारत से बहुत आगे निकल चुका है। अब इस समय भारत नहीं, बल्कि चीन बैकफुट पर है, क्योंकि भारत की कमान  नेहरू के हाथ में नहीं, बल्कि एक सशक्त और दृढ़ निश्चयी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है, जिनकी नीति स्पष्ट है – हम किसी को नहीं छेड़ेंगे , पर छेड़ दिया गया तो छोड़ेंगे भी नहीं।

 

Tags: भारत चीन युद्ध 1962
शेयर35ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“Full time गुंडागर्दी- Part time diplomacy” चीन के “Wolf warriors” ने आपा खोकर ताईवानी राजदूत पर बोला हमला

अगली पोस्ट

चीन भारत के पड़ोसी देशों के सामने कितना असहाय है, इसका बेहतरीन उदाहरण नेपाल है

संबंधित पोस्ट

नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!
इतिहास

नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

23 January 2026

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में मृत्यु होने के दावे को लगभग खारिज किया जा चुका है, लेकिन इससे...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited