TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत-चीन युद्ध के 58 वर्ष पूरे – जानिए, नेहरू और मोदी दोनों के चीन से निपटने के तरीके में क्या है अंतर

ये नया भारत है, ईंट का जवाब पत्थर से देना जानता है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
20 October 2020
in इतिहास
भारत चीन युद्ध 1962
Share on FacebookShare on X

भारत चीन युद्ध 20 अक्टूबर 1962 : 58 वर्ष पूरे

20 अक्टूबर 1962 की सुबह जब अरुणाचल प्रदेश के नामका चू क्षेत्र में तैनात राजपूत रेजीमेंट के जवान अपनी ड्यूटी के लिए तैनात हुए थे, तो उन्हे आभास भी नहीं था कि आगे क्या होने वाला है।  सुबह 5:14 बजे चीन की पीएलए सेना ने अचानक से धावा बोल दिया। उनके पास टैंक से लेकर मोर्टार, अत्याधुनिक शस्त्र समेत हर सुविधा उपलब्ध थी। देखते ही देखते नामका चू का दक्षिणी छोर पूरी तरह चीन के कब्जे में आ गया। कई भारतीय जवानों को सोते हुए ही पीएलए के सैनिकों ने मौत के घाट उतार दिया। इस त्रासदी ने 1962 के उस भारत चीन युद्ध का आरंभ किया, जिसमें भारत को अंत में पराजय का मुंह देखना पड़ा।

आज इस अनचाहे भारत चीन युद्ध को 58 वर्ष पूरे हुए हैं, लेकिन तब से अब तक ज़मीन आसमान का अंतर आ चुका है। अब का भारत 1962 जैसा बिलकुल नहीं, जिसे आवश्यक शस्त्रों और उपकरणों के अभाव में शत्रु के समक्ष घुटने टेकने पड़े। यह वो भारत नहीं जिसपर निरंतर हमले होते रहे, और तब भी भारत शांति का पाठ पढ़ाता रहे। अब यह वो भारत है, जो शान्तिप्रिय अवश्य है, लेकिन अपने आत्मसम्मान पर जब हमला हो, तो वह शत्रु को न केवल एक करारा सबक सिखाये, अपितु उसे उसके घर में घुसकर भी मारे।

संबंधितपोस्ट

30 मार्च – जब भारत-चीन संघर्ष के बीज आधिकारिक रूप से बोए गए!

और लोड करें

भारत चीन युद्ध 1962 और 2020 के भारत में आकाश पाताल का अंतर है। जब चीन ने 1962 में भारत पर आक्रमण किया, तब भारत के शासन की कमान जवाहर लाल नेहरू के हाथों में थी। उन्होंने ऐसे लोगों की नियुक्ति की थी, जो योग्यता के आधार पर नहीं, अपितु चाटुकारिता के आधार पर चुने गए थे, चाहे वह रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन हो, या फिर भारत के तत्कालीन सैन्य प्रमुख प्राण नाथ थापर हो।

जो भी नेहरू की नीतियों का विरोध करता, उसके लिए परिस्थितियाँ ऐसी बनाई जाती, कि उसे इस्तीफा ही देना पड़ता। उदाहरण के लिए प्राण नाथ थापर से पूर्व के सैन्य प्रमुख, जनरल कोडांडेरा सुबैया थिमैया को ही देख लीजिये। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू द्वारा भारतीय सेना के लिए आवश्यक संसाधनों को गलत जगह केन्द्रित किए जाने [एक Mountain Division को सरकारी बंगले बनाने के लिए उपयोग में लिया जाना] का विरोध किया, और उन्होंने यह भी कहा कि चीन के पीएलए की नीतियों को देखते हुए बॉर्डर पर तैनाती को और अधिक सशक्त किया जाना चाहिए। लेकिन उनकी एक न सुनी गई, और अंत में उन्हें 1961 में अपना त्यागपत्र सौंपना पड़ा।

जब चीन ने भारत पर आक्रमण किया, तो उनके पास हर प्रकार के शस्त्र उपलब्ध थे, जबकि शस्त्रों की उपलब्धता तो दूर की बात, भारतीय सैनिकों के पास युद्धभूमि में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए पर्याप्त टेंट और कपड़े भी नहीं थे। इतना ही नहीं, केंद्र सरकार ने सैनिकों को वायुसेना की सहायता से भी वंचित रखा। रचना बिष्ट द्वारा लिखित पुस्तक ‘द ब्रेव’ में इस बात का उल्लेख किया गया कि कैसे भारतीय सैनिकों को सीमित संसाधनों में ही भारत चीन युद्ध लड़ने का आदेश दिया गया था। पुस्तक के एक अंश अनुसार,  “अगर भारतीय सैनिक के पास किसी चीज़ की कमी नहीं थी, तो वो सिर्फ एक चीज़ थी – वीरता।”

लेकिन इन सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिक ने कई मोर्चों पर चीनियों को नाकों चने चबवा दिये। 23 अक्टूबर को जब टोंगपेन ला पर हमला हुआ, तो सूबेदार जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में 1 सिख रेजीमेंट के मात्र 27-28 जवानों ने चीनियों के खेमे में त्राहिमाम मचा दिया। जोगिंदर सिंह एकमात्र सैनिक थे, जिन्हें चीनी सैनिकों द्वारा पकड़ा गया, लेकिन अंतिम सांस तक उन्होंने चीनियों को भारतीय भूमि पर कब्जा नहीं करने दिया।

ऐसे ही 18 नवंबर 1962 को रेजांग ला की रणभूमि में ये सिद्ध हुआ कि वीरता किसे कहते हैं। कुमाऊँ रेजीमेंट के चार्ली कंपनी के मात्र 124 योद्धाओं ने चीनी पीएलए के 2500 से अधिक सैनिकों को दिन में तारे दिखा दिये। हमले में चीनियों द्वारा पकड़े जाने के बावजूद उनके चंगुल से बच निकलने वाले वीर योद्धा, हवलदार निहाल सिंह के अनुसार, “करीब 1300 से अधिक चीनी मारे गए थे। उनकी लाशों से नाला भर गया था। उनकी लाशों को उठाने के लिए कई ट्रक वहाँ आए थे।”

तब से अब में काफी परिवर्तन आ चुका है। अब भारतीय सेना के पास किसी संसाधन की कमी नहीं है, और आवश्यकता पड़ने पर वह चीन को पटक पटक के धो भी सकता था। इसकी नींव तो 1967 में ही पड़ गयी थी, जब चीन द्वारा सिक्किम राज्य पर किए गए हमलों का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। चाहे नाथु ला का मोर्चा हो, या फिर चो ला का, दोनों ही जगह भारतीय सेना के जवानों ने चीनियों को इतनी बुरी तरह धोया कि चीन आज भी भारत चीन युद्ध के बारे में बात करने से पहले हज़ार बार सोचता है।

लेकिन शायद चीन ने इन भारत चीन युद्ध से कोई सबक नहीं लिया, इसलिए उसने पहले 2017 में डोकलाम पठार के जरिये भारत को चुनौती देने का प्रयास किया, और जब भारत ने चीन को बिना एक चांटा जड़े घुटने टेकने पर विवश कर दिया, तो चीन इस अपमान का बदला लेने के लिए काफी आतुर था। फिर आया 2020, जब चीन द्वारा उत्पन्न वुहान वायरस के कारण पूरी दुनिया कराह रही थी। चीन को इस संकट के समय में अपने साम्राज्यवादी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए एक सुनहरा अवसर मिला, और उसने पूर्वी लद्दाख से लेकर दक्षिणी चीन सागर तक हर जगह गुंडई दिखानी शुरू कर दी।

भारतीय सेना ने अपने पोजीशन से कोई समझौता नहीं किया, और इसीलिए वे अपनी जगह डटे रहे। लेकिन चीन को थी अपनी अकड़ दिखाने की ज़िद, और इसीलिए उसने भारत पर गलवान घाटी में घात लगाकर हमला करने की योजना बनाई। लेकिन जब नए भारत ने आतंक का पर्याय पाकिस्तान को कहीं का नहीं छोड़ा, तो भला चीन की क्या बिसात?

2020 के भारत की नीति अब पृथ्वीराज चौहान की आदर्शवादी नीति नहीं, अपितु ललितादित्य मुक्तपीड़ की आक्रामक रक्षा नीति पर आधारित है। गलवान घाटी पर किए गए हमले का भारत ने न केवल मुंहतोड़ जवाब दिया, अपितु चीन को दिन में तारे दिखा दिये। निस्संदेह भारत को 20 जवानों के बलिदान की पीड़ा सहनी पड़ी, लेकिन प्रत्युत्तर में भारत के जवानों ने चीनी खेमे में वो तांडव मचाया कि चीन आज भी अपने मृत सैनिकों की वास्तविक संख्या बताने से कतराता है।

परंतु भारत वहीं पर नहीं रुका। ललितादित्य मुक्तपीड़ मोड एक्टिव कर भारत ने अगस्त में चीनी खेमे में एक बार फिर त्राहिमाम मचाया। चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की एक और कोशिश नाकाम करते जब पेंगोंग त्सो झील के निकट एलएसी पर 29 अगस्त की रात चीन ने धावा बोला, तो भारतीय सैनिकों ने न केवल इस आक्रमण को ध्वस्त किया, अपितु चीनी सैनिकों को दुम दबाकर भागने पर विवश भी किया।

भारतीयों ने न केवल चीन के आक्रमण को रोका, बल्कि 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक्स की भांति एलएसी पार कर चीन के रातों की नींद उड़ा दी। इंडिया टुडे और एएनआई के रिपोर्ट्स की माने तो भारतीय सेना के स्पेशल फ़्रंटियर फोर्स ने न केवल एलएसी पार कर चीनी सैनिकों की धुलाई की, अपितु रणनीतिक रूप से अहम एक क्षेत्र [जिसे रणनीतिक क्षेत्रों में ‘ब्लैक टॉप’ का नाम दिया गया है] पर स्थित चीनी कैंपों को ध्वस्तकर उसे पुनः भारतीय क्षेत्र में समाहित करा लिया।

ऐसे में अब 2020 का भारत, भारत चीन युद्ध 1962 के भारत से बहुत आगे निकल चुका है। अब इस समय भारत नहीं, बल्कि चीन बैकफुट पर है, क्योंकि भारत की कमान  नेहरू के हाथ में नहीं, बल्कि एक सशक्त और दृढ़ निश्चयी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में है, जिनकी नीति स्पष्ट है – हम किसी को नहीं छेड़ेंगे , पर छेड़ दिया गया तो छोड़ेंगे भी नहीं।

 

Tags: भारत चीन युद्ध 1962
शेयर35ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“Full time गुंडागर्दी- Part time diplomacy” चीन के “Wolf warriors” ने आपा खोकर ताईवानी राजदूत पर बोला हमला

अगली पोस्ट

चीन भारत के पड़ोसी देशों के सामने कितना असहाय है, इसका बेहतरीन उदाहरण नेपाल है

संबंधित पोस्ट

पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।
इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

8 March 2026

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) प्रत्येक वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। ये दिन महिलाओं के अधिकारों, समानता और उनके सशक्तिकरण को बढ़ावा...

ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग
इतिहास

ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

14 February 2026

भारत एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है, केंद्र सरकार ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली सड़क-सह-रेल सुरंग (अंडरवॉटर टनल) बनाने को...

के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक
इतिहास

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

29 January 2026

फील्ड मार्शल कोडंडेरा मदप्पा करियप्पा, जिन्हें प्यार से के.एम. करियप्पा कहा जाता है, भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ और राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited