TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी

    ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

PoK वापस लेने के लिए अमेरिका भारत का साथ दे: अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
19 August 2021
in चर्चित
PoK वापस लेने के लिए अमेरिका भारत का साथ दे: अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन
Share on FacebookShare on X

अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद जियोपॉलिटिक्स में एक भूचाल आ चुका है। एक तरफ अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिका के वापस जाने का कई लोग विरोध कर रहे हैं तो वहीं कई लोग अब भविष्य के लिए अपनी चिंता जता रहे हैं। इसी क्रम में 17 अगस्त 2021 को अमेरिकी डिजिटल मीडिया ‘द हिल’ में अमेरिकी प्रतिनिधि मार्क ग्रीन का एक लेख छपा। इस लेख में यह बताया गया था कि आखिर कैसे अमेरिका भारत के साथ मिलकर तालिबान के निरंकुश शासन को नियंत्रित कर सकता है। इस लेख के जरीय उन्होंने तालिबान को नियंत्रित करने के लिए जम्मू-कश्मीर की महत्ता पर ज़ोर दिया है। उन्होंने बाइडन प्रशासन से भारत के उत्तर-पश्चिम में अमेरिकी सेना को तैनात करने का आह्वान किया है, जिसका अर्थ अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों है – जैसे गिलगिट बाल्टिस्तान, तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके)।

उन्होंने बताया है कि, ‘भारत के 15 अगस्त 2021 को अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से घर वापसी कर ली, जिसने भी तालिबान के खिलाफ इस जंग मे अमेरिका या अमेरिका समर्थित सरकार का प्रत्यक्ष रूप से समर्थन किया वो पलायन कर गया। तालिबान की मदद से अमेरिका ने अफ़ग़ानिस्तान से सोवियत संघ को उखाड़ फेंका था परंतु, कालचक्र का पहिया घूमा और आज उसी तालिबान ने अमेरिका और समर्थित सरकार को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। अमेरिका के अफ़ग़ानिस्तान से निकलने के कारण जो भी रहें हो लेकिन पैदा हुए इस नीति निर्वात से अपने आप को सर्वशक्तिमान समझने वाला अमेरिका बहुत व्यथित और आशंकित है। सबसे बड़ी आशंका तो इस बात को लेकर है कि आखिर अफ़ग़ानिस्तान मे लोकतान्त्रिक मूल्यों और मानवाधिकार का क्या होगा? अमेरिकी नीति और वर्चस्व का क्या होगा? कही अफ़ग़ानिस्तान आज के ‘सोवियत संघ’ (चीन)के जकड़ में तो नहीं फंस जाएगा?’

संबंधितपोस्ट

अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से खुल सकती है शांति की राह: अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, लेकिन कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार

पोखरण-I के 51 साल: जब भारत ने दुनिया को दिखाया अपना परमाणु आत्मबल

और लोड करें

और पढ़ें: 1996 में, UAE और सऊदी तालिबान का समर्थन करने वाले पहले देश थे, इस बार ऐसा नहीं होगा

‘द हिल’ में मार्क ग्रीन के द्वारा लिखी गयी इस लेख में इन्हीं आशंकाओं का समाधान तलाशने की कोशिश की गयी है।‘द हिल’ एक अमेरिकी डिजिटल मीडिया कंपनी है,जिसकी शुरुआत 1994 में एक समाचार पत्र प्रकाशक के रूप में हुई थी। मार्क ग्रीन के अनुसार भारत में एक त्वरित प्रतिक्रिया बल अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान शासन के सबसे खराब स्तर को रोक सकता है। पाकिस्तान और चीन के अनुचित कब्ज़े के कारण वास्तविक रूप से अफ़ग़ानिस्तान और हिंदुस्तान कि सीमा आपस में नहीं मिलती। दुर्भाग्यवश, जिन देशों के साथ अफ़ग़ानिस्तान की सीमा मिलती है, उनमें से कोई अमेरिका का सहयोगी नहीं है। चीन और रूस तो धुरविरोधी है तथा पाक भी कभी सच्चे मन से अमेरिका का साथ नहीं दे सका है। वर्षों से पाकिस्तान के अफगान तालिबान के साथ घनिष्ठ लेकिन जटिल संबंध रहे हैं। वास्तव में, यह पाकिस्तान के समर्थन के कारण था कि तालिबान 1994 में अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता पर कब्जा करने में सक्षम था। इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस ने तालिबान का गुप्त समर्थन जारी रखा है। एक पूर्व पाकिस्तानी सीनेटर ने हाल ही में आरोप लगाया था कि उनके देश के जनरलों ने तालिबान को पूरी तरह से समर्थन दिया और कई पाकिस्तान में तालिबान के लिए सार्वजनिक रूप से जयकार कर रहे हैं। अतः अब अमेरिका अफगान में खुद के हितों को बनाए रखने के लिए भारत पर निर्भर है।

और पढ़ें: राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह: अफ़ग़ानिस्तान के नए राष्ट्रपति और तालिबान के खिलाफ अंतिम उम्मीद

भारत एक ऐसा देश है जिसने समय समय पर अमेरिका की मदद कर खुद को अच्छा सहयोगी साबित किया है। भारत अफ़ग़ानिस्तान सीमा के सबसे नजदीक होने के साथ साथ चीन को रोकने का माद्दा भी रखता है। मार्क ग्रीन अपने लेख में उद्धृत करते हुए लिखतें है- ‘’हम अफ़ग़ानिस्तान में एक पूर्ण खुफिया ब्लैकआउट बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम जानते हैं कि तालिबान ने अल-कायदा के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं और अफ़ग़ानिस्तान को फिर से आतंकवादी नेटवर्क के लिए पनाहगाह बनने से रोकने के लिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। हमें अफ़ग़ानिस्तान में जमीन पर अपने कान रखने और इस क्षेत्र में क्या हो रहा है, इस पर नजर रखने के तरीके खोजने चाहिए।‘’ उनके इस कथन के पीछे ठोस कारण हैं। उन्होंने बताया है कि अमेरिका जानता है कि अफ़ग़ानिस्तान में यूएस का पूर्ण खुफिया ब्लैकआउट राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक है। चीन के ‘वन बेल्ट, वन रोड’ कि नीति साकार हो जाएगी और हिन्द महासागर पर उसकी निर्भरता भी कम हो जाएगी, जिससे भारत के लिए उसे रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा खासकर दक्षिणी चीन सागर में।ईरान और तुर्कमेनिस्तान के साथ भी उसके संबंध जगजाहिर है।

और पढ़ें: ‘जांच तो होकर रहेगी, चाहे जितना रो लो’, ऑस्ट्रेलिया ने ड्रैगन को उसी की भाषा में मजा चखा दिया

भारत अगर अमेरिका को सहयोग करने का फैसला करता है तो बात बन सकती है। यह कदम भारत के सुरक्षा, अफ़ग़ानिस्तान मे उसके निवेश और चीन के महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट, वन रोड’ परियोजना पर भी अंकुश लगाएगी। यह नीति ‘एक तीर से दो काज’ के समान है। नई दिल्ली से काबुल की दूरी लगभग 1860 किमी है। अगर भारत के उत्तर-पश्चिम के सुदूर सीमाओं के परिपेक्ष्य से देखें तो अफ़ग़ानिस्तान का दक्षिण-पूर्वी सीमा काफी नजदीक है। महज कुछ सौ मील। लेकिन अगर इस भौगोलिक स्थिति में POK को जोड़ लें तो स्थिति एकदम साफ हो जाती है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर 13,297 वर्ग किमी का क्षेत्रफल है। 1963 में, एक समझौते के माध्यम से पाकिस्तान ने काराकोरम से परे, उत्तरी कश्मीर में शक्सगाम क्षेत्र में, अपने नियंत्रण वाले जम्मू-कश्मीर की 5,000 वर्ग किमी से अधिक भूमि चीन को सौंप दी जिससे मामला थोड़ा जटिल हो गया है।

उधर गिलगित-बाल्टिस्तान, जो कि POK के उत्तर में और खैबर पख्तूनख्वा के पाकिस्तानी प्रांत के पूर्व में एक सुरम्य, पहाड़ी क्षेत्र है, वह भी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अगर भारत अमेरिका को अफ़ग़ानिस्तान तक कि पहुँच देना चाहता है तो इन दोनों क्षेत्रों को अपने कब्ज़े मे लेना अनिवार्य है। अगर अमेरिका अफ़ग़ानिस्तान में अपना वर्चस्व चाहता है, तो उसे भारत को यह जगह जीतने में कूटनीतिक और सामरिक रूप से मदद करनी पड़ेगी। आनेवाले समय मे इसकी प्रबल संभावना है।

अगर भारत चाहे तो क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के सैन्य अड्डे और उपकरण स्थापित कर सकता है,तो महज कुछ सौ मील दूर अफ़ग़ानिस्तान पर नज़र रख सकता है। अफ़ग़ानिस्तान पर नज़र जितनी साफ होगी और वह तक पहुँचने में समय जितना कम लगेगा तालिबान पर और उसके साथ-साथ चीन और पाकिस्तान पर भी नियंत्रण उतना ही मजबूत होगा और खतरा उतना ही कम होगा। आतंकी अड्डो पर उतनी ही सुगमता से कारवाई की है। भारत और अमेरिका निगरानी और लंबी दूरी के स्टील्थ ड्रोन और ग्राउंड सेंसर का उपयोग कर सकते हैं, जिससे भारत और यू.एस. की संपत्ति और कर्मियों के लिए जोखिम बहुत कम हो जाएगा। परंतु, भारत को थोड़ा सतर्क रहने कि ज़रूरत है। अमेरिका और रूस के हश्र से भी सीखना होगा वरना इस निर्णय के दूरगामी परिणाम होंगे।

 

Tags: अफ़ग़ानिस्तानअमेरिका
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

असम के बहादुर राजा पृथु: जिन्होंने बख्तियार खिलजी को युद्ध में धूल चटाई थी

अगली पोस्ट

कुछ बहादुर हिंदू महिलाएं खोलेंगी ज्ञानवापी में पूजा-अर्चना के द्वार, वाराणसी जिला कोर्ट सुनवाई के लिए हुआ सहमत

संबंधित पोस्ट

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी
चर्चित

ऊर्जा परिवर्तन में दुनिया की रफ्तार धीमी, भारत ने फिर भी दर्ज की बड़ी छलांग

19 June 2026

भारत स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) और ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum-WEF)...

रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम
चर्चित

रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

16 June 2026

एक ऐसा मामला सामने आय़ा है जिसे जानकर सभी हैरान है, आज तक आपने ये सुना था कि मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की को धोखा दिया,...

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास
चर्चित

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

13 June 2026

भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited