TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत ने भारी-भरकम FDI के साथ वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के मिथक को तोड़ दिया है

Yashwant Singh द्वारा Yashwant Singh
27 September 2021
in अर्थव्यवस्था
भारत में निवेश
Share on FacebookShare on X

पूर्व में भारत के राजनेताओं ने पश्चिमी देशों को भारत की गरीबी और उसकी अविकसित काया को ही सबसे ऊपर दिखाया है। भारत के विकास की बजाय यहाँ की गरीबी और घटिया मेडिकल सिस्टम से लेकर बीमारू जनता और खराब बुनियादी ढांचे को बेचा है। इन्हीं कारणों से आज भी कई देश भारत की छवि दुनियाभर में ‘एक गरीब’ देश की तरह ही देखते हैं। यही कारण है कि अर्थव्यवस्था को लेकर और निवेश को लेकर रेटिंग के मामले में कई रेटिंग एजेंसियां पक्षपाती रुख रखती हैं। हालांकि, मोदी सरकार ने अब अपने शासनकाल में इसे बदला है और आज कृषि से लेकर निवेश तक भारत की छवि बदल रही है।भारत में भर-भरकर विदेश निवेश आ रहा है और अब जल्द ही भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस से रेटिंग अपग्रेड की मांग भी कर सकती है।

वास्तव में भारत ने इन रेटिंग एजेंसियों द्वारा फैलाया गया जो मिथक था, वो तोड़ दिया है। भारत की रेटिंग में कटौती करते हुए, अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने लंबे समय तक आर्थिक मंदी और इसकी बिगड़ती वित्तीय स्थिति को संबोधित करने में नीतिगत चुनौतियों का हवाला दिया था। ऐसे ही Fitch ने भी भारत की रेटिंग को घटा दिया था। ये केवल एक रेटिंग एजेंसी की बात नहीं है, बल्कि ऐसी कई हैं जो भारत को रेटिंग देने के मामले में पक्षपाती रही हैं। हालांकि, इसके बावजूद भारत में विदेशी निवेश में कोई कमी नहीं रही हैं।

संबंधितपोस्ट

PM मोदी का न्यूजीलैंड दौरा क्यों है खास? जानिए दोनों देशों के रिश्ते, व्यापार और FTA की पूरी कहानी

TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

आयरन डोम इंटरसेप्टर मिसाइल का होगा भारत में निर्माण? राफेल ने शुरू की भारतीय कंपनियों से बातचीत

और लोड करें

कम रेटिंग्स के बावजूद भारत में सितंबर महीने यानी सितम्बर में कुल 21 हजार करोड़ से ज्यादा निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इक्विटी में 13,536 करोड़ रुपये और ऋण सेगमेंट में 8,339 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके परिणामस्वरूप 1 सितंबर से 24 सितंबर की अवधि के बीच भारत के पूंजी बाजार में 21,875 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। यह सिर्फ इस महीने की कहानी नहीं है, विदेशी निवेशकों ने पिछले महीने भी 16,459 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जून में भी भारत का विदेशी निवेश उच्चतम स्तर पर था।

आकंड़ों की मानें तो कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी के प्रभावों के बावजूद, वित्तीय वर्ष 2021 के दौरान भारत में कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लगभग 82 बिलियन अमेरिकी डॉलर की नई ऊंचाई पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में आकर्षित किए गए कुल एफडीआई (74.39 अरब अमेरिकी डॉलर) की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला था। ‘कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर’ वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कुल एफडीआई इक्विटी प्रवाह में लगभग 44% हिस्सेदारी के साथ शीर्ष सेक्‍टर के रूप में उभर कर सामने आया है। इसके बाद क्रमश: निर्माण (इन्फ्रास्ट्रक्चर या अवसंरचना) गतिविधियों (13%) और सेवा क्षेत्र या सर्विस सेक्‍टर (8%) का नंबर आता है।

सवाल यह है कि एक तरफ भारत को लेकर रेटिंग कम है, और दूसरी तरफ ताबड़तोड़ निवेश है, इसका कारण क्या हो सकता है?

इससे पहले उस पहलू पर जाएं, हम कुछ महत्वपूर्ण एजेंसियों के डेटा और रेटिंग को बताते हैं। मूडीज दुनिया की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों में से एक है। 2020 में इस एजेंसी ने भारत को BAA3 रेटिंग प्रदान किया था। फिच रेटिंग्स ने सार्वजनिक ऋण अनुपात में वृद्धि और ऋण चुकाने पर अनिश्चितता के कारण नकारात्मक दृष्टिकोण के साथ भारत की रेटिंग को BBB पर अपरिवर्तित रखा है। इस साल अप्रैल से इस रेटिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि एजेंसी ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, निजीकरण, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन और श्रम और कृषि क्षेत्रों के लिए सुधारों को आकर्षित करने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना सहित भारत सरकार द्वारा घोषित सुधारों का उल्लेख किया है।

इसके अलावा जुलाई में मशहूर रेटिंग एजेंसी S&P ने भारत को BBB रेटिंग दे रखी है और यह बताया है कि स्थिर परिणाम आ सकते हैं। रेटिंग एजेंसी के विश्लेषकों ने लिखा, “स्थिर दृष्टिकोण हमारी उम्मीद को दर्शाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था COVID-19 महामारी के बाद ठीक हो जाएगी।”

S&P ने आगे कहा, हालांकि देश की रेटिंग कम हो सकती है अगर अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष 2021/22 में अपेक्षा से काफी धीमी गति से बढ़ोतरी होती है।

अब कम रेटिंग के बावजूद निवेशकों की पंसद भारत क्यों है ?

FDI देश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण चालक है क्योंकि वे नौकरी को बढ़ावा देते हैं। बाजार, तकनीकी और गैर-ऋण वित्तीय संसाधन प्रदान करते हैं, लेकिन इन एजेंसियों की एक कमजोरी है। ये पूर्वाग्रह से ग्रसित होती हैं। रेटिंग एजेंसियां सरकारी सिफारिशों पर नहीं चलती हैं। हालांकि, सरकार की ओर से सक्रिय प्रयास से और आंकड़ो से मूडीज और अन्य एजेंसियां को निर्णय लेने में मदद मिलती है लेकिन वह अंतिम निर्णय अपना घाटा-मुनाफा नाप तौल कर अपने अनुसार लेते हैं।

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में सितंबर 2008 में आए भूचाल से पहले इन्हीं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने लेहमन ब्रदर्स, एआईजी समेत बड़ी कम्पनियों को बढ़िया रेटिंग दी थी। इसके बावजूद 14 सितंबर 2008 की देर रात लेहमन ब्रदर्स दिवालिया घोषित होने वाली सबसे बड़ी अमेरिकी कंपनी बन गई। स्पष्ट है इन ऐजेंसियों को इस कंपनी की क्षमता का कोई अंदाजा नहीं था। लेहमन ब्रदर्स के पतन के बाद वैश्विक वित्त व्यवस्था ने एक अनिश्चित राह पकड़ ली, और साल भर बाद भी संकट के बादल नहीं छँटे सके। हालांकि तब भी निर्यात गिरने और विकास दर घटने के बावजूद भारत पर इसका उतना बुरा असर नहीं पड़ा।

लेहमन ब्रदर्स के पतन के बाद तो रेटिंग एजेंसियों पर दुनिया भर में बांड बाजार संकट के कारण दबाव बनने लगा था, जहां उनकी विश्वसनीयता पर सवाल तक उठाए गये थे, क्योंकि कुछ डिफॉल्टर कंपनियों ने अपने ऋण चुकौती को पूरा करने में विफल होने से पहले शीर्ष ग्रेड प्राप्त किया था।

TFI ने पहले भी बताया है कि दूसरे आर्थिक सर्वेक्षण में यह कहा जाता है कि भारत और चीन जैसे देशों में विकास की उच्च दर को देखते हुए बहुत अधिक ऋण चुकौती क्षमता है, लेकिन क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां, जिनमें से अधिकांश विकसित बाजारों में स्थित हैं, विकासशील देशों के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं और ऐसे देशों को कम रेटिंग देती हैं। हालांकि, निवेशक पूर्वाग्रह से पीड़ित नहीं होता है। वह प्रैक्टिकल निर्णय लेता है। उसे फर्क इस बात से पड़ता है कि उसके द्वारा निवेश किये गये धन पर ज्यादा मुनाफा कैसे प्राप्त होगा और यदि घाटा हुआ भी तो वो बड़ा न हो।

भारत सरकार जिस तरह से मेक इन इंडिया के तहत कृषि से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र, निजी क्षेत्र, शिक्षा, यातायात को बढ़ावा दे रही है और स्टार्टअपस को मौका दे रहा वो पूरी दुनिया देख रही है। PLI स्कीम, रेट्रो टैक्स को खत्म करने जैसे बड़े निर्णय कई बड़े निवेशकों को आकर्षित कर रही है। वास्तव में वर्तमान सरकार भारत की मूल ताकत को एक सीढ़ी और उपर ले गई है।

भारत की बढ़ती खपत और भारत विनिर्माण इकाइयों में होने वाले बदलाव भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। भारत में वैक्सीनेशन की सफलता भी इसका बड़ा कारण है।

सच कहें तो अमेरिका के न्यूयॉर्क में बैठकर एजेंसियों को दुनिया के बाकि देश गरीब लगते हों, लेकिन हकीकत यह है कि कई बार गलत साबित हो जाने के बाद ऐसी रेटिंग एजेंसियों की प्रासंगिकता एकदम खत्म हो गई है। भारत में बढ़ता निवेश तो इसी तरफ इशारा कर रहा है।

शेयर54ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“भारत डोकलाम, लद्दाख और बहुत कुछ गंवा बैठता अगर…”, सेना उपप्रमुख मोहंती ने फर्जी बुद्धिजीवियों को धोया

अगली पोस्ट

वन चाइना पॉलिसी को बर्बाद करने के लिए ताइवान और भारत ने चिप प्लांट के लिए मिलाया हाथ

संबंधित पोस्ट

भारत-जापान शिखर सम्मेलन
अर्थव्यवस्था

भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

2 July 2026

भारत और जापान ने अपने रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देते हुए गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में आर्थिक...

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens
व्यवसाय

India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

13 June 2026

Introduction India is experiencing one of the most significant infrastructure transformations in its modern history. Across the country, new highways, airports, metro networks, industrial corridors,...

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि
अर्थव्यवस्था

वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

6 June 2026

वित्त वर्ष 2025–26 में भारत की वास्तविक जीडीपी (GDP) वृद्धि दर 7.7% रही, जो उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। यह दिखाता है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited