TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘यहां छात्रों का विकास नहीं’, NCPCR की मांग अल्पसंख्यक संस्थानों को मुख्यधारा में लाया जाये

अल्पसंख्यकों समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मनमानियों को खत्म करने के साथ उनके मूल उद्देश्य की पूर्ति से भटकने को लेकर NCPCR ने कुछ विशेष सुझाव दिए हैं।

Krishna Bajpai द्वारा Krishna Bajpai
12 August 2021
in चर्चित
अल्पसंख्यक संस्थानों
Share on FacebookShare on X

देश के अल्पसंख्यक समुदायों के उत्थान के लिए शिक्षा के क्षेत्र में इनसे जुड़े संस्थानों को जो स्वतन्त्रता प्रदान की गई थी, असल में अब वही स्वतंत्रता अल्पसंख्यकों के उत्थान की बाधा बन गई है। सभी प्रकार की सरकारी पहुंच से स्वतंत्र रहने वाले इन अल्पसंख्यक संस्थानों में वंचित समुदाय के लोगों को तो कोई विशेष लाभ मिलता ही नहीं, साथ ही साथ इसकी कार्यशैली में अनेकों असमानताएं भी हैं, जिसका भंडाफोड़ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग आयोग अर्थात NCPCR ने एक रिपोर्ट प्रकाशित कर किया किया है। यही नहीं अल्पसंख्यकों समुदाय के शैक्षणिक संस्थानों की मनमानियों को खत्म करने के साथ उनके मूल उद्देश्य की पूर्ति से भटकने को लेकर NCPCR ने कुछ विशेष सुझाव दिए हैं, जिससे इन समुदायों की अनुपातिक अनियमितता खत्म होगी। NCPCR की यह रिपोर्ट पूरा भंडाफोड़ करता है कि कैसे धर्म निरपेक्षता के नाम पर राजनीतिक दलों ने ऐसे प्रावधान बनाए हैं, जिनका नुकसान सबसे अधिक अल्पसंख्यकों को ही हो रहा है।

दरअसल, एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में NCPCR ने 23,487 अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों का विश्लेषण कर बताया है, कि कैसे गैर-अल्पसंख्यक और अल्पसंख्यक संस्थानों में अलग-अलग नियम होने के कारण अल्पसंख्यकों के उत्थान का मूल उद्देश्य पीछे छूट चुका है। कैसे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के लिए ही ये संस्थान ही नकारात्मक साबित हुए हैं। बाल आयोग ने बताया कि इन अल्पसंख्यक संस्थानों की कार्यशैली पूर्णतः नकारात्मक और मनमाने ढंग की ही है। छात्रों का प्रवेश, शिक्षकों की भर्ती, पाठ्यक्रम का कार्यान्वयन, शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में ये सभी संस्थान स्वयं के मानदंड निर्धारित करते हैं।

संबंधितपोस्ट

NAWADCO: अब स्मृति ईरानी चलाएंगी नेशनल वक्फ बोर्ड पर बुलडोजर

पटना स्थित रिसर्च संस्थान ने किया अमेरिका के माइनॉरिटी प्रेम का पर्दाफाश

“वामपंथी मूर्ख नहीं हैं, उनके लिए अल्पसंख्यक बस मुस्लिम हैं”, ऋषि सुनक पर रो रहे हैं

और लोड करें

अल्पसंख्यक समुदाय के इन संस्थाओं में मुख्य तौर पर एक ही वर्ग को अधिक प्रोत्साहन मिल रहा है। एक तरफ जहां इनमें एलीट वर्ग के छात्रों को शामिल किया जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ अन्य में पूर्ण तौर पर वंचित वर्ग के बच्चे शामिल हैं, जिसके चलते इन संस्थाओं की स्थिति नाज़ुक है। इस पूरे अनियमितताओं के खेल के पीछे इन अल्पसंख्यक समुदाय के संस्थानों को आवश्यकता से अधिक दिए गए अधिकार भी हैं। अनुच्छेद-30 (1) के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को आजादी दी गई है कि वो किसी भी तरह के स्वतंत्र शैक्षणिक संस्थान बना सकते हैं।

और पढ़ें- कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग: यह राजनीतिक यूनिट कम और आतंकवादी संगठन ज़्यादा है

इतना ही वर्ष 2009 में शिक्षा के अधिकार का कानून का प्रावधान लागू हुआ, तो सभी संस्थानों में करीब 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए आरक्षित की गईं, किन्तु इसमें विशेष ये था कि अल्पसंख्यक समुदाय पर शिक्षा का ये अधिकार लागू ही नहीं किया गया। वर्ष 2004 में मनमोहन सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटी एजूकेशन इंस्टीट्यूटशन स्थापित किया, जिसमें विशेष प्रावधान था कि कोई हिन्दू उसका अध्यक्ष नहीं बन सकता था। अल्पसंख्यकों के अंतर्गत मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म शामिल हैं।

Report from @NCPCR_ – "IMPACT OF EXEMPTION UNDER ARTICLE 15(5) W.R.T. ARTICLE 21A OF THE CONSTITUTION OF INDIA ON EDUCATION OF CHILDREN OF MINORITY COMMUNITIES"
Findings: pic.twitter.com/zl7NGJNNDa

— Suren (@zeneraalstuff) August 10, 2021

 

NCPCR ने अल्पसंख्यकों में शिक्षा के क्षेत्र में विकृतियों की मुख्य वजहें भी बताई हैं, जिनमें वर्ष 2006 में संविधान के 93 वें संशोधन के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के संस्थानों के प्रमाणपत्रों के जारी होने में विशेष वृद्धि भी है।

अल्पसंख्यक संस्थानों

यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि इन संस्थानों में आर्थिक पिछड़े वर्ग के लोगों को मिलने वाला 25 प्रतिशत का आरक्षण भी नहीं मिलता जिससे इन संस्थानों में सिर्फ एक ही समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं‌। दिलचस्प बात ये भी है कि अल्पसंख्यक समुदाय में मात्र 11.54 प्रतिशत की आबादी वाले ईसाई वर्ग का अल्पसंख्यक संस्थानों में सबसे बड़ा करीब 71 प्रतिशत का हिस्सा है, जबकि 69 प्रतिशत वाले मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले अल्पसंख्यक संस्थान मात्र 22 फीसदी ही हैं। अगर मुस्लिम शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर इन संस्थानों में अल्पसंख्यकों की अपेक्षा गैर-अल्पसंख्यकों की संख्या अधिक है। डेटा बताता है कि कैसे इन संस्थाओं में केवल 8 प्रतिशत के करीब ही वंचित तबके के छात्र नामांकन दर्ज कर पाते हैं।

महत्वपूर्ण बात ये भी है कि 25 प्रतिशत RTE का कोटा मुस्लिम शैक्षणिक संस्थानों पर लगता ही नहीं है, इसके अलावा मदरसों की शिक्षा के बारे में सर्वविदित है कि ये गरीब मुस्लिम समाज के बच्चों के लिए ही हैं। भले ही इसमें कुछ मुख्यधारा के विषय हैं, किन्तु कोई गैर-अल्पसंख्यक वर्ग का बच्चा यहां नहीं पढ़ता है‌। रिपोर्ट में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 30(1) के तहत अल्पसंख्यक संस्थानों को दिए गए अधिकार को unconditional या absolute नहीं माना जा सकता।

इन सभी मामलों को हल करने के लिए एवं मुख्य तौर पर अल्पसंख्यकों के उत्थान के NCPCR ने कुछ विशेष सुझाव दिए हैं, जिनके अनुसार समय-समय पर संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा देने का मूल्यांकन, कानून के अंतर्गत अल्पसंख्यक संस्थानों पर भी RTE लागू करने की बाध्यता, संख्या के आधार पर अल्पसंख्यकों संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश, एक निश्चित समय के अंतराल में उनके अल्पसंख्यक दर्जे का पुनर्विश्लेषण, साथ ही एक ऐसे प्रशासन की स्थापना जो कि मूलतः अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए प्रेरित हो।

और पढ़ें- अल्पसंख्यक कोटे की 80% छात्रवृति मुस्लिमों को देकर विजयन ने ईसाईयों को ठगा, केरला HC ने लगाई रोक

इन सुझावों के विपरीत अगर देखें तो वर्ष 2014 में ही RTE को सभी संस्थानों पर लागू करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने ही अनुच्छेद-30(1) के तहत रोक लगा रखी है। कुछ इसी तरह अल्पसंख्यक दर्जा देने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि दर्जा राज्य या सरकारें नहीं तय कर सकतीं, क्योंकि अल्पसंख्यकों द्वारा संचालित होने के कारण ही वो दर्जा संस्थानों को अपने आप ही प्राप्त हो जाता है। अल्पसंख्यक संस्थानों को दर्जा देने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी यही कह दिया था कि जिन्हें दर्जा प्राप्त है, वो नियत ही रहेगा। ऐसे में धर्म निरपेक्षता के तहत बने अल्पसंख्यक मंत्रालय के बाद से उनके अधिकारों को विस्तृत करने के जो प्रयास किए गए, उससे कुछ विशेष लोगों को ही लाभ पहुंचाया, किन्तु कानूनी दांव-पेंच की आड़ के कारण भले ही एनसीपीसीआर जो भी सुझाव देता रहे, उनका पालन होना असंभव प्रतीत होता है।

वोट बैंक के लिए अल्पसंख्यकों का मुद्दा ज्वलंत मानकर राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा ही नजरंदाज किया है, जिसका नतीजा अल्पसंख्यकों की बर्बादी साबित हुआ है, पर क्या इसका कोई हल नहीं है? अवश्य है किन्तु आवश्यकता है कि एनसीपीसीआर के सुझावों को लागू करने के लिए विशेष कानूनी संशोधन हों, यानि वर्ष 1992  के अल्पसंख्यक अधिनियम हो, या फिर 2004 का National Commission for Minority Education Institutions से जुड़े नियमों में संशोधन करना। इतना ही नहीं, शिक्षा के अधिकार से जुड़े RTE को भी लागू करने के लिए कानून मे विशेष संशोधन करने होंगे; जिससे NCPCR के सुझाव भी लागू हो सकेंगे, और अल्पसंख्यकों के उत्थान के मूल उद्देश्य की भी पूर्ति होगी‌।

हालांकि, देश में जिस प्रकार से अल्पसंख्यकों के नाम पर राजनीतिक बिसात बिछती है, उसे देखते हुए ये कहा जा सकता है कि मोदी सरकार के लिए इन नियमों को लागू करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।

Tags: NCPCRRTEअल्पसंख्यकअल्पसंख्यक संस्थान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी (Choti Kashi), के भव्य मंदिर और पर्यटन स्थल

अगली पोस्ट

रवि शास्त्री नवंबर तक पद छोड़ सकते हैं और यही समय है राहुल द्रविड के लिए कोच का पदभार संभालने का

संबंधित पोस्ट

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात
चर्चित

रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

27 August 2026

रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। आगरा-मथुरा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (AMCTSL) की नगरीय इलेक्ट्रिक बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा...

नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़
चर्चित

नेपाल में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़, रसुवा में भारी तबाही; कई लोग लापता

26 August 2026

उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार को भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ आ गई। बाढ़ से तिब्बत सीमा के पास...

BPSC परीक्षा रद्द/री-एग्जाम की मांग को लेकर छात्रों के प्रदर्शन की तस्वीरें
चर्चित

BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग पर पटना में छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

25 August 2026

बिहार में 70वीं BPSCपरीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। गांधी मैदान से राजभवन की...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited