TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“सारा तेल का खेल है”, आर्मीनिया-अज़रबैजान के युद्ध से आखिर दुनिया चिंतित क्यों है?

दो छोटे देशों की लड़ाई में क्यों कूद रही हैं बड़ी Powers?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
4 October 2020
in विश्व
आर्मीनिया
Share on FacebookShare on X

अज़रबैजान और Armenia (आर्मीनिया) की लड़ाई अब एक हिंसक युद्ध की ओर अग्रसर हो रही है। वे Nagorno Karabakh नामक क्षेत्र के लिए लड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। लेकिन जिस प्रकार से इन दो छोटे देशों के बीच की हिंसक झड़प में फ्रांस, रूस और तुर्की भी शामिल हो रहे हैं, उससे एक प्रश्न तो पूछना बनता है – यह लड़ाई केवल ज़मीन के लिए है, या किसी और बात के लिए?

यहां पर दक्षिण Caucasus क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत सामने आती है। दरअसल, दक्षिण Caucasus क्षेत्र न केवल एक अहम कनेक्टिविटी हब है, अपितु जिस क्षेत्र के लिए आर्मीनिया और अज़रबैजान लड़ रहे हैं, वो असल में एक अहम तेल आपूर्ति मार्ग भी है। अज़रबैजान और आर्मीनिया की Nagorno Karabakh के लिए लड़ाई आज से नहीं, बल्कि पिछले 100 वर्षों से चली आ रही है। आर्मीनिया और अज़रबैजान किसी समय सोवियत संघ का ही हिस्सा थे। जहां आर्मीनिया ईसाई बहुल देश है, तो अज़रबैजान इस्लाम बहुल देश है।

संबंधितपोस्ट

अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

और लोड करें

इसी भांति Nagorno Karabakh के लिए लड़ाई भी इन्हीं समीकरणों के इर्द गिर्द घूमती है। अंतर्राष्ट्रीय रूप से इस क्षेत्र को अज़रबैजान का हिस्सा माना गया है, लेकिन इस क्षेत्र में मूल रूप से आर्मीनियाई लोगों का निवास है। 1990 के दशक से Nagorno Karabakh क्षेत्र पर आर्मीनिया का अधिकार है। 1991 में स्वयं Nagorno Karabakh ने अज़रबैजान से अपने आपको स्वतंत्र घोषित किया, और इसलिए आर्मीनिया ने इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना शुरू किया।

परंतु अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच की लड़ाई न सिर्फ इस क्षेत्र की शांति भंग कर रही है, अपितु यूरोप के ऊर्जा परिवहन को भी काफी नुकसान पहुँच रहा है। इसी क्षेत्र के जरिये अज़रबैजान से तेल और गैस की दो पाइपलाइन पूरे यूरोप को तेल और गैस सप्लाई करती है। ऐसे में इस क्षेत्र में अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच युद्ध का अर्थ है कि यूरोप को Caspian क्षेत्र से तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति नहीं मिल पाएगी।

Caspian क्षेत्र तेल और गैस के भंडारों से सम्पन्न है, और यहां की क्षेत्रीय शक्तियां इन संसाधनों को पूरे यूरोपीय महाद्वीप में वितरित करना चाहती हैं। लेकिन Caspian क्षेत्र से ऊर्जा को निर्यात करने के केवल दो ही मार्ग हैं। एक रूस के रास्ते उत्तर पश्चिम दिशा से होते हुए जाता है, और दूसरा दक्षिण पश्चिमी दिशा से Caucasus क्षेत्र के रास्ते होते हुए जाता है। ऐसे में यदि आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच तनातनी युद्ध में परिवर्तित होती है, तो रूस पर अपने तेल और गैस की आवश्यकता के लिए निर्भरता को कम करने में जुटे बाकी यूरोपीय देशों के लिए किसी आपदा से कम नहीं होगा।

पर तेल और गैस की आपूर्ति तो इस समस्या का केवल एक ही पहलू है। चूंकि दक्षिण Caucasus अंतर्राष्ट्रीय चौराहे पर स्थित है, इसलिए यह एशिया को यूरोप से भी जोड़ सकता है।  ऐसे में चीन के प्रभाव को भी नहीं नकारा जा सकता है। अज़रबैजान जैसे देशों की लोकेशन चीन के तथाकथित BRI परियोजना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

चीन भली भांति जानता है कि वह तब तक यूरोप नहीं पहुंच सकता, जब तक वह दक्षिण Caucasus में निवेश नहीं करता, और इसीलिए चीन एक ट्रांस कैस्पियन इंटरनेशनल ट्रांजिट रूट का निर्माण कर रहा है, जिसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाकू, तुलसी और कार्स को पार करने वाला रेल मार्ग है। यह रेल लाइन चीनी सामान को तुर्की तक पहुँचने का सबसे छोटा और सबसे सरल रूट माना जा रहा है, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि इस रूट के कारण चीन को यूरोप पहुँचने में एक महीने के बजाए अब केवल 15 दिन लगते हैं।

चीन विवादित Nagorno Karabakh क्षेत्र से गुजरने वाले तेल और गैस आपूर्ति मार्गों के महत्व को भी समझता है। चीनी राज्य मीडिया आउटलेट CGTN ने यहां तक ​​बताया है कि, “Nagorno Karabakh क्षेत्र भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह यूरोप और क्षेत्र के अन्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण पाइपलाइन और ऊर्जा का द्वार है।”

वहीं, रूस और तुर्की के लिए भी आर्मेनिया और अजरबैजान न केवल भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि दक्षिण Caucasus इस्लामी और रूढ़िवादी ईसाई के बीच टकराव का एक बड़ा कारण है।

तुर्की के लिए वर्तमान लड़ाई के पीछे मध्य एशिया का लिंक भी है। तुर्की मध्य एशिया तक प्रत्यक्ष रूप से नहीं पहुँच पाता, और उसके सपने के बीच में आर्मीनिया और Nagorno Karabakh के क्षेत्र आते हैं। आर्मीनिया पर हमला कर Nagorno Karabakh क्षेत्र पर कब्जा जमाना एर्दोगन के खलीफा बनने के प्लान का ही हिस्सा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि तुर्की और मध्य एशिया को जोड़ने के लिए कोई स्पष्ट लिंक नहीं है, और दोनों क्षेत्रों में संबंध स्थापित करने में कथित रूप से आर्मीनिया और Nagorno Karabakh क्षेत्र के आड़े आ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ पुतिन यह इसलिए नहीं होने देंगे क्योंकि मध्य एशिया पर पारंपरिक रूप से मॉस्को का प्रभाव रहा है। इसलिए यदि तुर्की ने अज़रबैजान का पक्ष लिया है, तो रूस को हर हाल ही में आर्मीनिया का बचाव करना होगा। ऐसे में यदि आर्मीनिया और अज़रबैजान के बीच युद्ध छिड़ा, तो रूस, यूरोप, चीन और तुर्की को इस युद्ध का हिस्सा बनने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा।

Tags: अज़रबैजानआर्मीनियातुर्कीरूस
शेयर51ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत में जब भी कोई बड़ी घटना होती है, ये मीडिया हर बार नीचता की हद क्यों पार कर जाती है?

अगली पोस्ट

तुर्की जल्द ही NATO से धक्के मारकर बाहर निकाला जाएगा, संकेत तो यही कहते हैं

संबंधित पोस्ट

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,
AMERIKA

डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

27 June 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द भारत का दौरा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसकी पुष्टि की है। रुबियो ने एक इंटरव्यू में...

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा
AMERIKA

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

16 June 2026

पश्चिम एशिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के...

रूसी तेल का आयात
चर्चित

रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

9 June 2026

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत पहले की तुलना में अधिक मात्रा में रूस से कच्चे तेल...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16

China's War on Human Rights Lawyers: The Legacy of the 709 Crackdown

00:03:57

IRAN EYES RED SEA GAMBIT

00:02:34

US- IRAN CONFLICT INTENSIFIES

00:03:05

Mass Detentions and Enforced Disappearances: The Aftermath of July 5

00:03:20
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited